सड़क सुरक्षा के लिए पुलिस और पीडब्ल्यूडी का सराहनीय प्रयास

मरवाही । मरवाही क्षेत्र में सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए जिला पुलिस प्रशासन और लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) मिलकर काम कर रहे हैं। क्षेत्र में हो रही दुर्घटनाओं को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने आम लोगों की सुरक्षा के लिए त्वरित कार्रवाई शुरू की है।
पुलिस और पीडब्ल्यूडी अधिकारियों की मौजूदगी में सड़कों पर खतरनाक स्थानों को चिह्नित किया जा रहा है। इन जगहों पर स्पीड ब्रेकर और रेडियम युक्त साइनबोर्ड लगाए जा रहे हैं, ताकि वाहन चालकों को समय पर सतर्क किया जा सके। इस पहल से सड़क दुर्घटनाओं को कम करने में काफी मदद मिलने की उम्मीद है।
इस प्रयास की सराहना करते हुए प्रेस क्लब मरवाही ने पुलिस प्रशासन को तहेदिल से धन्यवाद दिया और इस नेक पहल के लिए शुभकामनाएं दीं। क्षेत्रवासियों ने भी इस कार्य की प्रशंसा की है और उम्मीद जताई है कि भविष्य में भी ऐसे कदम सड़क सुरक्षा को और मजबूत करेंगे।

अवैध रेत खनन और तेज रफ्तार ट्रैक्टरों से बढ़ती सड़क दुर्घटनाएं: ग्रामीणों का आक्रोश, कड़ी कार्रवाई की मांग

गौरेला पेंड्रा मरवाही । ग्राम पंचायत परासी, लोहारी में अवैध रेत खनन और तेज रफ्तार ट्रैक्टरों के कारण सड़क दुर्घटनाओं का सिलसिला थम नहीं रहा। आज एक दुखद हादसे में मिडिल स्कूल के हेडमास्टर ऋषि सिंह दीक्षित की ट्रैक्टर से टक्कर के बाद आकस्मिक मृत्यु हो गई। इस घटना ने ग्रामीणों में भारी आक्रोश पैदा कर दिया, जिन्होंने गुस्से में ट्रैक्टर को आग के हवाले कर दिया। ग्रामीणों का कहना है कि बार-बार शिकायतों के बावजूद अवैध रेत खनन और तेज गति से वाहन चलाने की समस्या पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही, जिसके चलते ऐसी घटनाएं बढ़ रही हैं।

जानबूझकर हादसों पर सख्त सजा की मांग

स्थानीय लोगों ने मांग की है कि ऋषि सिंह दीक्षित को टक्कर मारने वाले ट्रैक्टर चालक के खिलाफ लापरवाही से मौत के तहत मामला दर्ज किया जाए। ग्रामीणों का कहना है कि बार-बार चेतावनी और शिकायतों के बावजूद रेत माफियाओं और ट्रैक्टर चालकों द्वारा लापरवाही और तेज गति से वाहन चलाए जा रहे हैं, जो जानबूझकर लोगों की जान को खतरे में डाल रहा है। उन्होंने मांग की है कि ऐसे मामलों में दोषियों को कड़ी सजा दी जाए ताकि भविष्य में कोई ऐसी लापरवाही न करे।

अवैध रेत खनन और प्रशासन की नाकामी

ग्रामीणों ने पुलिस और खनिज विभाग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि क्षेत्र में अवैध रेत खनन बड़े पैमाने पर हो रहा है, और रेत माफिया बिना पंजीयन के ट्रैक्टरों और भारी वाहनों से रेत का परिवहन कर रहे हैं। कई बार नाबालिग या अनुभवहीन ड्राइवरों को वाहन चलाने की जिम्मेदारी दी जाती है, जिससे हादसों की संख्या बढ़ रही है। ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने बार-बार पुलिस और खनिज विभाग में शिकायत की, लेकिन छोटे-मोटे चालान या सतही कार्रवाई के बाद माफियाओं के हौसले और बुलंद हो रहे हैं। एक ग्रामीण ने कहा, “प्रशासन की लापरवाही और मिलीभगत के कारण रेत माफिया बेखौफ होकर लोगों की जान ले रहे हैं।

पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही

हादसे के बाद पुलिस को मौके पर पहुंचने में एक घंटे का समय लगा, जबकि एंबुलेंस समय पर  पहुंच ही नहीं पाई। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग की इस देरी को भी अस्वीकार्य बताया और कहा कि समय पर चिकित्सा सुविधा मिलने पर शायद ऋषि सिंह की जान बच सकती थी। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य और पुलिस विभाग की इस लापरवाही को भी कटघरे में खड़ा किया है।

ग्रामीणों की चेतावनी और मांग

आक्रोशित ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। उनकी मांगें हैं:अवैध रेत खनन पर पूर्ण रोक और दोषी माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई। तेज रफ्तार ट्रैक्टरों और भारी वाहनों पर कड़ाई से नियंत्रण। हादसों में लापरवाही बरतने वाले चालकों के खिलाफ हत्या की धारा में मुकदमा दर्ज कर सजा। स्वास्थ्य विभाग द्वारा समय पर एंबुलेंस और चिकित्सा सुविधा सुनिश्चित करना। पुलिस प्रशासन की जवाबदेही तय करना और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करना। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने जल्द ही इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए, तो वे सड़क जाम और बड़े पैमाने पर प्रदर्शन करेंगे

कायस्थम के अध्यक्ष प्रलय श्रीवास्तव ने कायस्थ समाज बिलासपुर के पदाधिकारियों से भेंट की

बिलासपुर । कायस्थम मध्य प्रदेश के अध्यक्ष प्रलय श्रीवास्तव से आज छत्तीसगढ़ के प्रवास के दौरान कायस्थ समाज बिलासपुर के पदाधिकारियों अध्यक्ष आलोक वर्मा, उपाध्यक्ष प्रदीप वर्मा एवं कोषाध्यक्ष विजय किशोर वर्मा ने मुलाकात की । प्रलय श्रीवास्तव को उन्होंने बिलासपुर कायस्थ समाज की गतिविधियों की जानकारी दी। प्रलय श्रीवास्तव ने भी उन्हें कायस्थम की गतिविधियों से अवगत कराया तथा कायस्थम -2025 के अवसर पर प्रकाशित पत्रिका कायस्थ दर्पण का विशेषांक भेंट की।

शैक्षणिक संस्थानों के समीप मदिरा दुकान के स्थानांतरण की मांग, छात्रों ने उठाई आवाज

