बिलासपुर। पीठाधीश्वर आचार्य डॉ. दिनेश जी महाराज ने बताया कि त्रिदेव मंदिर में आषाढ़ गुप्त नवरात्र के चौथे दिन प्रातःकालीन श्री ब्रह्मशक्ति बगलामुखी देवी का विशेष पूजन श्रृंगार कूष्माण्डा एवं त्रिपुरभैरवी देवी के रूप में किया जाएगा। एवं श्री पीतांबरा हवनात्मक महायज्ञ मध्यान्हकालीन निरंतर चल रहा है।
पीठाधीश्वर आचार्य डॉ. दिनेश जी महाराज ने बताया कि गुप्त नवरात्र में माँ के नौ रूपों के साथ साथ दस महाविद्याओं की पूजा भी की जाती है।देवी के समस्त रूपों में से एक जगत प्रसिद्ध देवी त्रिपुर भैरवी भी हैं।माँ त्रिपुर भैरवी तीनों लोकों में सबसे सौंदर्यवान और सभी कर्मो का शीघ्र फलदेने वाली देवी हैं।माँ त्रिपुरभैरवी का सौंदर्य सोलह कलाओं से युक्त सोलह वर्ष की कन्या के समान है। इनके मुख से हजारों सूर्य का तेज निकलता रहता है,माँ त्रिपुरभैरवी की अराधना से समस्त प्रकार के ऐश्वर्य एवं भोग प्राप्त होते है।माँ त्रिपुरभैरवी को यौवन और आकर्षण की देवी माना जाता है।इनकी पूजा करने से आकर्षण व सौंदर्यता की प्राप्ति होती है।अगर आपके वैवाहिक जीवन हमेशा कलह बनी रहती है, आपका कोई प्रिय आपसे रूठ गया है, सम्मान और पद प्राप्त करने के लिए, किसी को भी सम्मोहित करने के लिए भी माँ त्रिपुर भैरवी की साधना बहुत फलदायी होती है. इनकी साधना करने मनुष्य की सभी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं।माँ त्रिपुर भैरवी की उपासना भोग और मोक्ष प्रदान करती है।
माँ त्रिपुर भैरवी की चार भुजाएं हैं।ये अपने हाथों में पाश, अंकुश, धनुष और बाण धारण करती हैं।जो भी मनुष्य मां त्रिपुर भैरवी की साधना करता है माँ उसे कभी भी निराश नही करती हैं।माँ त्रिपुर भैरवी के हृदय में सौम्यता और दया वास करते हैं।मां त्रिपुर भैरवी की महिमा का वर्णन करना शब्दों में सम्भव नही है। संसार की सभी तन्त्र-मंत्र व तांत्रिक और सिद्ध गण बिना माँ के आशीर्वाद के पूरे नहीं हो सकते।
पीठाधीश्वर आचार्य डॉ दिनेश महाराज ने कहा कि दैवी सम्पदा और असुरी सम्पदा दोनों संसार को चलाती है। दैवी सम्पदा अर्थात देवी की उपासना से प्राप्त कर्म,भक्ति, ज्ञान, श्री सम्पदा संसार में सुख, समृद्धि के साथ-साथ अंत में मोक्ष में सहयोगी होती है, परंतु असुरी सम्पदा दुख और दरिद्र बनाती है। और अंत में चौरासी गुना बंधन बनाती है।जैसे माँ अपने बालक के कल्याण के लिए आतुर रहती है,वैसे ही भगवती अपने भक्तों के लौकिक ,पारलौकिक और परमार्थिक कल्याण के लिए तत्पर रहती है।
रायपुर । राज्यपाल रमेन डेका और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज गायत्री नगर रायपुर स्थित जगन्नाथ मंदिर में आयोजित महाप्रभु जगन्नाथ की रथ यात्रा महोत्सव में शामिल हुए। राज्यपाल डेका एवं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भगवान जगन्नाथ की पूजा अर्चना कर ‘छेरा-पहरा‘ की रस्म निभाई। राज्य की प्रथम महिला रानी डेका काकोटी ने जगन्नाथ जी की विधि-विधान से पूजा अर्चना की। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के गायत्री नगर स्थित जगन्नाथ मंदिर में आयोजित रथ यात्रा में शामिल हुए। रायपुर के गायत्री नगर स्थित जगन्नाथ मंदिर में विशेष विधि-विधान के साथ महाप्रभु जगन्नाथ जी की रथ यात्रा निकाली गई। रथ यात्रा प्रारंभ करने से पूर्व भगवान की प्रतिमाओं को मंदिर से रथ तक लाया गया और मार्ग को सोने की झाड़ू से स्वच्छ किया गया। इस परंपरा को छेरापहरा कहा जाता है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सभी प्रदेशवासियों को रथ यात्रा की बधाई देते हुए कहा कि यह पर्व ओडिशा के लिए जितना बड़ा उत्सव है, उतना ही बड़ा उत्सव छत्तीसगढ़ के लिए भी है। साय ने कहा कि भगवान जगन्नाथ किसानों के रक्षक हैं। उन्हीं की कृपा से वर्षा होती है, धान की बालियों में दूध भरता है और किसानों के घरों में समृद्धि आती है। मैं भगवान जगन्नाथ से प्रार्थना करता हूं कि इस वर्ष भी छत्तीसगढ़ में भरपूर फसल हो। उन्होंने कहा कि भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा से मेरी विनती है कि वे हम सभी पर अपनी कृपा बनाए रखें और हमें शांति, समृद्धि एवं खुशहाली की ओर अग्रसर करें।
बिलासपुर। विधायक अमर अग्रवाल ने आज शहर के जगमल चौक में मूक बधिर एवं मंदबुद्धि दिव्यांग स्कूल का शुभारंभ किया। लगभग डेढ़ सौ बच्चे इस विशेष स्कूल में कक्षा पहली से आठवीं तक पढ़ाई कर रहे हैं। मुख्य अतिथि ने सभी बच्चों को संस्था की ओर से स्कूल बैग वितरित किये। समाजसेवी संस्था सुवाणी शिक्षण समिति द्वारा इस विशेष स्कूल का संचालन एवं बच्चों को निःशुल्क शिक्षा प्रदान की जायेगी। कलेक्टर संजय अग्रवाल एवं संयुक्त संचालक समाज कल्याण विभाग श्रद्धा मैथ्यू भी इस मौके पर उपस्थित थी।
इस अवसर पर स्कूली बच्चों ने अतिथियों का स्वागत किया और उनके सम्मान में मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी। इस मौके पर समाजसेवी एसपी चतुर्वेदी, श्यामसुन्दर तिवारी, प्रशांत बुधिया, पवन अग्रवाल, सुरेन्द्र वर्मा, सरिता सिंह राधा फाउण्डेशन, स्कूल के प्राचार्य आरजे सिंह, पार्षद मोती गंगवानी सहित बड़ी संख्या में बच्चे, उनके पालक, स्कूल के शिक्षक एवं कर्मचारी तथा गणमान्य नागरिक उपस्थित थे
बिलासपुर। धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत जनजातीय बहुल क्षेत्रों में शासन की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से 15 जून से 30 जून तक विशेष शिविर का आयोजन जिले के सभी विकासखंडों के 102 गांवों में किया जा रहा है। इसी क्रम में तखतपुर के ग्राम पंचायत बिनौरी और विकासखंड कोटा के ग्राम पंचायत खोंगसरा में शिविर का आयोजन किया गया जिसमें ग्रामीणों ने उत्साह से भागा लिया। शिविर में स्थानीय जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी रही।
वर्तमान में बैराज में 60 प्रतिशत से अधिक जल भराव हो चुका है। बैराज की सुरक्षा हेतु मध्य रात्रि के बाद कभी भी अरपा नदी में पानी छोड़ा जा सकता है। अतः सर्व साधारण एवं कार्य एजेंसियों को सूचित किया जाता है कि बैराज के डॉऊन स्ट्रीम में नदी किनारे बाढ़ क्षेत्र में स्थापित चल-अचल संपत्ति सुरक्षित स्थानों पर ले जावें। बाढ़ क्षेत्र में स्थापित खनिज खदान ठेकेदार, औद्योगिक ईकाईयों, संस्थानों, निवासरत आम जनता, ग्रामवासी, नदी में कार्यरत निर्माण ऐजेन्सी, रेत ठेकेदार, ट्रक, ट्रैक्टर वाहन मालिक आदि सभी को सूचित किया जाता है कि नदी के जल प्रवाह को दृष्टिगत रखते हुए अपनी परिसम्पत्तियों, सामग्री, वाहन मशीनरी आदि को बाढ़ क्षेत्र से बाहर सुरक्षित कर लें, ताकि कोई क्षति न हो। अकस्मात बाढ़ से होने वाली किसी भी प्रकार की क्षति के लिए जल संसाधन विभाग जिम्मेदार नहीं होगा।