CM साय ने परिणय सूत्र में आबद्ध महेश-हेमला और मड़कम-रव्वा को दिया आशीर्वाद

  • प्यार और विश्वास के आगे हार गई नक्सल हिंसा: जहां कभी बन्दूकें गूंजती थी, अब वहां गूंज रही शहनाई

  • मुख्यमंत्री की मौजूदगी में आत्मसमर्पित नक्सलियों ने की गृहस्थ जीवन की शुरूआत

रायपुर । छत्तीसगढ़ के बस्तर अंचल के घने जंगलों में माओवादी हिंसा की जगह अब प्रेम और विश्वास की नई इबारत लिखी जा रही है। माओवादी हिंसा का रास्ता छोड़कर विकास की मुख्य धारा से जुड़ने वाले महेश-हेमला और मड़कम-रव्वा ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के समक्ष परिणय सूत्र में आबद्ध होकर वैवाहिक जीवन की नई शुरूआत की है। मुख्यमंत्री ने परिणय सूत्र में आबद्ध दोनों नवदम्पत्तियों को बहुत-बहुत बधाई और शुभकामनाएं देते हुए उनके सुखमय जीवन की कामना की। यह कहानी सुकमा जिले की बदलती तस्वीर है, जहां कभी बन्दूकें गूंजती थी, अब वहां शहनाईयां गूंज रही है।

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय आज 13 जनवरी को 206 करोड़ रूपए से अधिक विकास कार्याें की सौगात देने के लिए सुकमा के मिनी स्टेडियम में पहुंचे थे। लगभग सात माह पहले नक्सल हिंसा का रास्ता छोड़कर आत्मसमर्पण करने वाले मौसम महेश और हेमला, मड़कम पाण्डू और रव्वा भीमे ने जिला प्रशासन सुकमा से आग्रह किया था कि वह मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की मौजूदगी में परिणय सूत्र में आबद्ध होकर नये जीवन की शुरूआत करना चाहते हैं। जिला प्रशासन ने उन चारों को भरोसा दिलाया था कि मुख्मयंत्री  साय का जब भी सुकमा में आगमन होगा, उस दिन मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत उनका विवाह विधिविधान से सम्पन्न कराया जाएगा। आज 13 जनवरी को मुख्यमंत्री के सुकमा प्रवास के दौरान वहां के मिनी स्टेडियम में इन चारों आत्मसमर्पितों का विधि-विधान से विवाह मुख्यमंत्री  साय की मौजूदगी में सम्पन्न हुआ, जिसके साक्षी वहां मौजूद हजारों-हजार लोग बने। सभी ने नवदम्पत्तियों को आशीर्वाद दिया और उनके सुखद वैवाहिक जीवन की कामना की।

ज्ञात रहे कि गगनपल्ली गांव के रहने वाले मौसम महेश और डुब्बामरका की रहने वाली हेमला मुन्नी तथा कन्हाईपाड़ निवासी मड़कम पाण्डू और सल्लातोंग की रव्वा भीमे ये चारों पहले नक्सली संगठन से जुड़े हुए थे। छत्तीसगढ़ सरकार की नीतियों से प्रभावित होकर इन चारों ने जून 2024 में नक्सल हिंसा का रास्ता छोड़कर आत्मसमर्पण कर दिया था। मौसम महेश लगभग बारह साल तक नक्सल संगठन से जुड़े रहे। मड़कम पाण्डू और हेमला मुन्नी 9 साल तक तथा रव्वा भीमे 6 साल तक नक्सल संगठन और उसकी गतिविधियों से जुड़ी रहीं।

परिणय सूत्र में आबद्ध होने के बाद मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आशीर्वाद प्राप्त करके हुए महेश-हेमला और मड़कम-रव्वा ने बताया कि उन्हें रास्ता भटकने और हिंसा में संलिप्त रहने का बेहद अफसोस है। छत्तीसगढ़ सरकार की नक्सल पुनर्वास नीति और नियद नेल्ला नार योजना से प्रभावित होकर वे चारों विकास और शांति की मुख्य धारा में शामिल होने का फैसला लिया। उनका कहना था कि सरकार की जनहितैषी नीतियों से प्रभावित होकर विभिन्न नक्सल संगठनों से जुड़े कई युवा साथी आत्मसमर्पण कर चुके हैं और कई साथी आत्मसमर्पण करने का मन बना चुके हैं।

उनका कहना था कि छत्तीसगढ़ सरकार ने नक्सलियों को मुख्यधारा में लौटने और समाज में सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर दिया है। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को रोजगार, मकान और पुनर्वास के लिए आर्थिक सहायता मिल रही है। यह कहानी न केवल प्रेम की जीत की है, बल्कि छत्तीसगढ़ सरकार की नक्सल पुनर्वास नीति की सफलता का प्रतीक है। परिणय सूत्र में आबद्ध होकर इन चारों युवक-युवतियों ने यह साबित कर दिया है कि प्यार, विश्वास और सहानुभूति से नफरत और हिंसा को हराया जा सकता है।

महतारी वंदन योजना से माताओं के चेहरों पर मुस्कान: मुख्यमंत्री साय

  • मुख्यमंत्री ने कोंडागांव जिले को दी 2 अरब 88 करोड़ 18 लाख रूपए के 168 विकास कार्यों की सौगात

