महाकुंभ में गुरुदेव श्री श्री रवि शंकर का आध्यात्मिक संदेश, लाखों ने लिया दिव्य ध्यान और सेवा कार्यों का लाभ

प्रयागराज। “महाकुम्भ एक ऐसा समय है जब हम क्षणभंगुर से शाश्वत की ओर, व्यक्तिगत चेतना से ब्रह्म चेतना की ओर बढ़ते हैं। यह अपने सत्य को केवल बौद्धिक रूप से नहीं, बल्कि अनुभव के स्तर पर जानने का समय है।” – गुरुदेव श्री श्री रवि शंकर

महाकुंभ मेला, जो भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिकता का एक महान केंद्र है, इस बार एक विशेष आयोजन के साथ और भी खास बन गया। आर्ट ऑफ लिविंग द्वारा आयोजित “मेडिटेट विद गुरुदेव फ्रॉम महाकुंभ” कार्यक्रम ने महाकुंभ नगरी के अद्भुत वातावरण में एक नई ऊर्जा का संचार किया है । मंगलवार रात 8 बजे महाकुंभ की पवित्र भूमि से गुरुदेव श्री श्री रवि शंकर ने दुनिया भर के लाखों लोगों को लाइव निर्देशित ध्यान कराया । यह कार्यक्रम आर्ट ऑफ लिविंग के निःशुल्क आधिकारिक ध्यान ऐप ‘सत्त्व’ और गुरुदेव के यूट्यूब चैनल पर प्रसारित किया गया जिससे 180 देशों से भक्त और साधक जुड़े।

गुरुदेव श्री श्री रवि शंकर के मार्गदर्शन में इस आयोजन ने एक आध्यात्मिक संजीवनी प्रदान की। गुरुदेव ने इस अवसर पर ध्यान और साधना के माध्यम से मानवता को एकता, शांति और करुणा का संदेश दिया। गुरुदेव ने कहा, “कुंभ पर्व का सार है अपने भीतर की पूर्णता को जानना और वह केवल तभी हो सकता है जब ज्ञान, भक्ति और कर्म एक साथ हों। यहां जो गंगा बह रही है वह जान का प्रतीक है, यमुना भक्ति का प्रतीक है और सरस्वती जो अदृश्य है, वह कर्म का प्रतीक है। ”

मंगलवार की सुबह गुरुदेव फिर से एक बार संगम तट पर पवित्र त्रिवेणी स्नान करने पहुँचे जिसके बाद उन्होंने प्रयागराज के प्रसिद्ध बड़े हनुमान जी के दर्शन भी किये । अचला सप्तमी के अवसर पर गुरुदेव के सान्निध्य में आर्ट ऑफ लिविंग कैंप में रूद्र पूजा और सूर्य सूक्त होम का भी आयोजन किया गया । इस अवसर पर सैकड़ों आर्ट ऑफ लिविंग प्रशिक्षकों ने भी गुरुदेव से मिलकर आशीर्वाद प्राप्त किया । सोमवार की सत्संग संध्या पर जूना अखाड़े के नागा साधू-संतों सहित कई अन्य गणमान्य लोगों ने गुरुदेव से मुलाकात की ।

महाकुंभ मेले में गुरुदेव की ओर से कई विशेष आयोजन किए गए हैं, जिनमें श्रद्धालुओं के लिए लगातार खाने-पीने की व्यवस्था, आयुर्वेदिक दवाइयों और निःशुल्क नाड़ी परीक्षण जैसी सेवाएं दी जा रही हैं। आर्ट ऑफ लिविंग कैंप में कुम्भ में स्नान के लिए आने वाले लगभग 25,000 से 30,000 श्रद्धालुओं के लिए प्रतिदिन 2 बार एक टन खिचड़ी तैयार की जा रही है। इसके अलावा श्री श्री तत्त्व के 8 अनुभवी नाड़ी वैद्य, प्रतिदिन 500 श्रद्धालुओं को निःशुल्क नाड़ी परीक्षण परामर्श भी दे रहे हैं। महाकुंभ के अखाड़ों और कल्पवासी क्षेत्रों में लाखों साधु संतों और तीर्थयात्रियों के लिए श्री श्री तत्त्व के माध्यम से 250 टन खाद्य सामग्री का वितरण भी किया जा रहा है, जिसमें घी, मसाले, दालें और बिस्किट जैसी चीजें शामिल हैं।

