pitambara peeth : नमकं चमकं चैव पौरुषं सूक्तमेव च।नित्यं त्रयं प्रयुञ्जानो ब्रह्मलोके महीयते : आचार्य डॉ. दिनेश

बिलासपुर । pitambara peeth । सरकंडा स्थित श्री पीतांबरा पीठ त्रिदेव मंदिर में सावन महोत्सव धूमधाम के साथ श्रद्धापूर्वक मनाया जा रहा है। इस अवसर पर श्री शारदेश्वर पारदेश्वर महादेव का महारुद्राभिषेकात्मक महायज्ञ चल रहा है, जिसमें विद्वानों द्वारा प्रतिदिन नमक चमक विधि द्वारा पाठ एवं अभिषेक किया जा रहा है।

पीठाधीश्वर आचार्य डॉ. दिनेश  महाराज ने बताया कि रूद्राभिषेक एक धार्मिक अनुष्ठान है, जो शक्तिशाली मंत्रो के उच्चारण द्वारा किया जाता है। और रुद्राभिषेक पूर्ण रुप से भगवान शिव को समर्पित है, क्योंकि सबसे जल्दी प्रसन्न होने वाले देवता भगवान शिव है। रुद्राभिषेक भी भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए ही किया जाता है। और रुद्राभिषेक मे भागवन शिव के रुद्र अवतार की पूजा और अभिषेक किया जाता है।
रुतम्-दु:खम्,द्रावयति-नाशयतीतिरुद्र: अर्थात रुद्र रूप मे विराजमान भगवान शिव हमारे समस्त प्रकार के दु;खो को शीघ्र ही समाप्त कर देते है। रुद्राभिषेक करने से समस्त प्रकार के कष्टो से मुक्ति मिल जाती है।

नमकं चमकं चैव पौरुषं सूक्तमेव च।नित्यं त्रयं प्रयुञ्जानो ब्रह्मलोके महीयते – pitambara peeth पीठाधीश्वर आचार्य डॉ. दिनेश

वायुपुराण के अनुसार जो रुद्राष्टाध्यायी के नमक(पञ्चम अध्याय) और चमक(अष्टम अध्याय)तथा पुरुष सूक्त का प्रतिदिन तीन बार पाठ करता है वह ब्रह्म लोक में प्रतिष्ठा प्राप्त करता है( नमकं चमकं चैव पौरुषं सूक्तमेव च।नित्यं त्रयं प्रयुञ्जानो ब्रह्मलोके महीयते।।)
नमक चमक विधि द्वारा रुद्राभिषेक करने या कराने पर धन, संपत्ति तथा ऐश्वर्या में वृद्धि होती है।जातक को किसी भी प्रकार संकट से मुक्ती मिल जाती है।इसका पाठ करने से अकाल मृत्यु भय का निवारण होता है।आप सभी प्रकार के रोगो से मुक्त हो जाओगे।नमक चमक रुद्राभिषेक के पाठ से वैवाहिक जीवन सुखमय हो जाता है।

इस अवसर पर ब्रह्मचारी मधुसूदन पाण्डेय, पं. चिरंजीवी पाण्डेय, पं. भुवनेश्वर शर्मा, डॉ.अंकिता पाण्डेय, अधिवक्ता अपराजिता पाण्डेय अमिता दीपेश पाण्डेय, चि. केसरी नंदन पाण्डेय, गौरी पाण्डेय, लक्ष्मी देवी पाण्डेय आदि उपस्थित होकर रुद्राभिषेक का लाभ प्राप्त किये।

Fertilizer storage : जिले में पर्याप्त मात्र में उर्वरक का भंडारण 3233 एवं वितरण 2536

गौरेला पेंड्रा मरवाही। Fertilizer storage : खरीफ वर्ष 2025 में जिले में पर्याप्त मात्र में उर्वरक का भंडारण एवं वितरण किया जा रहा है। पीछले वर्ष जिले में 4600 मेट्रिक टन उर्वरक का वितरण किसानों को किया गया था। इस वर्ष अब तक 3233 मैट्रिक टन खाद का भंडारण एवं 2536 मेट्रिक टन उर्वरक का वितरण किसानों को किया जा चुका है। अभी जिले के 13 समितियों में 559 और डबल लॉक मार्कफेड में 698 मेट्रिक टन खाद उपलब्ध है।

