परासी धान खरीदी केंद्र में सेट निर्माण कार्य में लग रहे अनियमितताओं के आरोप

गौरेला पेंड्रा मरवाही । ग्राम  पंचायत परासी स्थित धान खरीदी केंद्र में निर्माणाधीन सेट को लेकर गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। कृषि उपज मंडी बिलासपुर के अधीन मंडी बोर्ड द्वारा स्वीकृत इस निर्माण कार्य में ठेकेदार पर मानकों की अनदेखी और मनमानी करने का आरोप लगाया गया है।स्थानीय सूत्रों के अनुसार, निर्माण स्थल पर न तो गुणवत्ता का ध्यान रखा जा रहा है और न ही कार्य निर्धारित दिशानिर्देशों के अनुसार चल रहा है। बताया गया कि जहां छह नग रॉड लगाए जाने थे, वहां केवल चार ही रॉड लगाए जा रहे हैं। इसके अलावा 7 से 8 इंच की दूरी पर रिंग लगाई जा रही है, बिना मजबूत बेस तैयार किए चटाई बिछाकर कॉलम सेट किया जा रहा है। इन खामियों के कारण निर्माण की मजबूती पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। अध्यक्ष साहब सिंह ने बताया कि निर्माण कार्य में हो रही लापरवाही की जानकारी विभाग को कई बार दी गई, लेकिन विभागीय अधिकारी मामले को लेकर उदासीन बने हुए हैं। मंडी प्रबंधक शेषनारायण दुबे का कहना है कि यदि समय पर सुधार नहीं हुआ, तो आगामी धान खरीदी सीजन में खरीदी प्रक्रिया पर इसका असर पड़ेगा।किसानों ने चिंता जताई है कि इस तरह की लापरवाही से खरीदी केंद्र की कार्यप्रणाली प्रभावित होगी और उन्हें असुविधा झेलनी पड़ेगी। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि निर्माण कार्य की जांच कराई जाए और जिम्मेदार ठेकेदार एवं अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए ताकि आने वाले सीजन में खरीदी प्रक्रिया सुचारू रूप से चल सके।

अवैध रूप से धान परिवहन पर नहीं लग रहा नियंत्रण : चेक पोस्टों पर जांच दल द्वारा घोर लापरवाही एक नदारत और दो सोते हुए मिले 

गौरेला पेंड्रा मरवाही । खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में समर्थन मूल्य पर किसानों से धान उपार्जन का कार्य आज 15 नवम्बर से प्रारंभ हो गया है। धान खरीदी के दौरान कोचियों-बिचौलियों द्वारा धान के अवैध रूप से परिवहन पर नियमंत्रण के लिए जिले एवं राज्य के सीमावर्ती स्थानों पर बेरियर-चेक पोस्ट बनाए गए हैं और चौबीस घंटे नियंत्रण रखने के लिए अधिकारियों-कर्मचारियों का टीम तैनात किया गया है। परंतु जिन अधिकारी कर्मचारियों यहां तैनात किया गया है  उनमें से कुछ तो नदारत है कुछ सोते हुए मिल रहे हैं उनके द्वारा घोर लापरवाही बरती जा रही है  मध्यप्रदेश की सीमा से लगे विभिन्न स्थानों-बरौर, धुम्माटोला, मालाडांड़, चंगेरी, धरहर, नरौर, सिवनी, दरमोहली एवं झिरियाटोला इनमें से कुछ बेरियरों  ऐसे मामले सामने आए हैं कुछ दिन पूर्व कलेक्टर लीना कमलेश मंडावी एवं  सीईओ जिला पंचायत मुकेश रावटे एवं एसडीएम मरवाही देवेन्द्र सिरमौर द्वारा निरीक्षण कर ड्यूटी पर तैनात कर्मियों की जानकारी ली गई थी ।

ट्रेन हादसे में मिला लापता बच्चा परिजनों की तलाश जारी, अधिकारी ने की पालन-पोषण की पेशकश

