महापौर पद के लिए त्रिलोक को समर्थन, कांग्रेस कार्यकर्ताओं का जुटान

बिलासपुर में बनेगा कांग्रेस का महापौर- त्रिलोक चंद्र श्रीवास

बिलासपुर। बिलासपुर नगर पालिका निगम के आम चुनाव में कांग्रेस पार्टी प्रचंड बहुमत से विजय प्राप्त करेगी। जिले के लोकप्रिय कांग्रेस नेता त्रिलोक चंद्र श्रीवास ने आज अपने हजारों समर्थकों की एक बैठक में यह बात कही। उन्होंने कहा कि सभी कार्यकर्ता तन, मन और धन से इस चुनाव को जीतने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दें। यह चुनाव हम सभी के लिए एक चुनौती है, जिसे हर हाल में जीतना है।

श्रीवास ने कहा कि महापौर के साथ-साथ बिलासपुर नगर पालिका निगम क्षेत्र के प्रत्येक वार्ड में कांग्रेस पार्टी के अधिक से अधिक पार्षदों की जीत सुनिश्चित करना है। सभी कार्यकर्ताओं को अपने-अपने वार्डों में सक्रियता से काम करना होगा और एक मापदंड तय कर उसके अनुसार सर्वोच्च योगदान देना होगा।

इस बैठक में  त्रिलोक चंद्र श्रीवास को कांग्रेस के महापौर पद के उम्मीदवार बनाए जाने की जोरदार मांग की गई। समर्थकों ने कहा कि उनकी सक्रियता, लोकप्रियता और जमीनी जनाधार का लाभ कांग्रेस को मिलेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि यदि श्रीवास को टिकट दिया गया, तो वे प्रचंड मतों से जीत दर्ज करेंगे और कांग्रेस पार्टी के पार्षदों की संख्या में भी इजाफा होगा।

बैठक में बेलतरा विधानसभा और नगर निगम क्षेत्र के सभी 70 वार्डों से हजारों लोग, जिनमें महिलाएं, पुरुष, युवा और सभी वर्ग के लोग शामिल थे, मौजूद रहे। सभी ने आगामी चुनाव में त्रिलोक चंद्र श्रीवास को कांग्रेस के उम्मीदवार के रूप में प्रचंड बहुमत से विजयी बनाने का संकल्प लिया