रायपुर । छत्तीसगढ़ के कोनी क्षेत्र, जो राज्य का प्रमुख शैक्षणिक केंद्र है, में स्थित विभिन्न शासकीय विश्वविद्यालयों, इंजीनियरिंग कॉलेजों, तकनीकी महाविद्यालयों और निजी विद्यालयों के समीप एक मदिरा दुकान की मौजूदगी ने छात्रों और स्थानीय निवासियों के बीच चिंता का विषय बन गया है। इस क्षेत्र में गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय, अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय, शासकीय इंजीनियरिंग महाविद्यालय जैसे प्रमुख शैक्षणिक संस्थान स्थित हैं, जिन्हें “छात्र केंद्र” के रूप में भी जाना जाता है।  छात्र प्रतिनिधियों ने इस मदिरा दुकान के कारण होने वाली समस्याओं को लेकर एक औपचारिक शिकायत दर्ज की है। उनका कहना है कि दुकान की मौजूदगी से न केवल छात्र नशे की ओर आकर्षित हो रहे हैं, बल्कि इससे उनके आवागमन में भी असुविधा हो रही है। कई छात्रों ने शिकायत की है कि इस दुकान के आसपास का माहौल उनके लिए असुरक्षित और असहज है, जो उनकी पढ़ाई और मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित कर रहा है।  छात्र प्रतिनिधियों ने जिला प्रशासन को पत्र लिखकर मांग की है कि कोनी में स्थित इस मदिरा दुकान को तत्काल किसी अन्य स्थान पर स्थानांतरित किया जाए। उन्होंने कहा, “शैक्षणिक संस्थानों के समीप इस तरह की दुकान का होना न केवल छात्रों के भविष्य के लिए खतरा है, बल्कि यह क्षेत्र के शैक्षणिक वातावरण को भी दूषित कर रहा है।”  स्थानीय निवासियों और छात्र संगठनों ने भी इस मांग का समर्थन किया है। एक छात्र संगठन के प्रतिनिधि ने कहा, “हम चाहते हैं कि प्रशासन इस मुद्दे को गंभीरता से ले और लाखों छात्रों के हित में इस दुकान को स्थानांतरित करे।”  हाल ही में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर भी इस मुद्दे को लेकर चर्चा तेज हुई है, जहां कुछ उपयोगकर्ताओं ने दावा किया कि यह दुकान कथित तौर पर एक राजनीतिक नेता के प्रभाव के कारण संचालित हो रही है। हालांकि, इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

अंतर्राज्यीय बाइक चोर गिरोह का पर्दाफाश, तीन गिरफ्तार, 10 चोरी के वाहन बरामद

गौरेला पेंड्रा मरवाही । गौरेला-पेंड्रा क्षेत्र में लगातार हो रही दोपहिया वाहन चोरी की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक श्री सुरजन राम भगत द्वारा निर्देशित विशेष अभियान के अंतर्गत साइबर सेल और थाना गौरेला की संयुक्त टीम ने बड़ी सफलता हासिल की है। कार्रवाई के दौरान अंतर्राज्यीय बाइक चोर गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है, जिनके कब्जे से कुल 10 चोरी के दोपहिया वाहन बरामद किए गए हैं।

गिरफ्तार किए गए आरोपियों में सूरज चौधरी पिता कमला प्रसाद चौधरी (उम्र 24 वर्ष) एवं सोनू यादव पिता दादूराम यादव (उम्र 23 वर्ष), दोनों निवासी वार्ड क्रमांक 14 व 15 कुदारी, थाना नौरोजाबाद, जिला उमरिया (मध्यप्रदेश) हैं। पूछताछ में दोनों ने गिरोह के मुख्य सरगना मोहम्मद शाहिद उर्फ शाकिर पिता मोहम्मद रहीस (उम्र 21 वर्ष), निवासी वार्ड क्रमांक 9, नौरोजाबाद, जिला उमरिया का नाम बताया। मुख्य आरोपी गिरफ्तारी की सूचना मिलते ही फरार हो गया था।

तीनों आरोपी गौरेला के मड़ना क्षेत्र में किराए के मकान में रहकर वारदातों को अंजाम दे रहे थे। ये रेलवे स्टेशन, मंगली बाजार, बस स्टैंड जैसे स्थानों पर खड़े दोपहिया वाहनों को टारगेट करते थे। मास्टर चाबी को मॉडिफाई कर वाहन लॉक खोलने की तकनीक के जरिए चोरी करते थे। चोरी किए गए वाहनों को फर्जी दस्तावेजों के साथ सस्ते दामों में बेच दिया जाता था।

अब तक आरोपियों के कब्जे से कुल 10 दोपहिया वाहन बरामद किए गए हैं, जिनमें शामिल हैं:

4 Hero HF Deluxe, 2 Hero Splendor, 2 Honda Shine, 1 TVS Apache, 1 TVS Victor

बरामद वाहनों में से 6 वाहन थाना गौरेला में दर्ज चोरी के अपराधों से संबंधित हैं, जबकि 4 अतिरिक्त दोपहिया वाहन भी बरामद किए गए हैं, जिनके मॉडल, रंग, चेसिस नंबर आदि की जानकारी आसपास के सभी थानों के साथ साझा की जा रही है, ताकि उनके मालिकों का पता लगाया जा सके और चोरी के अन्य मामलों से उनकी कड़ियाँ जोड़ी जा सकें।

