पशुओं में फैल रही ‘FMD’ महामारी, दुग्ध उत्पादक संघ ने बाहरी पशुओं के परिवहन पर प्रतिबंध की मांग की

बिलासपुर। बिलासपुर के गोकुल नगर और आसपास के क्षेत्रों में पशुओं में फैल रही फुट एंड माउथ डिसीज (FMD) यानी खुरपका-मुंहपका बीमारी ने डेयरी संचालकों की चिंता बढ़ा दी है। जिला दुग्ध उत्पादक संघ ने इस संक्रमण को रोकने के लिए कलेक्टर को पत्र सौंपकर अन्य राज्यों से होने वाले पशु परिवहन पर तत्काल प्रतिबंध लगाने की मांग की है।

महामारी की चपेट में डेयरी उद्योग जिला दुग्ध उत्पादक संघ के अध्यक्ष मुकेश मिश्रा ने बताया कि शासन की महत्वाकांक्षी योजना के तहत ग्राम घुरू के गोकुल नगर में शहर की करीब 70 डेयरियां संचालित हैं, जहां 3000 से अधिक पशु हैं। पिछले एक महीने से कुछ व्यापारियों द्वारा अन्य राज्यों से संक्रमित पशु लाकर स्थानीय डेयरी संचालकों को बेचे गए हैं। इसके कारण गोकुल नगर सहित पूरे बिलासपुर में FMD संक्रमण तेजी से फैल रहा है, जिससे कई पशुओं की जान खतरे में है और डेयरी व्यवसाय पूरी तरह ठप होने की कगार पर है।

कलेक्टर से सख्त कदम उठाने की अपील दुग्ध उत्पादक संघ ने प्रशासन से आग्रह किया है कि बाहरी राज्यों और जिलों से बिलासपुर में पशुओं के प्रवेश पर तुरंत रोक लगाई जाए। साथ ही, शहर के भीतर पशुओं के क्रय-विक्रय और हाट बाजारों पर भी अस्थायी प्रतिबंध लगाया जाए ताकि संक्रमण की चेन को तोड़ा जा सके। संघ का कहना है कि यदि समय रहते पशुओं के आवागमन को नहीं रोका गया, तो यह बीमारी जिले के ग्रामीण इलाकों में भी फैल सकती है, जिससे भारी आर्थिक नुकसान होगा।

पशु चिकित्सा विभाग को भी दी गई सूचना इस मामले की गंभीरता को देखते हुए संघ ने संयुक्त संचालक पशु चिकित्सा सेवाएं को भी प्रतिलिपि भेजकर प्रभावित क्षेत्रों में क्वारंटाइन और टीकाकरण की प्रक्रिया तेज करने का अनुरोध किया है। पशुपालकों को डर है कि यदि संक्रमण पर लगाम नहीं लगी, तो शहर में दूध की आपूर्ति और पशुधन दोनों पर बड़ा संकट खड़ा हो जाएगा।

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राष्ट्रीय कवि संगम मंच बिलासपुर इकाई का त्रैमासिक विमर्श सह काव्य गोष्ठी संपन्न