युवाओं के भविष्य और भारत निर्माण पर संगोष्ठी: वनवासी विकास समिति का आयोजन आज

बिलासपुर। विकसित भारत में युवाओं की भूमिका” को लेकर रविवार को दयालबंद गुरुनानक स्कूल के महाराजा रंजीत सिंह सभागृह में वनवासी विकास समिती द्वारा युवाओं के बीच गोष्ठी का आयोजन किया जा रहा है।इस संगोष्ठी में प्रांत के विभिन्न क्षेत्रों के विद्वानों के विचार और मार्गदर्शन लोगो को प्राप्त होगा। बिलासपुर प्रेस क्लब में शनिवार को पत्रकारों से चर्चा करते हुए वनवासी विकास समिति के नगर अध्यक्ष आनंद राव महाडिक,संयोजक अनमोल कुमार झा, नगर सचिव डॉ सुरेंद्र देवांगन सहित समिति के अन्य पदाधिकारियों ने बताया कि आज भारत 65 करोड़ युवाओं के साथ विश्व का सबसे बड़ा युवा देश है। आज भारत में कौशल विकास तीव्र गति से हो रहा है। ऐसे में आज के युवाओं को इस संगोष्ठी में भाग लेकर अपना भविष्य तथा भारत के भविष्य को संवारने के लिए वैचारिक ज्ञान प्राप्त करने का अवसर है। विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार से सम्पूर्ण भारत का विश्व पटल में विश्व गुरू बनने के लिए युवाओं की भूमिका तथा स्वामी विवेकानंद जी के भविष्य के भारत में युवाओं की भूमिका कितनी महत्वपूर्ण है इन विषयों पर चर्चा होगी। समिति के संयोजक अनमोल कुमार झा ने बताया कि इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष किरण देव सिंह मौजूद रहेंगे। मुख्य वक्ता के रूप में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत सह प्रचारक नारायण नामदेव विशिष्ट अतिथि के रूप में नगर विधायक अमर अग्रवाल, बेलतरा क्षेत्र के विधायक सुशांत शुक्ला के अलावा अतिथि के रूप में युवा आयोग के अध्यक्ष विश्व विजय सिंह तोमर विशेष रूप से कार्यक्रम में शिरकत करेंगे। श्री झा ने कहा कि वर्तमान समय में पूरा विश्व भारत की ओर देख रहा है और यही बात युवाओं को इस संगोष्ठी के माध्यम से बताना है कि आगे इस देश को और आगे किस तरह से ले जाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि कोरोना काल के संकट के कारण थमी इस तरह की संगोष्ठी को फिर से शुरू किया गया है। बिलासपुर के इस आयोजन के जरिए फिर से लोगों के बीच ले जाया जा रहा है। समिति के पदाधिकारियों ने इस संगम में शामिल होकर अपने सपनों को साकार करने में जो मार्गदर्शन और विचार प्राप्त हो उसे स्वीकार करने का आग्रह किया है। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बिलासपुर के युवाओं का शासकीय सेवाओं के साथ-साथ और विभिन्न प्रतियोगिताओं में अपने ज्ञान कौशल को बढ़ाना है, इसलिए यह संगम हर दृष्टिकोण से युवाओं के लिए हितकर है।

प्रधानमंत्री आवास योजना: गरीबों के सपनों को मिल रहा नया आशियाना

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही । प्रधानमंत्री आवास योजना ने गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए एक नया जीवन अध्याय खोल दिया है। इस योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर, निम्न आय और मध्यम आय वर्ग के परिवारों को किफायती और टिकाऊ पक्के मकान उपलब्ध कराना है। योजना के माध्यम से लाखों परिवारों का जीवन स्तर सुधर रहा है और उनके घर बनाने के सपने पूरे हो रहे हैं।

मुख्य नगर पालिका अधिकारी नारायण साहू के अनुसार, गौरेला नगर पालिका क्षेत्र में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत 1167 आवास स्वीकृत किए गए हैं। इनमें से 990 मकानों का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, और लाभार्थी अब अपने नए घरों में रह रहे हैं। शेष 177 मकानों का निर्माण कार्य तेजी से प्रगति पर है, जिसे जल्द पूरा करने का लक्ष्य है।

यह योजना न केवल आवासीय सुरक्षा प्रदान कर रही है, बल्कि गरीब परिवारों को आत्मनिर्भरता और स्थिरता का अनुभव भी करा रही है। उप मुख्यमंत्री और नगरीय प्रशासन मंत्री श्री अरुण साव के निर्देशन में इस योजना के तहत स्वीकृत आवासों की सतत निगरानी की जा रही है ताकि निर्माण समय पर पूरा हो सके।

प्रधानमंत्री आवास योजना गरीबों के सपनों को साकार करने और उनके जीवन को एक नई दिशा देने में मील का पत्थर साबित हो रही है।

आबकारी टीम ने पकड़ी 10 लीटर महुआ शराब, आरोपी जेल भेजा गया

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही । आबकारी विभाग मरवाही की टीम ने रात्रि गश्त के दौरान मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए ग्राम लोहारी से 10 लीटर महुआ शराब जब्त की है। यह शराब निर्मल कुमार केवट के कब्जे से बरामद हुई।

आरोपी के खिलाफ छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया है। इस कार्रवाई को आबकारी उप निरीक्षक दीपक सिंह ठाकुर के नेतृत्व में मुख्य आरक्षक सुधीर मिश्रा, प्रकाश सिंह और आरक्षक शुभम रजक ने अंजाम दिया।