मुख्य आरोपी मोहम्मद शाहिद उर्फ शाकिर, जो एक मैकेनिक के रूप में कार्य करता है, ने पूछताछ में बताया कि उसने अपने मौसा के साथ काम करते हुए मास्टर चाबी बनाना और ताले खोलने की तकनीक सीखी, जिसका इस्तेमाल वह चोरी में करता था।

मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी और अन्य चोरी के वाहनों की बरामदगी हेतु अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री ओम चंदेल व डीएसपी श्री दीपक मिश्रा के मार्गदर्शन में विशेष टीम गठित कर उमरिया, शहडोल व नौरोजाबाद क्षेत्रों में भेजी गई। यह टीम उप निरीक्षक श्री सुरेश ध्रुव (प्रभारी साइबर सेल) के नेतृत्व में कार्यरत है, जिसमें साइबर सेल के आरक्षक हर्ष गहरवार, राजेश शर्मा,सुरेंद्र विश्वकर्मा एवं थाना गौरेला से सहायक उप निरीक्षक अशोक सोनवानी तथा प्रधान आरक्षक देव नारायण राठौर और जगदीश नामदेव शामिल हैं।

फिलहाल आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।

बगरार में समाधान शिविर: 3550 आवेदनों का निराकरण, 32 हितग्राहियों को मिला योजनाओं का लाभ

