रायपुर । AIIMS रायपुर की वायरोलॉजी प्रयोगशाला, जिसे आधिकारिक रूप से माइक्रोबायोलॉजी विभाग के अंतर्गतराज्य वायरल अनुसंधान एवं निदान प्रयोगशाला (VRDL)के नाम से जाना जाता है, ने 1 अगस्त 2025 को एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। इस दिन प्रयोगशाला को पहली बारराष्ट्रीय परीक्षण एवं अंशांकन प्रयोगशालाओं की प्रत्यायन बोर्ड (NABL)से मान्यता प्राप्त हुई।
एनएबीएल ने एम्स रायपुर की इस प्रयोगशाला को 12 प्रमुख मानव विषाणु संक्रमणों की पहचान हेतु मान्यता दी है, जिनमें शामिल हैं: वायरल मैनिंजाइटिस / एन्सेफलाइटिस, कोविड-19 (SARS-CoV-2) से होने वाला वायरल निमोनिया, स्वाइन फ्लू (H1N1), इन्फ्लुएंजा बी, आरएसवी, 14 उच्च जोखिम वाले ह्यूमन पैपिलोमावायरस (HR-HPV) जो गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर का कारण बनते हैं, एपस्टीन-बार वायरस (EBV), हर्पीज सिम्प्लेक्स वायरस (HSV), साइटोमेगालोवायरस (CMV), हेपेटाइटिस बी और सी वायरल लोड, और डेंगू।
वर्ष 2018 में स्थापित यह प्रयोगशाला न केवल एम्स रायपुर में आने वाले मरीजों को निदान सेवाएं प्रदान कर रही है, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ से आने वाले नमूनों की जांच भी करती है। यह लैब कोविड-19, हेपेटाइटिस A/B/C/E और डेंगू की जाँच में प्रमुख भूमिका निभा रही है और चिकनपॉक्स, कंजंक्टिवाइटिस एवं मम्प्स जैसे वायरल रोगों के प्रकोप की जांच में भी सक्रिय भागीदारी निभाती है।
यह प्रयोगशाला राज्य कीकोविड-19 जांच, गुणवत्ता नियंत्रण और SARS-CoV-2 के संपूर्ण जीनोम अनुक्रमणहेतुराज्य नोडल केंद्रके रूप में भी कार्य करती है।
एम्स रायपुर के कार्यकारी निदेशक एवं सीईओलेफ्टिनेंट जनरल अशोक जिंदल (सेवानिवृत्त)ने इस उपलब्धि पर पूरी टीम को बधाई दी और इसे छत्तीसगढ़ की जनता को अत्याधुनिक निदान सेवाएं प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
प्रो. (डॉ.)अनुदिता भार्गवने इस एनएबीएल मान्यता को टीमवर्क और समर्पण का परिणाम बताया, वहीं प्रो. (डॉ.)संजय सिंह नेगीने कहा किISO 15189:2022के तहत प्राप्त यह मान्यता प्रयोगशाला की उच्च गुणवत्ता और सटीक परीक्षण सेवाओं को दर्शाती है।
इस उपलब्धि को संभव बनाया संपूर्ण टीम के अथक परिश्रम द्वारा, जिनमें शामिल हैं:डॉ. माधवी मडके (सहायक प्रोफेसर), सीनियर रेजिडेंट्स: डॉ. सजीथा, डॉ. अतिश, डॉ. सुष्री, डॉ. गर्गी, रिसर्च साइंटिस्ट-सी: कुलदीप शर्मा, डॉ. पुष्पेन्द्र सिंह, साइंटिस्ट-बी: डॉ. रुचि खरे, रिसर्च असिस्टेंट: जियन चंद्रवंशी, लैब टेक्नीशियन: मोहम्मद रफीकुल्लाह खान, हनुमान प्रसाद, डाटा एंट्री ऑपरेटर: कुशन परगनिहा, एमटीएस: अमित मिश्रातथा अन्य समर्पित अनुसंधान कर्मी।
यह उपलब्धि न केवल संस्थान के लिए गौरव का विषय है, बल्कि छत्तीसगढ़ राज्य के लिए भी एक बड़ी उपलब्धि है।
Mohanish Singh Thakur
निगम ने आवारा मवेशी मालीक के खिलाफ दर्ज कराई fir
बिलासपुर। पालतू मवेशियों को सड़क पर छोड़ने वाले के खिलाफ fir दर्ज की गई है। नगर निगम बिलासपुर द्वारा यह एफआईआर दर्ज कराया गया है। पशुओं को खुले में घूमने से रोकने के लिए नगर निगम द्वारा लगातार अभियान चलाया जा रहा है,जिसके तारतम्य में 2 अगस्त को सिविल लाइन पुलिस ने राजेन्द्र नगर निवासी मवेशी मालिक संतोष यादव के खिलाफ अपराध क्रमांक 978/2025 धारा 291,285 पशुओं के प्रति क्रूरता का निवारण अधिनियम 1960 की धारा 3,11,1 आई के तहत अपराध दर्ज कर अग्रिम वैधानिक कार्रवाई कर रही है।