 

प्रधानमंत्री आवास योजना से शिवप्रसाद को मिला घर, जताया आभार

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही । हर व्यक्ति का सपना होता है कि उसका पक्का घर हो, जहां वह अपने परिवार के साथ सुरक्षित और सुखी जीवन बिता सके। गरीबों के लिए यह सपना प्रधानमंत्री आवास योजना ने साकार किया है। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की सरकार प्रदेश के जरूरतमंद परिवारों को आवास उपलब्ध कराने में अहम भूमिका निभा रही है।

गौरेला के रवान पारा वार्ड 11 निवासी शिवप्रसाद भट्ट, जो मजदूरी करते हैं, का यह सपना भी योजना से पूरा हुआ। उनके परिवार में पत्नी, एक बेटा और एक बेटी हैं। आर्थिक तंगी के कारण घर बनाना उनके लिए कठिन था। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत उन्होंने आवेदन किया और योजना के तहत उन्हें 2.30 लाख रुपये की सहायता राशि मिली।

शिवप्रसाद ने बताया कि कच्चे घर की असुविधाओं से अब उन्हें राहत मिल गई है। पहले उनका घर मिट्टी का था, जो बरसात में काफी परेशानी देता था। अब पक्का घर पाकर उनका जीवन बेहतर हुआ है। उन्होंने मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय और उपमुख्यमंत्री  अरुण साव का आभार जताया।

योजना के साथ-साथ, उनका परिवार उज्ज्वला योजना, स्वच्छ भारत मिशन और महतारी वंदना योजना जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी ले रहा है। शिवप्रसाद ने कहा कि इन योजनाओं ने उनके परिवार की जिंदगी बदल दी है और वे अब सुरक्षित व सुखद जीवन बिता रहे हैं।

73 किलोग्राम गांजा बरामद, अंतर्राज्यीय गिरोह का भंडाफोड़

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही । (जीपीएम) जिले में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। इस ऑपरेशन में 73 किलोग्राम गांजा, दो चार पहिया वाहन, पांच मोबाइल फोन और अन्य सामग्री जब्त की गई है। गिरफ्तार किए गए पांचों आरोपी मध्यप्रदेश के अनूपपुर जिले के निवासी हैं।

गिरफ्तार आरोपियों में भरत बैगा (31), बसंत बैगा (46), अबुल हसन (25), पप्पू नापित (31), और हजरत अली उर्फ गोलू (30) शामिल हैं। प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि गांजा उड़ीसा से लाया गया था और इसे अनूपपुर जिले के विभिन्न स्थानों पर सप्लाई किया जाना था। इस तस्करी के पीछे उड़ीसा का एक व्यापारी शामिल है, जिसका नाम जांच में सामने आया है।

जब्त सामग्री में 73 किलोग्राम गांजा, जिसकी कीमत 7,35,000 रुपये आंकी गई है, दो चार पहिया वाहन (मारुति ब्रेज़ा और स्विफ्ट डिज़ायर) जिनकी कीमत 14,00,000 रुपये है, और पांच मोबाइल फोन जिनकी कीमत 32,000 रुपये है, शामिल हैं। जब्त की गई कुल सामग्री की कीमत 21,68,840 रुपये है।

इस कार्रवाई को पुलिस अधीक्षक श्रीमती भावना गुप्ता के निर्देश पर और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ओम चंदेल के मार्गदर्शन में अंजाम दिया गया। थाना गौरेला और साइबर सेल की ANTF इकाई ने खोडरी जोबाटोला के जंगल में मुखबिर की सूचना पर नाकेबंदी कर यह सफलता प्राप्त की। सभी आरोपियों को मादक पदार्थ अधिनियम की धारा 20 बी और 29 एनडीपीएस एक्ट के तहत गिरफ्तार कर रिमांड पर भेजा जा रहा है। साथ ही अन्य आरोपियों और उनकी संलिप्तता की जांच जारी है।