रायपुर । हमारी सरकार ने एक साल पूरे कर लिये हैं और इस एक साल के दौरान हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा दी गई गारंटी के अनुरूप हमने हर वर्ग से जुड़े वायदों को पूरा किया है।हम हर महीने महतारी वंदन योजना की राशि माताओं और बहनों के खाते में भेज देते हैं। पहली तारीख को ही जब हमारी माताओं और बहनों के मोबाइल में मैसेज आता है तो उनके चेहरे पर मुस्कान आ जाती है।माताओं-बहनों के चेहरे पर आई यह मुस्कान ही हमारे कार्य की सार्थकता है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज कोंडागांव जिला मुख्यालय में आयोजित विकास कार्यों के लोकार्पण शिलान्यास समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रदेश भर में हम लगभग 70 लाख महिलाओं को महतारी वंदन योजना का लाभ दे रहे हैं। एक साल में हमारी सरकार ने कोंडागांव जिले के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिये और इस पर तेजी से क्रियान्वयन किया है। इसी कड़ी में आज हमने यहां 288 करोड़ रुपए के 168 कार्यों का लोकार्पण-भूमिपूजन किया है। इन कार्यों में 208 करोड़ रुपए की राशि के 130 कार्यों का लोकार्पण एवं 80 करोड़ रुपए के 38 कार्यों का भूमिपूजन शामिल है। साथ ही इस मौके पर हम 58 लाख रुपए की राशि के हितग्राहीमूलक कार्यों के चेक और सामग्री भी वितरण कर रहे हैं। इसमें कोंडागांव जिले की 1 लाख 28 हजार माताओं-बहनों को योजना का लाभ मिल रहा है। माताएं-बहनें इस योजना का उपयोग बहुत कुशलता से कर रही हैं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ में महिलाओं के बीच लोकप्रिय महतारी वंदन योजना के आने से 5 लाख महिलाओं ने डाकघर में मासिक बचत खाते आरंभ कर दिये हैं। यह केवल डाकघर के आंकड़े हैं। कुछ माताएं-बहनें अपनी राशि बैंक में जमा कर रही हैं। कुछ अपने बच्चों की शिक्षा में निवेश कर रही हैं। साथ ही अपने सपनों को भी पूरा कर रही हैं। यह महिलाओं की आर्थिक आजादी की योजना है। महिलाओं को आर्थिक ताकत देने से समाज का तेजी से विकास होता है।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि हमारी सरकार की कृषि हितैषी नीतियों की वजह से किसान फिर से खेती में लौट आये हैं। इस बार 27 लाख से अधिक किसान भाइयों ने धान बेचने के लिए रजिस्ट्रेशन कराया। पिछले साल यह आंकड़ा 24 लाख 75 हजार का था। कोंडागांव जिले में अब तक 40 हजार से अधिक किसान भाई अपना धान बेच चुके हैं और अब तक हम 552 करोड़ रुपए का भुगतान कर चुके हैं। हमने कैबिनेट की पहली ही बैठक में 18 लाख प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किये। लाखों लोगों का मकान का सपना पूरा हुआ।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोंडागांव जिले का विकास हम पूरी प्रतिबद्धता के साथ कर रहे हैं। दो महीने पहले जब मैं बस्तर विकास प्राधिकरण की बैठक में जगदलपुर आय़ा था तो क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों ने केशकाल घाटी में सड़क के जीर्णोद्धार की माँग रखी। दो महीने के भीतर ही इसका जीर्णोद्धार कराया गया। पहले केशकाल धूलों की घाटी बन गई थी, अब यह पुनः फूलों की घाटी बन गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोंडागांव जिला अपनी शिल्प कला के लिए पूरी दुनिया में विख्यात है। यहां 1300 से अधिक शिल्पकार अपनी अद्वितीय कलाकृतियों का निर्माण करते हैं। इन कलाकृतियों को वैश्विक बाजार से जोड़ने आधुनिक तकनीक आवश्यक हैं। इसके लिए जिला प्रशासन ने इन्हें 3-डी प्रिंटिंग तकनीक से जोड़ने आईआईटी भिलाई के साथ एमओयू किया है। जिला प्रशासन द्वारा यूपीएससी, पीएससी एवं व्यापम जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए निःशुल्क कोचिंग सुविधा प्रदान की जा रही है। यह बहुत अच्छी पहल है।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि हमारे कोंडागांव की बिटिया कुमारी हेमबती नाग को जूडो खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु द्वारा राष्ट्रीय बाल पुरस्कार 2024 से सम्मानित किया गया, जो हम सभी के लिए गौरव की बात है।

मुख्यमंत्री  साय ने मुख्य कार्यक्रम स्थल में जिला प्रशासन के विभिन्न विभागों द्वारा आयोजित विभागीय प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने विभिन्न हितग्राहीमूलक योजनाओं के तहत सामग्री, उपकरण एवं चेक वितरित किया। कार्यक्रम के राष्ट्रीय आजीविका मिशन के तहत लखपति दीदीयों को पुरस्कृत किया गया और हितग्राहियों को बैंक लिंकेज चेक प्रदान किया। हस्तशिल्प विभाग के स्टॉल में राष्ट्रीय बांस मिशन योजना अंतर्गत शिल्पकारों को बांस शिल्प औजार वितरण किया गया। ग्राम पंचायत बड़े राजपुर को सामुदायिक वनाधिकार पत्रक प्रदाय किया गया।

इस अवसर पर उद्योग प्रभारी मंत्री  लखनलाल देवांगन, वन मंत्री  केदार कश्यप, बस्तर सांसद  महेश कश्यप, कांकेर सांसद श्री भोजराज नाग, विधायक जगदलपुर  किरण देव, केशकाल विधायक  नीलकंठ टेकाम सहित जिले के वरिष्ठ जनप्रतिनिधिगण, जिला प्रशासन के अधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन मौजूद थे।

सुकमा में 205 करोड़ के विकास कार्य, माओवाद पर सख्त मुख्यमंत्री साय

  • माओवादी कैंसर को समाप्त करना है तो इसकी जड़ पर प्रहार करना जरूरी – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

  • मुख्यमंत्री ने किया सुकमा जिले में 205 करोड़ रुपए के 137 विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास

रायपुर । माओवाद एक कैंसर की तरह है। कैंसर को समाप्त करना है तो इसकी जड़ पर प्रहार करना जरूरी होता है। माओवादी बस्तर के कुछ इलाकों में जोंक की तरह चिपक गये थे और यहां के स्थानीय लोगों को डरा-धमका कर शोषण कर रहे थे। ये स्थल उनके सबसे सुरक्षित पनाहगाह थे। हमने माओवादियों की माँद में घुसकर उन पर हमले का निर्णय लिया। हमारे सुरक्षाबलों के जवानों के अदम्य साहस से हमने इन माओवादियों का मुकाबला किया और उनको धूल चटाई। बीते एक साल में विभिन्न मुठभेड़ों में हमारे सुरक्षाबलों ने 230 से अधिक माओवादियों को मार गिराया है। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने सुकमा जिले के मिनी स्टेडियम में विकास कार्यों के लोकार्पण शिलान्यास के अवसर पर आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही।