मरवाही/बिलासपुर। बिलासपुर के समीप गतोरा रेलवे दुर्घटना में एक छोटा बच्चा जीवित अवस्था में मिला है, जिसके माता-पिता या परिजनों का अब तक कोई सुराग नहीं लग पाया है। फिलहाल बच्चे को रेलवे चिकित्सालय, बिलासपुर में रखा गया है, जहाँ उसका प्राथमिक उपचार और देखभाल की जा रही है।

रेल प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि यदि किसी को बच्चे के संबंध में कोई जानकारी हो, तो कृपया तुरंत रेलवे चिकित्सालय, बिलासपुर में संपर्क करें ताकि बच्चे को उसके परिवार से मिलाया जा सके।

अधिकारी ने जताई मानवता की मिसाल

मरवाही क्षेत्र के समाजसेवी अनीश कुमार मसीह (मो. 62687 87081) ने इस बच्चे के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा है कि यदि बच्चे के माता-पिता या परिजन नहीं मिलते हैं, तो मैं स्वयं इस बच्चे का पालन-पोषण करने के लिए तैयार हूँ। मैं इसे अपने बच्चे की तरह ही रखूंगा और उसकी पूरी व्यवस्था करूंगा।

रेल हादसा: मालगाड़ी और मेमू की टक्कर, अब तक 8 की मौत, राहत-बचाव जारी

बिलासपुर। बिलासपुर रेलवे स्टेशन के समीप मंगलवार शाम एक दर्दनाक रेल हादसा हो गया, जिसमें मालगाड़ी और मेमू लोकल ट्रेन की टक्कर से कई डिब्बे पटरी से उतर गए। हादसे में अब तक 8 यात्रियों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 5 से अधिक लोग घायल हुए हैं। घायलों का इलाज नजदीकी अस्पतालों में जारी है।

घटना के तुरंत बाद रेल प्रशासन और स्थानीय पुलिस की टीम राहत एवं बचाव कार्य में जुट गई। एसपी रजनीश सिंह, जीआरपी और आरपीएफ अधिकारी मौके पर मौजूद हैं। देर रात तक मलबे से यात्रियों को निकालने का कार्य चलता रहा।

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने नई दिल्ली स्थित वार रूम से स्थिति की समीक्षा की और अधिकारियों को राहत कार्य त्वरित गति से करने के निर्देश दिए।

 मुआवजा राशि की घोषणा

रेल प्रशासन ने दुर्घटना में हताहतों के परिजनों एवं घायलों के लिए अनुग्रह राशि की घोषणा की है

मृतकों के परिजनों को ₹10 लाख

गंभीर रूप से घायल यात्रियों को ₹5 लाख

सामान्य रूप से घायल यात्रियों को ₹1 लाख

रेल मंत्रालय की टीम द्वारा मुआवजा राशि का वितरण कार्य अस्पतालों में जाकर शुरू कर दिया गया है।

जांच और कारणों की पड़ताल

इस पूरे हादसे की जांच रेलवे सुरक्षा आयुक्त (CRS) स्तर पर कराई जाएगी ताकि कारणों की गहन जांच कर भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।

प्रभावित ट्रेनें और संचालन

दुर्घटना के कारण कई ट्रेनों के समय में बदलाव किया गया है —

कोरबा-विशाखापट्टनम एक्सप्रेस (18517) – 5 घंटे विलंब से रात 9:30 बजे रवाना

गेवरा रोड-नेताजी सुभाषचंद्र बोस एक्सप्रेस (18239) – 3 घंटे 30 मिनट विलंब से 9:43 बजे रवाना

बिलासपुर-टाटानगर एक्सप्रेस (18114) – 3 घंटे विलंब से 9:50 बजे रवाना

 यात्रियों के लिए हेल्पलाइन नंबर

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने यात्रियों और उनके परिजनों की सुविधा के लिए आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं

बिलासपुर: 7777857335, 7869953330

चांपा: 8085956528

रायगढ़: 9752485600

पेंड्रा रोड: 8294730162

कोरबा: 7869953330

उसलापुर: 7777857338

रेल प्रशासन ने कहा है कि राहत, बचाव और यात्रियों की सहायता में कोई कोताही नहीं बरती जा रही है।