 

डीईओ डॉ. अनिल का ब्राह्मण समाज ने किया सम्मान

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ी ब्राह्मण विकास परिषद बिलासपुर के द्वारा नवनियुक्त जिला शिक्षा अधिकारी बिलासपुर डॉक्टर अनिल तिवारी का परिषद के सदस्यों ने अभिनंदन व स्वागत किया, इस अवसर पर छत्तीसगढ़ी ब्राह्मण विकास परिषद के अध्यक्ष डॉक्टर प्रदीप शुक्ला ने कहा कि बिलासपुर में छत्तीसगढ़ी ब्राह्मण विकास परिषद के पदाधिकारी व सदस्य शिक्षक लगातार शिक्षा की उत्तरोत्तर विकास व गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए काम कर रहे हैं ऐसे में सामाजिक व्यक्तित्व डॉक्टर अनिल तिवारी का बिलासपुर जिला शिक्षा अधिकारी बनना गर्व की बात है।

समाज शिक्षा में निरन्तर विकास हेतु प्रतिबद्ध है, कार्यक्रम का संचालन करते हुए परिषद के पदाधिकारी संजय (गौरहा) शर्मा ने कहा कि बिलासपुर जिले में अविभाजित बिलासपुर जिले के शिक्षा के क्षेत्र में 30 वर्षों से दायित्व निर्वहन करने वाले अनुभवी प्राचार्य डॉक्टर अनिल तिवारी जी को जिला शिक्षा अधिकारी बनाए जाने से समाज उत्साहित है साथ ही समाज अपने शिक्षा के क्षेत्र में दायित्व निर्वहन के लिए समर्पित भाव से कार्यरत रहेगा।

स्वागत व अभिनंदन के इस कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ी ब्राह्मण विकास परिषद बिलासपुर के बहुत सारे पदाधिकारी व सदस्य शामिल थे इस अवसर पर छत्तीसगढ़ी ब्राह्मण विकास परिषद नारी कल्याण समाज के अध्यक्ष श्रीमती जय श्री शुक्ला ने कहा कि सामाजिक व्यक्तित्व के जिला शिक्षा अधिकारी बनने से समाज को भी ऊंचाई मिली है साथ ही वह उत्कृष्ट शिक्षा हेतु कार्य करेंगे, ऐसा हम सभी का मानना है।

कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ी ब्राह्मण विकास परिषद के पदाधिकारी व सदस्य बहुत संख्या में शामिल थे नव नियुक्त बिलासपुर शिक्षा जिला शिक्षा अधिकारी डॉक्टर अनिल तिवारी का पुष्पहार, बुके, फूलमाला शाल श्रीफल से अभिनंदन व स्वागत करते हुए खुशी में मिष्ठान का वितरण किया गया।

नवनियुक्त जिला शिक्षा अधिकारी डॉ अनिल तिवारी जी ने समाज को शिक्षा में बढ़ावा देने, गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा देने के विचार को बेहतरीन बताते हुए सभी के सहयोग व शासन के निर्देशानुसार दायित्व निर्वहन करने का भरोसा दिया, स्वागत के लिए धन्यवाद दिया।

मुख्य रूप से डॉ प्रदीप शुक्ला, जयश्री शुक्ला, डॉ प्रफुल्ल शर्मा, संजय गौरहा (शर्मा), नागेंद्र धर शर्मा, अश्वनी मिश्रा, के के तिवारी, के के दुबे, किशोर शर्मा, श्याम मोहन दुबे, राजेश मिश्रा, प्रशांत मिश्रा, रश्मि द्विवेदी, रमेश तिवारी, धर्मेन्द्र गौरहा, राजेश पांडेय, देवव्रत मिश्रा, हेमंत शर्मा, कौशल तिवारी, चंद्रकांत पांडेय, भूपेंद्र धर दीवान, संतोष तिवारी, शैलेश चौबे, आलोक पांडेय,संजय शर्मा महासचिव छत्तीसगढ़ी ब्राह्मण विकास परिषद बिलासपुर ने विचार रखे।