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने कहा कि जिस पावन भूमि पर भगवान श्रीराम के पुण्य चरणों का स्पर्श हुआ। उस भूमि का मैं सादर अभिनंदन करता हूँ।माओवादी हिंसा ने बस्तर संभाग के साथ ही सुकमा जिले को भी हिंसा की आग में झोंक दिया था। इससे सुकमा जिले का विकास बुरी तरह प्रभावित हुआ था।एक साल में हमारी सरकार ने सुकमा जिले के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिये और इस पर तेजी से क्रियान्वयन किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसी कड़ी में आज हमने यहां 205 करोड़ रुपए के 137 कार्यों का लोकार्पण-भूमिपूजन किया है।इन कार्यों में 39 करोड़ रुपए की राशि के 82 कार्यों का लोकार्पण एवं 166 करोड़ रुपए के 55 कार्यों का भूमिपूजन शामिल है। इन कार्यों में सबसे महत्वपूर्ण कार्य सुकमा नगरपालिका में 83 करोड़ रुपए की लागत से जल प्रदाय योजना का भूमिपूजन है। इसके साथ ही 14 करोड़ रुपए की राशि से केरलापाल से पोंगाभेज्जी मार्ग के निर्माण का भूमिपूजन भी हमने किया। उन्होंने कहा कि सुकमा में खेल अधोसंरचना बेहतर हो, इसके लिए 11 करोड़ रुपए की लागत से हम स्पोर्ट्स कांप्लेक्स बनाने जा रहे हैं। इसका भी हमने आज भूमिपूजन किया है।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि सुनियोजित रणनीति के तहत हमने माओवाद प्रभावित इलाकों में कैंपों का विस्तार किया और सुरक्षा का नेटवर्क विस्तृत किया।अब माओवादी बहुत सीमित इलाके में सिमट गये हैं और बौखलाहट में हैं। इसके चलते वे कायराना हरकत कर रहे हैं। माओवादियों द्वारा हमारे जवानों के काफिले पर आईईडी ब्लास्ट की घटना में जो जवान शहीद हुए, वे बस्तर के माटीपुत्र ही थे।मुख्यमंत्री ने कहा कि आज सुकमा की इस धरती पर हम सब पुनः संकल्प लेते हैं कि माओवाद को जड़ से नष्ट करेंगे। हमारे शहीद जवानों की शहादत का बदला लेंगे।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हम कैंपों के माध्यम से लोगों को सुरक्षा दिलाने के साथ ही विकास के लिए भी काम कर रहे हैं। इसके लिए हमने कैंप के पांच किमी की परिधि में आने वाले गांवों के विकास के लिए नियद नेल्ला नार योजना आरंभ की जिसके माध्यम से सभी बुनियादी सुविधाएं इन ग्रामीण क्षेत्रों में उपलब्ध कराई जा रही है।
जो माओवादी अपने लिए सबसे अच्छे हथियार, संचार के नये उपकरण का इस्तेमाल करते हैं उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों को इतने दहशत में रखा कि यहां के लोग टेलीविजन से भी दूर रहे।
माओवादी कमांडर का गांव पूवर्ती विकास के मामले में कई बरस पिछड़ा हुआ था। लोगों ने बिजली नहीं देखी थी, टेलीविजन नहीं देखा। अब पूवर्ती गांव सोलर लाइट से रौशन है। आजादी के 78 साल बाद पहली बार दूरदर्शन लोगों ने देखा। यह लोगों के लिए चमत्कार की तरह था। ग्राम सालातोंग में 78 साल बाद बिजली आई है। बिजली के आने से यहां विकास का उजाला भी तेजी से फैला है। अब यहां के बच्चे अच्छी तरह से पढ़ाई कर पाएंगे। विकास की मुख्य धारा में शामिल हो पाएंगे। लोगों को आवागमन के लिए राहत हो, इसके लिए यहां पर हक्कुम मेल चलाई जा रही है। इन बसों के चलते लोगों का जीवन आसान हो गया है। स्वास्थ्य केंद्रों तक पहुंचना आसान हो गया है।इस योजना के माध्यम से पहली बार लोगों के आधार कार्ड बने, आयुष्मान कार्ड बने और किसान क्रेडिट कार्ड भी बने।

मुख्यमंत्री ने कहा कि महतारी वंदन योजना के माध्यम से हम सुकमा जिले की 52 हजार 220 माताओं को हर महीने एक हजार रुपए की राशि अंतरित कर रहे हैं। हमारी सरकार ने 6000 से अधिक हितग्राहियों के लिए प्रधानमंत्री आवास की किश्त जारी कर दी है। हमारी सरकार ने तेंदूपत्ता संग्रहण दर 4 हजार रुपए से बढ़ाकर साढ़े 5 हजार रुपए कर दी है और 63 हजार से अधिक हितग्राहियों को अब तक 77 करोड़ रुपए की राशि का भुगतान कर चुके हैं। बस्तर ओलंपिक में बस्तर संभाग के 1 लाख 65 हजार लोगों ने हिस्सा लिया। इसमें सुकमा जिले से भी बड़ी संख्या में खिलाड़ी शामिल हुए। हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी ने भी मन की बात कार्यक्रम में इसकी प्रशंसा की।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि भ्रष्टाचार के सभी मामलों में हमारी सरकार कठोरता से कार्रवाई करेगी। किसी भी भ्रष्टाचारी को बख्शा नहीं जाएगा। इस अवसर पर “मावा सुकमा – बदलता सुकमा” कॉफी टेबल बुक का विमोचन किया।

मुख्यमंत्री  साय ने सुकमा में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना और नक्सल पुनर्वास योजना के तहत आत्मसमर्पित दो पूर्व नक्सलियों के अपने वैवाहिक जीवन की शुरुआत पर दोनों जोड़ों को सुखद वैवाहिक जीवन हेतु आशीर्वाद दिया और उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