Fertilizer storage : जिले में पर्याप्त मात्र में उर्वरक का भंडारण 3233 एवं वितरण 2536

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कलेक्टर  लीना कमलेश मंडावी के निर्देशानुसार खाद्य एवं सहकारिता विभाग के अधिकारियों किसानों से आवश्यकतानुसार खाद का उठाव कराया जा रहा है। उर्वरकों के भंडारण एवं वितरण के साथ-साथ कृषि विभाग द्वारा समय-समय पर निजी एवं सहकारी समितियों में उर्वरकों के गुणवत्ता की परीक्षण के लिए जांच किया जाता है। कृषि विभाग द्वारा अब तक 42 सैंपल लेकर रायपुर स्थित लैब को जांच कराने भेजा जा चुका है।

Theft : मड़ना डिपो इलाके में चोरी के दो मामलों का खुलासा, तीन गिरफ्तार

गौरेला पेंड्रा मरवाही । थाना गौरेला क्षेत्र के मड़ना डिपो इलाके में लगातार हो रही चोरी ( Theft ) की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक सुरजन राम भगत के निर्देशन में त्वरित कार्रवाई की गई। संदेह था कि इन घटनाओं के पीछे एक ही गिरोह सक्रिय है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ओम चंदेल के मार्गदर्शन एवं एसडीओपी गौरेला श्याम सिदार की निगरानी में साइबर सेल की टीम को तकनीकी विश्लेषण और सूचना संकलन के लिए लगाया गया। साइबर सेल द्वारा सीसीटीवी कैमरों की फुटेज, तकनीकी इनपुट एवं मुखबिर तंत्र के माध्यम से आरोपियों की पतासाजी कर उन्हें चिन्हित किया गया और गिरफ्तार किया गया।

पुलिस द्वारा की गई जांच में दो अलग-अलग प्रकरणों का खुलासा हुआ। पहला मामला अपराध क्रमांक 188/25, धारा 331(4), 305 बीएनएस, दिनांक 5-6 जुलाई 2025 की दरम्यानी रात प्रार्थी फजल इलाही के घर मरना डिपो में हुई चोरी से संबंधित है, जिसमें सोना-चांदी, नगदी सहित कुल ₹2,20,000 की चोरी की गई थी। दूसरा मामला अपराध क्रमांक 109/25, धारा 331(4), 305 बीएनएस, दिनांक 5-6 मई 2025 की रात मड़ना डिपो क्षेत्र में हुई चोरी से जुड़ा है। इन दोनों मामलों में पुलिस ने नवीन जायसवाल पिता राजेश जायसवाल उम्र 22 वर्ष निवासी मड़ना डिपो, दुर्गेश रजक पिता दशरथ रजक उम्र 19 वर्ष निवासी कल्लू मोहल्ला गौरेला तथा एक विधि से संघर्षरत बालक को गिरफ्तार किया है।
Theft : मड़ना डिपो इलाके में चोरी के दो मामलों का खुलासा, तीन गिरफ्तार

जांच के दौरान आरोपी नवीन जायसवाल के कब्जे से चोरी गए सोने के आभूषण, दो नग मोबाइल फोन एवं दो नग डीवीआर जब्त किए गए। आरोपी दुर्गेश रजक से ₹1000 नकद तथा चोरी की राशि से खरीदा गया एप्पल कंपनी का मोबाइल फोन बरामद किया गया। वहीं विधि से संघर्षरत बालक के कब्जे से चोरी गए सोने के आभूषण एवं मोबाइल फोन जब्त किए गए। आरोपियों से कुल बरामदगी में सोना-चांदी, विभिन्न कंपनियों के मोबाइल फोन, डीवीआर तथा नगद मिलाकर कुल अनुमानित जुमला मूल्य लगभग ₹4,00,000 आंका गया है।