कलेक्टर का छापामार निरीक्षण: वनांचल क्षेत्र के छात्रावासों में व्यवस्थाओं की समीक्षा

गौरेला पेंड्रा मरवाही । कलेक्टर लीना कमलेश मंडावी ने गुरूवार को देर शाम गौरेला एवं पेण्ड्रा विकासखण्ड के दूरस्थ वनांचल क्षेत्र के विभिन्न छात्रावासों-आश्रमों का छापामार शैली में निरीक्षण कर बच्चों एवं अधीक्षकों की उपस्थिति सहित व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने पेण्ड्रा विकासखण्ड के प्री-मैट्रिक आदिवासी कन्या छात्रावास मुरमुर, प्री-मैट्रिक आदिवासी कन्या छात्रावास कोड़गार, प्री-मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास कोड़गार, आदिवासी बालक आश्रम सोनकुंड और गौरेला विकासखण्ड के आदिवासी बालक आश्रम कोटमीखुर्द, प्री-मैट्रिक आदिवासी बालक छात्रावास बस्ती एवं प्री-मैट्रिक आदिवासी कन्या छात्रावास बस्ती का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान प्री-मैट्रिक आदिवासी कन्या छात्रावास कोड़गार की अधीक्षिका श्रीमती शांति पैंकरा अनुपस्थित पायी गई, जिन्हें नोटिस जारी किया जाएगा।
कलेक्टर ने छात्रावासों में भोजन व्यवस्था, प्रकाश, साफ-सफाई तथा उपस्थिति पंजी के अनुरूप बच्चों की उपस्थिति एवं अध्ययन-अध्यापन का अवलोकन किया। उन्होंने बच्चों से किसी तरह की समस्या तो नहीं है के बारे में पूछताछ की। उन्होंने बच्चों को रट्टा मारकर नही बल्कि समझ कर पढ़ाई करने कहा। साथ ही ठंड के मौसम को देखते हुए ठंड से बचने के लिए कम्बल एवं समुचित प्रकाश के लिए लाईट व्यवस्था की भी जानकारी ली। उन्होंने रसोई कक्ष में जाकर भोजन की गुणवत्ता की भी जांच की। उन्होंने कीचन एवं छात्रावास में साफ-सफाई पर विशेष ध्यान रखने तथा बच्चों के कपड़े एवं बेडशीट की नियमित रूप से धुलाई कराते रहने के निर्देश छात्रावास अधीक्षकों को दिए। उन्होंने प्री-मैट्रिक आदिवासी कन्या छात्रावास मुरमुर परिसर में खाली पड़े जमीन में कीचन गार्डन बनाने के निर्देश अधीक्षिका को दिए।