गौरेला पेंड्रा मरवाही । सुशासन तिहार के तृतीय चरण में शुक्रवार को जनपद पंचायत मरवाही के कलस्टर ग्राम पंचायत बगरार में समाधान शिविर आयोजित किया गया। विभागीय अधिकारियों द्वारा बगरार कलस्टर में शामिल पंचायतों से प्राप्त कुल 3550 आवेदनों में सभी आवेदनों के निराकरण होने की जानकारी दी गई। इस कलस्टर में 17 ग्राम पंचायत-बगरार, कछार, तेंदुमुड़ा, उषाढ़, बेलझिरिया, बरौर, धुम्माटोला, टिकठी, कटरा, परासी, चंगेरी, धनौरा, मनौरा, चनाडोंगरी, बदरौड़ी, मेंढ़ुका एवं पिपरिया शामिल हैं। शिविर के मुख्य अतिथि मध्यक्षेत्र विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष एवं विधायक प्रणव कुमार मरपची ने अपने संबोधन में कहा कि सरकार द्वारा चुनाव के समय जो बातें जनता के सामने रखा गया था, वह धरातल पर ठीक से हो रहा है कि नहीं यह जानने के लिए सुशासन तिहार का आयोजन किया गया है। समाधान शिविरों में आवेदनों के निराकरण की जानकारी शासन-प्रशासन की उपस्थिति में दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि समाधान शिविर में यदि कोई आवेदक अपनी मांग-शिकायत के निराकरण से संतुष्ट नहीं है, वे मुझ तक अपनी बात रख सकते हैं, उनका आवेदन समाधान होने लायक होगा तो पुनः समाधान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में 3100 रूपए में किसानों से धान खरीदी, धान की बकाया राशि का भुगतान, महिलाओं के खाते में हर महीने महतारी वंदन की राशि, पंचायतों में डिजिटल सेवा केंद्र की स्थापना आदि सरकार का काम सांय-सांय चल रहा है। जिला पंचायत अध्यक्ष सुश्री समीरा पैकरा और सदस्य श्रीमती बुंदकुंवर मास्को ने भी शिविर को संबोधित किया। कलेक्टर  लीना कमलेश मंडावी ने कहा कि सुशासन तिहार का उद्देश्य जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन और हितग्राहीमूलक योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार में जिले में 52 हजार आवेदन मिले हैं, सभी का निराकरण कर आवेदकों को सूचित किया जा रहा है। समाधान शिविरों में आवेदनों के निराकरण की जानकारी के साथ ही विभागीय योजनाओं की जानकारी दी जा रही है। उन्होंने कहा कि आगामी 16 जून से शाला प्रवेश उत्सव मनाएंगे। उन्होंने सभी अभिभावकों से शाला त्यागी बच्चों को स्कूलों में प्रवेश दिलाने के लिए पहल करने और स्कूली बच्चों एवं आंगनबाड़ी केंद्र के बच्चों के जाति प्रमाण पत्र के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान का हिस्सा बनकर शत प्रतिशत बच्चों का जाति प्रमाण पत्र बनवाने कहा। उन्होंने कहा कि जिले में 13 से 18 वर्ष आयु की लगभग 20 हजार किशोरी बालिकाओं की संख्या है। सभी स्वास्थ्य केंद्रों में किशोरी बालिकाओं का निःशुल्क सिकलिंग जांच किया जा रहा है। उन्होंने किशोरी बालिकाओं की सिंकलिंग जांच में ग्रामीणों से सहयोग की अपील की। समाधान शिविर में जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान मद से 9 हितग्राहियों-रामकुमार कैवर्त, एकलव्य कैवर्त, बहादुर सिंह, नरेन्द्र चंद्रा, आदित्य कुमार, मनोज, मानसिंह केंवट, रामदास एवं राजेश मिश्रा को 5-5 हजार रूपए का चेक वितरित किया। इसी तरह शकुन बाई, मानसिंह, विष्णु, रामप्रताप एवं सत्तमलाल को नवीन ऋण पुस्तिका, शोभन, कुंवर सिंह, नागेन्द्र सिंह कंवर, जीवन सिंह श्याम, संजय कुमार बांधव, रवि कुमार, दिनेश सिंह एवं धन सिंह पाव को लर्निंग लायसेंस, पवन सिंह, अमरनाथ, मुकेश तिवारी, मोहनलाल एवं विपिन राय को सब्जी भिंडी किट और ठाकुर सिंह, सम्मेलाल, घूरउ यादव, बूदन बाई एवं धनमतिया को छड़ी वितरित किया गया। साथ ही गर्भवती महिलाओं की गोद भराई और बच्चों का अन्नप्राशन भी कराया गया। शिविर में जिला पंचायत सदस्य राधा रैदास, जनपद अध्यक्ष जानकी कुसरो सहित जनपद पंचायत मरवाही के नवनिर्वाचित सदस्य, वनमंडलाधिकारी ग्रीष्मी चांद, सभी विभागों के अधिकारी-कर्मचारी एवं ग्रामीणजन उपस्थित थे।

सुशासन तिहार : जनसंपर्क विभाग के इवेंट में बच्चों-महिलाओं का उत्साह, योजनाओं की जानकारी के साथ मिले आकर्षक पुरस्कार