मरवाही क्षेत्र में पंचायत चुनाव: छह पंचायतों में दाखिल हुए नामांकन

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। जिले में पंचायत चुनाव को लेकर गतिविधियां तेज हो गई हैं। ग्राम पंचायत परासी सहित चंगेरी, धनौरा, मनौरा, चिचगोहना और चनाडोंगरी में प्रत्याशियों ने अपने नामांकन पत्र दाखिल किए।

जानकारी के अनुसार, पंच पद के लिए कुल 206 उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किया है, जबकि सरपंच पद के लिए 34 उम्मीदवार चुनावी मैदान में उतरे हैं। नामांकन प्रक्रिया के दौरान उम्मीदवारों और उनके समर्थकों में खासा उत्साह देखा गया।

स्थानीय ग्रामीण विकास और जनकल्याण से जुड़े मुद्दों को लेकर प्रत्याशी चुनावी मैदान में उतर रहे हैं। आगामी दिनों में प्रचार अभियान जोर पकड़ने की संभावना है। पंचायत चुनाव को लेकर प्रशासन ने भी तैयारियां पूरी कर ली हैं, जिससे मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्ण और निष्पक्ष रूप से संपन्न हो सके।

गुप्त नवरात्रि और बसंत पंचमी महोत्सव: भक्ति और ज्ञान का संगम

बिलासपुर। श्री पीताम्बरा पीठ सुभाष चौक सरकण्डा बिलासपुर छत्तीसगढ़ स्थित त्रिदेव मंदिर में माघ गुप्त नवरात्र उत्सव का आयोजन किया जा रहा है, जो 30 जनवरी 2025 से 6 फरवरी 2025 तक चलेगा। इस अवसर पर पीताम्बरा पीठाधीश्वर आचार्य दिनेश जी महाराज ने बताया कि श्री पीताम्बरा पीठ त्रिदेव मंदिर में स्थित श्री ब्रह्मशक्ति बगलामुखी देवी का विशेष पूजन, श्रृंगार त्रिपुरभैरवी देवी के रूप में किया गया है। एवं बगलामुखी माता का विशेष पूजन श्रृंगार बसंत पंचमी श्री पंचमी के पावन पर्व पर सरस्वती माता के रूप में किया जाएगा।

इसके अलावा, प्रातःकालीन श्री शारदेश्वर पारदेश्वर महादेव का रुद्राभिषेक, पूजन एवं परमब्रह्म मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम जी का पूजन, श्रृंगार, श्री सिद्धिविनायक जी का पूजन श्रृंगार, एवं श्री महाकाली, महालक्ष्मी, महासरस्वती राजराजेश्वरी, त्रिपुरसुंदरी देवी का श्रीसूक्त षोडश मंत्र द्वारा दूधधारियाँ पूर्वक अभिषेक किया जा रहा है। रात्रि कालीन पीताम्बरा हवनात्मक यज्ञ ब्राह्मणों द्वारा संपन्न हो रहा है।