परासी मिडील स्कूल निर्माण अब भी अधूरा, बच्चे आसमान के नीचे पढ़ने को मजबूर

मरवाही। जनपद पंचायत मरवाही के ग्राम परासी में शिक्षा विभाग और प्रशासन की लापरवाही ने एक बार फिर सरकारी तंत्र की पोल खोल दी है। पूर्व माध्यमिक शाला परासी की पुरानी बिल्डिंग को करीब 6 महीने पहले तोड़ दिया गया था, ताकि बच्चों के लिए नया और आधुनिक भवन तैयार किया जा सके। लेकिन आधा साल बीत जाने के बाद भी नया भवन आज तक अधूरा पड़ा है। 
जानकारी के अनुसार, निर्माण कार्य की लगभग 40 से 50 प्रतिशत राशि खर्च की जा चुकी है, लेकिन इसके बाद ठेकेदार कार्य छोडक़र फरार हो गया। नतीजतन, बच्चे आज भी बिना भवन के अस्थायी जगहों पर पढ़ाई करने को मजबूर हैं।

बच्चों की शिक्षा पर संकट

जहां सरकार पढ़ेगा इंडिया तभी तो बढ़ेगा इंडिया के नारे लगा रही है, वहीं परासी के बच्चे खुले आसमान और अधूरे कमरे में बैठकर शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। न कोई पंखा, न फर्नीचर, न सुरक्षा की व्यवस्था बच्चे और शिक्षक दोनों परेशान हैं।

ग्रामवासियों का आरोप

गांव के लोगों का कहना है कि भवन निर्माण की राशि का आधा हिस्सा खर्च होने के बाद भी काम रुक गया। शिक्षा विभाग और जनपद सीईओ और अधिकारी चुप्पी साधे बैठे हैं। आखिर कब तक बच्चों के भविष्य के साथ ऐसा खिलवाड़ चलता रहेगा? ठेकेदार को भुगतान के बाद काम की मॉनिटरिंग किसने की? शिक्षा विभाग के अधिकारी मौन क्यों हैं? क्या बच्चों की शिक्षा अब सिर्फ कागजों में सिमटकर रह जाएगी?
सवाल यह भी है कि इतना समय बीत जाने के बावजूद कार्य अब तक पूर्ण नहीं हुआ है। ठेका निरस्त कर ठेकेदार पर कोई कार्यवाही क्यों नहीं की गई? इसका मतलब साफ तौर पर यह दर्शाता है कि ग्राम पंचायत और जनपद अधिकारियों की संलिप्तता रही है।
ग्रामवासियों ने शासन -प्रशासन से मांग की है कि भवन निर्माण कार्य तुरंत पूर्ण कराया जाए, ठेकेदार और संबंधित अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी लापरवाही दोबारा न हो।

मरवाही में आज मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का आगमन, जनता ने सड़क निर्माण की मांग उठाई

मरवाही। भारतीय जनता पार्टी उत्तर मण्डल मरवाही की ओर से शनिवार, 11 अक्टूबर को ग्राम पंचायत मटियाडाड़ में विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। इस कार्यक्रम में प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय शामिल होंगे। मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर पूरे मरवाही क्षेत्र में उत्साह का माहौल है।

जनता ने सड़क निर्माण की रखी मांग

मुख्यमंत्री के आगमन से पूर्व मरवाही विधानसभा क्षेत्र की जनता ने एक प्रमुख जनमांग रखी है। ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत चलचली से भेड़वा नाला (छत्तीसगढ़–मध्यप्रदेश सीमा) तक करीब 6 से 7 किलोमीटर लंबे सड़क मार्ग के चौड़ीकरण (5 किमी) एवं डामरीकरण (2 किमी) की मांग की है।

ग्रामीणों का कहना है कि यह मार्ग छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश को जोड़ने वाला अत्यंत महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है, लेकिन वर्षों से जर्जर अवस्था में है। इस सड़क पर आए दिन दुर्घटनाएँ होती रहती हैं।
पिछले दो वर्षों में दो दर्जन से अधिक सड़क हादसे हुए हैं, जिनमें कई लोगों की जान भी जा चुकी है।