इस सफल कार्रवाई में साइबर सेल प्रभारी उप निरीक्षक सुरेश ध्रुव, प्रधान आरक्षक रवि त्रिपाठी, आरक्षक चौपाल कश्यप, राजेश शर्मा एवं इंद्रपाल आर्मो की महत्वपूर्ण भूमिका रही। साथ ही थाना गौरेला प्रभारी अंजना केरकेट्टा एवं उप निरीक्षक रामनिवास राठौर ने भी पूरी टीम के साथ समन्वय बनाकर प्रकरण के खुलासे और विवेचना में अहम योगदान दिया। प्रकरण में अग्रिम विवेचना जारी है ।

Swadeshi Jagaran Manch : देशी उत्पादों को बढ़ावा देने 1991 से आर्थिक क्षेत्र में कार्य कर रही

Swadeshi Jagaran Manch : का 12 जुलाई से कार्यशाला और विचार वर्ग

बिलासपुर । राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के अनुसांगिक संगठन स्वदेशी जागरण मंच और स्वालंबी भारत अभियान के तत्त्वाधान में युवा स्वालंबन की दृष्टि से दो दिवसीय विचार वर्ग और कार्यशाला 12 और 13 जुलाई से तिफरा स्थित झूलेलाल मंगलम भवन में आयोजित की जाएगी स्वदेशी जागरण मंच में बिलासपुर संभाग के संयोजक डॉ सुशील श्रीवास्तव ने बताया कि स्वदेशी जागरण मंच देशी उत्पादों को बढ़ावा देने 1991 से आर्थिक क्षेत्र में कार्य कर रही है और वर्तमान में स्वालंबी भारत अभियान रोजगार और स्वरोजगार की दिशा में पूरे भारतवर्ष में कार्य कर रही है

Swadeshi Jagaran Manch : देशी उत्पादों को बढ़ावा देने 1991 से आर्थिक क्षेत्र में कार्य कर रही

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इस कार्य को गति देने के उद्देश्य से विश्व वर्ग लगाया जा रहा है जिसमें प्रांत संयोजक जगदीश पटेल, जिला संयोजक नारायण गिरी गोस्वामी सहित मंच के जिला संयोजक,सह संयोजन,जिला समन्वयक,सह समन्वयक, महिला कार्य प्रमुख, स्वालंबन कार्य प्रमुख, स्वालंबन केंद्र प्रमुख, युवा आयाम, स्वदेशी मेला टीम और संघ के अनुसांगिक संगठन के कार्यकर्ता शामिल होंगे उक्त जानकारी मीडिया इंचार्ज प्रणव शर्मा समदरिया ने दी

Shri Pitambara Peeth : रुद्र अर्थात भूतभावन शिव का अभिषेक, शिव और रुद्र परस्पर एक-दूसरे के पर्यायवाची

Shri Pitambara Peeth : पीठाधीश्वर आचार्य डॉ. दिनेश महाराज ने बताया कि रुद्र अर्थात भूतभावन शिव का अभिषेक। शिव और रुद्र परस्पर एक-दूसरे के पर्यायवाची

बिलासपुर । श्री पीतांबरा पीठ त्रिदेव मंदिर सुभाष चौक सरकंडा स्थित श्री शारदेश्वर पारदेश्वर महादेव जीव का महा रुद्राभिषेक नमक चमक विधि द्वारा किया गया, इस अवसर पर प्रतिदिन चार पाठ नमक चमक द्वारा भगवान भोलेनाथ का रुद्राभिषेक प्रातः 9:00 बजे से प्रारंभ होकर दोपहर 1:00 तक चलेगा तत्पश्चात का महाआरती किया जाएगा।सावन के पावन पर्व पर प्रथम दिन भारी मात्रा में श्रद्धालुओं द्वारा जलाभिषेक किया गया। साथ ही नमक चमक विधि द्वारा रुद्राभिषेक में हर्षवर्धन अग्रवाल अधिवक्ता छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट, अदिति अग्रवाल उपस्थित हो महादेव का रुद्राभिषेक किये।

