73 किलोग्राम गांजा बरामद, अंतर्राज्यीय गिरोह का भंडाफोड़

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही । (जीपीएम) जिले में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। इस ऑपरेशन में 73 किलोग्राम गांजा, दो चार पहिया वाहन, पांच मोबाइल फोन और अन्य सामग्री जब्त की गई है। गिरफ्तार किए गए पांचों आरोपी मध्यप्रदेश के अनूपपुर जिले के निवासी हैं।

गिरफ्तार आरोपियों में भरत बैगा (31), बसंत बैगा (46), अबुल हसन (25), पप्पू नापित (31), और हजरत अली उर्फ गोलू (30) शामिल हैं। प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि गांजा उड़ीसा से लाया गया था और इसे अनूपपुर जिले के विभिन्न स्थानों पर सप्लाई किया जाना था। इस तस्करी के पीछे उड़ीसा का एक व्यापारी शामिल है, जिसका नाम जांच में सामने आया है।

जब्त सामग्री में 73 किलोग्राम गांजा, जिसकी कीमत 7,35,000 रुपये आंकी गई है, दो चार पहिया वाहन (मारुति ब्रेज़ा और स्विफ्ट डिज़ायर) जिनकी कीमत 14,00,000 रुपये है, और पांच मोबाइल फोन जिनकी कीमत 32,000 रुपये है, शामिल हैं। जब्त की गई कुल सामग्री की कीमत 21,68,840 रुपये है।

इस कार्रवाई को पुलिस अधीक्षक श्रीमती भावना गुप्ता के निर्देश पर और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ओम चंदेल के मार्गदर्शन में अंजाम दिया गया। थाना गौरेला और साइबर सेल की ANTF इकाई ने खोडरी जोबाटोला के जंगल में मुखबिर की सूचना पर नाकेबंदी कर यह सफलता प्राप्त की। सभी आरोपियों को मादक पदार्थ अधिनियम की धारा 20 बी और 29 एनडीपीएस एक्ट के तहत गिरफ्तार कर रिमांड पर भेजा जा रहा है। साथ ही अन्य आरोपियों और उनकी संलिप्तता की जांच जारी है।

 

डीईओ डॉ. अनिल का ब्राह्मण समाज ने किया सम्मान

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ी ब्राह्मण विकास परिषद बिलासपुर के द्वारा नवनियुक्त जिला शिक्षा अधिकारी बिलासपुर डॉक्टर अनिल तिवारी का परिषद के सदस्यों ने अभिनंदन व स्वागत किया, इस अवसर पर छत्तीसगढ़ी ब्राह्मण विकास परिषद के अध्यक्ष डॉक्टर प्रदीप शुक्ला ने कहा कि बिलासपुर में छत्तीसगढ़ी ब्राह्मण विकास परिषद के पदाधिकारी व सदस्य शिक्षक लगातार शिक्षा की उत्तरोत्तर विकास व गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए काम कर रहे हैं ऐसे में सामाजिक व्यक्तित्व डॉक्टर अनिल तिवारी का बिलासपुर जिला शिक्षा अधिकारी बनना गर्व की बात है।

समाज शिक्षा में निरन्तर विकास हेतु प्रतिबद्ध है, कार्यक्रम का संचालन करते हुए परिषद के पदाधिकारी संजय (गौरहा) शर्मा ने कहा कि बिलासपुर जिले में अविभाजित बिलासपुर जिले के शिक्षा के क्षेत्र में 30 वर्षों से दायित्व निर्वहन करने वाले अनुभवी प्राचार्य डॉक्टर अनिल तिवारी जी को जिला शिक्षा अधिकारी बनाए जाने से समाज उत्साहित है साथ ही समाज अपने शिक्षा के क्षेत्र में दायित्व निर्वहन के लिए समर्पित भाव से कार्यरत रहेगा।

स्वागत व अभिनंदन के इस कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ी ब्राह्मण विकास परिषद बिलासपुर के बहुत सारे पदाधिकारी व सदस्य शामिल थे इस अवसर पर छत्तीसगढ़ी ब्राह्मण विकास परिषद नारी कल्याण समाज के अध्यक्ष श्रीमती जय श्री शुक्ला ने कहा कि सामाजिक व्यक्तित्व के जिला शिक्षा अधिकारी बनने से समाज को भी ऊंचाई मिली है साथ ही वह उत्कृष्ट शिक्षा हेतु कार्य करेंगे, ऐसा हम सभी का मानना है।

कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ी ब्राह्मण विकास परिषद के पदाधिकारी व सदस्य बहुत संख्या में शामिल थे नव नियुक्त बिलासपुर शिक्षा जिला शिक्षा अधिकारी डॉक्टर अनिल तिवारी का पुष्पहार, बुके, फूलमाला शाल श्रीफल से अभिनंदन व स्वागत करते हुए खुशी में मिष्ठान का वितरण किया गया।

नवनियुक्त जिला शिक्षा अधिकारी डॉ अनिल तिवारी जी ने समाज को शिक्षा में बढ़ावा देने, गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा देने के विचार को बेहतरीन बताते हुए सभी के सहयोग व शासन के निर्देशानुसार दायित्व निर्वहन करने का भरोसा दिया, स्वागत के लिए धन्यवाद दिया।

मुख्य रूप से डॉ प्रदीप शुक्ला, जयश्री शुक्ला, डॉ प्रफुल्ल शर्मा, संजय गौरहा (शर्मा), नागेंद्र धर शर्मा, अश्वनी मिश्रा, के के तिवारी, के के दुबे, किशोर शर्मा, श्याम मोहन दुबे, राजेश मिश्रा, प्रशांत मिश्रा, रश्मि द्विवेदी, रमेश तिवारी, धर्मेन्द्र गौरहा, राजेश पांडेय, देवव्रत मिश्रा, हेमंत शर्मा, कौशल तिवारी, चंद्रकांत पांडेय, भूपेंद्र धर दीवान, संतोष तिवारी, शैलेश चौबे, आलोक पांडेय,संजय शर्मा महासचिव छत्तीसगढ़ी ब्राह्मण विकास परिषद बिलासपुर ने विचार रखे।

कलेक्टर का छापामार निरीक्षण: वनांचल क्षेत्र के छात्रावासों में व्यवस्थाओं की समीक्षा

गौरेला पेंड्रा मरवाही । कलेक्टर लीना कमलेश मंडावी ने गुरूवार को देर शाम गौरेला एवं पेण्ड्रा विकासखण्ड के दूरस्थ वनांचल क्षेत्र के विभिन्न छात्रावासों-आश्रमों का छापामार शैली में निरीक्षण कर बच्चों एवं अधीक्षकों की उपस्थिति सहित व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने पेण्ड्रा विकासखण्ड के प्री-मैट्रिक आदिवासी कन्या छात्रावास मुरमुर, प्री-मैट्रिक आदिवासी कन्या छात्रावास कोड़गार, प्री-मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास कोड़गार, आदिवासी बालक आश्रम सोनकुंड और गौरेला विकासखण्ड के आदिवासी बालक आश्रम कोटमीखुर्द, प्री-मैट्रिक आदिवासी बालक छात्रावास बस्ती एवं प्री-मैट्रिक आदिवासी कन्या छात्रावास बस्ती का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान प्री-मैट्रिक आदिवासी कन्या छात्रावास कोड़गार की अधीक्षिका श्रीमती शांति पैंकरा अनुपस्थित पायी गई, जिन्हें नोटिस जारी किया जाएगा।
कलेक्टर ने छात्रावासों में भोजन व्यवस्था, प्रकाश, साफ-सफाई तथा उपस्थिति पंजी के अनुरूप बच्चों की उपस्थिति एवं अध्ययन-अध्यापन का अवलोकन किया। उन्होंने बच्चों से किसी तरह की समस्या तो नहीं है के बारे में पूछताछ की। उन्होंने बच्चों को रट्टा मारकर नही बल्कि समझ कर पढ़ाई करने कहा। साथ ही ठंड के मौसम को देखते हुए ठंड से बचने के लिए कम्बल एवं समुचित प्रकाश के लिए लाईट व्यवस्था की भी जानकारी ली। उन्होंने रसोई कक्ष में जाकर भोजन की गुणवत्ता की भी जांच की। उन्होंने कीचन एवं छात्रावास में साफ-सफाई पर विशेष ध्यान रखने तथा बच्चों के कपड़े एवं बेडशीट की नियमित रूप से धुलाई कराते रहने के निर्देश छात्रावास अधीक्षकों को दिए। उन्होंने प्री-मैट्रिक आदिवासी कन्या छात्रावास मुरमुर परिसर में खाली पड़े जमीन में कीचन गार्डन बनाने के निर्देश अधीक्षिका को दिए।

गगनई जलाशय: नौकायन, नाइट कैंपिंग और अद्भुत प्राकृतिक नज़ारों का अनूठा संगम

गौरेला पेंड्रा मरवाही । नवगठित जीपीएम जिला प्राकृतिक मनोरम दृश्यों से भरा-पूरा जिला है। ऐतिहासिक, धार्मिक एवं प्राकृतिक पर्यटन स्थलों से विद्यमान जिले में प्रकृति की गोद में स्थित गगनई जलाशय में पर्यटक नौकायन का भरपूर आनंद ले सकते हैं। जिला मुख्यालय गौरेला से लगभग 30 किलोमीटर की दूरी पर स्थित गंगनई जलाशय (नेचर कैंप) प्रकृति प्रेमियों के लिए खास जगहों में से एक है। यहां पर्यटकों के ठहरने और खाने-पीने के साथ ही मनोरंजन के लिए नौका विहार की सुविधा उपलब्ध है।
स्थानीय लोगों के साथ ही बड़ी संख्या में पर्यटक अपने परिवार के साथ पिकनिक मनाने यहां पहुंचते हैं। यहाँ स्थित सन्सेट पॉइंट से झील में डूबते सूरज और चारों ओर पहाड़ों का सुंदर दृश्य यहां आने वाले पर्यटकों का मन मोह लेता है। सूरज की लालिमा झील के पानी पर पड़ती है तो दृश्य देखते ही बनता है और एक अलौकिक आनंद मिलता है। यहाँ बने झील में बोटिंग की सुविधा है। साथ ही वन विभाग द्वारा बनाए गए सर्व सुविधायुक्त कमरे भी हैं, जहां पर्यटक परिवार के साथ ठहर सकते हैं। खाने-पीने के लिए कैंटिन सुविधा भी उपलब्ध है।
जिला प्रशासन द्वारा गठित स्थानीय पर्यटन समिति द्वारा यहां नाइट कैम्पिंग, ट्रेकिंग, पक्षीदर्शन जैसी अनेक मनोरंजक गतिविधियां संचालित की जाती है। गगनई नेचर कैंप भालूओं के रहवास वाले जंगल के पास बना है। यहाँ पर वन विभाग द्वारा पर्यावरण चेतना केंद्र स्थापित किया गया है, जो भालुओं के संरक्षण के लिए जागरूकता फैलाने का काम करता है। यहाँ आते-जाते भालू के दर्शन भी हो जाते हैं। यहाँ पर स्थित सेल्फ़ी पॉइंट स्थानीय लोगों के बीच बहुत प्रसिद्ध है। यहाँ पर स्कूल-कॉलेज के बच्चों के लिए दिन भर के लिए नवाचार कैम्प भी विशेष मांग पर आयोजित किए जाते हैं। गगनई नेचर कैम्प में बारोमाह सैलानियों का तांता लगा रहता है।

रामसेतु पुल ऐतिहासिक विरासत को संरक्षित करने की दिशा में एक बड़ा कदम : अमर

बिलासपुर। जिले की ऐतिहासिक धरोहर, रामसेतु पुल , जो 30 जुलाई 1926 को पहली बार उद्घाटित हुआ था, अब 99 वर्षों के गौरवशाली इतिहास के साथ एक नई यात्रा पर अग्रसर है। यह पुल न केवल शहर की सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक है, बल्कि इसकी पहचान का एक अभिन्न हिस्सा भी है। 22 जनवरी 2024 को रामसेतु पुल के नामकरण समारोह में, नगर विधायक अमर अग्रवाल ने पुल के सौंदर्यीकरण हेतु जो भी राशि की आवश्यकता होगी, उसे उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया था। उनके नेतृत्व और प्रयासों से ?2.63 करोड़ की स्वीकृति प्राप्त हुई है। इस राशि का उपयोग पुल के सौंदर्यीकरण और ऐतिहासिक विरासत को संरक्षित करने के लिए किया जाएगा। इस परियोजना के तहत पुल के ढांचे को सुदृढ़ करने के साथ-साथ उसे शहर की शान के अनुरूप विकसित किया जाएगा। यह कार्य न केवल पुल की ऐतिहासिक महत्ता को बढ़ाएगा, बल्कि बिलासपुरवासियों के लिए गर्व और पर्यटन के नए अवसर भी प्रदान करेगा। नगर विधायक अमर अग्रवाल ने कहा, रामसेतु पुल हमारे शहर की ऐतिहासिक पहचान है। इसका सौंदर्यीकरण और संरक्षण भविष्य की पीढिय़ों के लिए प्रेरणा का कार्य करेगा। यह परियोजना बिलासपुर के विकास में एक और कदम है। बिलासपुरवासियों के लिए यह क्षण बेहद गर्व और हर्ष का है कि उनकी ऐतिहासिक धरोहर को संरक्षित और संवारा जा रहा है। यह पहल शहर के विकास और समृद्धि में मील का पत्थर साबित होगी।

महतारी वंदन योजना: महिलाओं को मिल रहा आर्थिक संबल, नंदिनी और रूपा की कहानी

बिलासपुर । महतारी वंदन योजना उन महिलाओं किए वरदान बनी हैं जो आर्थिक दिक्कतों से जूझ रही थी। जरूरतमंद महिलाओं को आर्थिक संबल देने के8 इस योजना ने कई महिलाओं का जीवन बदला है। योजना से लाभान्वित सरकंडा की श्रीमती नंदिनी के जीवन में योजना से सार्थक बदलाव आया है,और वह आत्मनिर्भरता की राह पर अग्रसर है।
सरकंडा में रहने वाली नंदिनी यादव अपने परिवार को आर्थिक सहयोग देने के लिए एक सिलाई सेंटर में काम करती है। नंदिनी ने बताया कि घर की आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं है,जिससे आसानी से रोजमर्रा की जरूरतें पूरी हो सके।ऐसे में वो सिलाई दुकान में काम कर कुछ कमाई करके परिवार को सहयोग करती है। नंदिनी ने बताया कि वो स्वयं का सिलाई मशीन खरीदना चाहती है,ताकि वो घर पर रहकर ही ये काम कर सके। नंदिनी ने खुश होकर बताया कि सरकार से हर माह मिली महतारी वंदन योजना की राशि को वो जमा करती आ रही हैं और अब वो जल्द ही सिलाई मशीन खरीदेगी और स्वयं का काम शुरू कर पाएगी। नंदिनी ने सरकार का आभार जताते हुए कहा कि सरकार द्वारा दी जा रही इस मदद से जरूरतमंद महिलाओं को बड़ा आर्थिक संबल मिला है, उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को धन्यवाद दिया।
इसी तरह बिलासपुर नगर निगम में स्वच्छता दीदी का काम करने वाली बंधवा पारा की श्रीमती रूपा बाई ने कहा कि सरकार की इस मदद से हमारी छोटी छोटी जरूरतें पूरी हो जाती है, उन्होंने प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री का आभार जताते हुए कहा कि इस योजना से हमें संबल मिल रहा है, और यह राशि हमारे बहुत काम आ रही है।
उल्लेखनीय है कि महतारी वंदन योजना से जरूरतमंद महिलाओं को राज्य सरकार द्वारा 1000 रुपए प्रतिमाह दिए जा रहे हैं। इस माह योजना की 11वीं किश्त महिलाओं के खाते में आई है।

कलेक्टर की पहल: कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान, बैठक में महत्वपूर्ण चर्चा

बिलासपुर। कलेक्टर अवनीश शरण के निर्देश पर कर्मचारियों की विभिन्न समस्याओं का तेजी से निराकरण हो रहा है। उनके द्वारा कर्मचारियों के लिए अलग से मंगलवार को साप्ताहिक जनदर्शन भी लगाया जाता है। इस क्रम में लंबे अरसे बाद जिला स्तरीय संयुक्त परामर्श दात्री समिति की बैठक अपर कलेक्टर  आरए कुरुवंशी की अध्यक्षता में आयोजित की गई। संयुक्त कलेक्टर और जिला कार्यालय की स्थापना शाखा के प्रभारी एसएस दुबे भी इस अवसर पर उपस्थित थे। जिला कार्यालय के मंथन सभा कक्ष में आयोजित इस बैठक में मान्यता प्राप्त अधिकारी कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारी शामिल हुए। बैठक में उपस्थित संघों के द्वारा सौंपे गए विभिन्न एजेण्डों पर सौहार्दपूर्ण वातावरण में सार्थक चर्चा की गयी। जिसमें प्रमुख रूप से विभिन्न विभागों में समयबद्ध पदोन्नति, क्रमोन्नति, समयमान-वेतनमान, सर्विस बुक,जीपीएफ पासबुक का नियमित सत्यापन, अद्यतन प्रविष्टि एवं द्वितीय प्रति प्रदाय, सेवा पुस्तिका में अनिवार्य नॉमिनी अपडेशन, सेवानिवृत्ति एवं अनुकंपा नियुक्ति के प्रकरणों का समयसीमा में निराकरण, प्रत्येक तिमाही में सभी कार्यालयों द्वारा परामर्शदात्री बैठक का आयोजन, सभी कार्यालयों में कर्मचारियों का तीन वर्ष में शाखा परिवर्तन, पुराना कम्पोजिट बिल्डिंग परिसर में पार्किंग,प्रवेश द्वार निर्माण, मरम्मत व सुधार एवं फेडरेशन हेतु कम्पोजिट बिल्डिंग में कक्ष आबंटन इत्यादि बिन्दुओं पर कार्यवाही हेतु सभी संबंधित विभाग के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिये गये।

गतौरा में रिश्वत का वीडियो वायरल: बारदाना प्रभारी और प्राधिकृत को नोटिस, 3 दिन में जवाब तलब

बिलासपुर । मस्तूरी विकासखंड के धान खरीदी केंद्र गतोरा में एक किसान से रिश्वत लेकर धान खरीदने का वीडियो प्रकाश में आया है। जिसके आधार पर उपायुक्त सहकारिता ने केंद्र के बारदाना प्रभारी लवकुमार यादव और प्राधिकृत राजेंद्र राठौर को नोटिस जारी कर तीन दिनों में जवाब तलब किया है। किसान ने 4 हजार रिश्वत देते हुए वीडियो बना लिया था।

उपायुक्त सहकारिता मंजू पाण्डेय द्वारा जारी नोटिस में कहा गया है कि अनुविभागीय अधिकारी राजस्व मस्तूरी के द्वारा लेख किया गया है कि धान उपार्जन केन्द्र गतौरा तहसील मस्तूरी के प्राप्त शिकायत के संबंध में तहसीलदार मस्तूरी से जांच कराई गई। तहसीलदार मस्तूरी द्वारा जांच रिपोर्ट प्रस्तुत किया कि शिकायतकर्ता हर प्रसाद सूर्यवंशी पिता स्व.तुलसाराम निवासी गतौरा के अनुसार धान मण्डी में उपस्थित पंचनामा में उल्लेखित राठौर ने कहा कि धान की क्वालिटी सही नहीं है। इसलिए 4000 रूपये देने पर रसीद कटेगा। फिर शिकायतकर्ता ने पैसे देते हुए विडियो बना लिया। शिकायतकर्ता द्वारा बनाये गये विडियो में पैसा लेते हुए दिख रहे व्यक्तियों के संबंध में धान खरीदी केन्द्र गतौरा के खरीदी प्रभारी नरेन्द्र वस्त्रकार के माध्यम से विडियो का पुष्टि कराया गया। केन्द्र प्रभारी द्वारा विडियो में पैसा लेते हुए लव कुमार यादव बारदाना प्रभारी एवं साथ में राजेन्द्र राठौर प्राधिकृत के होने की पुष्टि की गई। तहसीलदार मस्तूरी के जांच प्रतिवेदन अनुसार विडियो में लव कुमार यादव बारदाना प्रभारी एवं साथ में राजेन्द्र राठौर, प्राधिकृत द्वारा पैसे लेने की शिकायत सही पाई गई। तत्संबंध में तहसीलदार मस्तूरी के प्रतिवेदन के आधार पर लव कुमार यादव बारदाना प्रभारी एवं राजेन्द्र राठौर, प्राधिकृत गतौरा के विरुद्ध नियमानुसार कार्यवाही हेतु प्रतिवेदन इस कार्यालय को प्रेषित किया गया है। अतः उक्त शिकायत एवं जांच के संबंध में 03 दिवस के भीतर अपना स्पष्टकरण अधोहस्ताक्षरी के समक्ष उपस्थित होकर प्रस्तुत करना सुनिश्चित करे।

आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पद पर नियुक्ति की प्रक्रिया निरस्त

बिलासपुर। कोटा ब्लॉक के आंगनबाड़ी केन्द्र जरगाडीह में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पद पर भर्ती हेतु आवेदन मंगाया गया था, जिसे अपरिहार्य कारणों से निरस्त कर दिया गया है। एकीकृत बाल विकास परियोजना कोटा के परियोजना अधिकारी ने इस आशय की जानकारी देते हुए बताया कि अपरिहार्य कारणों से उक्त नियुक्ति हेतु जारी ज्ञापन को निरस्त किया जाता है।

प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण: पात्रता सूची तैयार और सर्वेक्षण जारी

बिलासपुर। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत 1 अप्रैल 2016 से शुरू की गई योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में सभी के लिए पक्के आवास उपलब्ध कराना है। योजना के लिए 2024-25 से 2028-29 तक की वृद्धि की गई है।

पात्रता के मानदंड निम्नलिखित हैं:

1. परिवार के पास मोटर चालित वाहन या मशीनरी नहीं होनी चाहिए।

2. ₹50,000 से अधिक के कर्ज वाले किसान क्रेडिट कार्ड धारक अयोग्य होंगे।

3. सरकारी कर्मचारी और करदाता परिवार योजना से बाहर होंगे।

4. व्यवसायिक परिवार, 2.5 एकड़ से अधिक भूमि वाले, और जिनके पास 5 एकड़ से अधिक असिंचित भूमि है, उन्हें भी योजना से बाहर रखा गया है।

योजना के तहत सभी पात्र परिवारों का सर्वेक्षण तकनीकी सहायकों और ग्राम पंचायत सचिवों के माध्यम से मोबाइल एप्लिकेशन पर किया जाएगा।

सर्वेक्षण के दौरान पात्र परिवार योजना से वंचित होने पर संबंधित पंचायत सचिव या रोजगार सहायक से संपर्क कर सकते हैं। आवेदन से जुड़ी किसी भी समस्या के समाधान के लिए जनपद और पंचायत अधिकारियों से संपर्क किया जा सकता है।