छत्तीसगढ़ के विकास की नई गाथा: गणतंत्र दिवस पर मुख्यमंत्री ने रखी प्रगति की मजबूत नींव

रायपुर । मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 76वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर सरगुजा संभाग मुख्यालय अंबिकापुर के पीजी कॉलेज मैदान में राष्ट्रीय ध्वज फहराया और संयुक्त परेड की सलामी ली। मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर आम जनता के नाम संदेश का वाचन किया। उन्होंने प्रदेशवासियों को गणतंत्र दिवस की बधाई और शुभकामनाएं दी।

मुख्यमंत्री साय ने गणतंत्र दिवस समारोह को सम्बोधित करते हुए कहा कि आज का दिन हम सबके लिए अत्यंत गौरवशाली है। आज हम देश के गणतंत्र का उत्सव मना रहे हैं। इसके पीछे उन स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का बलिदान है, जिन्होंने भारत को स्वतंत्रता दिलाई, उन संविधान निर्माताओं का योगदान है, जिन्होंने इस संविधान के माध्यम से भारत को दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र बनाया। उन विभूतियों का योगदान है, जो संविधान की रक्षा के लिए हमेशा डटे रहे तथा संविधान के मूल्यों पर चलकर अंत्योदय का कल्याण करते रहे। नक्सलवाद से लड़ते हुए देश की एकता और अखण्डता के लिए अनेक जवानों ने अपना सर्वाेच्च बलिदान दिया, ताकि हम सुरक्षित रह सकें और समाज में शांति स्थापित हो सके। इन जवानों की शहादत को मैं शत्-शत् नमन करता हूं।

भारत की आजादी की यात्रा के साथ ही दुनिया के अनेक देशों ने भी अपनी स्वतंत्रता की यात्रा प्रारंभ की, लेकिन इनमें से कई देशों में शासन व्यवस्था पटरी से उतर गई और वहां की जनता आज अराजकता का सामना करने मजबूर है। गणतांत्रिक परंपराओं की अपनी ऐतिहासिक जड़ों और अपने श्रेष्ठ संविधान के बूते लोकतांत्रिक राष्ट्र के रूप में भारत अविचल खड़ा ही नहीं है अपितु निरंतर तरक्की के नये शिखरों को छू रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत का संविधान एक पवित्र दस्तावेज है। यह वसुधैव कुटुम्बकम् की भावना से प्रेरित है। इसे एक ऐसे राष्ट्र के नागरिकों ने तैयार किया, जिनकी भावनाओं के मूल में विश्व बंधुत्व और मानव कल्याण की सोच है। हमारी आजादी की लड़ाई की सोच हमारे संविधान में पूरी तरह से झलकती है। बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के नेतृत्व में जब हमारे छत्तीसगढ़ से संविधान निर्मात्री समिति के सदस्य संविधान तैयार कर रहे थे, तब निश्चय ही उनके सामने बाबा गुरु घासीदास जी के समतामूलक संदेश, शहीद वीरनारायण सिंह जी के संघर्ष की गाथा और पंडित सुंदरलाल शर्मा जी का छूआछूत विरोधी संघर्ष जैसे आदर्श रहे होंगे। इन सभी के विचारों को बाबा साहेब ने अंतिम ड्राफ्ट के रूप में बहुत सुंदरता से पिरोया था।

इस गणतंत्र की धरोहर को सुरक्षित रखने और सहेजने-संवारने की जिम्मेदारी हमारी और भावी पीढ़ी के हाथों में है। हमारा गणतंत्र हमें सत्यमेव जयते की सीख देता है। मुंडकोपनिषद का यह सूत्र वाक्य हमें बताता है कि अंधेरा कितना भी घना क्यों न हो, हमें उम्मीद नहीं छोड़नी चाहिए। अंततः विजय सत्य की ही होती है। हमारे गणतंत्र की इस भावना की विजय हमने गंभीर नक्सलग्रस्त इलाकों में देखी है।

