मोटापे के खिलाफ पीएम मोदी का बड़ा अभियान: 10 मशहूर हस्तियों को किया नामित, आगे बढ़ेगा जागरूकता आंदोलन

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में मोटापे के खिलाफ जागरूकता फैलाने और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने के लिए एक विशेष अभियान की शुरुआत की है। इस अभियान के तहत पीएम मोदी ने राजनीति, खेल, उद्योग और मनोरंजन जगत की 10 प्रमुख हस्तियों को नामित किया है। उन्होंने इन सभी से आग्रह किया है कि वे भी आगे 10-10 और लोगों को नामित करें, जिससे यह आंदोलन और व्यापक हो सके।

इन हस्तियों को किया नामित

पीएम मोदी ने जिन हस्तियों को इस अभियान के लिए नामित किया है, उनमें जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, उद्योगपति आनंद महिंद्रा, अभिनेता मोहनलाल, भोजपुरी गायक-अभिनेता निरहुआ, निशानेबाज मनु भाकर, भारोत्तोलक मीराबाई चानू, इंफोसिस के सह-संस्थापक नंदन नीलेकणि, अभिनेता आर माधवन, गायिका श्रेया घोषाल और सामाजिक कार्यकर्ता-सांसद सुधा मूर्ति शामिल हैं।

पीएम मोदी का सोशल मीडिया संदेश

पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर लिखा, “मैं मोटापे के खिलाफ लड़ाई को मजबूत करने और भोजन में तेल की खपत को कम करने के लिए कुछ हस्तियों को नामित कर रहा हूं। मैं उनसे अनुरोध करता हूं कि वे भी आगे 10 और लोगों को नामित करें, ताकि यह अभियान जन-जन तक पहुंचे।” उन्होंने अपने हालिया ‘मन की बात’ कार्यक्रम में भी तेल की खपत 10 फीसदी कम करने की अपील की थी।

हस्तियों की प्रतिक्रियाएं और उनके नामित लोग

उमर अब्दुल्ला ने अभियान से जुड़ने पर खुशी जाहिर करते हुए आगे 10 अन्य लोगों को नामित किया। इनमें अभिनेत्री दीपिका पादुकोण, पूर्व टेनिस खिलाड़ी सानिया मिर्जा, बायोकॉन की एमडी किरण मजूमदार शॉ, उद्योगपति सज्जन जिंदल, पूर्व क्रिकेटर इरफान पठान, सांसद सुप्रिया सुले और पूर्व वुशु खिलाड़ी कुलदीप हांडू शामिल हैं।

आनंद महिंद्रा ने कहा, “2047 तक विकसित भारत का सपना साकार करने के लिए एक मजबूत अर्थव्यवस्था के साथ-साथ एक सेहतमंद आबादी भी जरूरी है। खाद्य तेल का कम इस्तेमाल न केवल सेहत के लिए, बल्कि आपकी जेब के लिए भी फायदेमंद होगा।” उन्होंने अभिनेता अनिल कपूर, अभिनेत्री गुल पनाग और बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु सहित 10 हस्तियों को नामित किया।

नंदन नीलेकणि ने कहा, “इस अभियान से न केवल स्वास्थ्य बेहतर होगा, बल्कि आयात पर निर्भरता कम होने और मूल्यवान संसाधनों की बचत से देश की अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी।”

स्वस्थ भारत की दिशा में अहम कदम

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह अभियान न केवल मोटापे से जुड़ी बीमारियों से बचाव के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि इससे देशभर में एक स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की जागरूकता भी फैलेगी। अब देखना यह है कि नामित हस्तियों के प्रयासों से यह अभियान कितना व्यापक रूप से आगे बढ़ता है और देश की जनता इसमें किस तरह भागीदारी करती है।

 

 

 

 

‘एक देश एक चुनाव’ विधेयक पर संसदीय समिति की बैठक: कानूनी विशेषज्ञ और वरिष्ठ अधिकारी हुए पेश

नई दिल्ली। ‘एक देश एक चुनाव’ (ONOE) विधेयक पर चर्चा के लिए गठित संसदीय समिति की बैठक मंगलवार को आयोजित की गई, जिसमें प्रमुख कानूनी विशेषज्ञ और वरिष्ठ अधिकारियों ने अपने विचार प्रस्तुत किए। बैठक के दौरान विधि आयोग के पूर्व अध्यक्ष रितुराज अवस्थी और आईएएस अधिकारी नितेन चंद्रा समिति के समक्ष पेश हुए।