श्री पीतांबरा पीठ में आयोजित गुरु पूर्णिमा महोत्सव में यशवंत शर्मा, प्रिया शर्मा, महिमा जाधव,  संतोष गुप्ता,  संगीता गुप्ता, छाया सिंह, सुपर्णा सिंह आदि श्रद्धालुगणों द्वारा गुरु पूजन किया गया।

Shri Pitambara Peeth : रुद्र अर्थात भूतभावन शिव का अभिषेक, शिव और रुद्र परस्पर एक-दूसरे के पर्यायवाची

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पीठाधीश्वर आचार्य डॉ. दिनेश जी महाराज ने बताया कि रुद्र अर्थात भूतभावन शिव का अभिषेक। शिव और रुद्र परस्पर एक-दूसरे के पर्यायवाची हैं। शिव को ही ‘रुद्र’ कहा जाता है, क्योंकि रुतम्-दु:खम्,द्रावयति-नाशयतीतिरुद्र: यानी कि भोले सभी दु:खों को नष्ट कर देते हैं। हमारे द्वारा किए गए पाप ही हमारे दु:खों के कारण हैं। रुद्रार्चन और रुद्राभिषेक से हमारी कुंडली से पातक कर्म एवं महापातक भी जलकर भस्म हो जाते हैं और साधक में शिवत्व का उदय होता है तथा भगवान शिव का शुभाशीर्वाद भक्त को प्राप्त होता है और उनके सभी मनोरथ पूर्ण होते हैं। ऐसा कहा जाता है कि एकमात्र सदाशिव रुद्र के पूजन से सभी देवताओं की पूजा स्वत: हो जाती है।

साथ ही पीठाधीश्वर ने कहा प्रत्येक श्रद्धालु को पूजा के दौरान अपनी पहनावें का भी विशेष ध्यान देना चाहिए सदैव पूजा भारतीय परिधान में ही किया जाना चाहिए जैसे माताएं साड़ी एवं पुरुष धोती।

opinion : भाषा की लड़ाई, राजनीति के मोहरे बनी भाषाएँ

Opinion : भारत विविधताओं का देश है, धर्म, जाति, संस्कृति और विशेषकर भाषा के क्षेत्र में इसकी विशिष्ट पहचान है। संविधान के अनुसार, भारत एक बहुभाषी राष्ट्र है, जहाँ 22 भाषाओं को सविधान की अनुसूची सूची में शामिल किया गया है और सैकड़ों बोलियों प्रचलन में हैं, परंतु समय-समय पर भाषा को लेकर उपजने वाले विवाद यह प्रश्न खड़ा करते हैं कि ये विवाद संविधान से उपजे हैं या किसी राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित है?

भाषा के विषय में संवैधानिक प्रावधान क्या है?

भारतीय संविधान के अनुच्छेद 343 से 351 तक भाषा संबंधी विस्तृत प्रावधान किए गए हैं। अनुच्छेद 343 में स्पष्ट किया गया है कि संघ की राजभाषा हिंदी तथा लिपि देवनागरी होगी, लेकिन साथ ही अंग्रेजी के प्रयोग को भी एक निश्चित समय तक अनुमति दी गई। इसके अलावा राज्य अपनी-अपनी क्षेत्रीय भाषाओं को राजभाषा के रूप में अपनाने के लिए स्वतंत्र हैं। यहीं अनुच्छेद 350A और 351 में अल्पसंख्यक भाषाओं की सुरक्षा और प्रचार-प्रसार की भी व्यवस्था की गई है। इसके बावजूद कई बार केंद्र और राज्यों के बीच भाषा को लेकर टकराव की स्थिति उत्पन्न हो जाती है।

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देखा जाए तो हाल के वर्षों में महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु और असम जैसे राज्यों में भाषा को लेकर हुए आंदोलनों और बयानों ने यह संकेत दिया है कि भाषा केवल संवेदनशील सांस्कृतिक विषय ही नहीं, बल्कि राजनीति का शाक्तिशाली औजार भी बन चुकी है। महाराष्ट्र में मराठी भाषा के वर्चस्व को लेकर गैर-मराठी लोगों के विरूद्ध आदोलन, तमिलनाडु में हिंदी थोपने का विरोध, असम में बंगाली भाषा को लेकर असतोष, ये सब घटनाएं संकेत करती हैं कि राजनीति किस तरह भाषा को पहचान की लड़ाई में बदल देती है।

