विश्व पर्यटन दिवस पर जीपीएम जिले को मिला सर्वश्रेष्ठ जिला प्रमोशन अवॉर्ड
धनपुर की पुरासांस्कृतिक धरोहर पर आधारित कॉफी टेबल बुक का विमोचन, जिले की पर्यटन विरासत को मिली नई पहचान
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, 28 सितंबर 2026। विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले ने पर्यटन के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। जिले की प्राकृतिक सुंदरता, ऐतिहासिक धरोहरों और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के प्रचार-प्रसार के लिए छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड द्वारा जीपीएम जिले को ‘सर्वश्रेष्ठ जिला प्रमोशन अवॉर्ड’ से सम्मानित किया गया है।
राजधानी रायपुर में 27 सितंबर को विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड एवं छत्तीसगढ़ ट्रैवल ट्रेड एसोसिएशन (सीजीटीटीए) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित ‘सेंट्रल इंडिया कनेक्ट मार्केटप्लेस’ कार्यक्रम में जिले को यह सम्मान प्रदान किया गया।
धनपुर की धरोहर पर आधारित कॉफी टेबल बुक का विमोचन
कार्यक्रम के दौरान जिले की महत्वपूर्ण पुरासांस्कृतिक धरोहर धनपुर पर आधारित आकर्षक कॉफी टेबल बुक का भी विमोचन किया गया। इसका विमोचन पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल, छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के अध्यक्ष नीलू शर्मा, पर्यटन विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन, टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक सौमिल रंजन चौबे, कलेक्टर विजय दयाराम के. तथा जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मुकेश रावटे द्वारा किया गया।
कॉफी टेबल बुक में धनपुर की पुरातात्विक विशेषताओं, ऐतिहासिक महत्व और सांस्कृतिक विरासत को आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया गया है। इससे धनपुर को प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर पर्यटन मानचित्र में नई पहचान मिलने के साथ ही जिले के अन्य पर्यटन स्थलों के प्रति भी पर्यटकों का आकर्षण बढ़ने की उम्मीद है।
पर्यटन विकास के प्रयासों को मिली नई पहचान
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिला प्राकृतिक सौंदर्य के साथ-साथ पुरातात्विक, धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत के लिए भी जाना जाता है। जिला प्रशासन द्वारा जिले के पर्यटन स्थलों की पहचान, संरक्षण, प्रचार-प्रसार और पर्यटन सुविधाओं के विकास के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
‘सर्वश्रेष्ठ जिला प्रमोशन अवॉर्ड’ जिले में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे इन्हीं प्रयासों को मिली महत्वपूर्ण पहचान है। इस उपलब्धि से जिले की पर्यटन संभावनाओं को नई दिशा मिलने तथा जीपीएम को प्रदेश के प्रमुख पर्यटन गंतव्यों में विकसित करने के प्रयासों को गति मिलने की उम्मीद है।