बिलासपुर । विगत दिनों आभासी पटल स्ट्रीम यार्ड एवं फेसबुक के माध्यम से राष्ट्रीय कवि संगम बिलासपुर इकाई द्वारा एक राष्ट्रीय स्तर का पर्यावरण विषयक विमर्श सह नव वर्ष काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रुप में राष्ट्रीय कवि संगम मंच के राष्ट्रीय महामंत्री महेश शर्मा ने राष्ट्रीय कवि संगम मंच की स्थापना का उद्देश्य मंचीय काव्य को संस्कारित करना व राष्ट्र नव निर्माण व जन जागरण की दिशा में युवा पीढ़ी को प्रोत्साहित करना बताया।आपने जीवन कला पर अपनी सुंदर कविता भी प्रस्तुत किया। विशिष्ट अतिथि डाॅ राघवेन्द्र दुबे राष्ट्रीय कवि संगम इकाई बिलासपुर की साहित्यिक व जन जागरण गतिविधियों पर प्रकाश डालते हुए प्रसन्नता व्यक्त किए।इस अवसर पर अध्यक्षी संबोधन में इकाई के संरक्षक डाॅ विनय कुमार पाठक, कुलपति-थावे विद्या पीठ व पूर्व अध्यक्ष छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग ने पर्यावरण को जीवन शब्द पर आधारित बताया कि जी एवं वन एक दुसरे के अन्योनाश्रित हैं अर्थात प्राणियों के लिए वन नितांत आवश्यक है तथा वन की पहचान जैव विविधता से होती है जो पर्यावरण व पारिस्थितिकी तंत्र के महत्वपूर्ण घटक हैं। वैश्विक तापायन,ध्रुवीय बर्फ का पिघलना व ओजोन परत का विघटन का कारण वनों की अंधाधुंध कटाई व कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन है। उन्होंने साहित्य में पर्यावरण विमर्श की आवश्यकता पर बल देते हुए साहित्य के माध्यम से जन जागरण अभियान की आवश्यकता बताई।

कार्यक्रम का आरंभ राष्ट्रीय कवि संगम मंच बिलासपुर इकाई के अध्यक्ष अंजनी कुमार तिवारी ‘सुधाकर’ के सरस्वती वंदना व स्वागत संबोधन से हुआ तथा समापन इकाई की उपाध्यक्षा पूर्णिमा तिवारी के आभार प्रदर्शन से हुआ। कार्यक्रम का सफल संचालन राष्ट्रीय कवि संगम कर्नाटक इकाई-, बेंगलुरु के वरिष्ठ साहित्यकार कुंवर प्रबल प्रताप सिंह’प्रबल’ द्वारा किया गया।

इस अवसर पर आंग्ल नव वर्ष के उपलक्ष्य में सरस काव्य पाठ हुआ जिसमें भाग लेने वाले कवि/कवियत्री थे: डा राघवेन्द्र दुबे, बालमुकुंद श्रीवास,दीपक दुबे ‘सागर,’ राजेश कुमार सोनार, अनामिका शर्मा ‘शशि’, डा अशोक आकाश, मनीषा भट्ट,ओम प्रकाश भट्ट,जलेश्वरी वस्त्रकार- जयरामनगर,भूपेन्द्र श्रीवास्तव, वी. के. पंकज -सरकंडा,हेमन्त गौर बिलासपुर,संगीता तिवारी ,

बिलासपुर,निवेदिता वर्मा ‘मेघा’ भाटापारा, रामरतन श्रीवास,कुंवर प्रबल प्रताप सिंह राणा’प्रबल’, अंजनीकुमार तिवारी’सुधाकर’, पूर्णिमा तिवारी। कार्यक्रम का श्रवण आनन्द फेस बुक के माध्यम से राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी संख्या में जुड़े साहित्य व पर्यावरण प्रेमियों ने उठाया।