सुप्रीम कोर्ट और विभिन्न उच्च न्यायालयों ने कई बार स्पष्ट किया है कि कोई भी भाषा राष्ट्र या राज्य की पहचान का अपमान नहीं कर सकती और सरकारों को भाषाई अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा करनी चाहिए। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में मातृभाषा को बढ़ावा देना संविधान की भावना के अनुरूप है परंतु किसी एक भाषा को जबरन थोपना उचित नहीं है।

भाषाएं संवाद का माध्यम हैं, उन्हें विवाद का हथियार बनाने का परिणाम कभी सकारात्मक नहीं हो सकते। फिलहाल महाराष्ट्र में हो रहे भाषाई विवाद के पीछे राजनीतिक कारण ही समझ आते हैं। भाषा का विवाद तब तक संवैधानिक बहस का विषय रहता है जब तक वह संविधान की सीमाओं और जनहित तक सीमित हो। लेकिन जब भाषा को राजनीतिक स्वार्थ, वोट बैंक या क्षेत्रीय प्रभुत्व के हथियार के रूप में इस्तेमाल किया जाता है, तब वह विवाद खतरनाक दिशा में बढ़ जाता है।

भारत की शक्ति उसकी ‘एकता में विविधता में है। भाषाओं को विभाजन का कारण नहीं बल्कि संवाद और संस्कृति का सेतु बनाया जाना चाहिए। यह तभी संभव है जब भाषा पर संवैधानिक दृष्टिकोण के साथ-साथ राजनैतिक परिपक्वता भी अपनाई जाए।

– रत्ना श्रीवास्तव

रिसर्च स्कॉलर (लॉ)

jayanti samaroh : सतनाम बाड़ा विद्याडीह में ध्वजारोहण कर गुरु अमर दास जयंती मनाई गई

jayanti samaroh : महिला समूहों के द्वारा आषाढ़ पूर्णिमा को गुरु अमर दास  कि जन्म जयंती समारोह आयोजित किया गया । इस अवसर पर एक नवाचार को जन्म दिया गया