पीतांबरा पीठाधीश्वर आचार्य डॉ. दिनेश जी महाराज ने कहा कि हमें विचार करना चाहिए कि ऐसी कौन-सी वस्तु है, जो सदा हमारे पास रहेगी और हम सदा उसके पास रहेंगे ? ऐसा कौन-सा व्यक्ति है, जो सदा हमारे साथ रहेगा हम सदा उसके साथ रहेंगे ? ऐसी कौन-सी क्रिया है, जिसको हम सदा करते रहेंगे और जो सदा हमसे होती रहेगी ? सदा के लिए हमारे साथ न कोई वस्तु रहेगी, न कोई व्यक्ति रहेगा और न कोई क्रिया रहेगी। एक दिन हमें वस्तु, व्यक्ति और क्रिया से रहित होना ही पड़ेगा। अगर हम वर्तमान में ही उनके वियोग को स्वीकार कर ले, उनसे असंग हो जाए तो जीवन्मुक्ति स्वत:सिद्ध है।अपार मंगल देने वाली, भक्तों के दुःख छुड़ाने वाली, ब्रह्मा, विष्णु और शिव से वन्दित होने वाली, कीर्ति तथा मनोरथ देने वाली, पूज्यवर और विद्या देने वाली माँ सरस्वती की कृपा से आपके और आपके पुत्र – पुत्रियों के जीवन में सुख-शांति एवं समृद्धि का वास हो।
माँ सरस्वती आपका और आपके पूरे परिवार का कल्याण करें यही प्रार्थना है।
या कुन्देन्दुतुषारहारधवला या शुभवस्त्रावृता,
या वीणावरदण्डमण्डितकरा या श्वेतपद्मासना।
या ब्रह्माच्युतशंकरप्रभृतिभिर्देवै: सदा वन्दिता,
सा मां पातु सरस्वती भगवती नि:शेषजाड्यापहा।।
शुक्लां ब्रह्मविचारसारपरमामाद्यां जगद्व्यापिनीं,
वीणापुस्तकधारिणीमभयदां जाड्यान्धकारापहाम्‌।
हस्ते स्फाटिकमालिकां च दधतीं पद्मासने संस्थितां,
वन्दे तां परमेश्वरीं भगवतीं बुद्धिप्रदां शारदाम्‌।। ब्रह्मा जी ने माघ मास में पंचमी के पावन पर्व के सुअवसर पर इस विद्या- बुद्धि एवं ज्ञान-विज्ञान की देवी मां सरस्वती जी को प्रकट किया था, जिसको आज भगवती सरस्वती के प्राकट्य दिवस के रूप में भी मनाये जाने की परम्परा है। वसंत पंचमी या बसंत पंचमी का दिन संगीत, कला, ज्ञान व विद्या की देवी सरस्वती को समर्पित है। आज श्री पंचमी के साथ साथ भगवती सरस्वती मां की पूजा भी जाती है।
बसन्त पंचमी का दिन विद्या आरम्भ करने तथा सरस्वती पूजा करने के लिये सबसे महत्वपूर्ण दिन है।
मां सरस्वती का रुप श्वेत है, जो ब्रह्मविचार की परम तत्व हैं, जिनकी ख्याति- कीर्ति सम्पूर्ण संसार में फैल रही है,भगवती हाथों में वीणा और पुस्तक धारण किए रहती हैं।
या देवी सर्वभूतेषु विद्या (बुद्धि) रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:।।
प्रकृति के इस प्राकृतिक श्रृंगार महोत्सव एवं ज्ञान, संगीत कला की देवी मां भगवती सरस्वती के पूजा दिवस पर भगवती से यह प्रार्थना करता हूं कि मां अपने सभी भक्तों को विद्या, सद्बुद्धि, ज्ञान- विवेक प्रदान करने की कृपा करे।

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे का विद्युतीकरण अभियान: हरित परिवहन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम

बिलासपुर । पूर्व मध्य रेलवे ने अपने विद्युतीकरण अभियान में एक और महत्वपूर्ण मील का पत्थर स्थापित किया है। रेलवे क्षेत्र में ऊर्जा दक्षता और हरित परिवहन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने अब तक 6900.93 ट्रैक किलोमीटर (TKM) का विद्युतीकरण सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है।

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, जो 1 अप्रैल 2003 को अस्तित्व में आया, ने अपने गठन के बाद से ही रेलवे संरचना को आधुनिक और पर्यावरण-अनुकूल बनाने पर विशेष ध्यान दिया है। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के विभिन्न मंडलों – बिलासपुर, रायपुर और नागपुर – में तीव्र गति से विद्युतीकरण कार्य हुए हैं।

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में पहली बार झारसुगुड़ा-रायगढ़ खंड में 19 जनवरी 1970 को विद्युतीकरण शुरू किया गया था।