स्थानीय निवासियों ने मुख्यमंत्री श्री साय से मंच से इस सड़क निर्माण की घोषणा करने की अपील की है।
इस मांग का समर्थन ग्राम पंचायत चलचली, धनोरा, मउहार टोला, परासी, चंगेरी सहित आसपास के गांवों के ग्रामीणों ने किया है।

ग्राम पंचायत परासी से ठाकुर बृजेश सिंह, राकेश सिंह दीक्षित, आत्मा सिंह दीक्षित, सरपंच शिव कुमार अगरिया, भारत लाल केवट, मुकेश सिंह दीक्षित, भारत सिंह आदि ग्रामीणों ने संयुक्त रूप से मुख्यमंत्री से जनता की इस समस्या का निराकरण करने की बात कही है।

ग्राम पंचायत परासी में बुनियादी सुविधाओं को लेकर उठी आवाज़, ग्रामीणों ने रखा प्रस्ताव

ग्रामीणों ने विकास कार्यों की मांग को लेकर दिया आवेदन

परासी।  ग्राम पंचायत परासी में विकास कार्यों को लेकर ग्रामीणों की ओर से एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव ग्राम सभा की विशेष बैठक में पेश किया गया। इस प्रस्ताव में गांधी चौक से हनुमान मंदिर तक सीसी रोड निर्माण एवं पेयजल टैंक निर्माण की मांग की गई।

ग्राम पंचायत भवन में आयोजित विशेष ग्राम सभा में बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे। बैठक के दौरान ग्रामीणों ने बताया कि गांधी चौक से हनुमान मंदिर तक जाने वाला मार्ग लंबे समय से जर्जर स्थिति में है। बरसात के दिनों में यह रास्ता कीचड़युक्त हो जाता है, जिससे आवागमन में भारी परेशानी होती है। विद्यार्थियों, बुजुर्गों व आम लोगों को रोज़ाना दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।

इसके साथ ही ग्रामीणों ने पेयजल संकट का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने बताया कि गर्मी के मौसम में पानी की समस्या गहराती जाती है और कई बार लोगों को दूर-दराज़ से पानी लाना पड़ता है। इसी समस्या को देखते हुए इस क्षेत्र में पेयजल टैंक निर्माण की मांग भी की गई।

ग्रामीण विष्णु प्रजापति, प्रमोद केवट एवं बसंत प्रजापति ने इस संबंध में पंचायत को लिखित आवेदन प्रस्तुत करते हुए मांग की कि शीघ्र ही सड़क और पेयजल टैंक निर्माण कार्य को मंज़ूरी दी जाए। उन्होंने बताया कि यह मार्ग पूरे क्षेत्र के लिए प्रमुख मार्ग है, जिससे रोजाना सैकड़ों लोग आवाजाही करते हैं।

ग्रामीणों की मांग को कितनी गंभीरता से पंचायत लेती है यह अभी गर्त में है ग्रामीणों ने उम्मीद जताया है कि प्रस्ताव को संबंधित विभागों को भेजकर शीघ्र स्वीकृति व कार्यारंभ की दिशा में कार्रवाई की जाएगी।

ग्रामवासियों ने उम्मीद जताई कि पंचायत व प्रशासन उनकी मांगों पर सकारात्मक कदम उठाएंगे, जिससे क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार हो सके और लोगों को राहत मिल सके।

अब देखने वाली बात है की पहले से भ्रष्टाचार के आरोपों को झेल रही पंचायत कितना सकारात्मक कदम उठाती है ।[pdf_embed url=”https://targetofchhattisgarh.com/wp-content/uploads/2025/10/WhatsApp-Image-2025-10-06-at-7.19.07-PM-1.pdf”]

GPM कवियों की याद में ‘तर्पण’ काव्यपाठ प्रतियोगिता, विद्यार्थियों और शिक्षकों ने दी शानदार प्रस्तुति