बिलासपुर । सतनाम बाड़ा विद्याडीह के समर्पित और कर्मठ सेवादारों और समाज के महिला समूहों के द्वारा आषाढ़ पूर्णिमा को गुरु अमर दास  कि जन्म जयंती समारोह आयोजित किया गया । इस अवसर पर एक नवाचार को जन्म दिया गया ध्वजारोहण केवल दिसंबर माह में होने की धारणा को खत्म कर सर्वप्रथम ध्वजारोहण एवं दीप प्रज्ज्वलित कर गुरु पूर्णिमा के अवसर पर उपस्थित मुख्य अतिथि महंत दिनेश लहरे विस्तृत प्रबोधन कर समाज में व्याप्त आडंबर, पाखंड और अंधविश्वास को दूर करने और गुरु घासीदास के वैज्ञानिक दृष्टिकोण आधारित शिक्षा पर जोर देते हुए समाज के लोगों से कहा कि वे किसी भी तरीके से आज के डिजिटल युग में प्रसारित विकृत सूचनाओं का बिना चिंतन- मनन अर्थात् बिना सोंचे समझे ना माने और ना ही आचरण में उतारे तथा उन्होंने यह भी जोर देते हुए कहा कि आज 21वीं शदी में भारत की ओर पूरा विश्व देख रहा है जो गुरु घासीदास के *”मनखे मनखे एक बरोबर”* एवं प्रकृति नियमानरुप जीवन जीने की विचारधारा को अपनाने के लिए तैयार है । विशिष्ट अतिथियों के क्रम में मालिकराम घृतलहरे और जेठूराम घृतलहरे ने गुरु अमरदास  के बारे में अलग-अलग विचार बिंदुओं पर अपना प्रबोधन किये । समाज आज कैसे अनेकानेक विषयों को समझबूझकर सशक्त तथा मजबूत बने इस दिशा में इन वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ताओं ने लोगों का ध्यान आकर्षित किये । अन्य वक्ताओं में सौखीलाल चेलके, चौवन गेंदले , जनक राम ,पंडित खेमन खूँटे इन्होंने गुरु घासीदास के बड़े पुत्र गुरु अमरदास के रास्ते पर चलने एवं इस गुरु पर्व को जन–जन तक पहुंचाने का बीड़ा उठाने का संकल्प लिए । सभी वक्ताओं ने संयुक्त रूप से इन बातों पर जोर दिया कि गुरु घासीदास के बड़े पुत्र गुरू अमर दास उस समय समाज में व्याप्त रूढ़िवादी विचारधारा ,अंधविश्वास ,पाखंड को गुरु घासीदास के साथ कम उम्र में समझकर व्यापक प्रबोधन का जिम्मा उठकर चलना प्रारंभ किये । ये अलग बात है कि नियति को कुछ और ही मंजूर था वे हमारे बीच से बहुत ही कम उम्र में विदा हो गए जिसके कारण समाज के प्रबुद्धजनों को उनकी भूमिका के संबंध में विषेश जानकारी नहीं है अथवा वे जानने का उचित प्रयास भी नहीं किये । समय कभी अनुकूल तो कभी प्रतिकूल होती है और ना ही उसकी हमें चिंता करना चाहिए । बल्कि अविलंब हमें अपने महामानवों के बेहतर समाज निर्माण के लिये किये गए कार्यों एवं सिद्धांतों को जानना समझना और समझाना ही होगा । अन्त में जो परंपरागत रूप से चली आ रही धारणायें हैं उन्हें विवेकशीलता और नैतिकता के पैमाने पर खरा ना उतरे तो त्याग देने की सामूहिक सहमती बनी।हमारे बीच से ओजस्वी युवा चंद्रिका घृलहरे जी ने मंच संचालन का जिम्मा लिया इन्होंने बहुत ही ओजपूर्ण कहावतों और महापुरुषों के विचारों एवं संघर्षों से उद्घृत कथनों द्वारा सभा में उपस्थित बच्चे,बुजुर्गों तथा युवावों का ध्यान आकर्षित करते हुए सफल कार्यक्रम आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाया ।

इतिहास छिपाये नहीं छिपता और नये इतिहास बनने में प्रेरणा स्रोत बनता है। यह प्रथम बार ऐसा कार्यक्रम है जब कृतज्ञ समाज ने गुरु अमरदास जी को याद करते हुए इस ऐतिहासिक कार्यक्रम को सम्पन्न किया । जिससे आज प्रत्येक सतनाम विचारधारा को मानने वाले लोगों के घर-घर में इस विचारधारा को अपनाने और पहुँचाने के लिए लोक संकल्पित हुए ।

महिलाओं ने बड़े ही हर्षोल्लाश के साथ इस कार्यक्रम में भाग लेकर प्रबोधन में अपनी कामरता को स्वीकारते हुए निकट भविष्य में जो उनकी भूमिका बेहतर समाज निर्माण में हो सकती है उसके लिए संकल्पित हुए तथा माता सहोद्रा द्वारा कृत कार्यों को आने वाले समय में इस क्षेत्र से आगे ले जाने और शिक्षा के महत्ता को सर्वोपरि मानकर उसके बेहतरी हेतू प्रतिबद्धता जाहीर किये । युवाओं में विशेष तौर पर यह बात उजागर हुआ कि वे गुरु अमर दास को कम उम्र में अपने बीच से चले जाने को बहुत बड़ी क्षति के रूप में स्वीकार किये ।

jayanti samaroh : सतनाम बाड़ा विद्याडीह में ध्वजारोहण कर गुरु अमर दास जयंती मनाई गई