मुख्यमंत्री  साय की मौजूदगी में दो एमओयू भी किए गए जिसमें पहला एमओयू जिला प्रशासन ने लाइवलीहुड कालेज में कौशल विकास हेतु आईटीसी प्रथम संस्था के साथ किया, जबकि दूसरा एमओयू जिला पंचायत द्वारा वेस्ट मैनजमेंट के लिए बस्तर जिले के एमआरएफ वेस्ट मैनेजमेंट के साथ किया गया। सुकमा की महिला स्व-सहायता समूहों के उत्पादों की मार्केटिंग हेतु आकांक्षा ब्रांड के नाम से नामकरण किया गया।

सुकमा प्रवास के दौरान समग्र शिक्षा आकार (दिव्यांग) के राहुल पदामी ने मुख्यमंत्री को पेंटिंग भेंट की। मुख्यमंत्री ने दिव्यांग रघुनाथ नाग और सोडी बीड़े को प्रशस्ति पत्र प्रदान किया। नीट कोचिंग से एमएमबीएस के पढ़ाई के लिए चयनित सिल्की नेताम और गुलशन मुड़ियामी तथा बस्तर ओलंपिक में संभागीय प्रतियोगिता में भाला फेंक में पहला स्थान पाने वाली सुकमा की खिलाड़ी पायल कवासी को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री  साय ने कार्यक्रम में नक्सल पुनर्वास नीति के अंतर्गत नक्सल पीड़ित परिवार के आश्रित पंडा सुनीता, पोडियाम सन्नी को नियुक्ति पत्र प्रदान किया।

कार्यक्रम को वन मंत्री  केदार ने संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुँचाने का प्रयास कर रही है। सुकमा जिला के गठन के बाद से लगातार विकास के कार्य हो रहे हैं। कार्यक्रम को बस्तर सांसद श्री महेश कश्यप ने भी संबोधित किया।

इस अवसर पर राज्य महिला आयोग सदस्य दीपिका सोरी, गणमान्य जनप्रतिनिधि  धनीराम बारसे, आयुक्त बस्तर  डोमन सिंह, पुलिस महानिरीक्षक बस्तर  सुंदरराज पी सहित जनप्रतिनिधिगण तथा बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने मकर संक्रांति और पोंगल पर्व की दी बधाई, सुख-समृद्धि की कामना की

रायपुर । मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों को मकर संक्रांति और पोंगल पर्व की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी है। मुख्यमंत्री  साय ने इस अवसर पर सभी लोगों के लिए सुख-समृद्धि की कामना की है।मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि देश के विभिन्न क्षेत्रों में मकर संक्रांति, पोंगल और लोहड़ी पर्व जैसे कई अलग अलग नाम से मनाया जाता हैं। दक्षिण भारत में मनाया जाने वाला पोंगल समृद्धि का प्रतीक है। यह त्योहार प्रकृति और फसल के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का एक माध्यम है।
मुख्यमंत्री  साय ने कहा है कि मकर संक्रांति का त्यौहार ऋतु परिवर्तन का संदेश लेकर आता है। मुख्यमंत्री ने शुभकामना देते हुए कहा कि यह ऋतु परिवर्तन का पर्व सभी लोगों के जीवन में सुख और समृद्धि लेकर आए।

जहां कभी हिंसा थी, वहां अब विकास का शंखनाद गूंज रहा है” : सीएम साय

  • दंतेवाड़ा जिले में होगा जू पार्क का निर्माण: सभी लैंप्स में जैविक खाद किए जाएंगे उपलब्ध

  • बचेली प्रवास में मुख्यमंत्री ने 160 करोड़ से अधिक राशि के विकास कार्यो का किया लोकार्पण एवं भूमिपूजन