महत्वपूर्ण विद्युतीकरण परियोजनाएं:
* बिलासपुर – अनुपपुर – कटनी खंड (1992-95)
* गोंदिया – बल्लारशाह (2017-18)
* रायपुर – नया रायपुर (2019-23)
* भानुप्रतापपुर – अंतागढ़ – तरोकी (2024-25)

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे भारतीय रेलवे का पहला ऐसा क्षेत्र है जिसने 2×25 kV AT-AEC-BEC ओवरहेड ट्रैक्शन सिस्टम को सफलतापूर्वक लागू किया। यह प्रणाली 14 दिसंबर 2024 को भानुप्रतापपुर – अंतागढ़ खंड में शुरू की गई। इसके अतिरिक्त, पहली बार 3-फेज इलेक्ट्रिक लोको ट्विन EF-12K को 26 नवंबर 2023 को भिलाई में चालू किया गया।

विद्युतीकरण के चलते 2023-24 में विद्युत ऊर्जा की खपत 1859.19 मिलियन यूनिट तक पहुंच गई, जिससे जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम हुई और रेलवे परिचालन अधिक कुशल हुआ। इसके अलावा, नई विद्युतीकृत लाइनों से कोयला, लोहा और अन्य माल परिवहन में तेजी आई, जिससे औद्योगिक उत्पादन को बल मिला।

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे निकट भविष्य में नए रेल खंडों के विद्युतीकरण के साथ-साथ हरित ऊर्जा संसाधनों के समावेश की दिशा में भी कार्य कर रहा है। भारतीय रेलवे की 100 वर्ष की विद्युत रेल यात्रा के उपलक्ष्य में, 3 फरवरी 2025 को भानुप्रतापपुर – अंतागढ़ खंड में पहली 3-फेज इलेक्ट्रिक लोको ट्रेन चलाई जाएगी।

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे का यह विद्युतीकरण मिशन भारतीय रेलवे को ‘शून्य कार्बन उत्सर्जन’ की ओर ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है, जिससे राष्ट्र की आर्थिक और पर्यावरणीय स्थिरता को नया आयाम मिलेगा।

महाकुंभ मेला स्पेशल ट्रेन: दुर्ग-टुंडला के बीच अतिरिक्त फेरे, 5 और 19 फरवरी से संचालन

महाकुंभ मेले के दौरान ट्रेन में होने वाली अतिरिक्त भीड़-भाड़ के दौरान रेल यात्रियों को अधिक से अधिक कन्फर्म बर्थ/सीट की सुविधा उपलब्ध कराने हेतु दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे से चलने वाली दिनाँक 05 एवं 19 फरवरी, 2025 को दुर्ग से चलने वाली गाड़ी संख्या 08763 दुर्ग–टुंडला कुम्भ मेला स्पेशल ट्रेन का परिचालन किया जा रहा है । इसी प्रकार विपरीत दिशा में भी दिनाँक 06 एवं 20 फरवरी, 2025 को टुंडला से चलने वाली गाड़ी 08764 टुंडला-दुर्ग कुम्भ मेला स्पेशल ट्रेन का परिचालन किया जा रहा है ।

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे से चलने वाली यह कुम्भ मेला स्पेशल ट्रेन का रायपुर, भाठापारा, उसलापुर, पेंडरारोड, अनुपपुर, शहडोल, उमरिया, न्यू कटनी जंक्शन, कटनी, मैहर, सतना जंक्शन, माणिकपुर जंक्शन, प्रयागराज, फ़तेहपुर, गोविंदपुरी, इटावा जंक्शन, टुंडला रेलवे स्टेशनों में ठहराव की सुविधा दी जा रही है ।

यह कुम्भ मेला स्पेशल ट्रेन 01 एसी टू कम एसी फास्ट, 02 एसी टू , 06 एसी थ्री, 07 स्लीपर, 04 जनरल, 02 एसएलआरडी सहित 22 कोच के साथ चलेगी ।