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सतनाम बाड़ा के संचालक गुरु बसंत जांगड़े  ने लोगों को “शब्द,स्पर्श, रूप, रस ,गंधा । ये पाँच बनाये ज्ञानी और अन्धा । कहते हुए ये किस तरह से मानव मन को प्रभावित करते हैं तथा सकारात्मक , नकारात्मक और सृजनात्मकता की ओर लेकर जाती है इन बातों पर जोर देते हुए उन्होंने कार्यक्रम को सफल बनाने में प्रत्येक के योगदान हेतू जगजीवन घृतलहरे डॉ जीवल लाल घृतलहरे सुंदरलाल अशोक जांगड़े मनोज कुर्रे राजू कौशल साधराम कौशल रामाधार कौशल रवि शांडिल्य अजय कुर्रे अनिल जांगड़े हुलास गेंदले दिलमोहन मनोज महिलागे जी व अन्य बहुत से लोगों का आभार व्यक्त किये तथा भोजन के लिए आमंत्रित किये ।

महिलाएँ और युवकों ने मिलकर भोजन व खीर वितरण का जिम्मा उठाये ।

Tree planting :बच्चों ने दादा-दादी के साथ पौधरोपण कर सीखा पर्यावरण संतुलन का पाठ

Tree planting: मासिक पालक बैठक में माता-पिता ही शामिल होते हैं। प्राचार्या ने दादा-दादी को यह सम्मान देकर एक नई पहल की और बच्चों साथ वृक्षारोपण भी कराया

बिलासपुर। युगाब्द 5127 श्रावण मास के शुभारंभ प्रतिपदा पर द रिपब्लिक ऑफ किड्स स्कूल की प्राचार्य ज्योति यादव, एडमिन हेड अनिता व क्लास टीचर आंचल के प्रयास से आज प्ले कक्षा के बच्चें अपने दादा-दादी के साथ पौधरोपण कर पर्यावरण के संतुलन की सीख ली। स्कूल प्रबंधन द्वारा बुजुर्गों के बीच कुर्सी दौड़, पासिंग द पिलो आदि अनेकों मनोरंजक गेम्स कराए गए।

Tree planting :बच्चों ने दादा-दादी के साथ पौधरोपण कर सीखा पर्यावरण संतुलन का पाठ

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बैंकर्स क्लब बिलासपुर के समन्वयक ललित अग्रवाल अपने पौत्र कृष्ण गर्ग के साथ पौधरोपण में हिस्सा लेते हुए प्रधानमंत्री  महत्वकांक्षी योजना ‘एक वृक्ष माँ के नाम‘ की दिशा में पहला कदम बताते हुये स्कूल प्रबंधन, समस्त शिक्षिकाओं व स्टॉफ सदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए बताया कि सामान्यतः बच्चों की मासिक पालक बैठक में माता-पिता ही शामिल होते हैं। प्राचार्या ने दादा-दादी को यह सम्मान देकर एक नई पहल की हैं।

Gpm कलेक्टर मंडावी ने स्कूल आंगनबाड़ी एवं छात्रावास का निरीक्षण किया

Gpm कलेक्टर ने बिस्कुट,चॉकलेट खिलाकर बच्चों का मनोबल बढ़ाया

गौरेला पेंड्रा मरवाही (Gpm)। कलेक्टर श्रीमती लीना कमलेश मंडावी ने बैगा परिवारों से मिलने के बाद स्कूल, आंगनबाड़ी एवं छात्रावास का भी निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने प्रायमरी स्कूल छिरहिट्टी एवं साल्हेघोरी में बच्चों की कुल दर्ज संख्या तथा शिक्षकों एवं बच्चों की उपस्थिति, गणवेश एवं पाठ्य पुस्तक वितरण, मध्यान्ह भोजन एवं अध्ययन-अध्यापन के बारे में जानकारी ली और बच्चों का बेहतर ज्ञानवर्द्धन करने शिक्षकों को निर्देश दिए। उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्र छिरहिट्टी एवं बेंदरापानी का निरीक्षण कर बच्चों की उपस्थिति, उनका पोषण स्तर और आंगनबाड़ी में कराए जाने वाली गतिविधियों का अवलोकन किया। उन्होंने बच्चों को केला, बिस्कुट, चाकलेट खिलाकर उनका मनोबल भी बढ़ाया।