नितेन चंद्रा, जो पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के नेतृत्व में गठित ‘एक देश एक चुनाव’ समिति के सचिव भी रहे हैं, ने अपने अनुभव और विचार साझा किए। रितुराज अवस्थी ने भी कानूनी दृष्टिकोण से विधेयक के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला। संसदीय समिति सभी संबंधित विशेषज्ञों और हिस्सेदारों के विचार लेकर विधेयक के हर पहलू पर गहन चर्चा कर रही है।

पूर्व मुख्य न्यायाधीश और वरिष्ठ अधिवक्ता भी रखेंगे विचार

बैठक के आगामी सत्रों में भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश यू यू ललित भी समिति के समक्ष पेश होंगे। इसके अलावा, वरिष्ठ अधिवक्ता और पूर्व कांग्रेस सांसद ई एम सुदर्शन नचियप्पन, जिन्होंने 2015 में एक साथ चुनाव कराने के पक्ष में संसदीय समिति का नेतृत्व किया था, वे भी अपने विचार साझा करेंगे।

सरकार ने पेश किए दो महत्वपूर्ण विधेयक

केंद्र सरकार ने पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता में गठित उच्च स्तरीय समिति की सिफारिशों को स्वीकार करते हुए लोकसभा में दो महत्वपूर्ण विधेयक पेश किए हैं। इनमें एक संविधान संशोधन विधेयक भी शामिल है। इन विधेयकों पर चर्चा के लिए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भाजपा सांसद और पूर्व कानून मंत्री पी पी चौधरी की अध्यक्षता में 39 सदस्यीय संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) का गठन किया है।

अब तक हुई दो बैठकें, चर्चा जारी

संसदीय समिति ने अब तक मंगलवार को हुई बैठक सहित कुल दो बैठकें की हैं। आने वाले दिनों में समिति द्वारा और भी विशेषज्ञों और संबंधित पक्षों से बातचीत कर ‘एक देश एक चुनाव’ विधेयक पर अंतिम सिफारिशें तैयार की जाएंगी।

बिलासपुर केंद्रीय जेल में पहली बार महाकुंभ का आयोजन, कैदियों ने गंगा जल से किया आध्यात्मिक स्नान

बिलासपुर।  केन्द्रीय जेल बिलासपुर में आज सवेरे प्रयागराज महाकुंभ से मंगाये गये गंगा जल से कैदियों का सामूहिक स्नान करवाया गया। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय एवं उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के निर्देश पर जेल में बंद कैदियों ने पहली बार आध्यात्मिक स्नान का आनंद उठाया। बिलासपुर केन्द्रिय जेल में बंद करीब दो हजार कैदियों ने हर-हर गंगे की जप के साथ डुबकी लगाई।
केन्द्रीय जेल में दो दिन पहले प्रयागराज से पहुंचे गंगा जल को पूजा- अर्चना कर विधि-विधान से जेल की चहार दीवारियों के भीतर लाया गया। कैदियों की भजन मण्डली ने जेल के मुख्य द्वार से गंगा जल को सुन्दरता से सजायी गई मटकियों में रख कर टंकियों और अन्य कैदियों तक पहुंचाया। महाकुंभ स्नान को लेकर जेल प्रशासन ने पहले से तैयारियां कर रखी थीं। जेल अधीक्षक खोमेश मण्डावी ने बताया कि कैदियों के नहाने वाली टंकी को भी चारों तरफ से सजा लिया गया था। राज्य सरकार के साथ ही जेल प्रशासन ने अपनी ओर से 40 लीटर गंगा जल की व्यवस्था कर रखी थी, जिससे कैदियों ने स्नान किया। किसी ने लोटे से स्नान किया तो कईयों ने टंकी में डुबकी लगाई। कैदियों ने राज्य शासन के जेल में गंगा स्नान कराने की पहल की सराहना की है। उन्होंने कहा कि इससे कैदियों को मानसिक और आत्मिक शांति प्राप्त होगी।

हेलमेट जागरूकता रैली में 300 से अधिक हेलमेट वितरित, पुलिस अधीक्षक ने दिलाई यातायात शपथ