रायपुर । माओवादी खून खराबे और आतंक के पक्षधर हैं, हम विकास और सद्भाव के लिए काम कर रहे हैं। अब बस्तर की तस्वीर तेजी से बदल रही है। जहां कभी गोलियों की गूंज थी, वहां अब विकास का शंखनाद सुनाई देता है। जहां कभी बेकारी और लाचारी थी, वहीं इस जिले के ग्रामीण युवाओं को उच्च शिक्षा और रोजगार उपलब्ध कराकर आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। हम माओवाद को जड़ से खत्म करके ही दम लेंगे। हमारे शहीद जवानों की शहादत बेकार नहीं जाने देंगे मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने आज दंतेवाड़ा जिले के किरंदुल बचेली में आयोजित विभिन्न विकास कार्यों के लोकार्पण शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि डबल इंजन की सरकार में विकास का पहिया तेजी से घूम रहा है। हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी  के विकसित भारत के सपनों को साकार करने के लिए हम विजन 2047 छत्तीसगढ़ के अंतर्गत विकासशील छत्तीसगढ़ को विकसित छत्तीसगढ़ बनाने का प्रयास कर रहे हैं।  मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि आज दंतेवाड़ा जिले के किरंदुल, बड़े बचेली में हमने 160 करोड़ रूपये के 501 कार्यों का लोकार्पण-भूमिपूजन किया है। इनमें 49 करोड़ रूपये के 367 कार्यों का लोकार्पण और 112 करोड़ रूपये के 134 कार्यों का भूमिपूजन शामिल है। साथ ही इस मौके पर हमने 114 करोड़ रूपये के हितग्राही मूलक कार्यों का चेक और सामग्री का वितरण भी कर रहे हैं। आज जिन बड़े विकास कार्यों का लोकार्पण हुआ है, उनमें गीदम ब्लाक के छिन्दनार से बड़ेकरका मार्ग पर 33 करोड़ रूपये का पुल, जिले के सभी विकासखंडों में एक करोड़ रूपये से बने पुल-पुलिया, गीदम, कुआकोंडा, कटेकल्याण मार्ग का चौड़ीकरण और मजबूतीकरण शामिल है।इसके अलावा मोर मकान-मोर आवास के अंतर्गत सवा सात करोड़ रूपये की लागत से 321 हितग्राहियों के लिए बने पक्के मकानों की चाबी भी हमने सौंपी है।जलावर्धन और जलशोधन संयंत्र स्थापना के लिए किरंदुल में करीब 45 करोड़ और बारसूर में 15 करोड़, दंतेवाड़ा में अंतरराज्यीय बस स्टैंड और दंतेवाड़ा जिले के सभी विकासखंडों में आश्रम भवन निर्माण कार्यों के लिए हमने अभी भूमिपूजन किया है।मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि आप सबको पता है कि हमारी सरकार ने सुशासन के एक साल पूरे कर लिये हैं। इस एक साल के दौरान मोदी जी की गारंटी को हमने पूरी गारंटी के साथ पूरा किया है। हमारी सरकार ने पहली बार बस्तर ओलंपिक का आयोजन किया जिसमें करीब 1 लाख 65 हजार लोगों ने भाग लिया। इस आयोजन की सराहना यशस्वी प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी  ने मन की बात में भी की।हमारी सरकार गांव-गरीब और किसानों के हित में लगातार काम कर रही है। तेंदूपत्ता संग्राहकों को हमारी सरकार 4 हजार रुपए से बढ़ाकर साढ़े 5 हजार रुपए प्रति मानक बोरा दे रही है। इससे वनवासियों के जीवन स्तर में बदलाव दिखने लगा है। नियद नेल्लानार योजना अंतर्गत जिले के चिन्हित सभी 765 किसानों को 48 लाख रूपये का पावर स्प्रेयर, 1 करोड़ 70 लाख रूपये की लागत से पॉवर ट्रिलर जल्द ही वितरण करने की तैयारी कृषि विभाग ने की है। नियद नेल्लानार योजना के तहत 1200 परिवारों को निःशुल्क मोबाइल फोन का वितरण किया जा रहा है। इससे दूरस्थ अंचल के ग्रामीण मुख्यधारा से जुड़ सकेंगे। सुदूर अंचल के क्षेत्रों में आवागमन की सुविधा सुनिश्चित करने के लिए जन सुविधा एक्सप्रेस अभियान के तहत करीब 4 करोड़ रूपये की लागत से 37 वाहन महिला समूहों और युवा संगठनों के माध्यम से संचालित हैं।मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि यहां माता-बहनों की बड़ी संख्या में उपस्थिति है। यह इस बात का प्रमाण है कि इनके खाते में हर महीने एक-एक हजार रूपये सांय-सांय जा रहा है। अभी हाल ही में हमने इस साल के पहले दिन ही माता-बहनों के खाते में रूपये जमा कराया। इससे महिला सशक्तिकरण को बल मिला है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि हमारी सरकार गांव-गरीब और किसानों के हित में लगातार काम कर रही है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी ने अंत्योदय के विकास का जो सपना देखा था। उसे हम सब मिलकर पूरा करने में जुटे हैं। प्रधानमंत्री मोदी जी का सपना है कि कोई भी भारतीय खुले आसमान के नीचे नहीं सोएगा। हर नागरिक का पक्का मकान होगा। इसी कड़ी में हमारी सरकार बनते ही हमने 18 लाख से अधिक प्रधानमंत्री आवास की स्वीकृति दी। उन्होंने कहा कि केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने 3 लाख 88 हजार आवासों की स्वीकृति पुनः प्रदान की है। मुख्यमंत्री  साय ने आवास प्लस का जिक्र करते हुए कहा कि वर्ष 2024 में बहुत से लोग आवास योजना के लाभान्वित होने से वंचित हुए थे इसके साथ ही वाहन, आय और भूमि संबंधी अन्य संसाधनों होने के साथ ही वे आवास योजना के दायरे से बाहर में थे उनके लिए आवास प्लस योजना के तहत सर्वे कार्य प्रारंभ किया गया हैं। और शीघ्र ही उन्हें सूची में जोड़ा जाएगा। उन्होंने बताया कि वहीं 2.5 एकड़ सिंचित एवं 5 एकड़ असिंचित भूमि वाले किसान भी आवास योजना के लाभार्थी होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई संसाधन और सड़कों के रखरखाव पर फोकस करते हुए अंतिम छोर के व्यक्ति तक सुशासन पहुंचाने प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि दन्तेवाड़ा जिला खनिज सम्पदा और जैविक कृषि में अग्रणी जिला है। अतः क्षेत्र के सर्वांगीण विकास हेतु राज्य शासन प्रतिबद्ध है। शीघ्र ही जिले में वन्य प्राणी के संरक्षण और पर्यटन को बढ़ावा देने की दृष्टि से ’’जू पार्क” (चिड़ियाघर ) का निर्माण भी किया जाएगा। इसके अलावा जैविक कृषि को महत्व देने के लिए सभी लेम्पस और राशन दुकानों में जैविक खाद उपलब्ध किए जाएंगे। मुख्यमंत्री  साय ने दान-पुण्य के महापर्व छेरछेरा और मकर संक्रांति की सभी को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी।

वनमंत्री  केदार कश्यप ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए अपने संबोधन में कहा कि सरकार के एक वर्ष के नेतृत्व में दन्तेवाड़ा जिला प्रगति के पथ पर अग्रसर है । जिले में कई योजनाएं संचालित किए जा रही है जो राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर मिसाल साबित होगी। आमसभा में सांसद बस्तर  महेश कश्यप एवं क्षेत्र के विधायक  चैतराम अटामी द्वारा भी जिले के विकास कार्यो पर प्रकाश डाला गया। इस अवसर पर डीआईजी  कमलोचन कश्यप, कलेक्टर  मयंक चतुर्वेदी, एसपी  गौरव राय, डीएफओ  सागर जाधव तथा जिला प्रशासन के अन्य अधिकारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