दिवगंत शिवसैनिक लिल्लू का श्रद्धांजलि शोकसभा रखी गई

लिल्लू सिंह ठाकुर की शोकसभा

बिलासपुर । शिवसेना प्रदेश प्रमुख धनंजय सिंह परिहार के शिवसैनिकों द्वारा प्रदेश महासचिव सुनील कुमार झा के मार्गदर्शन में एवं संभाग उपाध्यक्ष दशरथ साहू के नेतृत्व में दिवगंत कर्मठ शिवसैनिक भैया लिल्लू सिंह ठाकुर जी का श्रद्धांजलि शोकसभा संभाग कार्यालय बिलासपुर में रखी गई थी प्रेस को जानकारी देते हुए जिला मीडिया प्रभारी रोमेश शर्मा ने बताया कि विगत 40 वर्षों से दिवंगत भैया लिल्लू सिंह पार्टी में कार्यरत थे वे प्रदेश प्रचार सचिव के पद पर नियुक्त थे पार्टी के हर दायित्वो को हमेशा निर्वहन करते थे हमेशा कार्यकर्ताओं के लिए सुख दुख में आगे रहते थे विगत कुछ वर्षों से भैया के स्वास्थ्य खराब होने के कारण पार्टी में आना जाना नहीं कर रहे थे वे सहज सरल स्वभाव के धनी थे जिसके कारण वे आज भी सभी के दिलो में रहते थे जिनका निधन विगत 15.01.2026 को शाम को हुआ जिनका अन्तिम संस्कार उनके गृह ग्राम गतौरी मुक्तिधाम मे दिनांक 16.01.2026 संपन्न हुआ उनके अंत्येष्टि में सभी शिवसैनिक उपस्थित थे प्रदेश महासचिव सुनील कुमार झा के द्वारा बताया गया कि भैया लिल्लू सिंह की कमी को कोई पूरा नहीं कर सकता वे पार्टी के प्रति एक ईमानदार कर्मठ नेता थे जिनका संभाग कार्यालय में दिवंगत भैया लिल्लू सिंह जी को नम आंखों से विदाई दी गई एवं दो मिनिट का मौन रखते हुए श्रद्धांजलि दी गई इस शोक सभा में उपस्थित प्रदेश महासचिव सुनील कुमार झा संभाग उपाध्यक्ष दशरथ साहू महानगर अध्यक्ष मणिशंकर शर्मा प्रदेश महासचिव महिला सेना संगीता सोनी विनय मिश्रा निमेष शर्मा द्वारिका वस्त्रकार दुर्गेश सिंह ठाकुर आशीष यादव लव सिंह सूरज साहू भावी शिवसैनिक प्रियांशी सोनी एवं जिला मीडिया प्रभारी रोमेश शर्मा उपस्थित थे ।

भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के पदाधिकारियों ने धनपुर का किया निरीक्षण

