Pitambara Peeth : श्रावण मास के अंतिम मंगलवार को मंगला गौरी व्रत से मिलती है माता पार्वती की कृपा

बिलासपुर। Pitambara Peeth : पीताम्बरा पीठ त्रिदेव मंदिर में सावन महोत्सव श्रावण मास मे महारुद्राभिषेकात्मक महायज्ञ नमक चमक विधि द्वारा निरंतर किया जा रहा हैं।11 जुलाई 2025 से आरंभ सावन के अवसर पर त्रिदेव मंदिर में महारुद्राभिषेकात्मक महायज्ञ का आयोजन किया जा रहा हैं। यह आयोजन 9 अगस्त सावन शुक्ल पूर्णिमा तक निरंतर चलेगा। इस अवसर पर नित्य प्रतिदिन प्रातः 9:00 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक श्री शारदेश्वर पारदेश्वर महादेव का महारुद्राभिषेक नमक चमक विधि से किया जा रहा है। इसी कड़ी पर सावन मास का अंतिम सोमवार धूमधाम से मनाया गया।

पीतांबरा पीठाधीश्वर आचार्य डॉ. दिनेश जी महाराज ने कहा कि सावन में केवल सोमवार का ही नहीं बल्कि मंगलवार के दिन का भी विशेष महत्व है। सावन मास के हर मंगलवार को मंगला गौरी का व्रत किया जाता है। मंगला गौरी व्रत विशेष रूप से विवाहित स्त्रियों द्वारा सौभाग्य (सुपतित्व), पति की दीर्घायु और गृह-सुख की वृद्धि के लिए किया जाता है, वहीं कुंवारी कन्याएं मनवांछित वर प्राप्त करने के लिए यह व्रत करती हैं,शास्त्रों और पुराणों में इसका विशेष महत्व बताया गया है,मंगला गौरी का व्रत करने से सभी दुख व कष्ट दूर होते हैं और मां गौरी की कृपा से परिवार में सुख-शांति और समृद्धि बनी रहती है,मंगला गौरी व्रत माता पार्वती (मां गौरी) को समर्पित होता है और मुख्य रूप से वैवाहिक जीवन की सुख-शांति, समृद्धि और पति की लंबी आयु के लिए किया जाता है।इस व्रत को करने से मां गौरी का आशीर्वाद प्राप्त होता है, जिससे वैवाहिक जीवन में प्रेम, विश्वास और आनंद बना रहता है. साथ ही घर में सुख-शांति, ऐश्वर्य और संतान की प्राप्ति का योग भी बनता है। वहीं कुंवारी कन्याओं के लिए जल्द विवाह के योग भी बनते हैं।
विवाह के लिए मंगला गौरी व्रत मां गौरी (पार्वती) को अखंड सौभाग्य की देवी कहा गया है और उन्होंने स्वयं भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए कठोर तप किया था,यही कारण है कि विवाह की इच्छुक कन्याएं मां गौरी का व्रत करती हैं।सावन के हर मंगलवार को यह व्रत रखा जाता है,अविवाहित कन्याएं अच्छे वर की प्राप्ति और शीघ्र विवाह के लिए इस व्रत को करती हैं, ऐसा माना जाता है कि यदि श्रद्धा से यह व्रत रखा जाए, तो मां गौरी गुणवान, स्थिर और सच्चे जीवनसाथी का वरदान देती हैं।

इसी कड़ी में शारदेश्वर पारदेश्वर महादेव के महारुद्राभिषेक में देवेंद्र मिश्रा आराधना मिश्रा रुद्राक्ष मिश्रा उपस्थित हो पूजन कर पुण्य लाभ प्राप्त किए।

control of stray animals : सडक़ों पर छोड़े गए पशुओं के मालिकों पर होगी एफआईआर : कलेक्टर

बिलासपुर। control of stray animals : शहर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में मुख्य मार्ग एवं सडक़ों पर घूमते आवारा पशुओं के कारण हो रही दुर्घटनाओं में जन और पशुधन की हानि को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर संजय अग्रवाल ने आज मंथन सभाकक्ष में बैठक ली। बैठक में नगर निगम, पशु चिकित्सा विभाग, पुलिस और पंचायत प्रशासन के अधिकारियों को आवारा पशुओं पर प्रभावी नियंत्रण हेतु आवश्यक निर्देश दिए गए।

