विधायक शुक्ला के प्रयासों से बदल रहा बेलतरा, 9 करोड़ की विकास योजनाओं की बड़ी सौगात

बिलासपुर। बेलतरा विधानसभा क्षेत्र में विधायक सुशांत शुक्ला के निरंतर प्रयासों से विकास कार्यों को नई गति मिल रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे के विस्तार के लिए 9 करोड़ 3 लाख रुपए के विभिन्न विकास कार्यों को मंजूरी दी गई है।

खारून नदी पर उच्च स्तरीय पुल बनेगा

इन विकास कार्यों में सबसे अहम पौंसरा-सेलर मार्ग पर खारून नदी पर उच्च स्तरीय पुल का निर्माण है, जिसकी लागत 5 करोड़ 18 लाख 46 हजार रुपए होगी। यह पुल क्षेत्र की बड़ी आबादी के लिए आवागमन को सुगम बनाएगा और आर्थिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करेगा।

पांच गांवों में छोटे पुल-पुलिया का निर्माण

इसके अलावा, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के अधोसंरचना एवं पर्यावरण निधि से कई गांवों में पुल-पुलिया के निर्माण की स्वीकृति मिली है:

  • कोरबी: तुलांगी नाला पर 12 लाख रुपए की लागत से पुलिया।
  • लिम्हा: अंधियारीपारा में दुधारा नाला पर 12 लाख रुपए की पुलिया।
  • रामपुर: तुंगानाला पर 15 लाख रुपए की पुलिया।
  • बैमा: तेली मोहल्ला नाला पर 12 लाख रुपए की पुलिया।
  • मटियारी: हिन्दुनाला पर 12 लाख रुपए की पुलिया।
  • चोरहादेवरी: भरकहा नाला पर 15 लाख रुपए की पुलिया।

15 गांवों में सामुदायिक भवन का निर्माण

छत्तीसगढ़ राज्य कृषि विपणन मंडी बोर्ड द्वारा बेलतरा के 15 गांवों में सामुदायिक भवनों के लिए 2 करोड़ 38 लाख 50 हजार रुपए स्वीकृत किए गए हैं। प्रत्येक सामुदायिक भवन की लागत 15 लाख 90 हजार रुपए होगी। ये भवन खैरखुंडी, बेलतरा, भरवीडीह, करमा कडरी, मंजूरपहरी, मोहतराई, मदनपुर, परसौडी, पौंसरा, रमदेई, रानीगांव, डंगनिया और नवागांव में बनाए जाएंगे।

ग्रामीणों को होगा सीधा लाभ

इन परियोजनाओं से क्षेत्र में सड़क, पुल और सामुदायिक सुविधाओं का विस्तार होगा, जिससे ग्रामीणों के जीवन स्तर में सुधार होगा और क्षेत्र का समग्र विकास सुनिश्चित होगा।

विधायक सुशांत शुक्ला ने इन स्वीकृतियों के लिए सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनका लक्ष्य बेलतरा को विकास के नए आयाम तक पहुंचाना है।

CM साय कंवर समाज के वार्षिक सम्मेलन में होंगे शामिल

  • मुख्यमंत्री विष्णु देव साय 14 जनवरी को कंवर समाज के वार्षिक सम्मेलन में होंगे शामिल

  • जशपुर जिले के पमशाला में तीन दिवसीय अखिल भारतीय कंवर समाज के वार्षिक सम्मेलन का होगा आयोजन

  • जशपुर जिले को 87 करोड़ के विकास कार्याें मिलेगी सौगात

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मुख्य आतिथ्य में 14 जनवरी को जशपुर जिले के पमशाला में अखिल भारतीय कंवर समाज के तीन दिवसीय वार्षिक सम्मेलन का शुभारंभ होगा। शुभारंभ कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. नंद कुमार साय करेंगे। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय इस अवसर पर जशपुर जिले को 87. करोड़ 31 लाख 98 हजार रूपए के विकास कार्याें की सौगात देंगे, जिसमें 85 करोड़ रूपए की लागत वाले 483 कार्याें का भूमिपूजन एवं 2.23 करोड़ की लागत से निर्मित 24 कार्याें का लोकार्पण शामिल हैं।

कार्यक्रम में विधायक गोमती साय,  लालजीत सिंह राठिया,  फूल सिंह राठिया, पूर्व मंत्री  सत्यानंद राठिया, पूर्व विधायक  शिवशंकर साय एवं रोहित साय,  एम.एस. पैकरा, अखिल भारतीय कंवर समाज के महिला प्रभाग की पूर्व अध्यक्ष कौशल्या देवी साय विशिष्ठ अतिथि होंगे।

तातापानी महोत्सव: तीन दिवसीय संक्रांति परब में विकास की सौगात और सांस्कृतिक छटा का संगम

  • मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय 14 जनवरी को तीन दिवसीय तातापानी महोत्सव संक्रांति परब का करेंगे शुभारंभ