इन इलाकों में माओवाद ने अपनी हिंसक विचारधारा से न केवल आम आदमी के जीवन को नरक बना दिया था अपितु भारत के गणतंत्र को चुनौती देने के लिए गनतंत्र खड़े करने की योजना बनाकर काम कर रहे थे। हमारे सुरक्षा बलों का इनसे लगातार संघर्ष चल रहा है। यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में नई रणनीति बनाकर हमने माओवाद के कैंसर को नष्ट करने का काम किया है। इस कैंसर को नष्ट करने के लिए जरूरी था कि इसकी जड़ों पर प्रहार किया जाए। हमारे जवानों ने माओवादियों के सबसे सुरक्षित पनाहगाहों में हमला किया। इसके नतीजे बहुत अच्छे रहे। एक साल के भीतर ही हमने माओवादी कैडर के 260 से अधिक आतंकियों को मार गिराया। अंधेरी सुरंग खुल गई, जो रोशनी फूटी है उससे बस्तर में विकास का उजाला फैला है।

जब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पिछले महीने छत्तीसगढ़ आये तो बस्तर की इसी धरती में ग्राम गुंडम की एक बुजुर्ग माँ उनके पास आई, माता जी ने उन्हें वनोपजों की टोकरी भेंट की और कहा कि माओवाद को पूरी तरह से नष्ट कर दीजिए। जब सरकार का इरादा, जवानों का हौसला और जनता का संकल्प मिल जाता है, तो कोई भी हिंसक विचारधारा नहीं टिक सकती। बस्तर में माओवाद अब अंतिम सांसे गिन रहा है। शीघ्र ही बस्तर पूरी तरह से नक्सल आतंक से मुक्त हो जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आतंक से मुक्ति के साथ ही बस्तर में नक्सल प्रभावित रहे क्षेत्रों में विकास की राह भी खुल गई है। इसका माध्यम हमारी सरकार द्वारा चलाई जा रही नियद नेल्ला नार योजना बनी है। अरसे बाद स्कूलों में घंटियां गूंजी, पानी-बिजली का पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित हुआ। आधार कार्ड बने और आयुष्मान कार्ड भी बन गये। बस्तर अब उमंग से भरा हुआ है। हमने यहां बस्तर ओलंपिक का आयोजन किया। पूरे बस्तर से 1 लाख 65 हजार लोगों ने हिस्सा लिया। इनमें नक्सल हिंसा से प्रभावित परिजन भी थे। आत्मसमर्पित नक्सली भी थे और नक्सल हिंसा में अपने अंग गंवा चुके दिव्यांगजन भी थे। खेलों के इस महाकुंभ में खिलाड़ियों का उत्साह देखते ही बन रहा था, हम सबके लिए यह बहुत भावुक क्षण था, बस्तर ओलंपिक नये बस्तर की पहचान बन गया।

हर कदम में किसानों के साथ

किसान परिवार से आने वाले लोगों ने खेती का वो वक्त भी देखा है जब कड़ी मेहनत से धान उपजाने के बाद मंडियों में किसान भाई धान लेकर जाते थे, तो औने-पौने में धान बेचकर आना पड़ता था। बहुत मुश्किल से परिवार चलता था। खरीफ के बाद उनके पास दूसरे राज्यों में जाकर मजदूरी करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचता था। श्रद्धेय अटल जी ने छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण किया, तो धान खरीदी की व्यवस्था भी आरंभ हुई। धान के कटोरे में कोई भी भूखा न सोये, इसके लिए मुख्यमंत्री खाद्यान्न सहायता योजना भी आरंभ हुई। यह काम इतने व्यवस्थित तरीके से हुआ कि छत्तीसगढ़ देश में खाद्य सुरक्षा का माडल राज्य बन गया।

मुझे याद आता है कि छत्तीसगढ़ बनने के बाद शुरूआती दौर में धान खरीदी लगभग 4.63 लाख मीट्रिक टन के आसपास हुई। पिछली बार यह आंकड़ा 145 लाख मीट्रिक टन को छू गया। यह इसलिए हुआ कि हमारी सरकार किसान भाइयों को धान का सबसे अच्छा मूल्य दे रही है। हमने किसान भाइयों से 3100 रुपए प्रति क्विंटल तथा 21 क्विंटल प्रति एकड़ में धान खरीदा। किसानों से किये वायदे के अनुरूप हमने 13 लाख किसानों को दो साल का बकाया बोनस भी दिया। इन सबके चलते पिछले सत्र में हमने किसान भाइयों के खाते में 49 हजार करोड़ रुपए अंतरित किये। लगभग ढाई माह से राज्य में तेजी से धान खरीदी चल रही है। किसानों के खाते में हम लगातार समर्थन मूल्य की राशि दे रहे हैं। प्रति क्विंटल अंतर की राशि 800 रुपए हमारी सरकार के द्वारा आदान सहायता के रूप में एकमुश्त फरवरी माह में किसान भाइयों के खाते में भेजने का निर्णय लिया गया है। इसके साथ ही प्रदेश में भूमिहीन कृषि मजदूरों के लिए हमने दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना का शुभारंभ भी किया है। इसके अंतर्गत हम 5 लाख 62 हजार भूमिहीन कृषकों को 10 हजार रुपए सालाना प्रदान कर रहे हैं। यह शुभ संकल्पों और अच्छी नीयत का प्रतिफल है। छत्तीसगढ़ के किसान आज बेहद खुशहाल हैं। पलायन रूका है और किसान, खेती में निवेश कर रहे हैं क्योंकि उन्हें खेती से अच्छी आय मिल रही है।