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मंथन में आयोजित बैठक में कलेक्टर संजय अग्रवाल ने कहा कि जिले में आवारा पशुओं के कारण आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं, जिससे आम नागरिकों की जान के साथ पशुधन की भी हानि हो रही है, यह चिंताजनक स्थिति है उन्होंने कहा कि यदि पशु मालिक अपने पशुओं का उचित प्रबंधन करें और उन्हें सडक़ों पर छोडऩे से परहेज करें, तो इस समस्या से काफी हद तक निपटा जा सकता है अन्यथा पशु मालिकों पर एफआईआर दर्ज की जाएगी। कलेक्टर ने बैठक में निर्देश दिए कि सडक़ों और मुख्य मार्गों पर घूमते पशुओं के मामलों में अब संबंधित पशु मालिकों पर पशु क्रूरता अधिनियम के अंतर्गत कार्यवाही की जाएगी। इसके लिए नगर निगम के सभी जोन कार्यालय, नगर पालिकाएं और पशु चिकित्सा विभाग की संयुक्त टीमें गठित की गई है, जो चिन्हित क्षेत्रों में नियमित रूप से भ्रमण कर कार्रवाई करेंगे। बैठक में उपस्थित पुलिस विभाग के उप पुलिस अधीक्षक राजेंद्र जायसवाल एवं श्रीमती अर्चना झा ने पशु क्रूरता अधिनियम की धाराओं और एफआईआर दर्ज कराने की प्रक्रिया की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सार्वजनिक स्थानों पर पशु छोडऩा एक दंडनीय अपराध है, जिसके लिए पशु मालिक के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

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बैठक में नगर निगम आयुक्त  अमित कुमार और जिला पंचायत सीईओ  संदीप अग्रवाल ने भी आवारा पशुओं के प्रबंधन के लिए कुछ व्यावहारिक सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक जोन में एक समर्पित निगरानी टीम के जरिए सुबह-शाम निरीक्षण कर पशुओं की पहचान कर उनके मालिकों तक पहुंचे और उन्हें समझाइश दी जाए और कार्यवाही के विषय में भी बताया जाए।
कलेक्टर  अग्रवाल ने कहा कि प्रशासनिक कार्रवाई के साथ-साथ आम नागरिकों को भी जागरूक करना आवश्यक है। इसके लिए सार्वजनिक स्थलों, चौक-चौराहों और पंचायत स्तर पर प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि पशु मालिक स्वयं अपनी जिम्मेदारी समझें और पशुओं को खुला न छोड़ें।

TL Meeting : सभी कार्यालयों में ई-ऑफिस लागू करना अनिवार्य : कलेक्टर संजय

बिलासपुर। TL Meeting कलेक्टर संजय अग्रवाल ने टीएल बैठक में राज्य शासन की फ्लैगशीप योजनाओं की समीक्षा की। बैठक में ई-ऑफिस, अटल मॉनिटरिंग ऐप, जनदर्शन, राज्य स्थापना की रजत जयंती वर्ष, स्वतंत्रता दिवस की तैयारी, खाद-बीज की समीक्षा, हर घर तिरंगा अभियान सहित अन्य महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा की गई। कलेक्टर ने अधिकारियों को अपने-अपने कार्यालय में ई-ऑफिस योजना में एक सप्ताह के भीतर प्रगति लाने कहा है। बैठक में नगर निगम कमिश्नर अमित कुमार, सीईओ जिला पंचायत संदीप अग्रवाल, एडीएम शिवकुमार बनर्जी सहित सभी एसडीएम एवं विभागीय अधिकारी मौजूद थे।

जिला कार्यालय के मंथन सभाकक्ष में आयोजित बैठक में कलेक्टर ने कहा कि राज्य शासन की मंशानुरूप ई-ऑफिस योजना का शत प्रतिशत क्रियान्वयन किया जाना है। योजना के तहत फाईलें कागजी दस्तावेज के रूप में नहीं बल्कि पेपरलेस फॉर्म में डिजीटली अधिकारियों एवं कलेक्टर के समक्ष प्रस्तुत की जाएगी। उन्होंने कहा कि हर ऑफिस को ई-फाईल पर काम करना होगा। इसे हम कभी भी ऑनलाईन मोड में देख सकते है। उन्होंने एक सप्ताह के भीतर इसमें प्रगति लाने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने नगर निकाय के सीएमओ को निर्देश दिए कि उनके निकायों में पेयजल, साफ सफाई की अच्छी व्यवस्था होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी सीएमओ यह सुनिश्चित करेंगे की प्रापर्टी टैक्स शत प्रतिश लिया जाए। कलेक्टर ने पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों को निर्देश दिए कि सडक़ों की मॉनिटरिंग करते हुए जहां-जहां सडक़ खराब है उसकी रिपोर्ट प्रस्तुत करें। उन्होंने कहा कि लोगों को किसी भी प्रकार की तकलीफ नहीं होनी चाहिए।
कलेक्टर ने जनदर्शन और समय सीमा के पत्रों को प्राथमिकता से निराकृत करने कहा। उन्होंने कहा कि जनदर्शन लोगों की अपेक्षाओं का केन्द्र होता है। जनदर्शन कार्यक्रम शासन की लोगों से सीधे संवाद की एक मजबूत कड़ी है। कलेक्टर ने रजत जयंती वर्ष के लिए भी आवश्यक तैयारी करने कहा। परीक्षा केंद्रों में दीवार घड़ी लगाने के निर्देश दिए। घड़ी का समय मिलान भी सुनिश्चित करने भी कहा ताकि परीक्षार्थियों को किसी प्रकार का दिक्कत न हों। बैठक में कलेक्टर ने अटल मॉनिटरिंग ऐप की भी समीक्षा की।