बिलासपुर । जिला यातायात पुलिस बिलासपुर द्वारा पुलिस अधीक्षक  रजनेश सिंह के नेतृत्व में सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान के तहत सीपत ग्राम पंचायत में भव्य हेलमेट जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान 300 से अधिक हेलमेट वितरित किए गए और लगभग 400 लोगों ने सिर पर हेलमेट पहनकर रैली में भाग लिया। रैली का उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना और हेलमेट पहनने के महत्व के प्रति आम जनता को जागरूक करना था।

कार्यक्रम की शुरुआत नवाडीह चौक, सीपत में हेलमेट वितरण अभियान के साथ हुई, जहां  रजनेश सिंह ने उपस्थित नागरिकों को हेलमेट पहनने की अनिवार्यता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में ज्यादातर मौतें सिर की गंभीर चोटों के कारण होती हैं, जिन्हें हेलमेट पहनकर रोका जा सकता है। उन्होंने बताया कि जिला पुलिस बिलासपुर एनटीपीसी के सहयोग से उच्च गुणवत्ता वाले हेलमेट का वितरण कर रही है ताकि किसी भी व्यक्ति को सड़क दुर्घटना के दौरान गंभीर चोट का सामना न करना पड़े।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रामगोपाल करियारे ने भी उपस्थित लोगों को यातायात नियमों के पालन के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि सड़क दुर्घटनाओं में सबसे ज्यादा मौतें युवाओं की होती हैं, जो परिवार का मुख्य सहारा होते हैं। ऐसी दुर्घटनाओं से पूरे परिवार पर आर्थिक और सामाजिक संकट आ जाता है। इसलिए प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व है कि वह यातायात नियमों का पालन करे और हेलमेट पहनने को अपनी आदत बनाए।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे एनटीपीसी के परियोजना प्रमुख विजय कृष्ण पांडे ने कहा कि जीवन अनमोल है और इसकी सुरक्षा हमारी अपनी जिम्मेदारी है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वाहन चलाते समय हेलमेट पहनना अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं ताकि सड़क दुर्घटनाओं के कारण आकस्मिक मौतों को रोका जा सके।

कार्यक्रम के अंत में पुलिस अधीक्षक  रजनेश सिंह ने उपस्थित सभी नागरिकों को यातायात नियमों के पालन की शपथ दिलाई। इसके बाद, 400 से अधिक वाहन चालकों ने हेलमेट पहनकर पूरे शहर में जागरूकता रैली निकाली, जिसे पुलिस अधीक्षक, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक और एनटीपीसी परियोजना प्रबंधक ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

इस अवसर पर उप पुलिस अधीक्षक शिवचरण परिहार, थाना प्रभारी सीपत गोपाल सत्पथी, एनटीपीसी के अधिकारी, पुलिस विभाग के कर्मचारी, स्व सहायता समूह के प्रमुख, प्रेस एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के पत्रकार एवं बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित थे। कार्यक्रम का समापन थाना प्रभारी गोपाल सत्पथी के आभार प्रदर्शन के साथ हुआ।

5 साल की मासूम बच्ची की निर्मम हत्या, कॉलोनी में मचा हड़कंप

बिलासपुर  । बिलासपुर के सरकंडा थाना क्षेत्र स्थित स्वर्णिम ईरा कॉलोनी में 5 साल की मासूम बच्ची की हत्या से इलाके में सनसनी फैल गई। बच्ची का शव एक निर्माणाधीन मकान की छत पर संदिग्ध हालात में मिला। प्रारंभिक जांच में बच्ची के साथ अनैतिक कृत्य की आशंका भी जताई जा रही है।

काम पर गए थे माता-पिता, लौटने पर हुआ हत्याकांड का खुलासा जानकारी के अनुसार, मृतक बच्ची के माता-पिता मजदूरी का कार्य करते हैं। घटना वाले दिन भी वे काम पर गए हुए थे। देर शाम तक बच्ची के घर न लौटने पर परिवार ने उसकी तलाश शुरू की। पूरी रात खोजबीन के बाद भी बच्ची का कोई पता नहीं चला। अगले दिन जब एक निर्माणाधीन मकान की छत पर बच्ची का शव मिला, तो पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया।

सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल, कॉलोनीवासियों का आक्रोश घटना की खबर फैलते ही स्थानीय लोगों में आक्रोश व्याप्त हो गया। कॉलोनीवासियों ने पुलिस और बिल्डर पर लापरवाही का आरोप लगाया। उनका कहना है कि निर्माणाधीन मकान में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं थे, जिससे किसी भी बाहरी व्यक्ति का वहां आना-जाना आसान था।