गगनई जलाशय: नौकायन, नाइट कैंपिंग और अद्भुत प्राकृतिक नज़ारों का अनूठा संगम

गौरेला पेंड्रा मरवाही । नवगठित जीपीएम जिला प्राकृतिक मनोरम दृश्यों से भरा-पूरा जिला है। ऐतिहासिक, धार्मिक एवं प्राकृतिक पर्यटन स्थलों से विद्यमान जिले में प्रकृति की गोद में स्थित गगनई जलाशय में पर्यटक नौकायन का भरपूर आनंद ले सकते हैं। जिला मुख्यालय गौरेला से लगभग 30 किलोमीटर की दूरी पर स्थित गंगनई जलाशय (नेचर कैंप) प्रकृति प्रेमियों के लिए खास जगहों में से एक है। यहां पर्यटकों के ठहरने और खाने-पीने के साथ ही मनोरंजन के लिए नौका विहार की सुविधा उपलब्ध है।
स्थानीय लोगों के साथ ही बड़ी संख्या में पर्यटक अपने परिवार के साथ पिकनिक मनाने यहां पहुंचते हैं। यहाँ स्थित सन्सेट पॉइंट से झील में डूबते सूरज और चारों ओर पहाड़ों का सुंदर दृश्य यहां आने वाले पर्यटकों का मन मोह लेता है। सूरज की लालिमा झील के पानी पर पड़ती है तो दृश्य देखते ही बनता है और एक अलौकिक आनंद मिलता है। यहाँ बने झील में बोटिंग की सुविधा है। साथ ही वन विभाग द्वारा बनाए गए सर्व सुविधायुक्त कमरे भी हैं, जहां पर्यटक परिवार के साथ ठहर सकते हैं। खाने-पीने के लिए कैंटिन सुविधा भी उपलब्ध है।
जिला प्रशासन द्वारा गठित स्थानीय पर्यटन समिति द्वारा यहां नाइट कैम्पिंग, ट्रेकिंग, पक्षीदर्शन जैसी अनेक मनोरंजक गतिविधियां संचालित की जाती है। गगनई नेचर कैंप भालूओं के रहवास वाले जंगल के पास बना है। यहाँ पर वन विभाग द्वारा पर्यावरण चेतना केंद्र स्थापित किया गया है, जो भालुओं के संरक्षण के लिए जागरूकता फैलाने का काम करता है। यहाँ आते-जाते भालू के दर्शन भी हो जाते हैं। यहाँ पर स्थित सेल्फ़ी पॉइंट स्थानीय लोगों के बीच बहुत प्रसिद्ध है। यहाँ पर स्कूल-कॉलेज के बच्चों के लिए दिन भर के लिए नवाचार कैम्प भी विशेष मांग पर आयोजित किए जाते हैं। गगनई नेचर कैम्प में बारोमाह सैलानियों का तांता लगा रहता है।

रामसेतु पुल ऐतिहासिक विरासत को संरक्षित करने की दिशा में एक बड़ा कदम : अमर

बिलासपुर। जिले की ऐतिहासिक धरोहर, रामसेतु पुल , जो 30 जुलाई 1926 को पहली बार उद्घाटित हुआ था, अब 99 वर्षों के गौरवशाली इतिहास के साथ एक नई यात्रा पर अग्रसर है। यह पुल न केवल शहर की सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक है, बल्कि इसकी पहचान का एक अभिन्न हिस्सा भी है। 22 जनवरी 2024 को रामसेतु पुल के नामकरण समारोह में, नगर विधायक अमर अग्रवाल ने पुल के सौंदर्यीकरण हेतु जो भी राशि की आवश्यकता होगी, उसे उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया था। उनके नेतृत्व और प्रयासों से ?2.63 करोड़ की स्वीकृति प्राप्त हुई है। इस राशि का उपयोग पुल के सौंदर्यीकरण और ऐतिहासिक विरासत को संरक्षित करने के लिए किया जाएगा। इस परियोजना के तहत पुल के ढांचे को सुदृढ़ करने के साथ-साथ उसे शहर की शान के अनुरूप विकसित किया जाएगा। यह कार्य न केवल पुल की ऐतिहासिक महत्ता को बढ़ाएगा, बल्कि बिलासपुरवासियों के लिए गर्व और पर्यटन के नए अवसर भी प्रदान करेगा। नगर विधायक अमर अग्रवाल ने कहा, रामसेतु पुल हमारे शहर की ऐतिहासिक पहचान है। इसका सौंदर्यीकरण और संरक्षण भविष्य की पीढिय़ों के लिए प्रेरणा का कार्य करेगा। यह परियोजना बिलासपुर के विकास में एक और कदम है। बिलासपुरवासियों के लिए यह क्षण बेहद गर्व और हर्ष का है कि उनकी ऐतिहासिक धरोहर को संरक्षित और संवारा जा रहा है। यह पहल शहर के विकास और समृद्धि में मील का पत्थर साबित होगी।