  • बलरामपुर-रामानुजगंज जिले को मिलेगी 167 करोड़ रूपए के विकास कार्याें की सौगात

  • छत्तीसगढ़ी, बॉलीवुड और भोजपुरी कलाकारों के सांस्कृतिक कार्यक्रमों का होगा संगम

  • ट्राइबल फैशन वॉक में बिखरेगी स्थानीय संस्कृति की छटा

रायपुर।  मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के मुख्य आतिथ्य में 14 जनवरी को दोपहर 12 बजे तीन दिवसीय भव्य तातापानी महोत्सव संक्रांति परब का शुभारंभ होगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय बलरामपुर-रामानुजगंज जिले को 167.25 करोड़ रूपए के विकास कार्याें की सौगात देंगे, जिसमें 124.10 करोड़ रूपए की लागत से निर्मित होने वाले 134 निर्माण कार्याें का भूमिपूजन और 43.14 करोड़ रूपए की लागत से निर्मित 58 कार्याें का लोकार्पण शामिल हैं। बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के तातापानी में आयोजित इस तीन दिवसीय महोत्सव के दौरान सांस्कृतिक संध्या में छत्तीसगढ़ी, बॉलीवुड और भोजपुरी के कलाकारों द्वारा शानदार कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी जाएगी। महोत्सव के प्रथम दिन मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मौजूदगी में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत 300 जोड़े परिणय सूत्र में आबद्ध होेंगे।

तातापानी महोत्सव संक्रांति परब के शुभारंभ कार्यक्रम की अध्यक्षता आदिम जाति कल्याण एवं कृषि मंत्री  रामविचार नेताम करेंगे। इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, सांसद  चिंतामणि महाराज, विधायक उद्धेश्वरी पैकरा एवं  शकुन्तला सिंह पोर्ते, जिला पंचायत अध्यक्ष  निशा नेताम, उपाध्यक्ष राधा देवी सिंह देव, जनपद अध्यक्ष  विनय पैकरा एवं शारदा देवी सिंह विशिष्ठ अतिथि होंगे। सांस्कृतिक कार्यक्रमों के अंतर्गत छत्तीसगढ़ी गायिका गरिमा दिवाकर एवं उनकी टीम द्वारा छत्तीसगढ़ी गीतों की प्रस्तुति एवं छात्र-छात्राओं द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति दी जाएगी।

तातापानी महोत्सव के दूसरे दिन कृषि मंत्री  रामविचार नेताम के मुख्य आतिथ्य में किसान संगोष्ठी एवं पंच-सरपंच सम्मेलन का आयोजन होगा। सांस्कृतिक संध्या के अंतर्गत 15 जनवरी को बॉलीवुड के कम्पोजर एवं सिंगर मिथुन एवं स्थानीय छात्र-छात्राओं द्वारा ट्राईबल फैशन वॉक की प्रस्तुति दी जाएगी। तातापानी महोत्सव का समापन 16 जनवरी को महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े की मौजूदगी में संध्या 4 बजे होगा। इससे पूर्व सांस्कृतिक कार्यक्रम के अंतर्गत भोजपुरी अभिनेत्री एवं गायिका अक्षरा सिंह, स्कूली छात्र-छात्राओं और इंडियन रोलर म्यूजिक बैंड भिलाई द्वारा कार्यक्रमों की प्र्रस्तुति दी जाएगी।

गौरतलब है कि अपने गर्म जल स्त्रोत एवं धार्मिक महत्व के कारण देश भर में विख्यात तातापानी में मकर संक्रांति पर्व के अवसर पर 14 से 16 जनवरी तक भव्य मेले का आयोजन किया जा रहा है। यहां छत्तीसगढ़ के साथ-साथ पड़ोसी राज्यों के लोग बड़ी संख्या में शामिल होते हैं।

छत्तीसगढ़ राज्य युवा महोत्सव में झलकी लोक संस्कृति और आधुनिक संगीत की छटा

रायपुर । छत्तीसगढ़ राज्य युवा महोत्सव 2024-25 के दूसरे दिन रायपुर साइंस कॉलेज मैदान में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने दर्शकों का दिल जीत लिया। रंगारंग कार्यक्रमों से सजे इस आयोजन में छत्तीसगढ़ी लोक परंपराओं, समृद्ध संस्कृति, और आधुनिक संगीत का अनोखा संगम देखने को मिला।

कार्यक्रम की शुरुआत आरुग बैंड की शानदार प्रस्तुति से हुई। पद्म श्री अनुज शर्मा और उनकी टीम ने छत्तीसगढ़ी पारंपरिक लोकगीतों और आधुनिक धुनों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। अनुज शर्मा ने अपने राम भजन “हरि अनन्त, हरि कथा अनन्ता” से समां बांधा। इसके बाद माता-पिता को समर्पित “झन भूलव मां बाप ला” और लोकगीत “छैयाँ भुइयाँ ला छोडके जवईया” जैसे गीतों ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। माते रइबे जैसे ददरिया गीतों की सुरीली प्रस्तुति देकर दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया।

खेल एवं युवा कल्याण मंत्री  टंक राम वर्मा ने भी युवा महोत्सव में माइक थामा और अपनी प्रस्तुति से महोत्सव की शोभा बढ़ाई। उन्होंने प्रसिद्ध कवि लक्ष्मण मस्तूरिया के गीतों को अपने अंदाज में प्रस्तुत कर दर्शकों का दिल जीत लिया। उनके गायन ने छत्तीसगढ़ी लोकगीतों की सादगी और गहराई को प्रदर्शित किया।

दायरा बैंड ने बस्तर की खूबसूरती को जीवंत किया

इसके साथ ही, दायरा बैंड ने अपने गीत “ऐसा जादू है मेरे बस्तर में” और “बैलाडीला बैलाडीला” की प्रस्तुतियों से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। मुंबई के कलाकारों और बस्तर के स्थानीय गायकों का यह प्रदर्शन बस्तर की समृद्ध संस्कृति और अद्वितीय प्राकृतिक सौंदर्य को अपने गीतों के माध्यम से जीवंत किया। बैंड ने बस्तर की समृद्ध लोक संस्कृति और प्राकृतिक सौंदर्य को मुंबई के कलाकारों के साथ बस्तर के स्थानीय कलाकारों का अनूठा संगम देखकर दर्शक भावविभोर हो गए।