गौरेला पेण्ड्रा मरवाही Gpm। हिन्दी पखवाड़ा और पितृपक्ष अवसर पर डाइट पेण्ड्रा और आनंद फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में “तर्पण” नाम से जिला स्तरीय काव्यपाठ प्रतियोगिता आयोजित हुई।

 विद्यार्थियों और शिक्षकों की भागीदारी

पेण्ड्रा में आयोजित तर्पण काव्यपाठ प्रतियोगिता
पेण्ड्रा में आयोजित तर्पण काव्यपाठ प्रतियोगिता

इस प्रतियोगिता में कक्षा 9वीं से 12वीं के विद्यार्थियों ने हिन्दी कवियों की रचनाओं का पाठ किया। साथ ही पहली बार शिक्षक वर्ग के लिए भी स्वरचित कविता पाठ का आयोजन हुआ। जिले से कुल 35 प्रतिभागियों ने मंच पर अपनी प्रस्तुतियों से सभी को प्रभावित किया।

विजेता प्रतिभागी

विद्यार्थी वर्ग (काव्यपाठ)**: ओंकार कैवर्त्य (प्रथम), आस्था सोंधिया (द्वितीय), अनन्या श्रीवास्तव (तृतीय)
विद्यार्थी वर्ग (स्वरचित कविता)**: मानवी मिश्रा (प्रथम), अनन्या श्रीवास्तव (द्वितीय), रीना (तृतीय)
शिक्षक वर्ग (स्वरचित कविता)**: नीरज चौधरी (प्रथम), दुर्गेश दुबे (द्वितीय), शशांक शेण्डे (तृतीय)

अतिथियों के विचार

मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष समीरा पैकरा ने कहा कि पेण्ड्रा की भूमि साहित्यकारों और मनीषियों से सदैव समृद्ध रही है।
जिला पंचायत उपाध्यक्ष राजा उपेन्द्र बहादुर सिंह ने कहा कि कविता जन-जन को जागरूक करने का माध्यम है।
अध्यक्षता कर रहे जेपी पुष्प ने कविता को मानवीय संवेदना का आधार और समाज का दर्पण बताया।

Girls’ school facing drinking water crisis: बच्चियों की पढ़ाई और मिड-डे मील पर संकट

Girls’ school facing drinking water crisis:  गौरेला पेंड्रा मरवाही । जिले के ग्राम पंचायत परासी के कन्या प्राथमिक शाला में पानी और पाइपलाइन की समस्या लगातार गहराती जा रही है। दो महीने पहले सूचना दिए जाने के बाद भी पीएचई विभाग द्वारा हैण्ड पंप में लगीं पाइपलाइन लबे समय टूटी हुई है। पीएचई विभाग को सूचना दिए जाने के वाउजूद उनका मरम्मत नहीं किया, जिसका खामियाजा स्कूली बच्चियों को दूषित खराब पानी पीने को मजबूर है। उस टुटे हुए नल से पानी भरने पर पानी बरबाद भी होता है।

स्कूल की बच्चियों को पानी के लिए जद्दोजहद

प्राथमिक कन्या शाला की हेडमास्टर मृगेंद्र सिंह राणा के अनुसार, छात्राओं को पीने के पानी व मध्यान भोजन की तैयारी दोनों के लिए मंदिर तक जाना पड़ता है। मध्यान भोजन के बाद बर्तन भी मंदिर परिसर में ही धोने की मजबूरी है। सचिव और सरपंच ने पीएचई विभाग को बार-बार सूचना देने के बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है।

मरम्मत कार्य में लापरवाही

सूत्रों के मुताबिक, पानी की पाइपलाइन जगह-जगह से टूटी होने से पानी भरते समय बड़ी मात्रा में पानी बर्बाद हो जाता है। इससे गांव के और भी कई इलाकों जैसे बरौर, तेंदूमुड़ा, करनी चांगेरीकी पंचायतों में भी पेयजल संकट गहरा गया है। विभागीय लापरवाही से ग्रामीणों में गहरा आक्रोश है।
स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि विभागीय अधिकारियों को कई बार लिखित और मौखिक रूप से अवगत कराया गया लेकिन कोई समाधान नहीं निकल रहा। बालिकाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य और मिड-डे मील योजना प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित हो रही है।