बैकुंठपुर-सिलियारी सेक्शन में ट्रैफिक ब्लॉक: कई ट्रेनें रद्द, जानें पूरा शेड्यूल

बिलासपुर । रेलवे प्रशासन द्वारा अधोसंरचना विकास के कार्यों को शीघ्र पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है । इसी संदर्भ में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के रायपुर मंडल के अंतर्गत बैकुंठपुर-सिलियारी सेक्शन में रोड अंडर ब्रिज निर्माण के लिए बॉक्स पुशिंग हेतु रिलीविंग गर्डर की लांचिंग की जाएगी । इस कार्य के लिए दिनांक 16, 17 एवं 18 जनवरी 2025 को ट्रैफिक कम पावर ब्लाक लिया जाएगा । इस कार्य के पूर्ण होते ही सड़क मार्ग के उपयोकर्ताओं को सुविधा के साथ ही गाडियों के परिचालन में गतिशीलता आयेगी ।

इस कार्य के फलस्वरूप कुछ यात्री गाड़ियों का परिचालन प्रभावित रहेगा । जिसका विवरण इस प्रकार हैः-

 रद्द होने वाली गाडियां

1) दिनांक 16 जनवरी 2025 को गाडी संख्या 68728 रायपुर-बिलासपुर मेमु स्पेशल रद्द रहेगी ।

2) दिनांक 16 जनवरी 2025 को गाडी संख्या 68734 बिलासपुर-गेवरा रोड मेमु स्पेशल रद्द रहेगी ।

3) दिनांक 16 जनवरी 2025 को गाडी संख्या 68733 गेवरा रोड- बिलासपुर मेमु स्पेशल रद्द रहेगी ।

4) दिनांक 16 एवं 17 जनवरी 2025 को गाडी संख्या 68719 बिलासपुर-रायपुर मेमू स्पेशल रद्द रहेगी ।

5) दिनांक 17 जनवरी 2025 को गाडी संख्या 68727 बिलासपुर-रायपुर मेमू स्पेशल रद्द रहेगी ।

6) दिनांक 18 जनवरी 2025 को गाडी संख्या 58201 बिलासपुर-रायपुर पैसेंजर स्पेशल रद्द रहेगी ।

7) दिनांक 18 जनवरी 2025 को गाडी संख्या 58207 रायपुर-जूनागढ़ रोड पैसेंजर स्पेशल रद्द रहेगी ।

8) दिनांक 19 जनवरी 2025 को गाडी संख्या 58208 जूनागढ़- रायपुर रोड पैसेंजर स्पेशल रद्द रहेगी ।

9) दिनांक 19 जनवरी 2025 को गाडी संख्या 58280 रायपुर-कोरबा पैसेंजर स्पेशल रद्द रहेगी ।

 गंतव्य से पहले समाप्त होने वाली गाडियां 

1) दिनांक 16 जनवरी 2025 को गाड़ी संख्या 68861/68862 गोंदिया-झारसुगुड़ा-गोंदिया मेमु स्पेशल बिलासपुर-गोंदिया-बिलासपुर के मध्य रद्द रहेगी ।

रेल प्रशासन यात्रियों को होने वाली असुविधा के लिए खेद व्यक्त करता है तथा ऐसे विकास कार्यों के लिए सहयोग की आशा करता है ।

बीएनआई व्यापार मेला: नवाचार और सामाजिक कल्याण का अद्वितीय संगम

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा भव्य व शानदार बीएनआई व्यापार मेला, आज चौथे दिन भी हजारों दर्शकों के लिये आकर्षण केंद्र बना हुआ है। नवाचार, मनोरंजन व व्यापार के नये स्वरूप ने, इस आयोजन को बीएनआई ने अपनी बेहतर योजना व मेहनत से शहर के लिये एक माइलस्टोन स्थापित किया है। व्यापार मेले में लगाये गये 400+ स्टाल्स में, आटोमोबाइल, इलेक्ट्रानिक व इलेक्ट्रीकल, शिक्षा एकाडमी, रियल स्टेट, हस्तकला उत्पादो व अन्य केटेगरी के उत्पादों के साथ 10+ इंटरनेशल झूले, फुडजोन में 37+ स्टाल्स तथा स्टाल्स दर्शको को लुभाते रहे। आज बीएनआई व्यापार व उद्योग मेले इस बार मेले की पूर्ण जानकारी देनेवाला एप, एक अनूठा व लोकप्रिय माध्यम रहा, हाइटेक बनाने का अवधारणा के साथ, समाज कल्याण से जुड़े कार्यक्रमो ने भी इस मेले को दर्शको का दिल जीत लिया।

आज के मुख्य अतिथि मान. अटल श्रीवास्तव, कोटा विधायक विशिष्ट अतिथि-मान. शैलेष पाण्डेय, बिलासपुर के पूर्व विधायक, आचार्य एडीएन बाजपेयी, वीसी अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय, बिलासपुर, उपस्थित थे। मुख्यअतिथि अटल श्रीवास्तव ने अपने उद्बोधन में कहा की, कुंभ मेले की परम्परा है कि समाज के धार्मिक साधु-संत व शंकराचार्य पूरे देश से एकत्र होकर, सामाजिक कुरूतियों को दूर करने पर विचार विमर्श करते थे। यह एक संयोग है कि कंुभ मेला, आज से ही शुरू हो रहा है। इसी तरह व्यापरिक विधियो को नया आधुनिक स्वरूप देने, उन्नति के लिये व्यापार मेला BNI ने प्रारंभ किया है उसके लिये वे सभी बधाई के पात्र है। एडीएन वाजपेयी – अध्यक्ष ने कहा की मेला पुरातन संस्कृति से ही सामाजिक मेल-मिलाप व एकता का परिचायक रहा है। यह समाज को आपस मे जोड़ने का काम करता है, इस व्यापार उद्योग मेले में सुई से क्रेन तक की वस्तुएं एक ही स्थान पर उपलब्ध है। विशिष्ट अतिथि शैलेष पाण्डेय BNI का व्यापार उद्योग मेला, छोटे-बड़े सभी प्रकार के व्यापारियों को व्यवसाय में कमाने का एक प्लेटफार्म दे रहा है जो पूण्य का कार्य है। बीएनआई अपनी गिवर्स गेन के सिद्धांत को साकार कर रहा है और पूर्व मे उद्योग संघ द्वारा किये गये कार्यको आगे बढ़ा रहा है।