कार्यक्रम के दौरान छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति, पारंपरिक कला, और आधुनिक संगीत के अद्भुत मेल ने युवा महोत्सव को एक यादगार आयोजन बना दिया।इस अवसर पर वन मंत्री  केदार कश्यप, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री  टंक राम वर्मा, विधायक  अनुज शर्मा, राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष  विश्व विजय सिंह तोमर, जनप्रतिनिधिगण, विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्धि प्राप्त युवा बड़ी संख्या में उपस्थित थे

सफलता का मंत्र: सुपर 30 के आनंद ने युवाओं को दिखाई प्रेरणा की नई राह

रायपुर । छत्तीसगढ़ राज्य युवा महोत्सव 2024-25 के दूसरे दिन रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में सुपर 30 के संस्थापक आनंद कुमार ने युवाओं से चर्चा के दौरान छत्तीसगढ़ में युवाओं की शिक्षा और स्वर्णिम भविष्य के निर्माण के लिए शासन द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ का भविष्य उज्ज्वल है। उन्होंने छत्तीसगढ़ के युवाओं को प्रेरित करने के लिए मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय और पूर्व आईएएस अधिकारी एवं वर्तमान में छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी चौधरी का उदाहरण दिया।
आनंद कुमार ने कोंडागांव से एक छात्र के प्रश्न का उत्तर देते हुए कहा कि अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करते हुए दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ अपने कर्तव्य का निर्वहन करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सही मार्गदर्शन और मेहनत से किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है।

युवा महोत्सव में आनंद कुमार ने युवाओं से किए गए संवाद में स्वामी विवेकानंद के विचारों का जिक्र करते हुए कहा कि स्वामी जी कहते थे कि युवाओं में इतनी शक्ति है कि वे असंभव को संभव बना सकते हैं। दृढ़ इच्छाशक्ति और सकारात्मक सोच के साथ कोई भी व्यक्ति अपने लक्ष्य को हासिल कर सकता है। उन्होंने कहा कि प्रबल प्रयास, असीम धैर्य और लगातार मेहनत सफलता की कुंजी हैं। उन्होंने यह भी कहा, जीवन में सकारात्मक सोच बनाए रखें। यदि आप एक बार संकल्प कर लें, तो सफलता से आपको कोई रोक नहीं सकता। उन्होंने सोशल मीडिया के महत्व और उससे बचने के तरीकों पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया युवाओं के समय को बर्बाद कर सकता है, लेकिन यदि इसे सही दिशा में इस्तेमाल किया जाए तो यह ज्ञान का महत्वपूर्ण साधन भी बन सकता है।

CM साय ने परिणय सूत्र में आबद्ध महेश-हेमला और मड़कम-रव्वा को दिया आशीर्वाद

  • प्यार और विश्वास के आगे हार गई नक्सल हिंसा: जहां कभी बन्दूकें गूंजती थी, अब वहां गूंज रही शहनाई

  • मुख्यमंत्री की मौजूदगी में आत्मसमर्पित नक्सलियों ने की गृहस्थ जीवन की शुरूआत

रायपुर । छत्तीसगढ़ के बस्तर अंचल के घने जंगलों में माओवादी हिंसा की जगह अब प्रेम और विश्वास की नई इबारत लिखी जा रही है। माओवादी हिंसा का रास्ता छोड़कर विकास की मुख्य धारा से जुड़ने वाले महेश-हेमला और मड़कम-रव्वा ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के समक्ष परिणय सूत्र में आबद्ध होकर वैवाहिक जीवन की नई शुरूआत की है। मुख्यमंत्री ने परिणय सूत्र में आबद्ध दोनों नवदम्पत्तियों को बहुत-बहुत बधाई और शुभकामनाएं देते हुए उनके सुखमय जीवन की कामना की। यह कहानी सुकमा जिले की बदलती तस्वीर है, जहां कभी बन्दूकें गूंजती थी, अब वहां शहनाईयां गूंज रही है।

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय आज 13 जनवरी को 206 करोड़ रूपए से अधिक विकास कार्याें की सौगात देने के लिए सुकमा के मिनी स्टेडियम में पहुंचे थे। लगभग सात माह पहले नक्सल हिंसा का रास्ता छोड़कर आत्मसमर्पण करने वाले मौसम महेश और हेमला, मड़कम पाण्डू और रव्वा भीमे ने जिला प्रशासन सुकमा से आग्रह किया था कि वह मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की मौजूदगी में परिणय सूत्र में आबद्ध होकर नये जीवन की शुरूआत करना चाहते हैं। जिला प्रशासन ने उन चारों को भरोसा दिलाया था कि मुख्मयंत्री  साय का जब भी सुकमा में आगमन होगा, उस दिन मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत उनका विवाह विधिविधान से सम्पन्न कराया जाएगा। आज 13 जनवरी को मुख्यमंत्री के सुकमा प्रवास के दौरान वहां के मिनी स्टेडियम में इन चारों आत्मसमर्पितों का विधि-विधान से विवाह मुख्यमंत्री  साय की मौजूदगी में सम्पन्न हुआ, जिसके साक्षी वहां मौजूद हजारों-हजार लोग बने। सभी ने नवदम्पत्तियों को आशीर्वाद दिया और उनके सुखद वैवाहिक जीवन की कामना की।