गौरेला पेंड्रा मरवाही । सुशासन तिहार के तीसरे चरण में समाधान शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में मनोरंजक गतिविधियों, क्विज-प्रश्नोत्तरी आदि के माध्यम से शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से जनसंपर्क विभाग द्वारा सोमवार को मिशन स्कूल ग्राउंड गौरेला में इवेंट का आयोजन किया गया। इवेंट में बच्चों एवं महिलाओं सहित सभी वर्ग के लोगों ने उत्साह से भाग लिया। मैदान परिसर में डिजनीलैण्ड मेला लगा होने से लोगों की अच्छी खासी भीड़ भी रही। इवेंट में एंकर्स एवं उनकी टीम द्वारा मनोरंजक गीत-संगीत के साथ ही बड़ी साइज के डिस्प्ले स्क्रीन पर्दे पर शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं को प्रदर्शित किया गया। इवेंट में एंकर्स आर जे नमित द्वारा बच्चों एवं महिलाओं की अलग-अलग समूह को मंच पर बुलाकर गीत-संगीत की धुन पर हैंडबाल पासिंग कराया गया और संगीत की धुन बंद होते ही जिनके हाथ में बाल होता था उनसे योजनाओं की जानकारी पूछा गया। इसी तरह योजनाओं पर आधारित क्विज-प्रश्नोत्तरी में सही जवाब मिलने पर एक-एक कर सभी प्रतिभागियों को पुरस्कार के तौर पर डिजनीलैण्ड मेला में झूला एवं फूड वाउचर कूपन के साथ ही आकर्षक उपहार और शासकीय योजनाओं से संबंधित ब्रोसर एवं जनसंपर्क विभाग की पत्रिका जनमन दिया गया। कूपन पाकर प्रतिभागियों को चेहरा खिल उठा। मेला घूमने आई कांति चंद्राकर ने आकर्षित होकर अपनी भांजी एवं ननंद के साथ इवेंट में भाग लिया। योजना के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा कि वैसे तो सरकार ने समाज के सभी वर्ग के लिए कई योजनाएं शुरू किया है, लेकिन उन्हें हर महीने महतारी वंदन की राशि मिल रही है, जिससे वे बहुत खुश हैं। कार्यक्रम में शामिल आरती सोनी ने रियायती दर पर जनऔषधि केंद्र एवं निःशुल्क इलाज की सुविधा मिलने, उन्नति केशरवानी ने स्टार्टअप इंडिया एवं पीएम आवास, सविता गुप्ता ने आजीविका मिशन के तहत रोजगार एवं स्व रोजगार हेतु सहायता राशि, वन धन केंद्र, तेंदुपत्ता संग्रहण का दर बढ़ाने पर शासन की योजना की तारीफ की। मनोरंजक इवेंट में प्रियंका, रोशनी, प्रतिभा सहित कई महिलाओं एवं पुरूषों ने भी भाग लिया और पुरस्कार प्राप्त किया। जिला जनसंपर्क अधिकारी द्वारा इवेंट में शामिल सभी प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया।

छत्तीसगढ़ के अनंत स्वर्णकार ने खेलो इंडिया में जीता स्वर्ण पदक, प्रदेश का नाम रोशन किया

रायपुर । आयोजित 7वें खेलो इंडिया यूथ गेम्स 2025 की कलरिपयट्टु मार्शल आर्ट स्पर्धा में छत्तीसगढ़ के बिलासपुर, टिकरापारा निवासी अनंत स्वर्णकार ने स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया। सतीश स्वर्णकार के सुपुत्र अनंत ने इस प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व करते हुए पहली बार कलरिपयट्टु में स्वर्ण पदक हासिल कर जिला और प्रदेश को गौरवान्वित किया है।
अनंत ने न केवल खेल के मैदान में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया, बल्कि पढ़ाई में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। इस वर्ष उन्होंने कक्षा 10वीं की सीबीएसई परीक्षा में 84 प्रतिशत अंक प्राप्त किए, जो स्वर्णकार परिवार के लिए गर्व का विषय है। खेल और पढ़ाई में संतुलन बनाते हुए अनंत ने अपनी काबिलियत का परिचय दिया है।
अनंत के इस उपलब्धि पर उनके परिवार, समाज और गुरुजनों ने गर्व व्यक्त किया है और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ के लिए एक ऐतिहासिक पल है, क्योंकि पहली बार खेलो इंडिया के मंच पर कलरिपयट्टु में स्वर्ण पदक प्राप्त हुआ है।

 

चुकतीपानी में अचानक पहुंचे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, योजनाओं की जमीनी हकीकत परखी

गौरेला पेंड्रा मरवाही। “सरकार कैसा काम कर रही है, सब ठीक है ना। यही जानने आपके घर आया हूं। आप लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिल रहा है ना, कुछ दिक्कत परेशानी हो तो बताइए। “