विशिष्ट अतिथि एडवोकेट हमीदा सिद्दीकी ने, पारिवारिक समस्याओं का सुलझाने कानूनी सलाह की राह बताई। लोगों को उनके अधिकार के प्रति सजग किया पति-पत्नि के बीच मन-मुआव या तलाक की स्थिति सुलझाने की कानूनी सलाह से अवगत कराया।

ग्वालानी ग्रूप के अध्यक्ष प्रकाश ग्वालानी ने कहा कि इस व्यापार-उद्योग मेले द्वारा केवल व्यवसायिक लाभ से हटकर, सामाजिक कल्याण के कार्यो पर भी कार्य किया जा रहा है, किडनी के मरीजो के लिये दो डायलिसिस मशीन प्रदान की गई है। इस मेले की आय से एक और डायलिसिस मशीन डोनेट की जोयगी। बीएनआई की कार्य विधी निश्चित ही सराहनीय है।

अतिथियों द्वारा व्यापार मेले मे आयोजित प्रतियोगिता का पुरस्कार वितरण किया गया – बीएनआई शार्क टैंक में प्रथम-विनीता पटेल, प्रिंस अमन द्वितीय, अभिषेक सिंग तृतीय

अंतर्शालेय नृत्य प्रतियोगिता – प्रथम कृष्णा पब्लिक स्कूल, द्वितीय एलसीआईटी, तृतीय ब्रिलियंट पब्लिक स्कूल बहतराई।

साइंस एक्जीबिशन – प्रथम सय्यद कसाफ अली, नोवोको पब्लिक स्कूल जांजगीर, द्वितीय मुस्कान चिल्ड्रेनवैली स्कूल, तृतीय-गव्हर्मेंट हा.से. स्कूल, लोयला स्कूल एवं लाजपतराय विद्यालय, बिलासपुर।

• सियाराम नृत्य नाटिका कमला देवी महाविद्यालय की प्रस्तुति डॉ. भारती सिंह व समूह द्वारा

• सेवा रत्न सम्मान बिलासपुर में अपने व्यवसाय के माध्यम से सामाजिक सेवा को भी प्राथमिक्ता देने वालो में डॉ. कमलेश मौर्या, डायरेक्टर, मार्क हास्पिटल, डॉ. रजीनीश पाण्डेय, डायरेक्टर, प्रथम हास्पिटल, अशोक व्यास, पत्रकार व लेखक, हमीदा सिद्दीकी एडवोकेट, सुषमा पाण्डेय, भुवन वर्मा, जेठू साहू, इंद्रारजीत सोहल, सतीष गुप्ता, विकास जीवधवानी, सीए कमल बजाज एवं अन्य सामाजिक सेवा से जुड़े विशिष्ट विभुतियो को सम्मानित किया गया।

आज मेला का मुख्य आकर्षण 

• मकर संक्रांति पर्व मनाया जायेगा प्रात: 7.30 बजे योगाथन मे सूर्य नमस्कार का अभ्यास, जिसमें सभी उम्र के लोग शामिल हो सकते हैं। 108 बार करने वाले को पुरूकृत किया जायेगा

• रात्रि 8 बजे उपशास्त्रीय गादन – शफीक हुसैन, वारिष्ठ सारंगी वादक रामचंद सप्रे – तबला वादक, सौरभ मेहतुकी बोर्ड वादक

• मुख्य अतिथि मान. अमर अग्रवाल जी, बिलासपुर विधायक । समापन 9 बजे आर्ट ऑफ लिविंग के सत्संग द्वारा ।

आज हुये आकर्षक कार्यक्रमों मे दर्शकों की सराहना पाने वाले कार्यक्रम :-

• 4 बजे दोपहर बाडी बिल्डिंग शो, 55-80 वर्ष तक के आयु ग्रूप में निर्णायक मनोज वर्मा, डायरेक्टर फिटनेस, जिम उत्तम कुमार साहू, अन्तर्राष्ट्रीय खिलाड़ी, सर्टीफाइड कोच, गंगाश्री जिम।

• 3.30 बजे अपोलो हास्पिटल द्वारा बेसिक लाइफ सपोर्ट सिस्टम BLS कार्यक्रम में, आकस्मिक दुर्घटना में व्यवहार की जानकारी व सीपीआर ट्रेनिंग दी गई।

• शाम 7 बजे लोहिड़ी त्यौहार के लिये विशेष मंडाल सजाकर हर्ष उल्लास के साथ लोहड़ी कार्यक्रम मनाया गया।

• नाइस टेक कम्प्यूटर द्वारा आयोजित रोजगार मेला को श्रेष्ट प्रतिसाद मिला 41 कंपनियों से 735 नौकरियों उपलब्ध कराई गई। 468 लोगो ने रजिस्ट्रेशन कराया, जिनके साक्षात्कर हुये। भाग लेने वाले एम्पलायर्स मे झझड़िया निर्माण, आहूजा ट्रेडर्स, राजदीप फ्लेक्स, किशोरी ट्रेडर्स, दिल्ली होजयरी सेंटर, नाइसटेक कम्प्यूटर, आइसेक्ट, मित्तल फर्नीचर, एलआईसी, डिजीटल वेईंग सिस्टम, विजय एडवर्टाइजर्स, अमर आप्टिकल, आईपीएस गुरूकुल महाविद्यालय, करतार फ्यूल्स अदि शामिल थे। चाहे गये पदो में सिविल इंजीनियर, एकाउंट्स, एडमिन, टेली आपरेटर, बेक आफिस, स्टोर्स, टीचर, सुपरवाइजर, मार्केटिंग सेल्स के पद शामिल रहे। टेली एजुकेशन द्वारा रोजगार संबंधी ट्रेनिंग देने के लिये कलकत्ता से ट्रेनिंग देने के लिये ट्रेनर-डिप्टी मैनेजर मलय सरकार उपस्थित रहे। चयनित उम्मीदवारो को कल मेले के अंतिम दिन नियुक्ति पत्र दिये जायेंगे। मंच संचालन राजीव अग्रवाल सहसंयोजक व निहारिका त्रिपाठी द्वारा किया गया।