ज्ञात रहे कि गगनपल्ली गांव के रहने वाले मौसम महेश और डुब्बामरका की रहने वाली हेमला मुन्नी तथा कन्हाईपाड़ निवासी मड़कम पाण्डू और सल्लातोंग की रव्वा भीमे ये चारों पहले नक्सली संगठन से जुड़े हुए थे। छत्तीसगढ़ सरकार की नीतियों से प्रभावित होकर इन चारों ने जून 2024 में नक्सल हिंसा का रास्ता छोड़कर आत्मसमर्पण कर दिया था। मौसम महेश लगभग बारह साल तक नक्सल संगठन से जुड़े रहे। मड़कम पाण्डू और हेमला मुन्नी 9 साल तक तथा रव्वा भीमे 6 साल तक नक्सल संगठन और उसकी गतिविधियों से जुड़ी रहीं।

परिणय सूत्र में आबद्ध होने के बाद मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आशीर्वाद प्राप्त करके हुए महेश-हेमला और मड़कम-रव्वा ने बताया कि उन्हें रास्ता भटकने और हिंसा में संलिप्त रहने का बेहद अफसोस है। छत्तीसगढ़ सरकार की नक्सल पुनर्वास नीति और नियद नेल्ला नार योजना से प्रभावित होकर वे चारों विकास और शांति की मुख्य धारा में शामिल होने का फैसला लिया। उनका कहना था कि सरकार की जनहितैषी नीतियों से प्रभावित होकर विभिन्न नक्सल संगठनों से जुड़े कई युवा साथी आत्मसमर्पण कर चुके हैं और कई साथी आत्मसमर्पण करने का मन बना चुके हैं।

उनका कहना था कि छत्तीसगढ़ सरकार ने नक्सलियों को मुख्यधारा में लौटने और समाज में सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर दिया है। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को रोजगार, मकान और पुनर्वास के लिए आर्थिक सहायता मिल रही है। यह कहानी न केवल प्रेम की जीत की है, बल्कि छत्तीसगढ़ सरकार की नक्सल पुनर्वास नीति की सफलता का प्रतीक है। परिणय सूत्र में आबद्ध होकर इन चारों युवक-युवतियों ने यह साबित कर दिया है कि प्यार, विश्वास और सहानुभूति से नफरत और हिंसा को हराया जा सकता है।

महतारी वंदन योजना से माताओं के चेहरों पर मुस्कान: मुख्यमंत्री साय

  • मुख्यमंत्री ने कोंडागांव जिले को दी 2 अरब 88 करोड़ 18 लाख रूपए के 168 विकास कार्यों की सौगात

रायपुर । हमारी सरकार ने एक साल पूरे कर लिये हैं और इस एक साल के दौरान हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा दी गई गारंटी के अनुरूप हमने हर वर्ग से जुड़े वायदों को पूरा किया है।हम हर महीने महतारी वंदन योजना की राशि माताओं और बहनों के खाते में भेज देते हैं। पहली तारीख को ही जब हमारी माताओं और बहनों के मोबाइल में मैसेज आता है तो उनके चेहरे पर मुस्कान आ जाती है।माताओं-बहनों के चेहरे पर आई यह मुस्कान ही हमारे कार्य की सार्थकता है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज कोंडागांव जिला मुख्यालय में आयोजित विकास कार्यों के लोकार्पण शिलान्यास समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रदेश भर में हम लगभग 70 लाख महिलाओं को महतारी वंदन योजना का लाभ दे रहे हैं। एक साल में हमारी सरकार ने कोंडागांव जिले के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिये और इस पर तेजी से क्रियान्वयन किया है। इसी कड़ी में आज हमने यहां 288 करोड़ रुपए के 168 कार्यों का लोकार्पण-भूमिपूजन किया है। इन कार्यों में 208 करोड़ रुपए की राशि के 130 कार्यों का लोकार्पण एवं 80 करोड़ रुपए के 38 कार्यों का भूमिपूजन शामिल है। साथ ही इस मौके पर हम 58 लाख रुपए की राशि के हितग्राहीमूलक कार्यों के चेक और सामग्री भी वितरण कर रहे हैं। इसमें कोंडागांव जिले की 1 लाख 28 हजार माताओं-बहनों को योजना का लाभ मिल रहा है। माताएं-बहनें इस योजना का उपयोग बहुत कुशलता से कर रही हैं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ में महिलाओं के बीच लोकप्रिय महतारी वंदन योजना के आने से 5 लाख महिलाओं ने डाकघर में मासिक बचत खाते आरंभ कर दिये हैं। यह केवल डाकघर के आंकड़े हैं। कुछ माताएं-बहनें अपनी राशि बैंक में जमा कर रही हैं। कुछ अपने बच्चों की शिक्षा में निवेश कर रही हैं। साथ ही अपने सपनों को भी पूरा कर रही हैं। यह महिलाओं की आर्थिक आजादी की योजना है। महिलाओं को आर्थिक ताकत देने से समाज का तेजी से विकास होता है।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि हमारी सरकार की कृषि हितैषी नीतियों की वजह से किसान फिर से खेती में लौट आये हैं। इस बार 27 लाख से अधिक किसान भाइयों ने धान बेचने के लिए रजिस्ट्रेशन कराया। पिछले साल यह आंकड़ा 24 लाख 75 हजार का था। कोंडागांव जिले में अब तक 40 हजार से अधिक किसान भाई अपना धान बेच चुके हैं और अब तक हम 552 करोड़ रुपए का भुगतान कर चुके हैं। हमने कैबिनेट की पहली ही बैठक में 18 लाख प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किये। लाखों लोगों का मकान का सपना पूरा हुआ।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोंडागांव जिले का विकास हम पूरी प्रतिबद्धता के साथ कर रहे हैं। दो महीने पहले जब मैं बस्तर विकास प्राधिकरण की बैठक में जगदलपुर आय़ा था तो क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों ने केशकाल घाटी में सड़क के जीर्णोद्धार की माँग रखी। दो महीने के भीतर ही इसका जीर्णोद्धार कराया गया। पहले केशकाल धूलों की घाटी बन गई थी, अब यह पुनः फूलों की घाटी बन गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोंडागांव जिला अपनी शिल्प कला के लिए पूरी दुनिया में विख्यात है। यहां 1300 से अधिक शिल्पकार अपनी अद्वितीय कलाकृतियों का निर्माण करते हैं। इन कलाकृतियों को वैश्विक बाजार से जोड़ने आधुनिक तकनीक आवश्यक हैं। इसके लिए जिला प्रशासन ने इन्हें 3-डी प्रिंटिंग तकनीक से जोड़ने आईआईटी भिलाई के साथ एमओयू किया है। जिला प्रशासन द्वारा यूपीएससी, पीएससी एवं व्यापम जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए निःशुल्क कोचिंग सुविधा प्रदान की जा रही है। यह बहुत अच्छी पहल है।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि हमारे कोंडागांव की बिटिया कुमारी हेमबती नाग को जूडो खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु द्वारा राष्ट्रीय बाल पुरस्कार 2024 से सम्मानित किया गया, जो हम सभी के लिए गौरव की बात है।