उन्होंने कहा कि डबल इंजन की सरकार किसानों को फसल का उचित मूल्य दिलाने के साथ ही खेती को हाइटेक करने का कार्य भी कर रही है। अब खेतों में कीटनाशकों का छिड़काव ड्रोन दीदी के हाथों हो रहा है। घंटों का काम ड्रोन दीदी का ड्रोन मिनटों में कर देता है। आपने इधर के वर्षों में देखा होगा कि जलवायु परिवर्तन तेजी से हो रहा है। कभी मानसून विलंब से आता है, तो कभी असमय बारिश हो जाती है। इस बड़े संकट से निपटने के लिए पुख्ता तैयारी भी हमने की है। हमने ऐसे बीज तैयार किये हैं, जो क्लाइमेट चेंज की चुनौती से निपटने में सक्षम हैं। एफपीओ के माध्यम से किसानों के लिए नए उद्यम के रास्ते हमने खोल दिये हैं।

छत्तीसगढ़ में श्वेत क्रांति की खुली राह

हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हमेशा कहते हैं, कि हमें किसानों की आय दोगुनी करनी है, तो पशुपालन को बढ़ावा देना होगा। हम सबने सहकारिता में अमूल का प्रयोग देखा है। भारत ने एनडीडीबी अर्थात नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड के माध्यम से अमूल के रूप में श्वेत क्रांति की। छत्तीसगढ़ में भी श्वेत क्रांति की राह हमने खोल दी है। बीते महीने हमने एनडीडीबी के साथ एमओयू किया है।

इस एमओयू के माध्यम से छत्तीसगढ़ दुग्ध महासंघ से जुड़ी समितियों को तकनीकी जानकारी एवं प्रशिक्षण दिया जाएगा। अभी प्रदेश में दुग्ध उत्पादन के लिए 621 सहकारी समितियां काम कर रही हैं। अब 3200 नई सहकारी समितियां बनेंगी। इस एमओयू के पश्चात, सवा लाख से अधिक किसान दूध उत्पादक समितियों से तो जुड़ेंगे ही, इसका सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि हमारे बच्चों के भोजन में, दूध के रूप में प्रोटीन अधिक मात्रा में शामिल होगा। हमारी सरकार पंडित दीनदयाल उपाध्याय के अंत्योदय के आदर्शों के अनुरूप नागरिकों की आजीविका बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।

नई उद्योग नीति से प्रदेश में बना निवेश का बेहतर वातावरण

मुख्यमंत्री साय ने कहा- हमारी धरती रत्नगर्भा है। खनिज संपदा के मामले में छत्तीसगढ़ अतुलनीय है। कोयले और लोहे के उत्पादन में हम देश में दूसरे स्थान पर हैं। देश के बाक्साइट भंडार का 20 फीसदी हमारे यहां है। सारी दुनिया इलेक्ट्रिक गाड़ियों को अपना रही है और भारत भी इसमें पीछे नहीं है। इलेक्ट्रिक वाहनों की बैटरी के लिए लीथियम की जरूरत होती है और इसके भंडार हमारे कोरबा, सुकमा और बस्तर जिले में है।