Chhattisgarh Silver Mahotsav : देशभक्ति गीतों से गूंजा मंच, प्रतिभाओं ने बटोरी तालियां

Chhattisgarh Silver Mahotsav : छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव के दौरान जिला स्तरीय देशभक्ति गीत प्रतियोगिता में प्रतिभागी कलाकारों द्वारा देशभक्ति से सराबोर गायन वादन की प्रस्तुति से दर्शक भावविभोर हुए। विकासखण्ड स्तर पर चयनित प्रतिभागी कलाकारों द्वारा देशभक्ति से ओतप्रोत गाने-एै मेरे वतन के लोगों, जरा आंख में भर लो पानी, संदेशे आते हैं हमें तड़पाते हैं, भारत हमको जान से प्यारा है, उठो जवानों-जागों बहनों मत बैठो लाचार, आज देश के लिए कमर कस हो जाओ तैयार-देश की धरती करे पुकार आदि गीतों से दर्शकों में देश प्रेम का भाव जागृत हुआ। साथ ही तालियों की गड़गड़ाहट से संपूर्ण वातावरण जोश, उत्साह और उमंग से भरा रहा। जिला प्रशासन द्वारा असेंबली हॉल शासकीय बहुउद्देशीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पेण्ड्रा में आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम में मध्यक्षेत्र विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष सह विधायक मरवाही प्रणव कुमार मरपची, जिला पंचायत अध्यक्ष सुश्री समीरा पैकरा, उपाध्यक्ष राजा उपेंद्र बहादुर सिंह, अध्यक्ष नगरपालिका परिषद गौरेला मुकेश दुबे, कलेक्टर लीना कमलेश मंडावी, पुलिस अधीक्षक एस आर भगत, जिला पंचायत सीईओ  मुकेश रावटे सहित अनेक जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, अधिकारी-कर्मचारी, महिला एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।विधायक  मरपची ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य गठन का 25 वर्ष पूरा होने के उपलक्ष्य में हम रजत जयंती वर्ष मना रहे हैं। इसका संपूर्ण श्रेय श्रद्धेय अटल बिहारी बाजपेयी जी को जाता है।  छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण का उनका निर्णय अतुलनीय है। उन्होंने सभी प्रतिभागियों को बधाई और शुभकामनाएं दी। जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री उपेंद्र बहादुर सिंह ने कहा कि आगामी 1 नवंबर को हम छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण का 25वां वर्षगाठ धूमधाम से मनाएंगे। छत्तीसगढ़ ने विकास की नई ऊंचाईयों को छूआ है। पृथक राज्य बनने से छत्तीसगढ़ सभी क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ रहा है। नगरपालिका अध्यक्ष मुकेश दुबे ने कहा कि सभी देशवासियों ने राष्ट्र के प्रति समर्पण भाव होना चाहिए। देशभक्ति गीत, देश प्रेम का भाव पैदा करता है। जिला स्तरीय देशभक्ति गीत प्रतियोगिता में खण्ड स्तर पर चयनित 10 प्रतिभागियों ने अपनी प्रस्तुति दी। निर्णायक मंडल के चयन के अनुसार पेण्ड्रा जनपद की कुमारी नंदिनी वासुदेव को प्रथम, मरवाही जनपद की संतोष प्रजापति को द्वितीय और गौरेला जनपद की कुमारी हेमकल्याणी पटेल को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ, जिन्हें स्मृति चिन्ह और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इसके साथ ही जिला स्तरीय प्रतियोगिता के सभी प्रतिभागियों-कुमारी आकांक्षा तिवारी, रानू तिवारी, यशपाल भारद्वाज, नंदरानी कश्यप, पियूष कुमार गुप्ता, कु. नियामद जबी एवं विनोद रैदास को सांत्वना पुरस्कार प्रदान किया गया।