परासी मिडील स्कूल निर्माण अब भी अधूरा, बच्चे आसमान के नीचे पढ़ने को मजबूर

मरवाही। जनपद पंचायत मरवाही के ग्राम परासी में शिक्षा विभाग और प्रशासन की लापरवाही ने एक बार फिर सरकारी तंत्र की पोल खोल दी है। पूर्व माध्यमिक शाला परासी की पुरानी बिल्डिंग को करीब 6 महीने पहले तोड़ दिया गया था, ताकि बच्चों के लिए नया और आधुनिक भवन तैयार किया जा सके। लेकिन आधा साल बीत जाने के बाद भी नया भवन आज तक अधूरा पड़ा है। 
जानकारी के अनुसार, निर्माण कार्य की लगभग 40 से 50 प्रतिशत राशि खर्च की जा चुकी है, लेकिन इसके बाद ठेकेदार कार्य छोडक़र फरार हो गया। नतीजतन, बच्चे आज भी बिना भवन के अस्थायी जगहों पर पढ़ाई करने को मजबूर हैं।

बच्चों की शिक्षा पर संकट

जहां सरकार पढ़ेगा इंडिया तभी तो बढ़ेगा इंडिया के नारे लगा रही है, वहीं परासी के बच्चे खुले आसमान और अधूरे कमरे में बैठकर शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। न कोई पंखा, न फर्नीचर, न सुरक्षा की व्यवस्था बच्चे और शिक्षक दोनों परेशान हैं।

ग्रामवासियों का आरोप

गांव के लोगों का कहना है कि भवन निर्माण की राशि का आधा हिस्सा खर्च होने के बाद भी काम रुक गया। शिक्षा विभाग और जनपद सीईओ और अधिकारी चुप्पी साधे बैठे हैं। आखिर कब तक बच्चों के भविष्य के साथ ऐसा खिलवाड़ चलता रहेगा? ठेकेदार को भुगतान के बाद काम की मॉनिटरिंग किसने की? शिक्षा विभाग के अधिकारी मौन क्यों हैं? क्या बच्चों की शिक्षा अब सिर्फ कागजों में सिमटकर रह जाएगी?
सवाल यह भी है कि इतना समय बीत जाने के बावजूद कार्य अब तक पूर्ण नहीं हुआ है। ठेका निरस्त कर ठेकेदार पर कोई कार्यवाही क्यों नहीं की गई? इसका मतलब साफ तौर पर यह दर्शाता है कि ग्राम पंचायत और जनपद अधिकारियों की संलिप्तता रही है।
ग्रामवासियों ने शासन -प्रशासन से मांग की है कि भवन निर्माण कार्य तुरंत पूर्ण कराया जाए, ठेकेदार और संबंधित अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी लापरवाही दोबारा न हो।

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