पुलिस ने शुरू की जांच, जल्द खुलासा होने का दावा पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस के अनुसार, घटनास्थल से कुछ महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं, जिनके आधार पर संभावित आरोपियों की तलाश की जा रही है। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि जल्द ही मामले का खुलासा कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

स्थानीय लोगों का विरोध प्रदर्शन, बच्ची के लिए न्याय की मांग इस दर्दनाक घटना के बाद स्थानीय लोगों ने बिल्डर और प्रशासन के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने निर्माणाधीन इमारतों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम करने और दोषियों को सख्त सजा दिलाने की मांग की।

बच्चियों की सुरक्षा पर खड़े हुए गंभीर सवाल इस घटना ने एक बार फिर समाज में बच्चियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। परिजन और स्थानीय लोग बच्ची को जल्द से जल्द न्याय दिलाने की मांग कर रहे हैं। पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है।

सकरी पुलिस की बड़ी कार्रवाई: अवैध नशीली कफ सिरप के साथ आरोपी गिरफ्तार, स्विफ्ट डिजायर कार जब्त

बिलासपुर। सकरी थाना पुलिस ने अवैध नशीली कफ सिरप की तस्करी के मामले में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने इलाहाबाद से रायपुर ले जाए जा रहे 120 नग नशीली कफ सिरप ‘वनरेक्स’ जब्त की है, जिसकी बाजार कीमत 23,400 रुपये आंकी गई है। साथ ही, आरोपी के कब्जे से 6 लाख रुपये की स्विफ्ट डिजायर कार (क्रमांक MH 12 KN 4428) भी जब्त की गई है। जब्त सामग्री की कुल कीमत 6 लाख 23,400 रुपये है।

मुखबिर की सूचना पर हुई कार्रवाई 24 फरवरी 2025 को पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति इलाहाबाद से रायपुर की ओर अवैध नशीली कफ सिरप लेकर स्विफ्ट डिजायर कार से जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक बिलासपुर श्री रजनेश सिंह (भा.पु.से) के निर्देश पर तत्काल कार्रवाई की योजना बनाई गई। अति पुलिस अधीक्षक (शहर) श्री राजेन्द्र जायसवाल और नगर पुलिस अधीक्षक सिविल लाइन श्री निमितेश सिंह के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी सकरी निरीक्षक रविन्द्र अनन्त के नेतृत्व में पुलिस टीम गठित की गई।

कार की घेराबंदी कर पकड़ा गया आरोपी मुखबिर द्वारा बताए गए अनुसार राष्ट्रीय राजमार्ग 130 पर ग्राम पाड़ स्थित कृष्ना ढाबा के पास संदिग्ध स्विफ्ट डिजायर कार की घेराबंदी की गई। तलाशी लेने पर कार में कार्टून के अंदर रखे 120 नग नशीली कफ सिरप पाई गई, जिसे एनडीपीएस एक्ट की धारा 21(सी) के तहत विधिवत जब्त किया गया।

आरोपी से पूछताछ और न्यायालय में पेशी पुलिस पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम मिथिलेश तिवारी पिता स्व. शिव प्रसाद तिवारी, उम्र 46 वर्ष, निवासी हीरापुर, थाना कबीर नगर, रायपुर (छत्तीसगढ़) बताया। आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक प्रक्रिया के तहत न्यायालय में पेश किया गया।

टीम ने निभाई अहम भूमिका इस कार्रवाई में थाना प्रभारी रविन्द्र अनन्त, सहायक उप निरीक्षक राजकुमार वस्त्रकार, आरक्षक सरफराज खान, सुमंत कश्यप, रवि शंकर सिरों और एसीसीयू टीम का महत्वपूर्ण योगदान रहा। पुलिस की इस कार्रवाई से नशीली पदार्थों की अवैध तस्करी पर रोक लगाने में सफलता मिली है।