ये कहना है मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का जो सुशासन तिहार के दौरान अचानक ही जीपीएम जिले के चुकतीपानी गांव में हेलीकॉप्टर से पहुंचे। हेलीकॉप्टर देखते है बैगा बाहुल्य गांव में लोगों की भीड़ लग गई और अपने बीच में मुख्यमंत्री को देखकर ग्रामीण हैरान रह गए।

बैगा समुदाय के ग्राम प्रमुख ने मुख्यमंत्री को गुलमोहर की माला पहनाकर उनका स्वागत किया और बैगा ग्रामीण रैता बैगा ने तेंदू फल से भरी टोकरी देकर मुख्यमंत्री का गांव में आने के लिए आभार प्रकट किया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने वहां उपस्थित ग्रामीणों से शासकीय योजनाओं के बारे में पूछा। इस दौरान ग्रामीणों की शिकायत पर पीएचई विभाग के सब इंजीनियर को मुख्यमंत्री ने जमकर फटकार भी लगाई। मुख्यमंत्री ने कहा कि या तो काम करो या फिर सस्पेंड होने के लिए तैयार रहो। श्री साय ने इस दौरान पानी टंकी से ओवरफ्लो हो रहे पानी को देखकर पानी की बरबादी करने पर भी नाराजगी जाहिर की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हर गरीब को आवास देने का सरकार अपना सबसे बड़ा वायदा पूरा कर रही है और इसी क्रम में चुकतीपानी में भी 179 पीएम आवास स्वीकृत किए गए हैं। महतारी वंदन योजना के बारे में महिलाओं से पूछने पर उन्होंने बताया कि वो योजना के पैसों से स्व सहायता समूह बनाकर काम कर रही है और घरेलू खाद से सब्जियां उगाकर उसे नजदीक के सभी मंडी में बेचकर आय अर्जित कर रही है। स्थानीय महिलाओं ने वर्मी कम्पोस्ट में उगाई गई लाल भाजी को मुख्यमंत्री को भेंट भी किया।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों की मांग पर चुकतीपानी गांव के मिडिल स्कूल का मरम्मत करने की घोषणा की और साथ ही स्कूल के मैदान को मिनी स्टेडियम के रूप में उन्नयन करने की भी घोषणा की।

ऑपरेशन सिंदूर की जीत का उत्सव: भव्य तिरंगा यात्रा का आयोजन

गौरेला पेंड्रा मरवाही । जिले के नगर पंचायत मरवाही के अंतर्गत ग्राम परासी में पहलगाम आतंकी हमले के विरोध में चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के उपलक्ष्य में एक भव्य तिरंगा यात्रा का आयोजन किया गया। इस यात्रा में ग्राम परासी और आसपास के क्षेत्रों के सैकड़ों लोग शामिल हुए, जिन्होंने देशभक्ति और एकजुटता का संदेश दिया।तिरंगा यात्रा में ग्राम के गणमान्य नागरिकों और स्थानीय नेताओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रमुख रूप से सरपंच शिवप्रसाद अगरिया, उप सरपंच जवाहरलाल केवट, पंच आत्मा सिंह दीक्षित, मुनिंद्र कुमार, तारेंद्र लखन लाल लोनिया, घनश्याम केवट, रामनाथ केवट, संदीप कुमार केवट, स्वामीदीन कमल चौहान, रामखिलावन, शोभा बाई, नारायण प्रसाद, चंपा केवट, आशा नापित, और मोहनी केवट ने इस आयोजन में सक्रिय भूमिका निभाई।यह यात्रा ग्राम परासी से शुरू होकर आसपास के क्षेत्रों में निकाली गई, जिसमें स्थानीय लोगों ने भारतीय सेना के साहस और ऑपरेशन सिंदूर की सफलता की सराहना की। इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने पहलगाम आतंकी हमले में शहीद हुए लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की और आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता का संदेश दिया।