jandarshan : कलेक्टर ने जनदर्शन में सुनी लोगों की समस्याएं

बिलासपुर। jandarshan : कलेक्टर संजय अग्रवाल ने आज साप्ताहिक जनदर्शन में दूर दराज से आए सैकड़ों ग्रामीणों की निजी और सामुदायिक समस्याएं इत्मीनान से सुनी और अधिकारियों को जल्द निराकरण के निर्देश दिए। कलेक्टर ने जनदर्शन में आए किसानों से चर्चा कर खेती-किसानी के ताजा हालात और खाद-बीज की उपलब्धता के बारे में भी जानकारी ली। नगर निगम कमिश्नर अमित कुमार एवं सीईओ जिला पंचायत संदीप अग्रवाल ने भी लोगों की समस्याएं सुनी।

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TL Meeting : सभी कार्यालयों में ई-ऑफिस लागू करना अनिवार्य : कलेक्टर संजय

साप्ताहिक जनदर्शन में घुटकू के ग्रामीणों ने शासकीय भूमि में अवैध अतिक्रमण को हटाने की मांग की। उन्होंने बताया कि उप सरपंच के द्वारा अनाधिकृत रूप से शासकीय भूमि में अतिक्रमण कर अवैध रूप से दीवार का निर्माण किया गया है। कलेक्टर ने ग्रामीणों की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए पीडब्ल्यूडी के कार्यपालन अभियंता को जांच के निर्देश दिए है। पोड़ी के सरपंच एवं ग्रामीणों ने कलेक्टर को आवेदन देकर शासकीय स्कूल में अतिरिक्त कमरे की मांग की। कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी को आवेदन सौंपते हुए आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए। मस्तुरी ब्लॉक की जयरामनगर निवासी धीरजा बाई ने भूमि मुआवजा की राशि प्रदान किए जाने के संबंध में आवेदन दिया। कलेक्टर ने इस मामले को भू-अर्जन शाखा को सौंपते हुए आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए। चांटीडीह निवासी पुन्नीबाई यादव ने पुत्री की मृत्यु उपरांत आर्थिक सहायता के लिए आवेदन दिया। इस मामले को एसडीएम बिलासपुर देखेंगे। ग्राम बाम्हू निवासी चंदन कुमार सूर्यवंशी ने ट्राईसिकल के लिए आवेदन दिया। कलेक्टर ने आवेदन समाज कल्याण विभाग को प्रेषित करते हुए आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए। भारतीय नगर वार्ड नंबर 25 के नारायण गोस्वामी एवं अन्य लोगों ने तालाब को बचाने एवं सौंदर्यीकरण करने की कलेक्टर से मांग की। इस मामले को नगर निगम आयुक्त देखेंगे। कम्पोजिट बिल्डिंग के कर्मचारियों ने पुरानी कम्पोजिट बिल्डिंग में नया ट्रांसफार्मर लगाने का आवेदन दिया। उन्होंने बताया कि पुरानी कम्पोजिट बिल्डिंग में सभी विभाग के कार्यालय संचालित है। नगर निगम टाउन हॉल में एकमात्र ट्रांसफार्मर स्थापित है। जिससे टाउनहाल एवं पुरानी कम्पोजिट के सभी विभाग के कार्यालय में विद्युत आपूर्ति की जाती है। टाउनहाल परिसर में एकमात्र ट्रांसफार्मर स्थापित होने से लोड अधिक हो जाता है जिससे विद्युत आपूर्ति बाधित होती है। इससे विभागीय कार्य प्रभावित होते है। कलेक्टर ने इस मामले को विद्युत विभाग के कार्यपालन अभियंता को प्रेषित करते हुए आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए।

mic meeting :फर्जी आर्किटेक्ट के जरिए नक्शा पास का खुलासा, मेयर ने लगाई अफसरों की क्लास