मुख्यमंत्री  साय ने मुख्य कार्यक्रम स्थल में जिला प्रशासन के विभिन्न विभागों द्वारा आयोजित विभागीय प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने विभिन्न हितग्राहीमूलक योजनाओं के तहत सामग्री, उपकरण एवं चेक वितरित किया। कार्यक्रम के राष्ट्रीय आजीविका मिशन के तहत लखपति दीदीयों को पुरस्कृत किया गया और हितग्राहियों को बैंक लिंकेज चेक प्रदान किया। हस्तशिल्प विभाग के स्टॉल में राष्ट्रीय बांस मिशन योजना अंतर्गत शिल्पकारों को बांस शिल्प औजार वितरण किया गया। ग्राम पंचायत बड़े राजपुर को सामुदायिक वनाधिकार पत्रक प्रदाय किया गया।

इस अवसर पर उद्योग प्रभारी मंत्री  लखनलाल देवांगन, वन मंत्री  केदार कश्यप, बस्तर सांसद  महेश कश्यप, कांकेर सांसद श्री भोजराज नाग, विधायक जगदलपुर  किरण देव, केशकाल विधायक  नीलकंठ टेकाम सहित जिले के वरिष्ठ जनप्रतिनिधिगण, जिला प्रशासन के अधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन मौजूद थे।

सुकमा में 205 करोड़ के विकास कार्य, माओवाद पर सख्त मुख्यमंत्री साय

  • माओवादी कैंसर को समाप्त करना है तो इसकी जड़ पर प्रहार करना जरूरी – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

  • मुख्यमंत्री ने किया सुकमा जिले में 205 करोड़ रुपए के 137 विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास

रायपुर । माओवाद एक कैंसर की तरह है। कैंसर को समाप्त करना है तो इसकी जड़ पर प्रहार करना जरूरी होता है। माओवादी बस्तर के कुछ इलाकों में जोंक की तरह चिपक गये थे और यहां के स्थानीय लोगों को डरा-धमका कर शोषण कर रहे थे। ये स्थल उनके सबसे सुरक्षित पनाहगाह थे। हमने माओवादियों की माँद में घुसकर उन पर हमले का निर्णय लिया। हमारे सुरक्षाबलों के जवानों के अदम्य साहस से हमने इन माओवादियों का मुकाबला किया और उनको धूल चटाई। बीते एक साल में विभिन्न मुठभेड़ों में हमारे सुरक्षाबलों ने 230 से अधिक माओवादियों को मार गिराया है। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने सुकमा जिले के मिनी स्टेडियम में विकास कार्यों के लोकार्पण शिलान्यास के अवसर पर आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही।