चुनाव के बाद विकास कार्यों में तेजी लाने कलेक्टर ने दिए निर्देश

मल्हार महोत्सव की तैयारी पर 4 मार्च को बैठक

बिलासपुर ।  कलेक्टर अवनीश शरण ने टीएल बैठक में आज लंबित मामलों एवं राज्य सरकार की प्राथमिकता वाली योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने चुनाव संपन्न होने के बाद विकास कार्यो की गति में फिर से तेजी लाने के निर्देश दिए। शांतिपूर्ण चुनाव सम्पन्न होने पर इससे जुड़े सभी अधिकारी-कर्मचारियों, सुरक्षा बलों, मीडिया प्रतिनिधियों, राजनीतिक दल एवं प्रत्याशियों तथा आम जनता को धन्यवाद देते हुए सहयोग के लिए सभी के प्रति आभार व्यक्त किया है।बैठक में डीएफओ श्री सत्यदेव शर्मा सहित विभागीय वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
कलेक्टर अवनीश शरण ने कहा कि स्थानीय निकाय चुनाव के लिए प्रभावशील आदर्श आचरण संहिता समाप्त हो चुकी है। तेज गति से काम अब फिर से शुरू किया जाये। उन्होंने कहा कि अगले सप्ताह से विभागवार योजनाओं की समीक्षा शुरू की जायेगी। उन्होंने आचार संहिता के कारण रूकी हुई भर्ती की कार्यवाही भी शुरू करने के निर्देश दिए। कलेक्टर कार्यालय, एनएचएम सहित सभी विभागों में मार्च के अंत तक जारी भर्ती की प्रक्रिया पूर्ण करने को कहा है। कलेक्टर ने कहा कि संविदा, कलेक्टर रेट अथवा अन्य किसी भी मद से कार्य कर रहे कर्मचारियों का वेतन समय पर दिया जाये। इस कार्य में रूकावट नहीं आने चाहिए।
कलेक्टर ने मल्हार सोसायटी में धान खरीदी में गड़बड़ी पाये जाने पर एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा सभी कार्यालयों में ई-ऑफिस योजना लागू करने के निर्देश हैं। एनआईसी से समन्वय कर सभी जरूरी औपचारिकताएं पूर्ण करें। कलेक्टर ने बताया कि मुख्यमंत्री जी की घोषणा के अनुरूप इस साल से फिर मल्हार महोत्सव शुरू किया जायेगा। मल्हार में इस संबंध में 4 मार्च को दोपहर 12 बजे बैठक आयोजित की गई है। उन्होंने बोर्ड परीक्षाओं की तैयारियों की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि बच्चों को परीक्षा देने में किसी प्रकार की दिक्कतें परीक्षा केन्द्रों पर नहीं होने चाहिए।

सकर्रा को मिला उपतहसील का दर्जा, 25 ग्रामों के ग्रामीणों को मिलेगी बड़ी राहत

बिलासपुर। तहसील सकरी के ग्राम सकर्रा को उपतहसील का दर्जा दे दिया गया है। कलेक्टर कार्यालय, बिलासपुर (भू-अभिलेख शाखा) से 24 फरवरी 2025 को जारी आदेश के अनुसार, यह निर्णय छत्तीसगढ़ शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के निर्देशानुसार लिया गया है। इस फैसले से ग्रामीणों को राजस्व संबंधी कार्यों में बड़ी राहत मिलेगी। अब लोगों को अपने जरूरी सरकारी कार्यों के लिए दूर तहसील कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।

प्रशासन ने ग्राम सकर्रा को उपतहसील घोषित करने के साथ ही यहां लिंक कोर्ट और राजस्व कोर्ट की स्थापना का भी आदेश दिया है। इससे ग्रामीणों के भूमि अभिलेख, नामांतरण, राजस्व मामलों और अन्य प्रशासनिक कार्यों का निपटारा उपतहसील स्तर पर ही हो सकेगा। प्रशासनिक दृष्टिकोण से भी यह निर्णय बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इससे सरकारी सेवाओं की पहुंच ग्रामीण क्षेत्रों तक और अधिक प्रभावी होगी।

उपतहसील सकर्रा में तहसील सकरी के अंतर्गत आने वाले 25 ग्रामों को शामिल किया गया है। अमसेना राजस्व निरीक्षक मंडल के सात पटवारी हल्का क्रमांक 33 से 39 के तहत आने वाले ग्रामों में कोड़ापुरी, मेड़पार बाजार, सकेती, सांवाताल, कुरेली, केकराड़, ठाकुरकांपा, खजुरी, मुरू, पथराली, बुटेना, कबराकांपा, खरकेना, मेड़पार (छोटा), डिघोरा, छतौना, बोड़सरा पाली, अमसेना, बेलमुंडी, सकर्रा, कोपरा, सिधिरी, उड़ेला और सरसेनी शामिल हैं।