Gpm कलेक्टर मंडावी ने स्कूल आंगनबाड़ी एवं छात्रावास का निरीक्षण किया

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कलेक्टर ने 50 सीटर आदिवासी बालक छात्रावास अंधियारखोह में बच्चों के शयन कक्ष, भोजन कक्ष, परिसर में साफ-सफाई आदि का अवलोकन किया। निरीक्षण के दौरान महिला एवं बाल विकास अधिकारी अमित सिन्हा, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास गोपेश मनहर सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

GPM : कलेक्टर ने बैगा परिवारों की मांग एवं समस्याओं के समाधान के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए

गौरेला पेंड्रा मरवाही (GPM )। कलेक्टर लीना कमलेश मंडावी ने गौरेला विकासखण्ड के ग्राम पंचायत साल्हेघोरी के दूरांचल क्षेत्र के बैगा बसाहट छिरहिट्टी में चौपाल लगाकर बैगा परिवारों की समस्याएं सुनी और उनकी मांगों एवं समस्याओं के समाधान के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए। चौपाल में सभी विभागों के जिला अधिकारी उपस्थित थे। उन्होंने बैगा परिवारों से पीएम जनमन योजना एवं आकांक्षी ब्लॉक के तहत सभी विभागों की योजनाओं यथा-महतारी वंदन, राशन, पेंशन, आवास, वन अधिकार पत्र, आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड, जाति प्रमाण पत्र, पेयजल, सड़क संपर्क आदि का लाभ मिलने तथा फौती, बटवारा, नामांतरण आदि जमीन से संबंधित किसी तरह की समस्या तो नहीं है के बारे में पूछताछ की। चौपाल में मुन्ना, बृजलाल एवं देवसिंह बैगा ने भाई बटवारा के बाद सभी का अलग-अलग पट्टे की मांग की। इसी तरह अन्य लोगों द्वारा पट्टा नवीनीकरण, वन अधिकार पत्र, पेयजल, नया शाला भवन एवं मोबाइल टॉवर की मांग की गई।

GPM : कलेक्टर ने बैगा परिवारों की मांग एवं समस्याओं के समाधान के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए

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कलेक्टर ने बैगा परिवारों की मांग एवं समस्याओं के समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही निर्देश दिए। उन्होंने पेयजल के लिए पानी टंकी से पंप लगाकर पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करने कार्यपालन अभियंता लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी को निर्देश दिए। उन्होंने मिडिल स्कूल छिरहिट्टी का अवलोकन करने के बाद मरम्मत कराने के लिए जनपद सीईओ को निर्देश दिए। इसके साथ ही बैगा बसाहट छिन्दपानी में नया मिडिल स्कूल भवन एवं बेंदरापानी में नया आंगनबाड़ी भवन स्वीकृत करने जिला पंचायत सीईओ को निर्देश दिए। उन्होंने आजीविका संवर्धन के तहत सभी बैगा परिवारों को महुआ, चार एवं बांस के पौधे वितरित करने वन विभाग को निर्देश दिए।
कलेक्टर ने सभी बैगा परिवारों से 3 से 6 साल के बच्चों को आंगनबाड़ी और 6 साल से उपर के बच्चों को अनिवार्य रूप से स्कूल भेजने कहा। उन्होंने कहा कि हम सभी तरह की सुविधाएं दे रहे हैं। स्कूलों में जितने भी बच्चे दर्ज हैं, सभी की उपस्थिति प्रतिदिन होनी चाहिए। किसी भी बच्चे को बीच में पढ़ाई नहीं छोड़ना है। चौपाल में स्वास्थ्य शिविर लगाकर बैगा परिवारों का बीपी, शुगर, एचबी जांच किया गया तथा आवश्यकतानुसार दवाई वितरित किया गया। इस अवसर पर सरपंच साल्हेघोरी चंद्रावती बैगा, गांव का मुखिया रामसिंह बैगा, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सुरेन्द्र प्रसाद वैद्य, तहसीलदार शेषनारायण जायसवाल, सीएमएचओ डॉ. रामेश्वर शर्मा, जनपद सीईओ शुभा दामोदर मिश्रा सहित सभी विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।