no ekyc no ration card : सरकारी राशन योजना में फर्जीवाड़ा खत्म करने की तैयारी, घर-घर होगी जांच

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नईदिल्ली। no ekyc no ration card :  सरकारी राशन और उससे जुड़ी सुविधाओं का लाभ उठाने वाले करोड़ों लोगों के लिए केंद्र सरकार ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। अब ऐसे लोगों की पहचान की जा रही है, जो महीनों से राशन नहीं ले रहे हैं लेकिन योजनाओं में नाम दर्ज है। सरकार का कहना है कि अगर किसी लाभार्थी ने लगातार 6 महीने तक राशन नहीं उठाया, तो उसका राशन कार्ड सीधा रद्द किया जा सकता है।
देश में फिलहाल करीब 23 करोड़ राशन कार्ड हैं, लेकिन इनमें से लाखों कार्ड धारक ऐसे हैं जो वर्षों से न तो राशन ले रहे हैं और न ही पात्रता की जांच में खरे उतरते हैं। सरकार को आशंका है कि बड़ी संख्या में फर्जी राशन कार्ड केवल सरकारी लाभ के लिए बनाए गए हैं। अनुमान है कि 25 लाख से ज्यादा कार्ड पूरी तरह फर्जी हो सकते हैं।
नई गाइडलाइन के अनुसार, 18% तक राशन कार्ड रद्द किए जा सकते हैं। जिन लाभार्थियों ने छह महीने या उससे अधिक समय से राशन नहीं लिया है, उनका नाम प्राथमिकता से हटाया जाएगा। यह नियम न केवल सामान्य कार्ड धारकों पर लागू होगा बल्कि गरीब कल्याण अन्न योजना के लाभार्थियों पर भी प्रभावी होगा।
सरकार ने निर्देश दिया है कि राज्य प्रशासन घर-घर जाकर सत्यापन करेगा। जिन परिवारों ने ई-केवाईसी कराई है, उनकी भी पात्रता दोबारा जांची जाएगी। यह प्रक्रिया इस बात को सुनिश्चित करेगी कि सरकारी योजनाओं का लाभ केवल वास्तविक जरूरतमंदों को ही मिले।
जिन लोगों ने अभी तक अपने राशन कार्ड का ई-केवाईसी नहीं कराया, उनके कार्ड सबसे पहले जांच के घेरे में आएंगे। सरकार का मानना है कि ई-केवाईसी नहीं कराने वालों में फर्जी कार्डधारकों की संख्या ज्यादा हो सकती है। इसलिए अगर आप लाभार्थी हैं, तो तुरंत ई-केवाईसी करवाना जरूरी है।
ऐसे बहुत से लोग हैं जो राशन नहीं लेते लेकिन सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए राशन कार्ड का इस्तेमाल करते हैं। जैसे
-आयुष्मान भारत योजना के तहत इलाज के लिए
-ईडब्ल्यूएस कोटे से एडमिशन के लिए
-या फिर अन्य सरकारी सब्सिडी योजनाओं के लिए
-इन लोगों ने पात्रता न होते हुए भी कार्ड बनवा रखा है, जिससे असली ज़रूरतमंद वंचित रह जाते हैं।

 

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