इन खनिज संसाधनों का दोहन राज्य के आर्थिक विकास के लिए हो, इस जरूरत को पूरा करने हमारी सरकार ने ऐतिहासिक काम किया है। आज छत्तीसगढ़ में कहीं भी चले जाइये, शानदार चौड़ी सड़कें, फ्लाईओवर से आपका स्वागत होगा। रांची, हैदराबाद और विशाखापट्नम जैसे शहरों से छत्तीसगढ़ को जोड़ने वाले एक्सप्रेस-वे का काम पूरा हो जाएगा तो यह कनेक्टिविटी अभूतपूर्व स्तर तक पहुंच जाएगी। केंद्र सरकार ने हमारे राज्य में सड़क अधोसंरचना को बेहतर करने के लिए 20 हजार करोड़ रुपए के कार्यों की घोषणा भी की है। बिजली उत्पादन के मामले में छत्तीसगढ़ सरप्लस स्टेट है। ये सारी बातें छत्तीसगढ़ में निवेश की संभावनाओं को बेहद आकर्षक बनाती हैं।

इतने बेहतर वातावरण में यदि निवेश के इच्छुक उद्यमियों को अनुदान सहित अनेक सुविधाएं मिले, तो उनके लिए यह सोने पर सुहागा है। हमारी नई उद्योग नीति ने यही कार्य किया है। इज आफ डूइंग बिजनेस अंतर्गत जरूरी सुधार किये गये हैं। सिंगल विंडो 2.0 से एनओसी की दिक्कत बिल्कुल दूर हो गई है। हमारा फोकस यह है, कि स्थानीय लोगों को अधिकतम संख्या में रोजगार मिल सके। एक हजार से अधिक स्थानीय लोगों को रोजगार देने वाले उद्यमों के लिए हम विशेष अनुदान दे रहे हैं।

पांच सालों में ढाई लाख करोड़ रूपए के निवेश का लक्ष्य

नई औद्योगिक नीति में हमने इस बात का पूरा ध्यान रखा है कि ऐसे उद्योगों को प्रोत्साहन दें, जिनके लिए छत्तीसगढ़ की विशिष्टताओं के अनुरूप आगे बढ़ने की भरपूर संभावनाएं हों। क्लाइमेट चेंज की चुनौतियों से निपटने के लिए मोदी जी ने वर्ष 2070 तक शुद्ध शून्य कार्बन उत्सर्जन का लक्ष्य रखा है। इससे कार्बन उत्सर्जन कम करने वाली टेक्नालाजी अर्थात ग्रीन उद्यमों के लिए बड़ी संभावनाएं बनी हैं। नई उद्योग नीति में हमने इसके लिए निवेश प्रोत्साहन पैकेज रखा है। छत्तीसगढ़ में उद्यमी अब ग्रीन स्टील की ओर फोकस कर रहे हैं। नई उद्योग नीति से इसके लिए बेहतर वातावरण बन रहा है। इस बात का अनुमान है, कि अगले पांच वर्षों में प्रदेश में ढाई लाख करोड़ रुपए का निवेश होगा और इसके चलते पांच लाख नये रोजगार सृजित होंगे। हम अटल नगर, नवा रायपुर को आईटी हब के रूप में तैयार कर रहे हैं और तेजी से आईटी कंपनियां यहां निवेश के लिए सामने आ रही हैं। यहां पर हम 14 एकड़ में एआई डाटा सेंटर भी बना रहे हैं, इससे बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार मिल सकेगा। राज्य के युवाओं को वित्तीय बाजारों के लिए प्रशिक्षित करने और इसके माध्यम से रोजगार के अवसर बढ़ाने शासन द्वारा नेशनल स्टाक एक्सचेंज के साथ छात्र स्किलिंग प्रोग्राम के लिए एमओयू करने का निर्णय लिया गया है। यह प्रशिक्षण हाईस्कूल, हायर सेकेंडरी और कालेज के विद्यार्थियों के लिए संचालित किया जाएगा।