एसआईआर कार्य में भारी अव्यवस्था, बीएलओ की लापरवाही से जनता हो रही परेशान

बिलासपुर । एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) कार्य में भारी अव्यवस्था देखने को मिल रही है। बीएलओ द्वारा जानकारी के अभाव में या लापरवाहीपूर्वक कार्य किए जाने के कारण आम जनता को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बीते कुछ दिनों से एसआईआर फॉर्म जनता से भरवाए जा रहे हैं, जिसमें बीएलओ द्वारा बताए गए निर्देशों के अनुसार सभी आवश्यक दस्तावेज संलग्न कर नियमपूर्वक फॉर्म भरे गए हैं।
इसके बावजूद बीएलओ/निर्वाचन अधिकारी द्वारा आम नागरिकों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं। जबकि गलती जनता की नहीं होने के बावजूद उन्हें केंद्रों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। इतना ही नहीं, केंद्रों में पदस्थ अधिकारियों द्वारा कई मामलों में लोगों के साथ बदतमीजी किए जाने के आरोप भी सामने आ रहे हैं।
बेलतरा विधानसभा क्षेत्र के ग्राम बिरकोना में ऐसा ही एक मामला सामने आया, जहां एक व्यक्ति के पूरे परिवार को नोटिस जारी कर दिया गया। संबंधित व्यक्ति के पास परिवहन का साधन नहीं था और वह स्वयं पूरे परिवार का फॉर्म भरने केंद्र पहुंचा था, लेकिन अधिकारियों द्वारा उसे अपमानित किया गया और यह कहा गया कि आप सब का फार्म नहीं भर सकते अपने परिजनों को लेकर आओ, तभी फार्म लेंगें ।
एक अन्य गंभीर समस्या 2003 के एसआईआर सर्वे से जुड़ी है। कई ऐसे मतदाता हैं जो वर्ष 2003 में वर्तमान विधानसभा क्षेत्र में निवास ही नहीं करते थे। या बेलतरा विधानसभा बना ही नहीं था । कोई तखतपुर विधानसभा का था तो कोई मस्तूरी क्षेत्र का था और कोई किसी और क्षेत्र से पर इसके बावजूद केंद्रों पर बैठे अधिकारी उनसे 2003 की एसआईआर सूची में माता-पिता या परिजनों का नाम उसी स्थान का लाना पड़ेगा करके दबाव बना रहे हैं, स्वयं का 2003 में एसआईआर हो चुका है। तो रिश्तेदार का जानकारी मांगना किस लिए। जिससे लोगों को अनावश्यक रूप से परेशान होना पड़ है।
नोटिस वितरण को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। कई मामलों में सिर्फ एक दिन पहले नोटिस दिया जा रहा है। जबकि वोटर आईडी में पूरा और सही पता दर्ज होने के बावजूद बीएलओ मतदाताओं के घर नहीं पहुंच रहे हैं। अंतिम दिन जाकर घर खोजने की औपचारिकता निभाई जा रही है। अंतिम दिन फोन पर संपर्क कर कर बार-बार फोन करने का दावा कर रहे है।
स्थिति इतनी खराब है कि आधे से अधिक गांवों में मतदाताओं को नोटिस थमा दिए गए हैं। यह सवाल उठना लाज़मी है कि क्या आधे से ज्यादा गांव की जनता ने एसआईआर फॉर्म में गलती की है, या फिर यह बीएलओ की लापरवाही का परिणाम है। बड़ा क्षेत्र होने से केंद्र में भीड़ के साथ-साथ घंटों लाइन में लगना पड़ रहा है। जिससे जनता का कहना है कि उन्होंने सही और पूर्ण जानकारी दी है, फिर भी उसकी सजा उन्हें भुगतनी पड़ रही है।
जब इस विषय में अधिकारियों से सवाल किया जाता है तो उनका जवाब और भी चौंकाने वाला है। अधिकारी कहते हैं कि वे शिक्षक हैं, पीडब्ल्यूडी या अन्य विभागों से हैं और यह उनका मूल कार्य नहीं है, उन्हें जबरन इस काम में लगाया गया है।
अब आम जनता यह सवाल कर रही है कि अगर अधिकारी और कर्मचारी स्वयं इस कार्य को अपना नहीं मानते, तो फिर जनता को क्यों परेशान किया जा रहा है? एसआईआर जैसे महत्वपूर्ण कार्य में इस तरह की अव्यवस्था लोकतंत्र की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

पत्रकार कॉलोनी में शिव महापुराण कथा : शिव नाम का स्मरण ही मोक्ष मार्ग

बिलासपुर। पत्रकार कॉलोनी में शिव महापुराण कथा के अंतिम दिन कथावाचिका ईश्वरी देवी ने ज्योतिर्लिंग की महिमा बताते हुए कहा कि भगवान शिव ही मनुष्य को सांसारिक बन्धनों से मुक्त कर सकते हैं, शिव की भक्ति से सुख व समृद्धि प्राप्त की जा सकती है। शिव पुराण का श्रवण व शिव नाम स्मरण से पापों का नाश व मोक्ष मिलता है।

कथावाचिका ईश्वरी देवी ने आगे कहा कि शिव महापुराण पूरे ज्ञान का निचोड़ है। जिसमें शिव के विविध रूपों की कथा के माध्यम से शिव भक्ति, मोक्ष और आध्यात्मिक मार्ग का सार समझाया है। जिससे भक्तों को परम शांति और कल्याण की प्राप्ति हो सके।