निगम ने आवारा मवेशी माली के खिलाफ दर्ज कराई fir
पालतू मवेशियों को लावारिस छोड़ने की वजह से आए दिन दुर्घटनाएं हो रही है और सड़क पर जाम लग रहा है। इससे मवेशियों का जीवन संकट में आ गया है,इसके अलावा यह राहगीरों एवं वाहन चालकों के लिए एक बड़ी समस्या बन गई है। लगातार समझाइश के बाद भी मवेशी मालिक अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे है। शहर के राजेन्द्र नगर में शिव मंदिर के पास दो गाय और एक बछड़े को सड़क पर छोड़ दिया गया था, मवेशियों को हटाने निकली निगम के जोन क्रमांक 3 की टीम द्वारा आस-पास पूछताछ करने पर पता चला कि यें मवेशी राजेन्द्र नगर निवासी संतोष यादव की है। जिस पर कर्मचारियों ने संतोष यादव से संपर्क किया और कई बार आवाज देने के बावजूद मवेशी मालिक संतोष यादव द्वारा पशुओं को ले जाया नहीं गया।
जिसके बाद जोन कमिश्नर के निर्देश पर निगम के प्रभारी सहायक राजस्व अधिकारी दिनेश कौशिक ने सिविल लाइन थाने में शिकायत दर्ज कराया जिस पर सरकंडा पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अपराध दर्ज किया है।
पशुपालकों को समझाइश
नगर निगम द्वारा रोजाना मवेशियों को सडकों से पकड़ा जा रहा है,मवेशी मालिक उन्हें छुड़ा कर घर तो ले जाते है पर वापस मवेशियों को खुला छोड़ देते हैं जिससे मवेशी फिर सड़कों पर दिखने लगते है। गोठान में मवेशी मालिकों को खुलें में ना छोड़ने के लिए बकायदा समझाइश भी दी जा रही है।
मवेशियों को बाहर ना छोड़ें-कमिश्नर
इस अवसर पर नगर निगम कमिश्नर श्री अमित कुमार ने पशुपालकों से अपील करते हुए कहा की अपने गोधन को बाहर ना छोड़ें।अपने पालतू मवेशियों को अपने स्थान पर रख कर चारा-पानी की समुचित व्यवस्था करें।
molestation and assault : महिला से छेड़छाड़ और मारपीट के आरोपी को पुलिस ने किया गिरफ्तार
बिलासपुर । molestation and assault : एक महिला से छेड़छाड़ और मारपीट करने वाले आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार किया । पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, ग्राम सेंवार निवासी जितेंद्र घृतलहरे 35 वर्ष, पिता लक्ष्मीचंद्र घृतलहरे ने दिनांक एक दिवस पूर्व की रात पीडि़ता के साथ बदनीयत से छेड़छाड़ की और मारपीट भी की। पीडि़ता ने अगले दिन थाना चकरभाठा पहुंचकर आरोपी के विरुद्ध शिकायत दर्ज कराई।
पीडि़ता की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए थाना चकरभाठा में तत्काल प्रकरण दर्ज किया गया और वरिष्ठ अधिकारियों को मामले की सूचना दी गई। निर्देश मिलने के बाद थाना प्रभारी निरीक्षक उत्तम कुमार साहू के नेतृत्व में टीम गठित कर आरोपी को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार किया जिसके बाद उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया।
chetna abhiyan : 30 लीटर अवैध महुआ शराब के साथ युवक गिरफ्तार
बिलासपुर/ पचपेड़ी। chetna abhiyan : जिले में चलाए जा रहे चेतना विरुद्ध नशा तथा प्रहार अभियान के तहत पचपेड़ी पुलिस ने बड़ी कार्यवाही करते हुए एक आरोपी को 30 लीटर अवैध कच्ची महुआ शराब के साथ गिरफ्तार किया है। साथ ही आरोपी की एक मोटरसाइकिल भी जब्त की गई है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के मार्गदर्शन में अवैध शराब के खिलाफ विशेष मुहिम चलाया जा रहा है। इसी क्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अर्चना झा और एसडीओपी मस्तूरी लालचंद मोहल्ले के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी पचपेड़ी श्रवण कुमार के नेतृत्व में कार्रवाई को किया गया।