नवगठित उपतहसील सकर्रा की सीमाओं का निर्धारण उत्तर में तहसील तखतपुर, दक्षिण में तहसील बिल्हा, पूर्व में तहसील सकरी और पश्चिम में तहसील पथरिया, जिला मुंगेली के रूप में किया गया है। आदेश के अनुसार, यह व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है।

प्रशासन का मानना है कि उपतहसील के गठन से न केवल ग्रामीणों के कामकाज आसान होंगे, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था भी अधिक मजबूत और प्रभावी होगी। इसके अलावा, तहसील सकरी का प्रशासनिक भार भी कम होगा, जिससे विकास कार्यों को गति मिलेगी।

SATTE 2025 में छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड की धमाकेदार उपस्थिति, पर्यटन विकास के खुले नए अवसर

रायपुर। दक्षिण एशिया के सबसे बड़े ट्रैवल एक्सपो SATTE ( साउथ एशिया ट्रेवल एंड टूरिज्म एक्सपो) 2025 में छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड ने अपनी प्रभावशाली उपस्थिति दर्ज कराई है। 19 से 21 फरवरी 2025 तक आयोजित इस भव्य आयोजन में छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों को प्रमोट करने के लिए एक विशेष स्टॉल लगाया गया, जिसने देशभर के टूर ऑपरेटर्स, निवेशकों और पर्यटकों का ध्यान आकर्षित किया।

एक्सपो के दौरान छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक विवेक आचार्य ने विभिन्न राज्यों से आए पर्यटन विभाग के अधिकारियों और टूर ऑपरेटर्स से मुलाकात की। आचार्य ने एक प्रेजेंटेशन के माध्यम से चित्रकोट जलप्रपात, बारनवापारा अभयारण्य, बस्तर की गुफाएं, सिरपुर, मैनपाट सहित राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थलों की जानकारी दी। साथ ही, उन्होंने छत्तीसगढ़ में पर्यटन विकास और निवेश के अवसरों पर भी प्रकाश डाला।

विवेक आचार्य ने कहा, “छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता, समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सरकार की पर्यटन नीतियां इसे एक प्रमुख पर्यटन गंतव्य के रूप में उभरने में मदद कर रही हैं।” उन्होंने बताया कि राज्य सरकार पर्यटकों और निवेशकों के लिए अनुकूल माहौल बनाने हेतु कई नई योजनाओं पर कार्य कर रही है।

SATTE 2025 में छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड का स्टॉल एक्सपो के आकर्षण का केंद्र बना रहा, जहां बड़ी संख्या में टूर एंड ट्रैवल एजेंसियों, उद्योग विशेषज्ञों और पर्यटन प्रेमियों ने भाग लिया। एक्सपो में छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों और संभावनाओं को लेकर उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिली, जिससे यह साफ है कि राज्य जल्द ही देश के शीर्ष पर्यटन स्थलों में अपनी मजबूत पहचान बनाएगा।

विभिन्न राज्यों के टूर ऑपरेटरर्स और ट्रेवेल एजेंटस ने SATTE ( साउथ एशिया ट्रेवल एंड टूरिज्म एक्सपो) के स्टाल में छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के साथ अपना स्पॉट रजिस्ट्रेशन भी कराया ताकि टूरिज्म बोर्ड की नीतियों के तहत उन्हें टूरिज्म बुकिंग का लाभ मिल सके और दूसरे राज्यों के पर्यटक अधिक से अधिक संख्या में छत्तीसगढ़ के आकर्षक पर्यटन स्थलों का भ्रमण भी कर सकें। इस छोटी सी शुरूवात ने छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के लिए भविष्य की सार्थक संभावनाओं के द्वार खोले हैं।

दिल्ली के यशोभूमि में आयोजित इस अवसर पर छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के महाप्रबंधक वेदव्रत सिरमौर, उप महाप्रबंधक संदीप ठाकुर एवं विभिन्न अधिकारी उपस्थित रहे। उन्होंने टूर एंड ट्रैवल एजेंसियों, सरकारी अधिकारियों और निवेशकों से मुलाकात कर राज्य के पर्यटन स्थलों, योजनाओं और निवेश के अवसरों पर विस्तार से चर्चा की।