ईश्वरी देवी ने कहा कि भगवान शिव पापों का नाश करने वाले देव हैं तथा बड़े सरल स्वभाव के हैं। इस लिए भगवान शिव को भोले भंडारी कहते हैं।  अपने नाम के अनुसार ही शीघ्र ही प्रसन्ना होकर भक्तों को मनवाँछित फल देने वाले हैं। उन्होंने कहा कि धार्मिक आयोजनों में भावनाएं होनी जरूरी है। ज्ञान, धर्म, भक्ति, सत्संग के साथ शिव-स्मरण करते हुए शिव तत्व को आत्मसात करने पर जोर दिया।

पूर्णाहुति, परायण पूजन व भंडारे के साथ समापन आज

पत्रकार कॉलोनी में आयोजित शिव महापुराण कथा आयोजन के नौंवे दिन शुक्रवार 9 जनवरी को सुबह 8 बजे से गीता दान, पूर्णाहुति और परायण पूजन होगा। तत्पश्चात दोपहर 12 बजे से 4 बजे तक भक्ति जनों के लिए भोग भंडारा का आयोजन किया गया है।

एस ई सी एल में ठेका श्रमिकों का शोषण जारी

भारतीय मजदूर संघ करेगा चरणबद्ध आंदोलन

बिलासपुर । एस ई सी एल मुख्यालय बिलासपुर में अधिकांश कार्य ठेका श्रमिकों पर निर्भर है। यहां पर आवश्यक सेवा के अंतर्गत आने वाले कार्यों में लंबे समय से ठेका श्रमिक कार्यरत हैं लेकिन इन श्रमिकों का ठेकेदार और संबंधित अधिकारियों की मिलीभगत से लगातार योजना पूर्वक शोषण किया जा रहा है।इनको समय पर वेतन, न्यूनतम वेतन, सामाजिक सुरक्षा, बोनस, छुट्टी आदि अधिकारों के नाम पर झुनझुना थमाया जाता है। वेतन पर्ची भी नहीं दिया जाता है। भारतीय कोयला खदान मजदूर संगठन बिलासपुर (भा. म.सं) द्वारा इस संबंध में दीपावली पूर्व बोनस और अन्य सुविधाएं देने के लिए एक दिवसीय धरना प्रदर्शन के माध्यम से 23 सूत्रीय मांग पत्र प्रबंधन को दिया गया था मगर श्रमिकों को पूर्ण बोनस अभी भी अप्राप्त है।आज संगठन कार्यालय में सिविल, मेनटेनेंस, वाहन चालक, सफाई कर्मचारियों के साथ मीटिंग में उपरोक्त मांगों को लेकर चरणबद्ध आंदोलन का निर्णय लिया गया है।

दगौरी के दुर्गा मंदिर मंच में हिन्दू सम्मेलन सफलता पूर्वक सम्पन्न हुआ

बिलासपुर । दगौरी मंडल के मंडल केन्द्र दगौरी के दुर्गा मंदिर मंच में हिन्दू सम्मेलन सफलता पूर्वक सम्पन्न हुआ। दगौरी मंडल के अंतर्गत सभी 10 गांवों से नागरिक बन्धु,माताओं, बहनों की गरिमामय उपस्थिति रही। पारंपरिक सुआ नृत्य, देश रंगीला- रंगीला देश भक्ति पूर्ण नृत्य ,और भजन से सभी आनन्दित हो गए। इस पावन अवसर पर सभी 10 गांवों के मुखिया, एवम 12 समाज के प्रमुखों का समिति के सदस्यों ने तिलक लगाकर ,केशरिया गमछा एवम श्रीफल भेंटकर स्वागत किया। कार्यक्रम में मातृशक्ति के प्रतिनिधि के रूप में रानी चक्रवर्ती बहन जी जनपद सदस्य ने सम्मेलन को सम्बोधित किया  ।