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने कहा कि जिस पावन भूमि पर भगवान श्रीराम के पुण्य चरणों का स्पर्श हुआ। उस भूमि का मैं सादर अभिनंदन करता हूँ।माओवादी हिंसा ने बस्तर संभाग के साथ ही सुकमा जिले को भी हिंसा की आग में झोंक दिया था। इससे सुकमा जिले का विकास बुरी तरह प्रभावित हुआ था।एक साल में हमारी सरकार ने सुकमा जिले के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिये और इस पर तेजी से क्रियान्वयन किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसी कड़ी में आज हमने यहां 205 करोड़ रुपए के 137 कार्यों का लोकार्पण-भूमिपूजन किया है।इन कार्यों में 39 करोड़ रुपए की राशि के 82 कार्यों का लोकार्पण एवं 166 करोड़ रुपए के 55 कार्यों का भूमिपूजन शामिल है। इन कार्यों में सबसे महत्वपूर्ण कार्य सुकमा नगरपालिका में 83 करोड़ रुपए की लागत से जल प्रदाय योजना का भूमिपूजन है। इसके साथ ही 14 करोड़ रुपए की राशि से केरलापाल से पोंगाभेज्जी मार्ग के निर्माण का भूमिपूजन भी हमने किया। उन्होंने कहा कि सुकमा में खेल अधोसंरचना बेहतर हो, इसके लिए 11 करोड़ रुपए की लागत से हम स्पोर्ट्स कांप्लेक्स बनाने जा रहे हैं। इसका भी हमने आज भूमिपूजन किया है।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि सुनियोजित रणनीति के तहत हमने माओवाद प्रभावित इलाकों में कैंपों का विस्तार किया और सुरक्षा का नेटवर्क विस्तृत किया।अब माओवादी बहुत सीमित इलाके में सिमट गये हैं और बौखलाहट में हैं। इसके चलते वे कायराना हरकत कर रहे हैं। माओवादियों द्वारा हमारे जवानों के काफिले पर आईईडी ब्लास्ट की घटना में जो जवान शहीद हुए, वे बस्तर के माटीपुत्र ही थे।मुख्यमंत्री ने कहा कि आज सुकमा की इस धरती पर हम सब पुनः संकल्प लेते हैं कि माओवाद को जड़ से नष्ट करेंगे। हमारे शहीद जवानों की शहादत का बदला लेंगे।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हम कैंपों के माध्यम से लोगों को सुरक्षा दिलाने के साथ ही विकास के लिए भी काम कर रहे हैं। इसके लिए हमने कैंप के पांच किमी की परिधि में आने वाले गांवों के विकास के लिए नियद नेल्ला नार योजना आरंभ की जिसके माध्यम से सभी बुनियादी सुविधाएं इन ग्रामीण क्षेत्रों में उपलब्ध कराई जा रही है।
जो माओवादी अपने लिए सबसे अच्छे हथियार, संचार के नये उपकरण का इस्तेमाल करते हैं उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों को इतने दहशत में रखा कि यहां के लोग टेलीविजन से भी दूर रहे।
माओवादी कमांडर का गांव पूवर्ती विकास के मामले में कई बरस पिछड़ा हुआ था। लोगों ने बिजली नहीं देखी थी, टेलीविजन नहीं देखा। अब पूवर्ती गांव सोलर लाइट से रौशन है। आजादी के 78 साल बाद पहली बार दूरदर्शन लोगों ने देखा। यह लोगों के लिए चमत्कार की तरह था। ग्राम सालातोंग में 78 साल बाद बिजली आई है। बिजली के आने से यहां विकास का उजाला भी तेजी से फैला है। अब यहां के बच्चे अच्छी तरह से पढ़ाई कर पाएंगे। विकास की मुख्य धारा में शामिल हो पाएंगे। लोगों को आवागमन के लिए राहत हो, इसके लिए यहां पर हक्कुम मेल चलाई जा रही है। इन बसों के चलते लोगों का जीवन आसान हो गया है। स्वास्थ्य केंद्रों तक पहुंचना आसान हो गया है।इस योजना के माध्यम से पहली बार लोगों के आधार कार्ड बने, आयुष्मान कार्ड बने और किसान क्रेडिट कार्ड भी बने।

मुख्यमंत्री ने कहा कि महतारी वंदन योजना के माध्यम से हम सुकमा जिले की 52 हजार 220 माताओं को हर महीने एक हजार रुपए की राशि अंतरित कर रहे हैं। हमारी सरकार ने 6000 से अधिक हितग्राहियों के लिए प्रधानमंत्री आवास की किश्त जारी कर दी है। हमारी सरकार ने तेंदूपत्ता संग्रहण दर 4 हजार रुपए से बढ़ाकर साढ़े 5 हजार रुपए कर दी है और 63 हजार से अधिक हितग्राहियों को अब तक 77 करोड़ रुपए की राशि का भुगतान कर चुके हैं। बस्तर ओलंपिक में बस्तर संभाग के 1 लाख 65 हजार लोगों ने हिस्सा लिया। इसमें सुकमा जिले से भी बड़ी संख्या में खिलाड़ी शामिल हुए। हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी ने भी मन की बात कार्यक्रम में इसकी प्रशंसा की।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि भ्रष्टाचार के सभी मामलों में हमारी सरकार कठोरता से कार्रवाई करेगी। किसी भी भ्रष्टाचारी को बख्शा नहीं जाएगा। इस अवसर पर “मावा सुकमा – बदलता सुकमा” कॉफी टेबल बुक का विमोचन किया।

मुख्यमंत्री  साय ने सुकमा में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना और नक्सल पुनर्वास योजना के तहत आत्मसमर्पित दो पूर्व नक्सलियों के अपने वैवाहिक जीवन की शुरुआत पर दोनों जोड़ों को सुखद वैवाहिक जीवन हेतु आशीर्वाद दिया और उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

मुख्यमंत्री  साय की मौजूदगी में दो एमओयू भी किए गए जिसमें पहला एमओयू जिला प्रशासन ने लाइवलीहुड कालेज में कौशल विकास हेतु आईटीसी प्रथम संस्था के साथ किया, जबकि दूसरा एमओयू जिला पंचायत द्वारा वेस्ट मैनजमेंट के लिए बस्तर जिले के एमआरएफ वेस्ट मैनेजमेंट के साथ किया गया। सुकमा की महिला स्व-सहायता समूहों के उत्पादों की मार्केटिंग हेतु आकांक्षा ब्रांड के नाम से नामकरण किया गया।