पेट्रोलिंग के दौरान मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि एक व्यक्ति मोटरसाइकिल से ग्राम बेल्हा से अवैध महुआ शराब लेकर सुकुलकारी, पचपेड़ी की ओर आ रहा है। सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम सुकुलकारी आंगनबाड़ी के पास घेराबंदी कर उक्त व्यक्ति को पकड़ा। पूछताछ में उसने अपना नाम अजय पोर्ते पिता चंद्रभान पोर्ते उम्र 24 वर्ष निवासी बेल्हा थाना पचपेड़ी बताया।
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 30 लीटर कच्ची महुआ शराब और एक मोटरसाइकिल जब्त की। आरोपी के विरुद्ध अपराध क्रमांक 189/2025, धारा 34(2) छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर न्यायिक अभिरक्षा में न्यायालय में प्रस्तुतकिया गया।
इस कार्रवाई में इन पुलिस अधिकारियों का विशेष योगदान रहा थाना प्रभारी श्रवण कुमार, सहायक उप निरीक्षक ओंकार बंजारे, आरक्षक नरसिंह राज, आरक्षक दिल हरण पैकरा और आरक्षक गजपाल जांगड़े।
raipur : दिव्यांग बच्चों के अधिकारों के लिए राज्य स्तरीय कार्यशाला
बाल संरक्षण की दिशा में लगातार हो रहे प्रयास : डीजीपी अजय
raipur रायपुर। दिव्यांग बच्चों के अधिकारों की रक्षा और संवेदनशीलता बढ़ाने के उद्देश्य से एक दिवसीय राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजन पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम की पहल पर किया गया। इस कार्यशाला का विषय था सेफगार्डिंग इंटरेस्ट ऑफ चिल्ड्रन विद डिसएबिलिटीज जिसे छत्तीसगढ़ पुलिस और यूनिसेफ के संयुक्त तत्वावधान में पुलिस मुख्यालय, नवा रायपुर में आयोजित किया गया।
कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए पुलिस महानिरीक्षक अजय यादव ने कहा कि बाल संरक्षण की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में जिलों में पदस्थ विशेष किशोर पुलिस इकाई (SJPU) और बाल कल्याण पुलिस अधिकारी (CWPO) सहित अन्य पुलिस अधिकारियों के लिए यह कार्यशाला आयोजित की गई है।
इस प्रशिक्षण में दिव्यांग बच्चों से जुड़े मामलों की विवेचना कैसे की जाए, और ऐसे बच्चों के प्रति पुलिस को किस प्रकार संवेदनशील रवैया अपनाना चाहिए, इस पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया।
मुख्य अतिथि के रूप में पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान सामाजिक परिवेश में संयुक्त परिवारों और सामाजिक संस्थाओं का विघटन हो रहा है, जिससे बच्चों को अपेक्षित सहयोग नहीं मिल पाता। ऐसे में पुलिस पर अतिरिक्त जिम्मेदारी आ जाती है कि वह बच्चों की आवश्यकताओं को समझे और संवेदनशीलता के साथ कार्य करे। उन्होंने कहा कि पुलिस को सभी हितधारकों के सहयोग से बच्चों के हित में यथोचित पहल करनी होगी, क्योंकि अधिकांश मामलों में पुलिस प्रथम उत्तरदाता होती है।
प्रशिक्षण सत्र में नई दिल्ली की संस्था आस्था ऑर्गनाइजेशन से विषय विशेषज्ञ प्रतीक अग्रवाल और समाज कल्याण विभाग के सहायक संचालक कमल सिंह भदौरिया ने दिव्यांगता का इतिहास, सामाजिक जवाबदेही, मौजूदा कानूनी प्रावधान, पुलिस की भूमिका और केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं पर विस्तृत जानकारी दी।
इस कार्यशाला में विभिन्न जिलों और पुलिस मुख्यालय के कुल 135 पुलिस अधिकारियों ने भाग लिया। इस अवसर पर सहायक पुलिस महानिरीक्षक पूजा अग्रवाल, यूनिसेफ की चाइल्ड प्रोटेक्शन ऑफिसर चेतना देसाई और पुलिस मुख्यालय के अन्य अधिकारी/कर्मचारी भी उपस्थित रहे।
beej mantra : महालक्ष्मी साधना: धन, सुख और समृद्धि का मार्ग
beej mantra : श्री दुर्गा सप्तशती बीज मंत्र महालक्ष्मी अनुष्ठान मैडिटेशन हॉल, श्री साईं कृपा हॉस्पिटल, सरजू बगीचा रोड, तेलीपारा में शुक्रवार 1 अगस्त को शाम 4.45 बजे प्रारंभ होकर शाम 7.00 संपन्न हुआ । यह पूर्णतः निशुल्क है, कोई जटिल नीयम है कोई शुल्क नहीं बस आप आयें पायें और जाएँ जहाँ कही भी यह साधना होती हैं घर मंदिर फैक्ट्री दूकान सब जगह माँ की कृपा होती हैं कामना सिद्धि के लिए अनुष्टान किये जाते हैं, जिसमे स्वास्थ्य , धन, सुख, शांती, मकान, गाड़ी, नौर्करी, व्यापर, परिवार, शादी, बच्चे, बच्चों की पढाई या किसी भी सकारात्मक कार्य को सम्पन्न करने के लिए किया जाता है । अनुष्टान के कोई कड़े नियम नहीं है । साधना क्रम इस प्रकार रहा माँ दुर्गा शप्तशती 700 बीज मन्त्र, श्री महालक्ष्मी का ध्यान जप, श्री महालक्ष्मी हवन, श्री महालक्ष्मी आरती अंत में साधकों द्वारा बनाया गया माँ का प्रसाद भंडारा से अनुष्ठान संपन्न हुआ ।

माँ की कृपा के लिए सबसे पहले अपने अंदर बदलाव जरुरी है, हमको चेतन रहना है की ऐसा कोई भी क्रिया न हो जो किसी को भी कष्ट पहुचे क्याहे मनुष्य, पशु, पक्षी, पेड़ पौधे, आपका कोई गलत विचार भी यदि अपने अंदर आता है तो वह माता लक्ष्मी के मार्ग में बाधा बनता है । माता लक्ष्मी घर में तीन रूपों में रहती है माँ या सास, बहु और बेटी यदि यह तीनो प्रसन्ने रहते हैं तो माँ की कृपा घर पर बनी रहती है । जिस घर में घर के बुजुर्गों का अपमान होता है तथा उनको धन या व्यवस्था के लिए कष्ट दिया जाता है वहा लक्ष्मी रूठ जाती है और कुलक्ष्मी का वास हो जाता है । यदि हम अपने जीवन मे धन या जायदाद या कुछ भी चल से प्राप्त करते हैं तो माँ लक्ष्मी हमपर कुपित होती है जिसका असर देर सबेर हमर जीवन पर अत है । कोई भी सतकार्म या दुश्कर्म अपने प्रभाव ले कर अत है यह श्रृष्टि का अकाट्य नियम है, कोई भी अच्छे विचार या गलत विचार भी अपना असर दिखाते हैं .. फिर हम सोचेते हैं हमारे साथ ही ऐसा क्यों
माता लक्ष्मी को गुलाब का फूल और खीर का भोग पसंद है, शुक्रवार उनका दिन होता है इस दिन उनकी आराधन का विशेष फल मिलता है । धन और समृद्धि की प्राप्ति, कर्ज से मुक्ति, यश और मान-सम्मान में वृद्धि, परिवार में सुख-शांति और खुशहाली, विभिन्न प्रकार के सुखों की प्राप्ति श्री दुर्गा सप्तशती बीज मंत्र महालक्ष्मी अनुष्ठान से सिद्ध होती है । सेवा साधकों ने बताया की जिस घर में सभी सदस्य प्रसन्न रहते है अथवा अपने दस्फ्तर या कारखाने के सभी कर्मचारी प्रसन्ना रहते है वहां माता लक्ष्मी की कृपा जल्दी होती है । पूरी श्रद्धा से शुद्धता से साधना करनी चाहिए ।
साधना में गणेश गर्ग, प्रवीन वर्मा, ममता काले, अन्नू गर्ग, उषा यादव, उषा नायर, लोचन, आनु वैष्णव, अंजू ने अपनी सेवा प्रदान की ।
pm kisan samman nidhi : 20वीं किस्त की ताज़ा खबर
प्रत्येक पात्र किसान को 2,000 रुपये मिलेंगे।महत्वपूर्ण जानकारी:
- PM-KISAN योजना के तहत 2019 से अब तक 19 किस्तों में 3.69 लाख करोड़ रुपये किसानों को दिए जा चुके हैं।
- केवल वे किसान इस किस्त का लाभ ले सकेंगे, जिन्होंने e-KYC, बैंक खाता आधार लिंकिंग, और भूमि रिकॉर्ड सत्यापन पूरा किया है।
- आधिकारिक पोर्टल (pmkisan.gov.in) पर जाकर किसान अपनी स्थिति चेक कर सकते हैं।
कैसे चेक करें पात्रता?
- वेबसाइट: pmkisan.gov.in पर जाएँ।
- Farmers Corner में Beneficiary Status या Beneficiary List पर क्लिक करें।
- आधार नंबर, मोबाइल नंबर, या रजिस्ट्रेशन नंबर डालकर स्टेटस देखें।
- अगर जानकारी अपडेट नहीं है, तो तुरंत e-KYC पूरा करें।
समस्या होने पर क्या करें?
- हेल्पलाइन नंबर: 155261, 1800115526 (टोल-फ्री), या 011-23381092।
- ईमेल: pmkisan-ict@gov.in।
- नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) या कृषि कार्यालय से संपर्क करें।
प्रामाणिकता: यह जानकारी PM-KISAN की आधिकारिक वेबसाइट (pmkisan.gov.in) और हाल के विश्वसनीय समाचार स्रोतों से सत्यापित है। मैंने Aaj Tak की खबर को आधार बनाया, लेकिन इसे अन्य स्रोतों (जैसे PIB, DD News) से क्रॉस-चेक किया गया है ताकि यह सुनिश्चित हो कि जानकारी मूल और सटीक हो।नया दृष्टिकोण: यह किस्त न केवल किसानों को आर्थिक राहत देगी, बल्कि डिजिटल इंडिया के तहत DBT और e-KYC जैसी प्रक्रियाओं को बढ़ावा देगी। वाराणसी से रिलीज होने से इस आयोजन का प्रतीकात्मक महत्व और बढ़ गया है।चेतावनी: अगर आपकी जानकारी अपडेट नहीं है, तो तुरंत pmkisan.gov.in पर जाकर e-KYC और अन्य विवरण अपडेट करें, वरना किस्त अटक सकती है।
काशी के मेरे परिवारजनों के लिए कल 2 अगस्त का दिन बहुत विशेष है। सुबह करीब 11 बजे शिक्षा, स्वास्थ्य, स्पोर्ट्स, टूरिज्म और कनेक्टिविटी से जुड़े कई प्रोजेक्ट का उद्घाटन और शिलान्यास करूंगा। इस अवसर पर पीएम-किसान की 20वीं किस्त जारी करने का भी सौभाग्य मिलेगा।…
— Narendra Modi (@narendramodi) August 1, 2025
birth centenary celebrations : पंडित अमृतलाल दुबे बहुमुखी व्यक्तित्व के धनी थे : डाॅ पाठक
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प्रथम ईसुरी सम्मान प्राप्त लोक साहित्यकार पं अमृत लाल दुबे का अमृत जन्मोत्सव सोल्लास संपन्न
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साहित्य अकादमी द्वारा “लोक साहित्य में लोक चेतना “विषय पर राज्य स्तरीय संगोष्ठी आयोजित
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डाॅ विनय कुमार पाठक को “साहित्य गौरव अलंकरण “एवं अन्य साहित्य एवं समाजसेवियों का हुआ सम्मान
birth centenary celebrations । बिलासपुर । छत्तीसगढ़ के यशस्वी साहित्यकार एवं छत्तीसगढ़ी में प्रथम ईसुरी पुरस्कार से सम्मानित पंडित अमृतलाल दुबे जन्म शताब्दी समारोह का आयोजन संस्कार भवन पुराना सरकंडा बिलासपुर में किया गया ।
यह आयोजन शशांक शर्मा अध्यक्ष साहित्य अकादमी रायपुर के मुख्य आतिथ्य में डाॅ विनय कुमार पाठक पूर्व अध्यक्ष छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग एवं कुलपति थावे विद्यापीठ गोपालगंज बिहार की अध्यक्षता एवं समारोह भूषण न्यायामूर्ति श्री चन्द्रभूषण वाजपेयी के विशिष्ट आतिथ्य में सम्पन्न हुआ ।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के महाकवि कपिलनाथ कश्यप जी के साहित्य की प्रदर्शनी लगायी गयी ।
इस अवसर पर साहित्य अकादमी द्वारा लोक साहित्य में सुप्रसिद्ध साहित्यकार भाषाविद् डाॅ चितरंजन कर रायपुर की अध्यक्षता में “लोक साहित्य में लोक चेतना “विषय राज्य स्तरीय संगोष्ठी का आयोजन डाॅ विवेक तिवारी के संचालन में किया गया ,जिसमें विशिष्ट वक्ता के रूप में डाॅ विनय कुमार पाठक, डाॅ विजय कुमार सिन्हा जी, डाॅ देवधर महंत, श्री बलदाऊ राम साहू एवं भाषाविद डा चित्तरंजन कर ने अपने शोधपूर्ण विचार व्यक्त किये ।
इस अवसर पर आधार वक्तव्य में श्री शशांक शर्मा,अध्यक्ष छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी रायपुर ने कहा कि लोक साहित्य में लोक चेतना पूर्णतः सम्पृक्त रहता है क्योंकि वह जीवन की अनुभूतियों से उद्भूत होता है ।वह लोक की आत्मा की आवाज होता है । ” छत्तीसगढ़ की लोकगाथा पर पीएचडी करने वाले डाॅ विजय कुमार सिन्हा ने लोकसाहित्य की विशिष्टताओं की जानकारी देते हुए कहा कि लोक साहित्य में धर्म और संस्कृति रची बसी होती है इसलिए वह गंगा की निर्मल धारा सा पावन होता है , उन्होंने परिष्कृत साहित्य और लोक साहित्य पर अपने विचार रखे। डाॅ देवधर महंत ने कहा कि -‘वर्तमान समय में छत्तीसगढ़ की लोक-संस्कृति पर शोध करने की आवश्यकता है ताकि नयी पीढ़ी उससे परिचित हो सके उन्होंने छत्तीसगढ़ी लोक साहित्य व साहित्य पर अपने विद्वत आलेख पढ़े। वरिष्ठ साहित्यकार श्री बलदाऊ राम साहू जी ने कहा कि-‘लोक साहित्य में महत्वपूर्ण कार्य करके पंडित अमृतलाल दुबे जी ने लोकसाहित्य और संस्कृति की सेवा की है । आयोजन समिति द्वारा लोक साहित्य में शोध करने वालों को सम्मानित किये जाने की परंपरा प्रशंसनीय है । उन्होंने लोक चेतना के तत्वों पर प्रकाश डाला ।’
इस अवसर पर साहित्यकार एवं समाजसेवियों के सम्मान के क्रम में डाॅ विनय कुमार पाठक पूर्व अध्यक्ष छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग एवं कुलपति थावे विद्यापीठ गोपालगंज बिहार को “साहित्य गौरव अलंकरण ” तथा अन्य साहित्यकारों तथा समाजसेवियों को ” साहित्य साधना सम्मान ” “समाज सेवा सम्मान ” से सम्मानित किया गया ।
डा चित्तरंजन कर ने अपने संबोधन में लोक साहित्य व साहित्य के मध्य तादात्म्य स्थापित करते हुए लोक साहित्य को संपूर्ण भारत की लोक कला,गीत,परम्परा व साहित्य को रेखांकित किया।
tulsi jayanti : गोस्वामी तुलसीदास जी ने मर्यादा व मानवतावाद का प्रवर्तन किया-डॉ पाठक
इस अवसर पर पंडित अमृतलाल दुबे पर केन्द्रित विशेषांक एवं डाॅ राघवेन्द्र कुमार दुबे की कृति ” मेरी छत्तीस लघुकथाएं ” और श्रीमती रश्मि रामेश्वर गुप्ता की कृति ” अंतर्मन ” यादों की लड़ियां ” का विमोचन अतिथियों द्वारा किया गया ।
आयोजन के मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष शशांक शर्मा ने अपने उद्बोधन में कहा कि -पंडित अमृतलाल दुबे जी का लोकसाहित्य को समर्पित जीवन हम सभी के लिए प्रेरक है । उन्होंने छत्तीसगढ़ी एवं हिन्दी साहित्य सृजन कर साहित्य के भंडार को समृद्ध किया है ।’
कार्यक्रम के अध्यक्ष डाॅ विनय कुमार पाठक ने कहा कि-‘ पंडित अमृतलाल दुबे जी बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे ।उनका व्यक्तित्व एवं कृतित्व प्रेरक था ।उन्होंने अपनी छत्तीसगढ़ी लोकगीत पर केन्द्रित अनूठी कृति “तुलसी के बिरवा जगाय ” में जहाँ छत्तीसगढ़ी लोकगीतों का हिन्दी में अर्थानुवाद किया है ,वहीं लोक गीतों में निहित संगीत पक्ष को उधृत करके अनूठा कार्य किया है । वे साहित्य साधना के लिए अपने परिवार के लिए ही नहीं पूरे साहित्यकारों के लिए प्रेरक हैं । ”
समारोह भूषण न्यायमूर्ति चन्द्रभूषण वाजपेयी के ने अपने उद्बोधन में कहा कि -पंडित अमृतलाल दुबे सुप्रसिद्ध लोक साहित्यकार और समाजसेवी थे । वे आदिम जाति कल्याण विभाग में उप संचालक के व्यस्ततम पद पर रहते हुए भी उन्होंने छत्तीसगढ़ की लोक-संस्कृति के संरक्षण संवर्धन के लिए जो कार्य किया है वह सदा अनुकरणीय रहेगा ।’
उन्होंने आयोजन समिति द्वारा उनकी स्मृति में प्रति वर्ष आयोजित किए जाने वाले साहित्यकार सम्मान की परंपरा की प्रशंसा करते हुए बधाई दी ।
इस अवसर पर स्वागत भाषण में डाॅ राघवेन्द्र कुमार दुबे ने जयंती समारोह समिति बिलासपुर के प्रयासों की जानकारी दी ।
इस अवसर पर सरस्वती वंदना और छत्तीसगढ़ महतारी की वंदना की प्रस्तुति श्री राम निहोरा राजपूत ने दी वहीं काव्यांजलि स्वरूप सनत तिवारी, राजेश सोनार ने कविता का पाठ किया वहीं डाॅ अंकुर शुक्ला, श्रीमती प्रभा पाण्डेय, ने पंडित अमृतलाल दुबे जी के गीतों और कविताओं का पाठ किया ।
अतिथियों का स्वागत संयोजक महेन्द्र दुबे, डाॅ राघवेन्द्र दुबे, डाॅ विवेक तिवारी, अंजनी कुमार तिवारी सुधाकर, अभिषेक दुबे,शत्रुघन जैसवानी, आशीष श्रीवास, राजेश सोनार, डाॅ बजरंगबली शर्मा, राम निहोरा राजपूत, डाॅ अंकुर शुक्ला, द्वारा किया गया ।
पं अमृत लाल दुबे जी को काव्यांजलि अर्पित:
आयोजन के तृतीय चरण में पं अमृत लाल दुबे जी को समर्पित काव्यांजलि में भावपूर्ण आदरांजलि काव्य पाठ अंजनी कुमार तिवारी सुधाकर जी के संचालन में संपन्न हुआ जिसमें बिलासपुर एवं अंचल के कवियों एवं कवयित्रियों ने काव्यपाठ कर काव्य रस से श्रोता गण को सराबोर कर दिया, जिनमें श्री मती रश्मि रामेश्वर गुप्ता,श्री मती प्रभा पाण्डेय,राजेश कुमार सोनार, राजेश वस्त्रकार, सनत कुमार तिवारी,श्रीमती जलेश्वरी वस्त्रकार नरेंद्र कुमार शुक्ला, राजेश खरे, पूर्णिमा तिवारी, विपुल तिवारी, दिनेश्वर राव जाधव,मदन सिंह ठाकुर, अंकुर शुक्ल, आशीष श्रीवास, सुखेंद्र श्रीवास्तव, राम निहोरा राजपूत, दिनेश पाण्डेय, रामेश्वर शाण्डिल्य,जगतारन डाहरे, राजेश पाण्डेय – मल्हार,दीन दयाल यादव,बालमुकुंद श्रीवास, महेंद्र कुमार दुबे,व्ही के पंकज, कन्हैया लाल चौधरी,विक्रम धर दीवान,शरद यादव अक्श,डाॅ विक्रम धर दीवान, अनामिका शर्मा, अनामिका दुबे, रंजना मिश्रा, मती वीणा शुक्ला,मनीष पाण्डेय, डाॅ मनीषा पांडेय, उमाशंकर मिश्र,सुनील दत्त मिश्र,डाॅ राघवेन्द्र दुबे, अंजनी कुमार तिवारी’सुधाकर’.
आभार प्रदर्शन महेंद्र कुमार तिवारी द्वारा किया गया।
इस अवसर पर रायपुर बिलासपुर एवं अंचल के परिवारजन , साहित्यकार एवं बहुसंख्य नागरिक गण उपस्थित थे ।
railone app : अब रेल यात्रा होगी और भी आसान, सभी सुविधाएं एक क्लिक पर
बिलासपुर । railone app : रेलवे प्रशासन द्वारा रेल यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए एक नई और अत्याधुनिक मोबाइल एप्लीकेशन “रेलवन (RailOne)” की शुरुआत की गई है। इस ऐप का मूल उद्देश्य उपयोगकर्ताओं को बेहतर अनुभव प्रदान करना है, जिसे सरल और स्पष्ट यूआई (यूज़र इंटरफ़ेस) के माध्यम से साकार किया गया है। यह न केवल सभी सेवाओं को एक स्थान पर समाहित करता है, बल्कि सेवाओं के बीच एकीकृत संपर्क भी प्रदान करता है, जिससे उपयोगकर्ता को भारतीय रेल सेवाओं का समग्र पैकेज मिलता है। रेलवन ऐप यात्रियों की सभी आवश्यक सेवाओं के लिए वन-स्टॉप सॉल्यूशन है। यह ऐप एंड्रॉइड और आईओएस दोनों प्लेटफॉर्म्स पर उपलब्ध है और इसे मुफ्त में डाउनलोड किया जा सकता है।
railone app : अब रेल यात्रा होगी और भी आसान, सभी सुविधाएं एक क्लिक पर
रेलवन ऐप” की प्रमुख सुविधाएं इस प्रकार हैं –टिकट बुकिंग की सुविधा – जनरल, रिजर्वेशन एवं प्लेटफॉर्म टिकट आसानी से बुक करें।
लाईव ट्रेन स्टेटस – यात्रियों को किसी ट्रेन की वर्तमान स्थिति, देरी व आगमन/प्रस्थान समय की जानकारी रीयल टाइम मिलती है ।
फूड ऑर्डरिंग सिस्टम – यात्रा के दौरान मनपसंद भोजन ऑनलाइन ऑर्डर कर सीट पर प्राप्त होते हैं ।
ट्रेन अलर्ट और नोटिफिकेशन – ट्रेन रद्द होने, प्लेटफॉर्म परिवर्तन अथवा विलंब की स्थिति में तत्काल सूचना मिलती है ।
फीडबैक और शिकायत दर्ज करने की सुविधा – इसके माध्यम से यात्री अपनी शिकायतें या सुझाव सीधे रेलवे प्रशासन तक पहुंचा सकते हैं।
सिंगल साइन-ऑन :- इससे उपयोगकर्ताओं को कई पासवर्ड याद रखने की आवश्यकता नहीं पड़ती। RailOne ऐप डाउनलोड करने के बाद, RailConnect या UTSonMobile ऐप की मौजूदा यूज़र आईडी से लॉगिन किया जा सकता है। इसके कारण उपयोगकर्ताओं को अलग-अलग सेवाओं के लिए अलग-अलग ऐप रखने की जरूरत नहीं पड़ती, जिससे डिवाइस की स्टोरेज भी बचती है।
इसके अलावा इस ऐप में आर-वॉलेट (Railway e-wallet) की सुविधा भी जोड़ी गई है। जिसके माध्यम से अनारक्षित टिकट की भुगतान कर में 3% छूट का लाभ भी मिल रहा है | संख्यात्मक mPIN और बायोमेट्रिक लॉगिन जैसी आसान लॉगिन सुविधाएं भी दी गई हैं।
नए उपयोगकर्ताओं के लिए कम से कम जानकारी देकर पंजीकरण की व्यवस्था है, जिससे रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया आसान और तेज बनती है। केवल पूछताछ करने वाले उपयोगकर्ता गेस्ट लॉगिन के ज़रिए मोबाइल नंबर और OTP से भी लॉगिन कर सकते हैं। *यात्रियों को मिलने वाले प्रमुख लाभ:*
✅ एक ही ऐप से बहु-सेवाओं का लाभ
✅ समय, ऊर्जा और कागज़ी प्रक्रिया की बचत
✅ पारदर्शी और उत्तरदायी सेवा
✅ शिकायतों का त्वरित निवारण
✅ डिजिटल इंडिया पहल को समर्थन
वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री अनुराग कुमार सिंह ने बताया कि “रेलवन ऐप एक डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म है जो कि यात्रियों को रेलवे से जुड़ी अनेक सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराता है। साथ ही रेल यात्रा को अधिक सुगम और पारदर्शी बनाता है। यात्रियों से आग्रह है कि Google Play Store या Apple App Store से “RailOne” ऐप डाउनलोड कर इसका भरपूर लाभ उठाएं और डिजिटल इंडिया पहल को व्यापक समर्थन दें |
sawan festival : मां दुर्गा मंदिर में धूमधाम से मनाया गया सावन महोत्सव
बिलासपुर। sawan festival : मां दुर्गा मंदिर चंदन आवास ब्लॉक नंबर तीन राज किशोर नगर में महिला सावन महोत्सव का पांचवा वर्ष मनाया गया है जिसकी मुख्य अतिथि सविता गवेल की उपस्थिति में सावन सुंदरी नीता वर्मा चुनी गई कार्यक्रम में विभिन्न प्रकार के गेमों का आयोजन किया गया कार्यक्रम का संचालन एकता सिंह साक्षी विश्वकर्मा द्वारा आयोजित किया गया।