अपने अध्यक्षीय आशीर्वचन रुद्र शिवमंदिर तालागांव के प्रमुख पुजारी ने सनातन धर्म ,संस्कृति एवम परम्परा को जीवन मे उतारने का आग्रह किया। मुख्य वक्ता के रूप में बिलासपुर नगर के माननीय नगर संघ चालक प्रदीप शर्मा  ने हिन्दू सम्मेलन के उद्देश्य, एवम जीवन मे पंचपरिवर्तन को स्वयं ग्राह्य करना और फिर समाज से अपने व्यवहार में लाने के लिए प्रेरित करना,जिससे समाज मे समरसता,कुटुंब में एकता,पर्यावरण के प्रति सजगता, स्वभाषा,भूषा, भजन,भोजन,भवन और भ्रमन,जैसे विषयों पर स्व का भाव और नागरिक कर्तब्य के प्रति सचेत रहने की जैसे भाव का निर्माण करना जिससे समाज मजबूत होकर राष्ट्र निर्माण में सहभागी हो । अंत मे भारत माता की आरती में सभी उपस्थित जनमानस सहभागी हुए ।कार्यक्रम में आभार प्रदर्शन संयोजक घनश्याम कौशिक जी ने किया, सभी को भोग प्रसाद वितरण(खिचड़ी) वितरण कर कार्यक्रम का समापन हुआ। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से प्रदीप शर्मा ,गिरी महाराज,घनश्याम कौशिक, बिलासपुर विभाग व्यवस्था प्रमुख आरएसएस दिलीप शर्मा ,राजकुमार साहू,नरेंद्र सन्नाट, शेखर कौशिक,अमित कौशिक, देवेंद्र कौशिक ,मथुरा भारद्वाज सरपंच,रानी चक्रवर्ती,भीमा साहू ,धु्रव संन्नाट, सहित बड़ी संख्या में माताए, बहिन, नागरिक गण उपस्थित रहे।

शिव महापुराण कथा में दो मौलिक ब्रह्मांडीय शक्तियों शिव और सती के शाश्वत मिलन का प्रतीक

बिलासपुर । रमन दुबे शिव महापुराण में देवी सती और प्रभु शिव की कथा दो मौलिक ब्रह्मांडीय शक्तियों शिव और शक्ति के शाश्वत मिलन का प्रतीक है। सती वियोग में शिवजी ने ऐसा तांडव मचाया कि सृष्टि खतरे में पड़ गई थी, तब श्रीहरि ने अपनी चतुराई से विनाश को रोका था।
पत्रकार कॉलोनी में राजेश पांडेय के निवास पर आयोजित शिव महापुराण कथा के पांचवें दिन कथावाचिका ईश्वरी देवी ने माता सती प्रसंग पर प्रवचन कहते हुए उक्त बातें कहीं। उन्होंने बताया कि यह प्रसंग शिव-पार्वती विवाह और शक्तिपीठों की स्थापना के पीछे की महत्वपूर्ण घटना है।
प्रजापति दक्ष ने एक महान यज्ञ का आयोजन किया, लेकिन शिव और सती को निमंत्रण नहीं दिया। सती बिना बुलाए यज्ञ में पहुंची और दक्ष द्वारा शिव का अपमान सहन न कर सकीं, जिसके कारण उन्होंने यज्ञ की अग्नि में देह त्याग दिया। इससे दुखी और क्रोधित भगवान शिव ने प्रलयकारी तांडव नृत्य किया और सती के शरीर को कंधे पर उठाकर पूरे ब्रह्मांड में घूमते रहे। भगवान विष्णु ने अपने सुदर्शन चक्र से सती के शरीर के टुकड़े किए, जो पृथ्वी पर विभिन्न स्थानों पर गिरे और शक्तिपीठों की स्थापना हुई। यह प्रसंग भक्ति, त्याग और बलिदान का प्रतीक है। यह दर्शाता है कि कैसे देवी सती ने अपने पति के प्रति अपनी अटूट श्रद्धा और प्रेम के कारण अपना जीवन त्याग दिया। यह प्रसंग शक्तिपीठों की स्थापना के पीछे की कहानी भी बताता है, जो आज भी भक्तों के लिए महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल हैं।
शिव तांडव व मयूर नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति
शिव महापुराण कथा के सोमवार को भगवान शिव के शक्तिशाली नृत्य शिव तांडव की सुंदर प्रस्तुतियां हुईं, जिससे दर्शक बहुत भावुक और आनंदित हो गए। शिव के रौद्र और आनंद रूप का सुंदर चित्रण से श्रद्धालु गण मंत्रमुग्ध हो गये।
वहीं वृंदावन से आये कलाकार दंपति विनय भारद्वाज और राधा भारद्वाज ने मोर बन कृष्ण संग राधा की मयूर नृत्य की आकर्षक प्रस्तुति ने दर्शकों को भाव विभोर कर दिया।
बिल्हा के पूर्व विधायक सियाराम कौशिक पहुंचे शिव महापुराण कथा का श्रवण करने बिल्हा के पूर्व विधायक सियाराम कौशिक पहुंचे और व्यास पीठ पर विराजमान ईश्वरी देवी से आशीर्वाद लिया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि शिव की दिव्य कथाएँ जीवन में धर्म, सत्य और सद्भाव के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती हैं। शिव महापुराण कथा जो श्रोता पुरे मन से श्रवण करते हैं उन्हें परमात्मा के साथ आत्मा के जुडऩे का आभास भी होता है। भोलेनाथ से सभी क्षेत्रवासियों के सुख, शांति, स्वास्थ्य एवं समृद्धि की मंगलकामना करता हूँ।