पर्यटन को मिला बढ़ावा

नई उद्योग नीति में हमने छत्तीसगढ़ की पर्यटन संभावनाओं का भी पूरा ध्यान रखा है। हमारे यहां एशिया का नियाग्रा कहा जाने वाला चित्रकोट जलप्रपात है। कांगेर घाटी में कोटमसर जैसी विलक्षण गुफाएं हैं। यहां धुड़मारास को संयुक्त राष्ट्र पर्यटन संगठन ने बेस्ट टूरिज्म विलेज के रूप में चुना है। सरगुजा में रामगढ़ की पहाड़ियां हैं, जहां के विलक्षण प्राकृतिक सौंदर्य से अभिभूत होकर महाकवि कालिदास के मन में अपने महान खंडकाव्य मेघदूतं को लिखने का विचार आया। जशपुर में विश्व के सबसे बड़े प्राकृतिक शिवलिंग मधेश्वर महादेव हैं। देश के पर्यटन नक्शे में गुरु घासीदास तमोरपिंगला टाइगर रिजर्व भी आ गया है। हमारी सरकार ने देश का तीसरा सबसे बड़ा टाइगर रिजर्व बनाकर न केवल बाघों के संरक्षण के लिए कार्य किया है अपितु इससे इको टूरिज्म की संभावनाओं में भी कई गुना वृद्धि कर दी है।

वन एवं वृक्ष आवरण में देश में सर्वाधिक वृद्धि

अपनी प्राकृतिक संपदा को न केवल हम सहेजे हुए हैं अपितु उसका निरंतर संवर्धन भी कर रहे हैं। वन पारिस्थितिकी सेवा को हमने ग्रीन जीडीपी के साथ जोड़ने की पहल की है। अभी हाल ही में भारतीय वन सर्वेक्षण रिपोर्ट आई है, इसमें बताया गया है कि छत्तीसगढ़ में 684 वर्ग किलोमीटर संयुक्त वन एवं वृक्ष आवरण की वृद्धि हुई है जो देश में सबसे ज्यादा रही है।

एयर कनेक्टिविटी में इजाफा

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे प्रदेश की जनजातीय संस्कृति भी विलक्षण है। यहां पर्यटन की अधोसंरचना उपलब्ध कराने हमने होम-स्टे की सुविधा देने वाले उद्यमियों को विशेष अनुदान देने का निर्णय लिया है। कुछ महीनों पहले अंबिकापुर में माँ महामाया एयरपोर्ट का शुभारंभ किया गया। जगदलपुर और अंबिकापुर एयरपोर्ट अब विमानन मानचित्र में आ गये हैं। एयर कनेक्टिविटी की सुविधा उपलब्ध होने से पर्यटक भी बड़ी संख्या में यहां आकर्षित होंगे। रायपुर-बिलासपुर-अंबिकापुर विमान सेवा आरंभ होने से स्थानीय पर्यटकों को भी काफी सुविधा मिल रही है। पर्यटन अधोसंरचना का सीधा लाभ, स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ने के रूप में होगा।

पीएससी पर लौटा युवाओं का भरोसा

उन्होंने कहा कि भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता हमारी सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में से है। पीएससी परीक्षाओं में भ्रष्टाचार की जांच का कार्य हमने सीबीआई को सौंपा है और सीबीआई इस मामले में पुख्ता कार्रवाई कर रही है। हमने पीएससी परीक्षा में पारदर्शिता लाने इसे यूपीएससी की तर्ज पर आयोजित करने का निर्णय लिया है। सरकार द्वारा उठाये गये कदमों से युवाओं का भरोसा पीएससी की परीक्षा में लौट आया है। हमने यूपीएससी की परीक्षाओं की तैयारी के लिए दिल्ली में ट्राइबल यूथ हास्टल में सीटों की संख्या 50 से बढ़ाकर 185 कर दी है। हम रायपुर के नालंदा परिसर की तर्ज पर प्रदेश के 13 अन्य नगरीय निकायों में ऐसी ही लाइब्रेरी बनवा रहे हैं। शासकीय सेवा के 9 हजार से अधिक पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया चल रही है।

प्रधानमंत्री आवास का बढ़ा दायरा

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने एक साल पूरे कर लिये हैं। इस अवधि में हमने अपने अधिकांश वायदों को पूरा कर दिया है। कैबिनेट की पहली ही बैठक में हमने 18 लाख प्रधानमंत्री आवास की स्वीकृति दी। इन पर तेजी से काम हो रहा है। अपना घर जीवन का सबसे बड़ा सपना होता है। राज्य के लिए नये वित्तीय वर्ष हेतु तीन लाख अतिरिक्त पीएम आवास की स्वीकृति भी मिली है, इसके लिए मार्च तक सर्वे हो जाएगा। अब उन लोगों को भी पीएम आवास मिल सकेगा, जिसके पास टू व्हीलर है। उनको भी मकान मिल सकेगा, जिसने पास ढाई एकड़ तक सिंचित जमीन और पांच एकड़ तक असिंचित जमीन है। उनको भी मकान मिल सकेगा, जिनकी आय 15 हजार रूपए महीना तक है। प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना 2.0 के अंतर्गत 1 लाख 32 हजार हितग्राहियों को लाभान्वित करने राज्यांश का भी हमने अनुमोदन कर दिया है।

हमें इस बात का संतोष है कि हम लाखों लोगों के गृह प्रवेश का माध्यम बन सके हैं। हमारी सरकार ने जरूरतमंद 68 लाख परिवारों को पांच साल तक मुफ्त राशन देने का निर्णय भी लिया है। तेंदूपत्ता संग्राहकों के लिए संग्रहण दर 4 हजार रुपए से बढ़ाकर हमने साढ़े 5 हजार रुपए कर दिया है।

सशक्त महिलाएं सशक्त छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ महतारी को संवारने में, बड़ी भूमिका हमारी मातृशक्ति की है। वे हर दिन कड़ी मेहनत कर, विकसित छत्तीसगढ़ की नींव रख रही हैं। उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त करना हमारा संकल्प है। इसके लिए हमने सरकार गठन के तीन महीने के भीतर ही महतारी वंदन योजना का क्रियान्वयन आरंभ कर दिया। करीब 70 लाख माताओं-बहनों को अब तक हम इस योजना की ग्यारह किश्त दे चुके हैं। हर माह की पहली तारीख को हम महतारी वंदन योजना के रूप में माताओं-बहनों के लिए खुशियों का रिचार्ज कर देते हैं। यह राशि उनके बजट को व्यवस्थित करने में, अपने सपनों को पूरा करने में मदद करती है। यह महिलाओं की अपनी निधि है, वे इसे अपनी इच्छा से खर्च कर रही हैं। कोई बहन इसे बच्चों की पढ़ाई में लगा रही है, कोई निवेश कर रही है। कोई मां अपनी हवाई यात्रा का सपना पूरा कर रही है। सारंगढ़ के ग्राम दानसरा की माताएं-बहनें अयोध्या धाम में श्रीरामलला का मंदिर बनने से अभिभूत थीं। वे श्रीराम का मंदिर अपने गांव में बनाना चाहती थीं। सभी महिलाएं एकजुट हुईं। महतारी वंदन योजना से मिलने वाली राशि और चंदा इकट्ठा करके प्रभु श्रीराम का मंदिर बनवा रही हैं। हम महिला स्व-सहायता समूहों को रेडी-टू-ईट फूड का काम सौंप रहे हैं। पहले चरण में पांच जिलों से इस काम की शुरूआत करेंगे।

प्रदेश में नई शिक्षा प्रणाली लागू

प्राचीन काल में हमारा देश विश्वगुरु था। इसका कारण, हमारी गुरुकुल शिक्षा प्रणाली थी। यह प्रणाली ज्ञान-विज्ञान के साथ ही सांस्कृतिक मूल्यों की भी शिक्षा विद्यार्थियों को देती थी। अंग्रेज जब भारत आये, तो उन्होंने महसूस किया कि भारत में राज करने के लिए बहुत जरूरी है, कि भारतीयों में हीनता की भावना भर दी जाए। उन्होंने प्राचीन पद्धति समाप्त कर, मैकाले द्वारा लाई गई अंग्रेजी शिक्षा प्रणाली लागू की। इसके चलते हमारे मनीषियों द्वारा लिखे श्रेष्ठ ग्रंथों की स्मृति भी जनमानस में धुंधली होती गई।

मोदी जी ने आधुनिक ज्ञान-विज्ञान के साथ ही हमारी सांस्कृतिक उपलब्धियों और गौरवशाली परंपरा को शामिल करने वाली नई शिक्षा प्रणाली हमें दी है। छत्तीसगढ़ में हमने इसे लागू किया है। हम 18 स्थानीय भाषाओं में बच्चों को शिक्षा दे रहे हैं। 341 पीएमश्री विद्यालय हमने आरंभ किये हैं। हम बच्चों को एआई और रोबोटिक्स की शिक्षा भी दे रहे हैं। हम यह मानते हैं, कि बच्चों की शिक्षा को बेहतर दिशा देने में जितनी जिम्मेदारी शिक्षकों की है, उतनी ही अभिभावकों की भी है। इसके लिए हमने पैरेण्ट्स-टीचर मीटिंग का एजेंडा भी व्यवस्थित किया है। अपने जन्मदिन को स्कूलों में बच्चों के साथ न्योता भोज के रूप में भी मनाने की परंपरा हमने आरंभ की है। पांचवीं और आठवीं की बोर्ड परीक्षा समाप्त होने के चलते बच्चों का शैक्षणिक स्तर गिरा था। इसे दुरुस्त करने, हमने पांचवीं और आठवीं की बोर्ड परीक्षाएं पुनः आरंभ करने का निर्णय लिया है।

