beej mantra : महालक्ष्मी साधना: धन, सुख और समृद्धि का मार्ग

SHARE:

beej mantra : श्री दुर्गा सप्तशती बीज मंत्र महालक्ष्मी अनुष्ठान मैडिटेशन हॉल, श्री साईं कृपा हॉस्पिटल, सरजू बगीचा रोड, तेलीपारा में शुक्रवार 1 अगस्त को शाम 4.45 बजे प्रारंभ होकर शाम 7.00 संपन्न हुआ । यह पूर्णतः निशुल्क है, कोई जटिल नीयम है कोई शुल्क  नहीं बस आप आयें पायें और जाएँ जहाँ कही भी यह साधना होती हैं घर मंदिर फैक्ट्री दूकान सब जगह माँ की कृपा होती हैं   कामना सिद्धि के लिए अनुष्टान किये जाते हैं, जिसमे स्वास्थ्य , धन, सुख, शांती, मकान, गाड़ी, नौर्करी, व्यापर, परिवार, शादी, बच्चे, बच्चों की पढाई या किसी भी सकारात्मक कार्य को सम्पन्न करने के लिए किया जाता है । अनुष्टान के कोई कड़े नियम नहीं है । साधना क्रम इस प्रकार रहा  माँ दुर्गा शप्तशती 700 बीज मन्त्र,  श्री महालक्ष्मी का ध्यान जप, श्री महालक्ष्मी हवन, श्री महालक्ष्मी आरती अंत में साधकों द्वारा बनाया गया माँ का प्रसाद भंडारा से अनुष्ठान संपन्न हुआ ।

दुर्गा सप्तशती मंत्रों से पाएँ धन, शांति और समृद्धि
     दुर्गा सप्तशती मंत्रों से पाएँ धन, शांति और समृद्धि

माँ की कृपा के लिए सबसे पहले अपने अंदर बदलाव जरुरी है, हमको चेतन रहना है की ऐसा कोई भी क्रिया न हो जो किसी को भी कष्ट पहुचे क्याहे मनुष्य, पशु, पक्षी, पेड़ पौधे, आपका कोई गलत विचार भी यदि अपने अंदर आता है तो वह माता लक्ष्मी के मार्ग में बाधा बनता है । माता लक्ष्मी घर में तीन रूपों में रहती है माँ या सास, बहु और बेटी यदि यह तीनो प्रसन्ने रहते हैं तो माँ की कृपा घर पर बनी रहती है । जिस घर में घर के बुजुर्गों का अपमान होता है तथा उनको धन या व्यवस्था के लिए कष्ट दिया जाता है वहा लक्ष्मी रूठ जाती है और कुलक्ष्मी का वास हो जाता है । यदि हम अपने जीवन मे धन या जायदाद या कुछ भी चल से प्राप्त करते हैं तो माँ लक्ष्मी हमपर कुपित होती है जिसका असर देर सबेर हमर जीवन पर अत है । कोई भी सतकार्म या दुश्कर्म अपने प्रभाव ले कर अत है यह श्रृष्टि का अकाट्य नियम है, कोई भी अच्छे विचार या गलत विचार भी अपना असर दिखाते हैं .. फिर हम सोचेते हैं हमारे साथ ही ऐसा क्यों

माता लक्ष्मी को गुलाब का फूल और खीर का भोग पसंद है, शुक्रवार उनका दिन होता है इस दिन उनकी आराधन का विशेष फल मिलता है । धन और समृद्धि की प्राप्ति, कर्ज से मुक्ति, यश और मान-सम्मान में वृद्धि, परिवार में सुख-शांति और खुशहाली, विभिन्न प्रकार के सुखों की प्राप्ति श्री दुर्गा सप्तशती बीज मंत्र महालक्ष्मी अनुष्ठान से सिद्ध होती है । सेवा साधकों ने बताया की जिस घर में सभी सदस्य प्रसन्न रहते है अथवा अपने  दस्फ्तर या कारखाने के सभी कर्मचारी प्रसन्ना रहते है वहां माता लक्ष्मी की कृपा जल्दी होती है । पूरी श्रद्धा से शुद्धता से साधना करनी चाहिए ।

साधना में गणेश गर्ग, प्रवीन वर्मा, ममता काले, अन्नू गर्ग, उषा यादव, उषा नायर, लोचन, आनु वैष्णव, अंजू ने अपनी सेवा प्रदान की ।

[the_ad id='179']

Leave a Comment

और पढ़ें
[the_ad id='15212']