सुकमा प्रवास के दौरान समग्र शिक्षा आकार (दिव्यांग) के राहुल पदामी ने मुख्यमंत्री को पेंटिंग भेंट की। मुख्यमंत्री ने दिव्यांग रघुनाथ नाग और सोडी बीड़े को प्रशस्ति पत्र प्रदान किया। नीट कोचिंग से एमएमबीएस के पढ़ाई के लिए चयनित सिल्की नेताम और गुलशन मुड़ियामी तथा बस्तर ओलंपिक में संभागीय प्रतियोगिता में भाला फेंक में पहला स्थान पाने वाली सुकमा की खिलाड़ी पायल कवासी को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री  साय ने कार्यक्रम में नक्सल पुनर्वास नीति के अंतर्गत नक्सल पीड़ित परिवार के आश्रित पंडा सुनीता, पोडियाम सन्नी को नियुक्ति पत्र प्रदान किया।

कार्यक्रम को वन मंत्री  केदार ने संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुँचाने का प्रयास कर रही है। सुकमा जिला के गठन के बाद से लगातार विकास के कार्य हो रहे हैं। कार्यक्रम को बस्तर सांसद श्री महेश कश्यप ने भी संबोधित किया।

इस अवसर पर राज्य महिला आयोग सदस्य दीपिका सोरी, गणमान्य जनप्रतिनिधि  धनीराम बारसे, आयुक्त बस्तर  डोमन सिंह, पुलिस महानिरीक्षक बस्तर  सुंदरराज पी सहित जनप्रतिनिधिगण तथा बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने मकर संक्रांति और पोंगल पर्व की दी बधाई, सुख-समृद्धि की कामना की

रायपुर । मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों को मकर संक्रांति और पोंगल पर्व की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी है। मुख्यमंत्री  साय ने इस अवसर पर सभी लोगों के लिए सुख-समृद्धि की कामना की है।मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि देश के विभिन्न क्षेत्रों में मकर संक्रांति, पोंगल और लोहड़ी पर्व जैसे कई अलग अलग नाम से मनाया जाता हैं। दक्षिण भारत में मनाया जाने वाला पोंगल समृद्धि का प्रतीक है। यह त्योहार प्रकृति और फसल के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का एक माध्यम है।
मुख्यमंत्री  साय ने कहा है कि मकर संक्रांति का त्यौहार ऋतु परिवर्तन का संदेश लेकर आता है। मुख्यमंत्री ने शुभकामना देते हुए कहा कि यह ऋतु परिवर्तन का पर्व सभी लोगों के जीवन में सुख और समृद्धि लेकर आए।

जहां कभी हिंसा थी, वहां अब विकास का शंखनाद गूंज रहा है” : सीएम साय

  • दंतेवाड़ा जिले में होगा जू पार्क का निर्माण: सभी लैंप्स में जैविक खाद किए जाएंगे उपलब्ध

  • बचेली प्रवास में मुख्यमंत्री ने 160 करोड़ से अधिक राशि के विकास कार्यो का किया लोकार्पण एवं भूमिपूजन