किसानों के खातों में एक लाख करोड़ रुपये हस्तांतरण: मुख्यमंत्री साय

रायपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज बिहार के भागलपुर से पीएम किसान सम्मान निधि योजना की 19वीं किस्त जारी की। इसके तहत देश भर के 9.8 करोड़ किसानों के बैंक खातों में 22,000 करोड़ रुपये अंतरित किए गए। इनमें छत्तीसगढ़ के 25 लाख 95 हजार 832 किसान शामिल हैं। इन किसानों खाते में 599 करोड़ 38 लाख रुपए की सम्मान निधि भेजी गई है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय भी पीएम किसान सम्मान निधि कार्यक्रम से जुड़े। उन्होंने राजधानी रायपुर के इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम में किसान सम्मान निधि प्राप्त करने वाले किसानों को बधाई दी और उन्हें सम्मानित भी किया।

मुख्यमत्री विष्णु देव साय ने कहा कि अन्नदाताओं का सम्मान माँ अन्नपूर्णा के सम्मान की तरह है। चौदह महीनों के अंतराल में हमने किसान भाइयों के खाते में करीब एक लाख करोड़ रुपए भेजा है। अन्नदाताओं को अच्छा मूल्य मिलने से उनके जीवन खुशहाली आयी है। किसान आधुनिक खेती की ओर बढ़ रहे हैं। किसानों की समृद्धि से ही मजबूत ग्रामीण विकास का आधार तैयार हुआ है और शहरी अर्थव्यवस्था भी इससे बेहतर हुई है। अन्नदाताओं के श्रम से मिली शक्ति और उत्साह से ही हम छत्तीसगढ़ को संवार रहे हैं। विकसित छत्तीसगढ़-विकसित भारत बनाने में किसानों की भागीदारी सबसे महत्वपूर्ण है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि में अब तक 9712 करोड़ 58 लाख रुपए की सम्मान निधि प्रदेश के किसानों को दी जा चुकी है। वर्ष 2023-24 की तुलना में 2 लाख 75 हजार से अधिक किसान भाइयों को इस योजना का लाभ मिला है। इस योजना का लाभ हमारे 2 लाख 34 हजार वन पट्टा धारी किसानों और 32 हजार 500 विशेष पिछड़ी जनजाति के किसानों को भी मिल रहा है। विशेष पिछड़ी जनजाति के किसान भाइयों को योजना का लाभ मिल सके, इसके लिए कृषि भूमि की अनिवार्यता को शिथिल किया गया।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि किसानों को मोदी ने 3100 रुपए प्रति क्विंटल तथा 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान खरीदी की गारंटी दी थी। हमारी सरकार ने यह वायदा निभाया है। साथ ही किसानों को दो साल का बकाया बोनस देने की गारंटी भी दी गई थी। शपथ ग्रहण के एक पखवाड़े के भीतर ही हमने 13 लाख किसानों के खाते में बोनस की 3716 करोड़ रुपए की राशि जारी कर दी थी। पिछली बार हमने 145 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी की। किसानों को दिये गये धान के मूल्य के साथ बोनस राशि शामिल कर लें तो पिछले खरीफ सीजन में किसान भाइयों के खाते में 49 हजार करोड़ रुपए भेजे गए। इस खरीफ सीजन में 149 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान की रिकार्ड खरीदी हमने की। इस सीजन में विभिन्न योजनाओं से मिलने वाली राशि मिला लें तो लगभग 52 हजार करोड़ रुपए की राशि किसानों के खाते में हमने भेजी है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी किसानों की आय दोगुनी करने की दिशा में लगातार कार्य कर रहे हैं। इसके लिए उनका जोर उद्यानिकी फसलों, फसल विविधीकरण तथा पशुपालन पर भी है। हम उद्यानिकी तथा फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने विशेष कार्य कर रहे हैं। साथ ही पशुपालन को प्रोत्साहन देते हुए दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए एनडीडीबी के साथ हमने एमओयू भी किया है। इससे दुग्ध क्रांति की दिशा में प्रदेश अग्रसर हो गया है। हमारी सरकार लगातार किसानों की आकांक्षाओं को पूरा कर रही है। दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के तहत प्रदेश के 5 लाख 62 हजार भूमिहीन किसानों के खाते में दस-दस हजार रुपए की राशि भी हमने दी है।

इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम को कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम ने भी सम्बोधित किया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य वनोषधि बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष श्री रामप्रताप सिंह, इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय कुलपति श्री गिरिश चंदेल, कृषि उत्पादन आयुक्त सुश्री शहला निगार, कृषि विभाग के संचालक डॉ सारांश मित्तर सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे।