राष्ट्रीय अध्यक्ष सुभाष लांबा ने कर्मचारियों से अपने अधिकारों की लड़ाई के लिए एकजुट होने का किया आह्वान
रायपुर/नवा रायपुर। छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन द्वारा इंद्रावती भवन, नवा रायपुर में अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री सुभाष लांबा के सम्मान में प्रांतीय सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में आठवें वेतन आयोग, पुरानी पेंशन योजना, महंगाई भत्ता, संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण सहित कर्मचारियों एवं अधिकारियों से जुड़े विभिन्न ज्वलंत मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।
राष्ट्रीय अध्यक्ष सुभाष लांबा ने अपने संबोधन में केंद्र एवं राज्य सरकारों के कर्मचारियों की लंबित मांगों पर प्रकाश डालते हुए 12 दिसंबर 2026 को नई दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित होने वाली कर्मचारी आक्रोश रैली को सफल बनाने के लिए छत्तीसगढ़ के कर्मचारियों एवं अधिकारियों से अधिकाधिक संख्या में शामिल होने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के अधिकारों, सामाजिक सुरक्षा और सम्मानजनक भविष्य के लिए संगठित प्रयास आवश्यक हैं।
10 सूत्रीय मांगों को लेकर देशव्यापी आंदोलन
सम्मेलन में वितरित आक्रोश रैली के प्रचार-प्रसार संबंधी पंपलेट के अनुसार, आंदोलन में प्रमुख रूप से सभी कर्मचारियों के लिए समान कार्य के लिए समान वेतन, संविदा कर्मचारियों का नियमितीकरण, पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली, आठवें वेतन आयोग की सिफारिशों को समयबद्ध लागू करना, न्यूनतम वेतन एवं पेंशन में वृद्धि, निजीकरण पर रोक, मजदूर विरोधी श्रम संहिताओं को निरस्त करना, कर्मचारियों एवं पेंशनभोगियों के लिए व्यापक कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा, सरकारी स्कूलों की सुरक्षा तथा लंबित महंगाई भत्ते एवं महंगाई राहत के भुगतान जैसे मुद्दे शामिल हैं। पंपलेट में संविधान के अनुच्छेद 310 एवं 311(2) तथा एस्मा (ESMA) से संबंधित मांगें भी उठाई गई हैं।
फेडरेशन की उपलब्धियों को कमल वर्मा ने रेखांकित किया
फेडरेशन के प्रांतीय संयोजक कमल वर्मा ने अपने संबोधन में संगठन की उपलब्धियों एवं कर्मचारी हितों के लिए किए गए संघर्षों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि फेडरेशन ने प्रदेश में पुरानी पेंशन योजना की बहाली, केंद्र के समान महंगाई भत्ते की व्यवस्था, सातवें वेतनमान के अनुरूप डीए, स्टाइपेंड व्यवस्था की समाप्ति, दुर्घटना बीमा योजना, अर्जित वेतन के विरुद्ध ऋण सुविधा तथा कैशलेस चिकित्सा सुविधा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर सफलता प्राप्त करने में भूमिका निभाई है।
उन्होंने पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल में फेडरेशन द्वारा किए गए 17 दिवसीय अनिश्चितकालीन आंदोलन का उल्लेख करते हुए कहा कि संगठन कर्मचारियों एवं अधिकारियों के अधिकारों की रक्षा के लिए निरंतर संघर्षरत रहा है। उन्होंने प्रदेश में मोदी की गारंटी के अनुरूप कर्मचारियों से संबंधित घोषणाओं को लागू कराने तथा आठवें वेतन आयोग के लाभ सहित अन्य लंबित मांगों को लेकर चल रही संगठनात्मक तैयारियों की जानकारी दी।
राष्ट्रीय संगठन के साथ मिलकर मांगों को लेकर संघर्ष करेगा फेडरेशन
फेडरेशन के प्रांतीय महासचिव चंद्रशेखर तिवारी ने प्रदेश के विभिन्न ज्वलंत कर्मचारी मुद्दों पर प्रकाश डालते हुए 12 दिसंबर की आक्रोश रैली को सफल बनाने के लिए सभी संगठनों से सक्रिय सहभागिता की अपील की।
उन्होंने बताया कि फेडरेशन की प्रांतीय निकाय की 6 अगस्त को आयोजित बैठक में मोदी की गारंटी को लागू कराने तथा केंद्र सरकार के समान कर्मचारी हितैषी योजनाओं का लाभ छत्तीसगढ़ के शासकीय सेवकों को दिलाने के उद्देश्य से राष्ट्रीय कर्मचारी संगठन से संबद्धता का निर्णय लिया गया था। इसी क्रम में राष्ट्रीय संगठन के साथ मिलकर नई दिल्ली में प्रदर्शन करने का निर्णय भी लिया गया है।
विभिन्न कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधि रहे उपस्थित
राष्ट्रीय अध्यक्ष सुभाष लांबा के सम्मान में आयोजित सम्मेलन में फेडरेशन के महासचिव चंद्रशेखर तिवारी, छत्तीसगढ़ प्रदेश तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष पवन कुमार शर्मा, प्रमुख सलाहकार बी.पी. शर्मा, छत्तीसगढ़ प्रदेश लिपिक वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष रोहित तिवारी, प्रदेश प्रवक्ता पंकज पाण्डेय, कार्यालय मंत्री जय कुमार साहू, मनोज साहू, संतोष कुमार वर्मा, पूषण साहू, चंदूलाल चंद्राकर, गजेंद्र साहू सहित विभिन्न कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारी एवं प्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
फेडरेशन ने प्रदेश के सभी कर्मचारी-अधिकारी संगठनों से एकजुट होकर 12 दिसंबर 2026 को नई दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित कर्मचारी आक्रोश रैली को सफल बनाने तथा कर्मचारी हितों की लंबित मांगों के लिए राष्ट्रीय स्तर पर चल रहे संघर्ष में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की है।