इस गाड़ी की विस्तार पूर्वक समय सारणी इस प्रकार है :- 08763 दुर्ग–टुंडला कुम्भ मेला स्पेशल ट्रेन दुर्ग 13.50 बजे रवाना होकर रायपुर 14.20/ 14.25 बजे, भाटापारा 15.10 /15.12 बजे, उसलापुर 16.15 /16.25 बजे, पेंडरारोड 17.43/17.45 बजे, अनुपपुर 18.32 /18.37 बजे, शहडोल 19.21/19.26 बजे, उमरिया 20.24/20.26, कटनी 23.20/23.30 बजे, मैहर 00.38/ 00.40 बजे, सतना 01.15/ 01.20 बजे, माणिकपुर 03.00/ 03.02 बजे, प्रयागराज 05.45/ 05.50 बजे, फ़तेहपुर 07.18/07.20 बजे, गोविंदपुरी 08.25/ 08.30 बजे, इटावा जंक्शन 10.20/10.22 बजे तथा टुंडला रेलवे स्टेशन 12.30 बजे पहुचेगी ।

इस गाड़ी की विस्तार पूर्वक समय सारणी इस प्रकार है :- 08764 टुंडला-दुर्ग कुम्भ मेला स्पेशल ट्रेन टुंडला से 17.10 बजे रवाना होकर इटावा जंक्शन 18.08/18.10 बजे, गोविंदपुरी 20.25/20.30 बजे, फ़तेहपुर 21.30/21.32 बजे, प्रयागराज 02.05/02.10 बजे, माणिकपुर 05.35/05.37 बजे, सतना 06.40/06.45 बजे, मैहर 07.08/07.10 बजे, कटनी 08.10/08.20 बजे, उमरिया 09.35/09.37 बजे, शहडोल 10.45/10.50 बजे, अनुपपुर 11.35/11.40 बजे, पेंडरारोड 12.17/12.22 बजे, उसलापुर 15.00/15.10 बजे, भाटापारा 16.36/16.38 बजे, रायपुर 18.05/18.10 बजे तथा दुर्ग 19.50 बजे पहुचेगी ।

राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह 2025 का भव्य समापन एवं सम्मान समारोह 5 फरवरी को

बिलासपुर। भारत सरकार के द्वारा आयोजित “राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह 2025” का भव्य समापन एवं सम्मान समारोह 5 फरवरी, 2025 को शाम 5 बजे से पुलिस परेड ग्राउंड, बिलासपुर में आयोजित किया जाएगा। यह समारोह यातायात जिला पुलिस बिलासपुर के सौजन्य और तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है।

समारोह में विभिन्न संगठनों, शैक्षणिक संस्थाओं, समाजसेवी संस्थाओं, महिलाओं, बच्चों, दिव्यांगों, स्वास्थ्य, शिक्षा, खेल और नागरिक सेवा से जुड़े संगठनों के साथ-साथ मीडिया और अन्य गणमान्य व्यक्तियों की भागीदारी होगी।

सभी नागरिकों, विद्यालयों, महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयों, व्यापारिक, आद्योगिक, और समाजसेवी संगठनों से अपील की गई है कि वे समारोह में अपनी गरिमामयी उपस्थिति से आयोजन को सफल बनाएं।

समारोह का उद्देश्य सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता फैलाना और यातायात नियमों के पालन के महत्व को जन-जन तक पहुंचाना है। इस आयोजन में आप सभी की सहभागिता बहुत महत्वपूर्ण होगी।

आयोजन के आयोजकों ने सभी से समारोह में शामिल होकर इसे सार्थक बनाने की अपील की है।

मोबाइल झपटमारी के आरोपी को सरकंडा पुलिस ने चंद घंटों में दबोचा

बिलासपुर । थाना सरकंडा के पुलिस ने महज कुछ घंटों में मोबाइल झपटमारी करने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने 30 जनवरी 2025 को रात करीब 11 बजे नूतन चौक स्थित एक भोजनालय से खाना खाकर घर लौट रही महिला का वन प्लस मोबाईल छीन लिया था। चोरी की इस वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी भाग खड़ा हुआ था।