शिवजी से झूठ बोलने की सजा भुगत रहे हैं ब्रह्माजी : कथावाचिका ईश्वरी

बिलासपुर। रमन दुबे । ब्रह्माजी को झूठ बोलने का दिया गया शाप इतना भयानक था कि उसका प्रभाव कलियुग में भी दिखाई देता है। क्रोधित शिव के काल भैरव अवतार ने ब्रम्हा के पांचवें सिर को धड़ से अलग कर दिया। वहीं झूठ का साथ देने के कारण श्रापित केतकी पुष्प को भगवान शिव पर नहीं चढ़ाते हैं।
पत्रकार कॉलोनी में चल रहे के दूसरे दिन कथावाचिका ईश्वरी देवी ने उक्त बातें कहीं। उन्होंने कहा कि भगवान शिव को सांसरिक मोह माया से ऊपर है। भगवान शिव का ना आरंभ है और ना ही अंत। शिव पुराण के अनुसार एक बार ब्रह्माजी और भगवान विष्णु में सबसे श्रेष्ठ कौन है इसे लेकर विवाद हो गया। ब्रह्माजी ने कहा कि उन्होंने संसार की रचना की इसलिए वह सबसे श्रेष्ठ हैं, जबकि भगवान विष्णु ने कहा कि वह संसार के पालनहार हैं इसलिए वे सबसे श्रेष्ठ हैं। विवाद बढ़ने पर ब्रह्मा और विष्णु के बीच भयंकर युद्ध हुआ, तब भगवान शिव ने अग्नि स्तंभ के रूप में प्रकट होकर उसे रोकने का प्रयास किया। इसी दौरान भगवान शिव ने ब्रह्मा जी और विष्णु भगवान से कहा कि जो शिवलिंग का छोर सबसे पहले ढूंढ लेगा वह सर्वश्रेष्ठ होगा। भगवान विष्णु वाराह अवतार धारण कर धरती और पाताल में जाकर ज्योतिर्लिंग का अंत ढूंढ़ने लगे। ब्रह्माजी हंस बनकर रहस्य जानने आकाश की तरफ बढ़ते गए। दोनों देवताओं ने बहुत कोशिश की, लेकिन ज्योतिर्लिंग का आदि और अंत नहीं मिला। अंत में विष्णु जी ने हार मान ली। उन्होंने शिव जी के सामने स्वीकार किया कि वह ज्योतिर्लिंग का अंत नहीं खोज पाए। जबकि ब्रह्मा जी को जीतने का एक उपाय सूझा और वे अपने साथ केतकी के फूल को साक्षी बनाकर लाए कि उन्होंने ज्योतिर्लिंग का अंत खोज लिया है। भगवान शिव तो प्रकृति के हर सत्य को जानने वाले हैं, तो भला उनसे ब्रह्मा जी का झूठ कैसे छुप पाता। उन्होंने केतकी के फूल से सत्य कहने को कहा लेकिन केतकी के फूल ने भी झूठ बोल दिया। इस पर भगवान शिव ने क्रोधित होकर ब्रह्मा जी से कहा-“एक झूठ बोलने वाला देवता सम्मानीय नहीं हो सकता इसलिए आप परमपिता बनकर भी श्रेष्ठ नहीं हैं।” यह कहकर शिव ने ‘भैरव’ नामक अपने एक अवतार को प्रकट किया। भैरव ने शिव की आज्ञा पाकर ब्रह्मा जी का पांचवा सिर काट दिया। शिव ने विष्णु जी को सत्य बोलने के कारण हर यज्ञ, हवन में भगवान सत्यनारायण के रूप में पूजे जाने का वरदान दिया। वहीं, ब्रह्मा जी को किसी भी यज्ञ में न पूजे जाने का शाप दिया। इस शाप के प्रभाव से ही ब्रह्मा जी के केवल एक ही मंदिर पुष्कर में हैं। वहीं, झूठ बोलने के कारण केतकी का फूल भी भगवान शिव की पूजा में नहीं चढ़ाया जाता है