प्रदेश के 77 लाख 20 हजार परिवारों को मिली स्वास्थ्य सुरक्षा

हमारी भारतीय परंपरा में आशीर्वाद देने पर लंबी आयु की कामना करते हुए आयुष्मान भवः कहा जाता है। लोगों की दीर्घायु और उनके अच्छे स्वास्थ्य से जुड़े सरोकार, हमारे लिए सर्वाेच्च प्राथमिकता हैं। आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन-आरोग्य योजना शहीद वीर नारायण सिंह आयुष्मान स्वास्थ्य योजना अंतर्गत प्रदेश के 77 लाख 20 हजार परिवारों को स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान की गई है। जो समाज अपने वरिष्ठ नागरिकों का सम्मान करता है, वही समाज फलता-फूलता भी है। मोदी जी ने आयुष्मान भारत जन आरोग्य योजना का दायरा बढ़ाते हुए इसमें 70 वर्ष से अधिक आयु के सभी वरिष्ठ नागरिकों को सम्मिलित किया है। इन्हें अब पांच लाख रुपए तक के इलाज का लाभ मिल रहा है।

छत्तीसगढ़ बनेगा मेडिकल टूरिज्म का केंद्र

हमारा उद्देश्य छत्तीसगढ़ को मेडिकल हब बनाना है, ताकि न केवल हमारे सुपर स्पेशियलिटी अस्पतालों में छत्तीसगढ़ के नागरिकों का इलाज हो सके अपितु छत्तीसगढ़ मेडिकल टूरिज्म के भी महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में स्थापित हो। इसके लिए हमने अटल नगर नवा रायपुर में 200 एकड़ भूमि चिन्हांकित की है। यहां मेडिसिटी प्रोजेक्ट के अंतर्गत 5 हजार बेड वाला अत्याधुनिक अस्पताल बनेगा। अटल नगर नवा रायपुर में हम 141 एकड़ भूमि पर फार्मास्युटिकल पार्क भी स्थापित कर रहे हैं। इससे अटल नगर नवा रायपुर, मध्य भारत का फार्मास्युटिकल हब के रूप में उभरेगा।

बिलासपुर में 200 करोड़ रुपए की लागत से सिम्स के विस्तार का कार्य शुरू कर दिया गया है। राजधानी रायपुर के अंबेडकर हास्पिटल में भी 700 बिस्तर अस्पताल के विस्तार के लिए हमने 231 करोड़ रुपए का टेंडर जारी कर दिया है। इसके पूरे होने के साथ ही अंबेडकर हास्पिटल में 2 हजार बेड की सुविधा हो जाएगी। प्रदेश में मेडिकल शिक्षा को विकसित करने के लिए चार नये मेडिकल कालेज जांजगीर-चांपा, कबीरधाम, मनेंद्रगढ़ और गीदम में भवनों के लिए 1020 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।

*हिंदी माध्यम से एमबीबीएस की पढ़ाई की सुविधा*

आपको याद होगा कि पहले पीएमटी की परीक्षाओं में एक पेपर अंग्रेजी का होता था। हमारे ग्रामीण पृष्ठभूमि और हिंदी माध्यम के अनेक प्रतिभाशाली परीक्षार्थी कई बार इस वजह से भी पीएमटी क्लीयर नहीं कर पाते थे। बाद में इसे हटा दिया गया लेकिन आगे मेडिकल की पढ़ाई में अंग्रेजी की समस्या कायम रही। हमने मेडिकल छात्र-छात्राओं को हिंदी माध्यम से एमबीबीएस की पढ़ाई की सुविधा दी है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों के प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं की राह में अब कोई रूकावट शेष नहीं रही।