महिला ने मामले की रिपोर्ट दर्ज करवाई, जिसके बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता से जांच शुरू की। पुलिस अधीक्षक बिलासपुर,  रजनेश सिंह के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री उदयन बेहार और सी.एस.पी. (सरकंडा)  सिद्धार्थ बघेल के मार्गदर्शन में टीम गठित की गई।

टीम ने सीसीटीवी कैमरों के फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया, जिसके आधार पर आरोपी अतुल यादव (19), निवासी लम्बोदर नगर नूतन चौक, सरकंडा को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपी ने अपराध स्वीकार किया।

पुलिस ने आरोपी से चोरी किया गया वन प्लस मोबाईल, जिसकी कीमत 60,000 रुपये बताई जा रही है, बरामद किया। आरोपी को आज न्यायालय में पेश किया गया और न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।

इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरी. निलेश पाण्डेय के नेतृत्व में पुलिस टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिसमें निरी. अनिल कुमार यादव, प्रधान आर. रामकृष्ण सिंग, आर. अजय कुमार एवं आर. अर्पित सिंह शामिल थे।

जुआरियों पर रतनपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 11 गिरफ्तार

बिलासपुर । जिले में रतनपुर पुलिस ने जुआरियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मौके से ₹89,000 नगद, 23 मोटरसाइकिल, 11 मोबाइल फोन और 52 पत्ती ताश जब्त किए हैं। पकड़े गए आरोपियों में से अधिकांश का पहले से आपराधिक रिकॉर्ड दर्ज है। उनके खिलाफ छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम और संगठित अपराध की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।

थाना प्रभारी नरेश कुमार चौहान को 31 जनवरी को मुखबिर से सूचना मिली कि ग्राम कोरबी के जंगल में नाले किनारे भारी संख्या में लोग जुआ खेल रहे हैं। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर पुलिस टीम ने मौके पर छापा मारा और 11 जुआरियों को रंगे हाथों पकड़ लिया। पकड़े गए आरोपियों में लच्छीराम यादव (कटघोरा), सतीष शर्मा (पाली), मनोज कुमार कोल (लाफा पाली), विनोद प्रजापति (जटगा कटघोरा), मन्नू केंवट (मझवानी बेलगहना), कुलदीप भोई (पोंडी पाली), नैनसिंह गोंड (पाली), मनोज श्रीवास्तव (पाली), अजय दास (जटगा कटघोरा), सुदर्शन ताम्रकार (रतनपुर) और मो. नाजिद (नुनेरा पाली) शामिल हैं।

गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ धारा 112 भा.न्या.सं. और 3(2) छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने सभी को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। थाना रतनपुर पुलिस ने स्पष्ट किया कि आगे भी जुआरियों और अवैध गतिविधियों में संलिप्त लोगों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। इस पूरी कार्रवाई में निरीक्षक नरेश कुमार बंजारे, प्र.आर. सत्यप्रकाश यादव, गजेन्द्र सिंह, आर. महेन्द्र नेताम, सुदर्शन मरकाम, मालिक राम साहू, संजय यादव, गोविंदा जायसवाल और पवन ठाकुर की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

बिलासपुर संभाग ने रचा इतिहास: पोस्टल लाइफ इंश्योरेंस में एक दिन में 100 करोड़ का व्यवसाय