दीक्षांत समारोह की तैयारियों का कलेक्टर और एसपी ने किया निरीक्षण

बिलासपुर । गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय बिलासपुर के 11वें दीक्षांत समारोह में उपराष्ट्रपति महामहिम जगदीप धनखड़ के आगमन की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। कलेक्टर अवनीश शरण और एसपी रजनेश सिंह ने आज स्थल निरीक्षण कर तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने पंडित सुंदरलाल शर्मा ओपन विवि परिसर हेलीपैड और उनके विश्राम गृह में चल रही तैयारी का निरीक्षण किया। मुख्य कार्यक्रम स्थल रजत जयंती सभागार को भी देखा और काम कर रहे अधिकारियों को निर्देशित किया। उन्होंने प्रोटोकॉल और उप राष्ट्रपति कार्यालय की निर्देशों के अनुरूप तैयारी में कोई कमी नहीं रखने के निर्देश दिए। एसपी सिंह ने सुरक्षा के दृष्टिकोण से पुलिस और सुरक्षा बलों को निर्देश दिए। जिला प्रशासन, पुलिस और विश्व विद्यालय प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारी मौजूद थे। उप राष्ट्रपति  के 15 तारीख को अपराह्न 3 बजे के लगभग आने की संभावना है।

उसलापुर स्टेशन पर फूड प्लाजा और फास्ट फूड यूनिट से मिलेगा स्वादिष्ट व स्वस्थ भोजन

बिलासपुर । रेलवे द्वारा यात्रियों के खानपान अनुभव को और भी बेहतर बनाने की दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठाया जा रहा है। यात्रियों के लिए बेहतर खानपान सुविधाएं उपलब्ध कराने हेतु दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के उसलापुर स्टेशन पर फूड प्लाजा/फास्ट फूड यूनिट स्थापित किए जा रहे है। इन यूनिट्स के माध्यम से यात्रियों को स्टेशन पर ही गुणवत्तापूर्ण और स्वच्छ खानपान की सुविधाएं मिल सकेंगी। इसके अंतर्गत उसलापुर स्टेशन के प्लेटफार्म संख्या 1 में फूड प्लाज़ा एवं प्लेटफार्म संख्या 2/3 में फास्ट फूड यूनिट स्थापित किए जा रहे हैं । आईआरसीटीसी द्वारा इसके लिए निविदा जारी की जा चुकी है ।

उसलापुर स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 1 पर फूड प्लाजा की शुरुआत की जा रही है, जहां यात्रियों को विभिन्न प्रकार के व्यंजनों का विकल्प मिलेगा। यह मल्टी-कुजीन फूड प्लाजा होगा, जिसमें भारतीय खानपान अन्य प्रचलित खानपान सहित क्षभतचन स्नैक्स और अन्य व्यंजनों का आनंद लिया जा सकेगा। इसके साथ ही, यहां की गुणवत्ता और दरें बाजार-आधारित होंगी, जिससे यात्रियों को उचित मूल्य पर स्वादिष्ट भोजन उपलब्ध होगा।

इसी प्रकार प्लेटफार्म नंबर 2/3 पर फास्ट फूड यूनिट की सुविधा दी जा रही है । यह सुविधा विशेष रूप से उन यात्रियों के लिए है, जो त्वरित सेवा के साथ स्वादिष्ट फास्ट फूड का आनंद लेना चाहते हैं। इस यूनिट में फास्ट फूड के सभी प्रचलित आइटम्स के साथ-साथ पैक्ड फूड आइटम्स और अन्य हल्के स्नैक्स उपलब्ध होंगे।

फूड प्लाजा/फास्ट फूड यूनिट्स में यात्रियों के लिए विविध प्रकार के खाद्य पदार्थ के विकल्प उपलब्ध होंगे। इसका उद्देश्य यात्रियों को यात्रा के दौरान स्वादिष्ट और स्वास्थ्यवर्धक भोजन प्रदान करना है, जिससे उनकी यात्रा और भी आरामदायक और आनंददायक हो सके। साथ ही यात्रियों को निर्धारित मूल्यों पर खानपान का बेहतर विकल्प भी मिलेगा।

रेलवे प्रशासन को पूर्ण विश्वास है कि यह सुविधा यात्रियों के सफर को और भी अधिक आरामदायक बनाएगी तथा उन्हें मानक व गुणवत्तायुक्त खान-पान का अनुभव करायेगी। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे प्रशासन यात्रियों को बेहतर यात्रा अनुभव के साथ आरामदायक एवं सुविधाजनक यात्रा उपलब्ध कराने हेतु प्रतिबद्ध है ।

चाकू से धमकाने वाले आरोपी को किया गिरफ्तार

बिलासपुर। तोरवा पुलिस ने जिले में शांति व्यवस्था को भंग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी अनिल कोरी, जो देवरीखुर्द मंगल विहार के सामने चाकू दिखाकर परिवारजनों को धमका रहा था, को पुलिस ने घेराबंदी कर पकड़ा।

पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देशानुसार जिले में लगातार संध्या स्ट्रीट पेट्रोलिंग और आकस्मिक चेकिंग की जा रही है। इसी दौरान 13 जनवरी 2025 को पुलिस को सूचना मिली कि देवरीखुर्द मंगल विहार के सामने अनिल कोरी नामक व्यक्ति चाकू दिखाकर परिवारजनों को डरा रहा है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजेंद्र जायसवाल और सीएसपी अक्षय प्रमोद सबद्रा के मार्गदर्शन में प्रभारी निरीक्षक अभय सिंह बैस के नेतृत्व में टीम ने तुरंत कार्रवाई की।

घटना स्थल पर पहुंचकर पुलिस ने आरोपी को घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से चाकू बरामद किया गया, जिसे जब्त कर लिया गया। आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।

तोरवा पुलिस की इस कार्रवाई को क्षेत्र में शांति और सुरक्षा बनाए रखने की दिशा में एक प्रभावी कदम माना जा रहा है।