बिलासपुर। mic meeting : नगर निगम में फर्जी आर्किटेक्ट के जरिए नक्शा पास कराने के मामले में मेयर पूजा विधानी ने अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। बैठक में मेयर ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि सालों से फर्जीवाड़ा चल रहा है और किसी को भनक तक नहीं लगी, यह विभागीय लापरवाही को दर्शाता है। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसी लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी और दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई होगी।

84 करोड़ के विकास कार्यों को मंजूरी

नगर निगम के दृष्टि सभाकक्ष में हुई एमआईसी की बैठक में 41 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इसमें शहर के विभिन्न वार्डों में सडक़, नाली, पेयजल पाइपलाइन जैसे विकास कार्यों के लिए 84 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया गया। इसके अलावा, मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना के तहत 100 करोड़ रुपये के प्रस्ताव को भी हरी झंडी दी गई, जिसमें पुराने पुल से शनिचरी रपटा तक बीटी रोड, नाली निर्माण, एजुकेशन हब में एकेडमिक ब्लॉक और रिवर फ्रंट डेवलपमेंट जैसे कार्य शामिल हैं।

ठेका कर्मचारियों की सूची में देरी पर नाराजगी

मेयर ने बताया कि पांच महीने बाद भी विभिन्न विभागों के ठेका और प्लेसमेंट कर्मचारियों की सूची नहीं सौंपी गई, जबकि इसके लिए मोबाइल नंबर सहित जानकारी मांगी गई थी। उन्होंने अधिकारियों को अपनी जिम्मेदारियों को गंभीरता से लेने और विकास कार्यों को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया। पुराने प्रस्तावों पर चर्चा नहीं
बैठक में रामसेतु और सिरगिट्टी कमर्शियल कॉम्प्लेक्स जैसे जनहित से जुड़े पुराने प्रस्तावों पर कोई चर्चा नहीं हो सकी। ये मुद्दे पहले से लंबित हैं और शहर की जरूरतों से जुड़े हैं।

विधायक की समझाइश से बनी सहमति

पिछली एमआईसी बैठक में हुए विवाद को देखते हुए शहर विधायक अमर अग्रवाल ने सदस्यों को समझाइश दी थी, जिसका असर बैठक में दिखा। इस बार सदस्यों के बीच कोई टकराव नहीं हुआ और सभी प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित हुए। कुछ प्रस्तावों पर आपत्तियां उठीं, लेकिन हंगामे की नौबत नहीं आई।

बैठक में सभापति विनोद सोनी, एमआईसी सदस्य विजय ताम्रकार, बंधू मौर्य, केशरी इंगोले, दिनेश देवांगन, मोती गंगवानी, निगम कमिश्नर अमित कुमार, अपर आयुक्त खजांची कुम्हार, चीफ इंजीनियर राजकुमार मिश्रा सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे। मेयर ने अधिकारियों को चेतावनी दी कि वे आमजन की समस्याओं का त्वरित समाधान करें और विकास कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

नगर निगम कर्मचारी को धमकी : BJP पार्षद रंगानादम पर गंभीर आरोप, कलेक्टर और पुलिस को शिकायत

बिलासपुर ।  भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पार्षद रंगानादम पर नगर निगम के सहायक राजस्व निरीक्षक मनीष कुमार उपाध्याय ने गंभीर आरोप लगाए हैं। मनीष ने पार्षद पर गाली-गलौज करने और जान से मारने की धमकी देने की शिकायत की है। इस मामले में उन्होंने कलेक्टर, नगर निगम आयुक्त और संबंधित थाना पुलिस को लिखित शिकायत सौंपी है।मनीष उपाध्याय ने अपनी शिकायत में बताया कि वह नगर निगम के जोन क्रमांक-5 में कार्यरत हैं। 4 अगस्त को पार्षद रंगानादम अचानक उनके कार्यालय पहुंचे और उनके साथ अभद्र व्यवहार करते हुए गाली-गलौज शुरू कर दी। जब मनीष ने इसका विरोध किया, तो रंगानादम ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी। इस दौरान कार्यालय में मौजूद अन्य कर्मचारियों ने भी घटना को देखा।उपाध्याय का आरोप है कि रंगानादम उन पर अनैतिक और नियम-विरुद्ध कार्यों के लिए दबाव डालते हैं। उन्होंने बताया कि रंगानादम का सहायक बल्ली बिना सत्यापन के बड़ी संख्या में राशन कार्ड बनवाने का दबाव डालता है। जब मनीष ने इसकी अवहेलना की, तो रंगानादम ने कार्यालय में आकर हंगामा किया और उन पर अनुचित आरोप लगाए।शिकायत में मनीष ने यह भी कहा कि यदि भविष्य में उन्हें या उनके परिवार को कोई नुकसान होता है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी पार्षद रंगानादम की होगी। उन्होंने बताया कि इस घटना से वह मानसिक रूप से तनावग्रस्त हैं और यदि समय पर कार्रवाई नहीं हुई, तो उन्हें गंभीर संकट का सामना करना पड़ सकता है।