बिलासपुर । भारतीय डाक विभाग भरोसे एवं विश्वसनीयता का प्रतीक अपनी सबसे महत्तवपूर्ण एवं अभूतपूर्व निवेश+बीमा की अद्वितीय योजना पोस्टल लाईफ इंश्योरेंस का 141 वाँ स्थापना दिवस मना रहा है। इस योजना की शुरुआत 1 फरवरी 1884 को केवल डाकविभाग के कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करने एवं परिवार की सुरक्षा के लिए की गई थी, आज़ादी के पश्चात इस योजना का विस्तार किया गया । परिणामस्वरूप आज वर्तमान में इस जनकल्याणकारी एवं कम से कम प्रीमियम, अत्यधिक बोनस वाली स्कीम का लाभ प्रत्येक स्नातक नागरिक भी ले सकते हैं।
इसी तारतम्य में आज दिनांक 1 फरवरी को पोस्टल लाईफ इंश्योरेंस के स्थापना दिवस के खास अवसर पर अकेले बिलासपुर संभाग ने माननीय मुख्य पोस्टमास्टर जनरल, माननीय निदेशक डाक सेवाएं छत्तीसगढ़ परिमंडल एवं श्रीमान अधीक्षक डाकघर विनय प्रसाद जी के कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में पूरे भारत में केवल एक दिन में आज 1 फरवरी को 100 करोड़ का व्यवसाय अर्जित कर इतिहास रच दिया, बिलासपुर संभाग के समस्त अधिकारीगण एवं सी पी सी प्रमुख, समस्त शाखा डाकपाल, ग्रामीण डाक सेवकों के अथक प्रयास एवं मेहनत से पोस्टल लाईफ इंश्योरेंस जैसी अभूतपूर्व योजना का लाभ जन जन तक पहुंचाया गया है । सभी बधाई के पात्र है, इस खास अवसर पर समस्त सम्माननीय ग्राहकों से अपील है कि अपने निकटतम डाकघर से पोस्टल लाईफ इंश्योरेंस जैसी लाभकारी विश्वसनीय योजना की जानकारी लेकर अवश्य सभी लाभान्वित होवें।

नगरीय निकाय चुनाव 2025: सेक्टर अधिकारियों को कलेक्टर ने दिए अहम निर्देश

बिलासपुर। नगरीय निकाय निर्वाचन 2025 के तहत आज जिला कार्यालय के मंथन सभाकक्ष में सेक्टर अधिकारियों के लिए प्रशिक्षण सह समीक्षा बैठक आयोजित की गई। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी अवनीश शरण ने कहा कि निर्वाचन में सेक्टर अधिकारी की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। निर्वाचन की तैयारी से लेकर निर्वाचन की प्रक्रिया पूर्ण होते तक अपने सेक्टर के चुनाव प्रबंधन के लिए सेक्टर अधिकारी जिम्मेदार होते हैं। कलेक्टर ने सेक्टर अधिकारियों से कहा कि सभी अपने मतदान केन्द्रों का निरीक्षण कर वहां मूलभूत सुविधाओं का भौतिक सत्यापन सुनिश्चित कर ले। बैठक सहप्रशिक्षण में नगर निगम कमिश्नर  अमित कुमार, उप जिला निर्वाचन अधिकारी श्री शिव कुमार बनर्जी, एडीएम  आर.ए. कुरूवंशी, सभी एसडीएम, तहसीलदार और सेक्टर अधिकारी मौजूद थे।
बैठक में कलेक्टर ने सेक्टर अधिकारियों से कहा कि निर्वाचन को निर्विघ्न संपन्न कराने के लिए सेक्टर अधिकारी चुनाव की हर प्रक्रिया की पूरी जानकारी रखें। मतदान केन्द्रों का भौतिक सत्यापन करते हुए मूलभूत सुविधाएं जैसे, प्रकाश, पेयजल, बिजली, शौचालय आदि की जानकारी एकत्रित करें। सेक्टर अधिकारी मतदान के दिन और मतदान के पश्चात पीठासीन अधिकारियों से संलग्न प्रपत्र पर जानकारी संकलित कर पूरे सेक्टर की जानकारी देंगे। सेक्टर अधिकारी आदर्श आचरण संहिता के उल्लंघन के मामलों पर तत्काल संबंधित अधिकारियों को रिपोर्ट देंगे। प्रशिक्षण में मास्टर ट्रेनर द्वारा सेक्टर अधिकारियों को निर्वाचन पूर्व की जिम्मेदारी, मतदान दिवस की जिम्मेदारी, मतदान समाप्ति, आदर्श आचरण संहिता, विभिन्न प्रपत्रों में जानकारी देने के संबंध में विस्तार से प्रशिक्षण दिया। मास्टर ट्रेनर ने ईवीएम की फंक्शनिंग के बारे में भी सेक्टर अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया। ईवीएम के जीवंत प्रदर्शन से सेक्टर अधिकारियों ने मतदान की प्रक्रिया को समझा।