25 फरवरी को देश के सभी जिला मुख्यालयों में श्रम सुधारों के लिए धरना प्रदर्शन के साथ मांग पत्र सौंपा जाएगा
बिलासपुर । भारतीय मजदूर संघ का 21 वां अखिल भारतीय अधिवेशन जगन्नाथ धाम पुरी में दिनांक 06/07और 08 फरवरी को संपन्न हुआ। अधिवेशन के उद्घाटन समारोह में केन्द्रीय श्रम मंत्री मनसुख माढ़विया जी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। विभिन्न सत्रों में उड़ीसा के मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और आई एल ओ प्रतिनिधियों के अलावा केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने भी देश भर से आए 2500 प्रतिनिधियों को संबोधित किया। देश और दुनिया के सबसे बड़े श्रम संगठन के तीन दिन तक चले इस विशाल श्रमिक समागम में भारतीय मजदूर संघ के शून्य से शिखर तक की अब तक कई यात्रा और इससे आगे श्रमिक आंदोलन में नव चुनौतियों पर विस्तार से विमर्श किया गया। सम्मेलन के दूसरे दिन जगन्नाथ धाम में हजारों श्रमिकों ने विशाल शोभायात्रा निकाली और सार्वजनिक सभा भी किया। अंत में तीसरे दिन निवर्तमान अध्यक्ष हिरण्यमय पंड्या ने आगामी तीन वर्षों के लिए नवीन कार्यकारिणी का प्रस्ताव रखा जिसे सर्वसम्मति से हर्षध्वनि के साथ पारित किया गया।नवीन कार्यकारिणी में एस मलेशम को अध्यक्ष एवं छत्तीसगढ़ के कद्दावर श्रमिक नेता सुरेन्द्र कुमार पाण्डेय जी को महामंत्री का दायित्व दिया गया है, इसके साथ ही छत्तीसगढ़ को विशेष उपलब्धि के रूप में श्री राधेश्याम जायसवाल को अखिल भारतीय मंत्री के साथ कार्यसमिति सदस्य के रूप में दिनेश कुमार पाण्डेय एवं श्री गिरिजा शंकर आचार्य को भी महत्वपूर्ण भूमिका दी गई है। भारतीय मजदूर संघ छत्तीसगढ़ के कार्यकारी अध्यक्ष शंखध्वनि सिंह बनाफर ने बताया कि उपरोक्त नियुक्ति से छत्तीसगढ़ के मजदूर वर्ग में खुशी की लहर व्याप्त है और इससे देश भर में श्रमिक आंदोलनों को नई ऊर्जा मिलेगी।
श्रमिकों के उत्थान के लिए पांच महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए गए
1.श्रम कानूनों का बिना किसी अपवाद के सभी श्रमिकों पर सार्वभौमिक रूप से लागू करें और अन्त्योदय को साकार करें।
2.जनरल भर्ती पर रोक तुरंत हटाई जाए।
3.औद्योगिक वार्ता में त्रिपक्षीय तंत्र को पुनर्जीवित कर उसे प्रभावी, व्यवहारिक एवं नियमित किया जाए।
4.आंगनबाड़ी कर्मियों को सरकारी कर्मचारी घोषित करते हुए इनको वेतन और सामाजिक सुरक्षा का लाभ दिया जाए।
5. ठेका श्रमिकों के शोषण को खत्म करने के लिए कानून में बदलाव किया जाए। इस संबंध में चर्चा में भाग लेते हुए छत्तीसगढ़ के कार्यकारी अध्यक्ष शंखध्वनि सिंह बनाफर ने मांग की है कि 1.ठेका श्रमिकों को भी संवैतनिक अवकाश, आकस्मिक अवकाश, अर्जित अवकाश और चिकित्सा अवकाश का लाभ दिया जाvए।
2.ठेका श्रमिकों को सालाना वेतन वृद्धि और पदोन्नति का लाभ दिया जाए।
3.दस वर्ष या उससे अधिक समय से कार्यरत ठेका श्रमिकों को स्थाई कर्मचारी घोषित किया जाए।