जीवंत झांकी के साथ निकली भव्य कलश यात्रा, पत्रकार कॉलोनी में शिव महापुराण का शुभारंभ

बिलासपुर। रमन दुबे। नव वर्ष के पहले दिन से पत्रकार कॉलोनी में आयोजित होने जा रहे शिव महापुराण कथा का शुभारंभ भव्य कलश के साथ हुई। शोभा व कलश यात्रा शिव पार्वती की मनमोहक जीवंत झांकी, जयकारों और बाजे गाजे के साथ निकली। रथ पर विराजमान भगवान भोलेनाथ व माता पार्वती की झांकी आकर्षण का केंद्र बनी रही। शोभा यात्रा में रथ पर कथावाचिका ईश्वरी देवी भी सवार थी। कलश यात्रा आयोजन स्थल से विधिवत निकालकर जरहाभाठा, सिंधी कॉलोनी, कारगिल चौक, कस्तूरबा नगर के प्रमुख मार्गों से होकर पुनः पत्रकार कॉलोनी पहुंचकर संपन्न हुई। रास्ते भर श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर कलश यात्रा का स्वागत किया। आयोजक श्री राजेश पांडेय ने बताया कि शिव महापुराण 1 जनवरी से प्रारंभ होकर 9 जनवरी को पूर्णाहुति के साथ संपन्न होगी। कथा में प्रतिदिन भक्तों के लिए आध्यात्मिक प्रवचन एवं भजन संध्या का आयोजन रहेगा। शोभायात्रा में पत्रकार कॉलोनी के अध्यक्ष श्री रामाधार देवांगन, विजय मोहन शर्मा, अशोक तिवारी, रमन दुबे, बृजेश शर्मा, प्रफुल्ल मिश्रा, गिरीश तिवारी, रोहित मिश्रा, आशीष पाल, संजय शर्मा, संजू निर्मलकर, विक्कू पांडेय , राहुल पांडेय, अनुराग पांडेय, अनूप सिंह ठाकुर, करुणा पांडेय, बसंती शर्मा, प्राची शर्मा, अनिता दुबे, प्रेमलता यादव, प्रमिला ठाकुर, श्वेता शर्मा, अंजू सिंह ठाकुर, पूजा कडो, आस्था पांडेय, प्रिया अग्रवाल, नागेश्वरी पांडेय, तरूणा यादव, सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।