bilaspur news : महतारी वंदन योजना ने बदली गरीब महिलाओं की जिंदगी, 18वीं किश्त जारी

bilaspur news । महतारी वंदन योजना सरकार की ऐसी योजना जो उन महिलाओं के लिए बड़ा सहारा बनी है जो अपने जीवन में आर्थिक मुश्किलो और संघर्ष का सामना कर रही हैं। अब सरकार से हर माह मिल रही मदद से उनकी मुश्किलें आसान हुई हैं,और उन्हें राहत मिल रही है, जिसके लिए हितग्राही महिलाओं ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आभार जताया है।
जिले के जरहाभाठा मिनी बस्ती की रहने वाली श्रीमती शिवानी पटेल और श्रीमती अहिल्या बाई के आर्थिक तंगी से जूझते जीवन में महतारी वंदन योजना किसी वरदान से कम नहीं। घरेलू जि़म्मेदारियाँ, बच्चों की पढ़ाई और दिन-प्रतिदिन की जरूरतें पूरी करना शिवानी के लिए किसी चुनौती से कम नहीं था ,इन्हीं हालातों के बीच एक नई उम्मीद बनकर आई महतारी वंदन योजना। राज्य सरकार की इस संवेदनशील योजना के तहत उन्हें हर महीने 1000 की आर्थिक सहायता मिलने लगी। शिवानी पटेल बताती हैं इस योजना से मिलने वाली राशि से मैं घर का राशन और बच्चों की ज़रूरी चीजें समय पर ले पाती हूँ। पहले दूसरों पर निर्भर रहना पड़ता था, अब अपने पैसे से छोटी छोटी जरूरतें पूरी कर पा रही हूं जिससे आत्मविश्वास बढ़ा है। वहीं अहिल्या बाई कहती हैं, वह लोगों के घरों पर काम कर किसी तरह अपना जीवन चला रही हैं, कोई सहारा नहीं है। लेकिन उम्र के इस पड़ाव पर जब कोई काम करना मुश्किल हो, सरकार की इस मदद से बड़ा सहारा मिला है, बिना काम किए हजार रुपए की मदद हम जैसी गरीब महिलाओं के लिए बड़ी मदद है। अब किसी के आगे छोटी छोटी जरूरतों के लिए मांगना नहीं पड़ता।
दोनों महिलाओं का कहना है कि महतारी वंदन योजना ने उन्हें न केवल आर्थिक सहायता दी है, बल्कि सम्मान और हौसला भी दिया है, जब घर के छोटे बच्चे उनसे पैसे मांगते है, तो वे आसानी से उन्हें दे पाती है यह खुशी भी उनके लिए बड़ी है। महतारी वंदन योजना से आज शिवानी और अहिल्या जैसी अनेक महिलाएं अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं ,और आत्मसम्मान के साथ अपना जीवन जीने के साथ ही आत्मनिर्भरता की ओर आगे बढ़ रही है।

cims bilapur : दंत विभाग बना प्रदेश में नंबर वन, 4000 से अधिक सफल सर्जरी

बिलासपुर। cims bilapur : छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स) बिलासपुर में भर्ती मरीजों के लिए आयुष्मान कार्ड वरदान साबित हुआ है। विगत लगभग दो साल में 598 भर्ती मरीजों की मेजर सर्जरी एवं 3227 माइनर सर्जरी किया जा चुका है। लगभग 4 हजार मरीजों का सफल इलाज कर सिम्स का दंत चिकित्सा विभाग इस मामले में छत्तीसगढ़ के समस्त चिकित्सा महाविद्यालयों के दन्त चिकित्सा विभागों में अव्वल स्थान पर है। सबसे महंगा कहे जाने वाला टीएमजे प्रत्यारोपण जिसमे जबड़े के जॉइंट का प्रत्यारोपण किया जाता है, जिसे निजी अस्पतालों में करवाने पर लाखो रूपए का खर्चा होता है।

सिम्स में दन्त चिकित्सा विभाग के द्वारा जटिल सर्जरी को आधुनिक तकनीक से आयुष्मान से नि:शुल्क रूप से किया गया। सिम्स के अधिष्ठाता डॉ. रमणेश मूर्ति एवं संयुक्त संचालक एवं अस्पताल अधीक्षक डॉ. लखन सिंह के दिशा-निर्देश एवं डॉ. भूपेंद्र कश्यप के मार्गदर्शन में ऐसे गरीब मरीजों का आयुष्मान कार्ड द्वारा नि:शुल्क इलाज उपलब्ध कराने में भी आगे है। अवगत हो कि अब तक सिम्स के दन्त चिकित्सा विभाग के द्वारा सडक़ दुर्घटना (ट्रामा) के 550 मरीज, मुख-कैंसर के 26 मरीज, भालू काटने का 2 मरीज, चेहरे की विषमता के 10 मरीज, कोरोना काल का काला फंगस इन्फेक्शन के 9 मरीज, दाँत निकालने का 3227 मरीजों का सफलता पूर्वक इलाज किया जा चुका है। सडक़ दुर्घटना में सामान्यत: चहरे के निचले जबड़े में दाएं एवं बाएं साइड फ्रैक्चर, कंडाईल फ्रैक्चर, ऊपरी जबड़े में दाएं या बायें तरफ की हड्डी टूट जाना, जायगोमैटिक काम्प्लेक्स फ्रैक्चर, नाक की हड्डी का फ्रैक्चर, माथे की हड्डी फ्रैक्चर की हड्डियां टूट जाती है। इन सभी हड्डियां जब एक साथ टूट जाये तो उसे पैनाफेशियल फ्रैक्चर कहते है। जशपुर जिले का मरीज धीर साय का सडक़ दुर्घटना में चेहरे की सारी हड्डियां टूट गई थीं तथा चेहरा विकृत हो गया था, जिसका सिम्स के दन्त चिकित्सा विभाग के द्वारा सर्जरी एवं प्लेटिंग की गईं, जिसकी प्रशंसा स्वयं माननीय मुख्य मंत्री विष्णु देव साय जी ने की। गौरतलब है कि सिम्स की बेहतर इलाज की सुविधा को जानते हुए पड़ोसी राज्य से भी मरीज यहाँ आकर अपने दुर्घटनाग्रस्त टूटे हुए जबड़े और चेहरे का इलाज करवाते है।

cims bilapur : दंत विभाग बना प्रदेश में नंबर वन, 4000 से अधिक सफल सर्जरी

अब तक सिम्स के दन्त चिकित्सा विभाग के द्वारा फ्रैक्चर के 550 मरीजों का सर्जरी एवं प्लेटिंग करके जबड़े को जोड़ा गया है। मुँख- कैंसर के साथ अन्य प्रकार की जबड़े की ट्यूमर से ग्रसित 40 से अधिक मरीजों का सफलता पूर्वक इलाज किया गया है। ऑपरेशन के बाद आईं चेहरे की विकृति को ठीक करने हेतु छाती का मांस निकलकर प्रत्यारोपण भी किया गया है। यह जटिल कैंसर का ऑपरेशन को आयुष्मान कार्ड से दन्त चिकिता विभाग के द्वारा नि:शुल्क किया गया है। चेहरे की विषमता यह एक प्रकार का जबड़े की बीमारी है; जिसमे जबड़े का विकास रुक जाता है और मुँह खुलना कम हो जाता है। जिससे मरीज का ऐसे 30 मरीजों का टीएमजे जोड़ को काटकर सफलता पूर्वक इलाज किया गया है। कुछ मरीजों का कृत्रिम जोड़ आर्टिफीसियल टीएमजे जॉइंट प्रत्यारोपण किया गया है। कुछ मरीजों का चेहरा अविकसित होने से टेढ़ा हो जाता है। ऐसे मरीजों में ऊपर-नीचे के जबड़े को काटकर सीधा कर चेहरा सुधारा गया। जिससे मरीजों का आत्मविश्वास बढ़ा और मरीज पहले से अधिक आकर्षक एवं सुंदर हो गया। दन्त चिकित्सा विभाग के डॉ. भूपेन्द्र कश्यप के निर्देशन एवं देखरेख में विभागाध्यक्ष डॉ. संदीप प्रकाश एवं उनके टीम में शामिल डॉ. जंडेल सिंह ठाकुर, डॉ. हेमलता राजमणि, डॉ. केतकी कीनीकर, डॉ. प्रकाश खरे, डॉ.सोनल पटेल, वार्ड ब्वाय ओमकारनाथ, लैब अटेंडेंट उमेश साहू के साथ निश्चेतना विभागाध्यक्ष डॉ. मधुमिता मूर्ति, डॉ. भावना रायजादा, डॉ. मिल्टन एवं उनकी टीम तथा नर्सिंग स्टाफ शामिल रहे।

 

 

Scouts and Guides : राज्य स्तरीय कब-बुलबुल उत्सव का भव्य समापन

विधायक सुशांत शुक्ला के मुख्य आतिथ्य में गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ

बिलासपुर । Scouts and Guides : छत्तीसगढ़ भारत स्काउट्स एवं गाइड्स छत्तीसगढ़ द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय कब-बुलबुल उत्सव एवं हीरक पंख जाँच शिविर का भव्य समापन समारोह साइंस कॉलेज मैदान, सरकंडा, बिलासपुर में बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला के मुख्य आतिथ्य में, डॉ. सोमनाथ यादव राज्य मुख्य आयुक्त की अध्यक्षता में गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। यह तीन दिवसीय शिविर 2 अगस्त से प्रारंभ हुआ था, जिसमें राज्य के 15 जिलों से चयनित लगभग 400 कब-बुलबुल एवं 41 अधिकारी सहभागिता कर रहे थे। शिविर में बच्चों के सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखते हुए विविध रचनात्मक एवं सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता, जंगल नृत्य, ड्राइंग एवं पेंटिंग जैसी गतिविधियाँ प्रतिभागियों के लिए आकर्षण का केंद्र रहीं। इन कार्यक्रमों में बच्चों ने अपनी कल्पनाशक्ति, प्रस्तुति शैली और सांस्कृतिक समझ का अद्भुत परिचय दिया।समापन समारोह के तृतीय दिवस की विशेष पहचान बनीकृहर जिले के कब-बुलबुल द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ, जिनमें देशभक्ति, जन-जागरूकता, लोक संस्कृति और राष्ट्रीय एकता की सुंदर झलक देखने को मिली। मंच पर बच्चों ने गीत, नृत्य, अभिनय और रंगारंग कार्यक्रमों से दर्शकों का मन मोह लिया। तालियों की गूंज और मुस्कुराते चेहरों ने यह सिद्ध कर दिया कि यह आयोजन न केवल अनुशासन और प्रशिक्षण का केंद्र था, बल्कि रचनात्मकता और आत्मविश्वास के उन्नयन का माध्यम भी बना। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला ने बच्चों की प्रतिभा की सराहना करते हुए कहा कि कब और बुलबुल स्काउटिंग के वो नन्हे बीज हैं, जिन्हें हम सेवा, अनुशासन और नेतृत्व के मूल्यों से सींचते हैं। यही बच्चे आने वाले समय में समाज और राष्ट्र के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। ऐसे शिविरों से उनमें जिम्मेदारी, आत्मबल और समाज के प्रति संवेदनशीलता का विकास होता है। सुशांत ने इस सफल आयोजन के लिए भारत स्काउट्स एवं गाइड्स छत्तीसगढ़ के सभी पदाधिकारियों को बधाई दी। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए डॉ. सोमनाथ यादव राज्य मुख्य आयुक्त ने कहा कि यह आयोजन बच्चों के सर्वांगीण विकास की दिशा में एक सशक्त प्रयास है। अनुशासन, सहभागिता और नेतृत्व जैसी क्षमताओं को जिस प्रकार इन बाल प्रतिभाओं ने मंच पर दर्शाया है, वह अत्यंत प्रेरणादायक है। हर जिले से आई टीमों ने जो परिश्रम, समर्पण और उत्साह दिखाया, वह वंदनीय है। यह शिविर निश्चित रूप से आने वाली पीढ़ी के लिए एक नई ऊर्जा और प्रेरणा बनकर सामने आया है। इस अवसर पर कोरबा जिला के मुख्य आयुक्त सादिक शेख भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन शैलेन्द्र मिश्रा शिविर संचालन द्वारा किया गया तथा राज्य संगठन आयुक्त श्री विजय कुमार यादव ने सभी प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए शिविर को सफल बनाने वाले प्रत्येक सहयोगी को धन्यवाद ज्ञापित किया। राज्य स्तरीय कब-बुलबुल उत्सव का यह समापन समारोह बच्चों के कौशल, सृजनात्मकता, आत्मविश्वास और अनुशासन का एक प्रेरणादायी संगम बनकर सामने आया। आयोजन के प्रत्येक क्षण ने यह सिद्ध किया कि यदि बच्चों को सही मार्गदर्शन और मंच मिले, तो वे समाज और राष्ट्र की दिशा बदलने की क्षमता रखते हैं।

AIIMS रायपुर की वायरोलॉजी लैब को पहली बार मिली एनएबीएल मान्यता

रायपुर ।  AIIMS रायपुर की वायरोलॉजी प्रयोगशाला, जिसे आधिकारिक रूप से माइक्रोबायोलॉजी विभाग के अंतर्गतराज्य वायरल अनुसंधान एवं निदान प्रयोगशाला (VRDL)के नाम से जाना जाता है, ने 1 अगस्त 2025 को एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। इस दिन प्रयोगशाला को पहली बारराष्ट्रीय परीक्षण एवं अंशांकन प्रयोगशालाओं की प्रत्यायन बोर्ड (NABL)से मान्यता प्राप्त हुई।
एनएबीएल ने एम्स रायपुर की इस प्रयोगशाला को 12 प्रमुख मानव विषाणु संक्रमणों की पहचान हेतु मान्यता दी है, जिनमें शामिल हैं: वायरल मैनिंजाइटिस / एन्सेफलाइटिस, कोविड-19 (SARS-CoV-2) से होने वाला वायरल निमोनिया, स्वाइन फ्लू (H1N1), इन्फ्लुएंजा बी, आरएसवी, 14 उच्च जोखिम वाले ह्यूमन पैपिलोमावायरस (HR-HPV) जो गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर का कारण बनते हैं, एपस्टीन-बार वायरस (EBV), हर्पीज सिम्प्लेक्स वायरस (HSV), साइटोमेगालोवायरस (CMV), हेपेटाइटिस बी और सी वायरल लोड, और डेंगू।
वर्ष 2018 में स्थापित यह प्रयोगशाला न केवल एम्स रायपुर में आने वाले मरीजों को निदान सेवाएं प्रदान कर रही है, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ से आने वाले नमूनों की जांच भी करती है। यह लैब कोविड-19, हेपेटाइटिस A/B/C/E और डेंगू की जाँच में प्रमुख भूमिका निभा रही है और चिकनपॉक्स, कंजंक्टिवाइटिस एवं मम्प्स जैसे वायरल रोगों के प्रकोप की जांच में भी सक्रिय भागीदारी निभाती है।
यह प्रयोगशाला राज्य कीकोविड-19 जांच, गुणवत्ता नियंत्रण और SARS-CoV-2 के संपूर्ण जीनोम अनुक्रमणहेतुराज्य नोडल केंद्रके रूप में भी कार्य करती है।
एम्स रायपुर के कार्यकारी निदेशक एवं सीईओलेफ्टिनेंट जनरल अशोक जिंदल (सेवानिवृत्त)ने इस उपलब्धि पर पूरी टीम को बधाई दी और इसे छत्तीसगढ़ की जनता को अत्याधुनिक निदान सेवाएं प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
प्रो. (डॉ.)अनुदिता भार्गवने इस एनएबीएल मान्यता को टीमवर्क और समर्पण का परिणाम बताया, वहीं प्रो. (डॉ.)संजय सिंह नेगीने कहा किISO 15189:2022के तहत प्राप्त यह मान्यता प्रयोगशाला की उच्च गुणवत्ता और सटीक परीक्षण सेवाओं को दर्शाती है।
इस उपलब्धि को संभव बनाया संपूर्ण टीम के अथक परिश्रम द्वारा, जिनमें शामिल हैं:डॉ. माधवी मडके (सहायक प्रोफेसर), सीनियर रेजिडेंट्स: डॉ. सजीथा, डॉ. अतिश, डॉ. सुष्री, डॉ. गर्गी, रिसर्च साइंटिस्ट-सी:  कुलदीप शर्मा, डॉ. पुष्पेन्द्र सिंह, साइंटिस्ट-बी: डॉ. रुचि खरे, रिसर्च असिस्टेंट:  जियन चंद्रवंशी, लैब टेक्नीशियन:  मोहम्मद रफीकुल्लाह खान,  हनुमान प्रसाद, डाटा एंट्री ऑपरेटर:  कुशन परगनिहा, एमटीएस:  अमित मिश्रातथा अन्य समर्पित अनुसंधान कर्मी।
यह उपलब्धि न केवल संस्थान के लिए गौरव का विषय है, बल्कि छत्तीसगढ़ राज्य के लिए भी एक बड़ी उपलब्धि है।