रायपुर । माओवादी खून खराबे और आतंक के पक्षधर हैं, हम विकास और सद्भाव के लिए काम कर रहे हैं। अब बस्तर की तस्वीर तेजी से बदल रही है। जहां कभी गोलियों की गूंज थी, वहां अब विकास का शंखनाद सुनाई देता है। जहां कभी बेकारी और लाचारी थी, वहीं इस जिले के ग्रामीण युवाओं को उच्च शिक्षा और रोजगार उपलब्ध कराकर आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। हम माओवाद को जड़ से खत्म करके ही दम लेंगे। हमारे शहीद जवानों की शहादत बेकार नहीं जाने देंगे मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने आज दंतेवाड़ा जिले के किरंदुल बचेली में आयोजित विभिन्न विकास कार्यों के लोकार्पण शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि डबल इंजन की सरकार में विकास का पहिया तेजी से घूम रहा है। हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी  के विकसित भारत के सपनों को साकार करने के लिए हम विजन 2047 छत्तीसगढ़ के अंतर्गत विकासशील छत्तीसगढ़ को विकसित छत्तीसगढ़ बनाने का प्रयास कर रहे हैं।  मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि आज दंतेवाड़ा जिले के किरंदुल, बड़े बचेली में हमने 160 करोड़ रूपये के 501 कार्यों का लोकार्पण-भूमिपूजन किया है। इनमें 49 करोड़ रूपये के 367 कार्यों का लोकार्पण और 112 करोड़ रूपये के 134 कार्यों का भूमिपूजन शामिल है। साथ ही इस मौके पर हमने 114 करोड़ रूपये के हितग्राही मूलक कार्यों का चेक और सामग्री का वितरण भी कर रहे हैं। आज जिन बड़े विकास कार्यों का लोकार्पण हुआ है, उनमें गीदम ब्लाक के छिन्दनार से बड़ेकरका मार्ग पर 33 करोड़ रूपये का पुल, जिले के सभी विकासखंडों में एक करोड़ रूपये से बने पुल-पुलिया, गीदम, कुआकोंडा, कटेकल्याण मार्ग का चौड़ीकरण और मजबूतीकरण शामिल है।इसके अलावा मोर मकान-मोर आवास के अंतर्गत सवा सात करोड़ रूपये की लागत से 321 हितग्राहियों के लिए बने पक्के मकानों की चाबी भी हमने सौंपी है।जलावर्धन और जलशोधन संयंत्र स्थापना के लिए किरंदुल में करीब 45 करोड़ और बारसूर में 15 करोड़, दंतेवाड़ा में अंतरराज्यीय बस स्टैंड और दंतेवाड़ा जिले के सभी विकासखंडों में आश्रम भवन निर्माण कार्यों के लिए हमने अभी भूमिपूजन किया है।मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि आप सबको पता है कि हमारी सरकार ने सुशासन के एक साल पूरे कर लिये हैं। इस एक साल के दौरान मोदी जी की गारंटी को हमने पूरी गारंटी के साथ पूरा किया है। हमारी सरकार ने पहली बार बस्तर ओलंपिक का आयोजन किया जिसमें करीब 1 लाख 65 हजार लोगों ने भाग लिया। इस आयोजन की सराहना यशस्वी प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी  ने मन की बात में भी की।हमारी सरकार गांव-गरीब और किसानों के हित में लगातार काम कर रही है। तेंदूपत्ता संग्राहकों को हमारी सरकार 4 हजार रुपए से बढ़ाकर साढ़े 5 हजार रुपए प्रति मानक बोरा दे रही है। इससे वनवासियों के जीवन स्तर में बदलाव दिखने लगा है। नियद नेल्लानार योजना अंतर्गत जिले के चिन्हित सभी 765 किसानों को 48 लाख रूपये का पावर स्प्रेयर, 1 करोड़ 70 लाख रूपये की लागत से पॉवर ट्रिलर जल्द ही वितरण करने की तैयारी कृषि विभाग ने की है। नियद नेल्लानार योजना के तहत 1200 परिवारों को निःशुल्क मोबाइल फोन का वितरण किया जा रहा है। इससे दूरस्थ अंचल के ग्रामीण मुख्यधारा से जुड़ सकेंगे। सुदूर अंचल के क्षेत्रों में आवागमन की सुविधा सुनिश्चित करने के लिए जन सुविधा एक्सप्रेस अभियान के तहत करीब 4 करोड़ रूपये की लागत से 37 वाहन महिला समूहों और युवा संगठनों के माध्यम से संचालित हैं।मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि यहां माता-बहनों की बड़ी संख्या में उपस्थिति है। यह इस बात का प्रमाण है कि इनके खाते में हर महीने एक-एक हजार रूपये सांय-सांय जा रहा है। अभी हाल ही में हमने इस साल के पहले दिन ही माता-बहनों के खाते में रूपये जमा कराया। इससे महिला सशक्तिकरण को बल मिला है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि हमारी सरकार गांव-गरीब और किसानों के हित में लगातार काम कर रही है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी ने अंत्योदय के विकास का जो सपना देखा था। उसे हम सब मिलकर पूरा करने में जुटे हैं। प्रधानमंत्री मोदी जी का सपना है कि कोई भी भारतीय खुले आसमान के नीचे नहीं सोएगा। हर नागरिक का पक्का मकान होगा। इसी कड़ी में हमारी सरकार बनते ही हमने 18 लाख से अधिक प्रधानमंत्री आवास की स्वीकृति दी। उन्होंने कहा कि केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने 3 लाख 88 हजार आवासों की स्वीकृति पुनः प्रदान की है। मुख्यमंत्री  साय ने आवास प्लस का जिक्र करते हुए कहा कि वर्ष 2024 में बहुत से लोग आवास योजना के लाभान्वित होने से वंचित हुए थे इसके साथ ही वाहन, आय और भूमि संबंधी अन्य संसाधनों होने के साथ ही वे आवास योजना के दायरे से बाहर में थे उनके लिए आवास प्लस योजना के तहत सर्वे कार्य प्रारंभ किया गया हैं। और शीघ्र ही उन्हें सूची में जोड़ा जाएगा। उन्होंने बताया कि वहीं 2.5 एकड़ सिंचित एवं 5 एकड़ असिंचित भूमि वाले किसान भी आवास योजना के लाभार्थी होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई संसाधन और सड़कों के रखरखाव पर फोकस करते हुए अंतिम छोर के व्यक्ति तक सुशासन पहुंचाने प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि दन्तेवाड़ा जिला खनिज सम्पदा और जैविक कृषि में अग्रणी जिला है। अतः क्षेत्र के सर्वांगीण विकास हेतु राज्य शासन प्रतिबद्ध है। शीघ्र ही जिले में वन्य प्राणी के संरक्षण और पर्यटन को बढ़ावा देने की दृष्टि से ’’जू पार्क” (चिड़ियाघर ) का निर्माण भी किया जाएगा। इसके अलावा जैविक कृषि को महत्व देने के लिए सभी लेम्पस और राशन दुकानों में जैविक खाद उपलब्ध किए जाएंगे। मुख्यमंत्री  साय ने दान-पुण्य के महापर्व छेरछेरा और मकर संक्रांति की सभी को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी।

वनमंत्री  केदार कश्यप ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए अपने संबोधन में कहा कि सरकार के एक वर्ष के नेतृत्व में दन्तेवाड़ा जिला प्रगति के पथ पर अग्रसर है । जिले में कई योजनाएं संचालित किए जा रही है जो राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर मिसाल साबित होगी। आमसभा में सांसद बस्तर  महेश कश्यप एवं क्षेत्र के विधायक  चैतराम अटामी द्वारा भी जिले के विकास कार्यो पर प्रकाश डाला गया। इस अवसर पर डीआईजी  कमलोचन कश्यप, कलेक्टर  मयंक चतुर्वेदी, एसपी  गौरव राय, डीएफओ  सागर जाधव तथा जिला प्रशासन के अन्य अधिकारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।