*रजत जयंती पर छत्तीसगढ़ मना रहा अटल निर्माण वर्ष*

हमारा प्रदेश इस वर्ष अपनी स्थापना की रजत जयंती मना रहा है। संयोग से यह वर्ष छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माता पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी का जन्म शताब्दी वर्ष भी है। इस अवसर को हम अटल निर्माण वर्ष के रूप में मना रहे हैं। श्रद्धेय अटल जी द्वारा दिखाये गये सुशासन के मूलमंत्र पर चलते हुए, हमने पारदर्शी, सजग और लोककल्याणकारी प्रशासनिक तंत्र तैयार किया है, जिसके बूते हम विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए कार्य कर रहे हैं।

पारदर्शी प्रशासन के लिए आईटी का उपयोग

छत्तीसगढ़ ने सुशासन एवं अभिसरण विभाग के रूप में सुशासन को कार्यान्वित करने देश में अनूठी पहल की है। छत्तीसगढ़ में लाल फीताशाही की रोकथाम के लिए हम ई-आफिस प्रणाली अपना रहे हैं। इसमें फाइलों का निपटारा आनलाइन होगा। तय समय-सीमा में अधिकारी को ई-फाइल पर अपनी टिप्पणी देनी होगी। इस प्रणाली के चलते समय-सीमा पर भ्रष्टाचार की आशंका के बगैर फाइलों का कुशलता से निपटारा हो सकेगा।

यह समय स्मार्ट फोन का है। हमने शासकीय सेवाओं की डिलीवरी को आसान करने के लिए मोबाइल फोन में नागरिक सुविधाओं से संबंधित बहुत से एप आरंभ किये हैं। मंत्रालय में किसी से मिलना हो, तो स्वागतम एप में एक क्लिक करें और समय लें, रजिस्ट्री करानी हो, तो सुगम एप में क्लिक करें और बसों का लोकेशन जानना हो, तो संगवारी एप देख लें। नागरिक सेवाओं की उपलब्धता डिजिटल गवर्नेंस के चलते काफी आसान हो गई है।

शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन पर नजर रखने के लिए हमने अटल मानिटरिंग पोर्टल आरंभ किया है। इससे न केवल महत्वपूर्ण योजनाओं के क्रियान्वयन की जमीनी जानकारी मिलती है अपितु इसे बेहतर करने के लिए आवश्यक दिशा भी मिलती है। हमारी सरकार भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टालरेंस पर न केवल भरोसा करती है अपितु इसे क्रियान्वित भी करती है। खनिज में हमने मैनुअल पास को समाप्त कर आनलाइन ट्रांजिट पास आरंभ कर दिये हैं। शासकीय खरीदी में भ्रष्टाचार रोकने के लिए, हमने जेम पोर्टल को अनिवार्य कर दिया है। भारत सरकार, राज्यों को बेहतर काम के लिए इंसेटिव देती है। हमने जो सुधार छत्तीसगढ़ में किये, उसके चलते केंद्र सरकार ने इंसेटिव के रूप में राज्य को 4400 करोड़ रुपए दिये हैं, जिन्हें हम इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च करेंगे।

20 हजार श्रद्धालुओं ने की अयोध्या धाम की यात्रा

अपने भांचा भगवान श्रीराम के आशीर्वाद से यह सब शुभ कार्य हम कर पाए हैं। ननिहाल के लोगों को अपने भांजे का आशीर्वाद हमेशा मिलता रहे, भगवान श्रीराम का आदर्श जीवन, उनके भीतर शुभ संकल्पों के बीज बोता रहे, इसके लिए हमने पुण्य अयोध्या धाम के दर्शन के लिए श्रीरामलला अयोध्या धाम दर्शन योजना आरंभ की है। अब तक 20 हजार से अधिक श्रद्धालु, इस योजना के माध्यम से श्री रामलला के दर्शन कर चुके हैं।

जनजातीय गांवों में अखरा निर्माण

हमारे प्रदेश की सांस्कृतिक संपदा समृद्ध है। जनजातीय संस्कृति की थाती संभालने वाले हमारे बैगा, गुनिया, सिरहा को हम लोग हर साल पांच-पांच हजार रुपए की सम्मान निधि दे रहे हैं। जनजातीय गांवों में अखरा निर्माण विकास योजना, हमने आरंभ की है। स्वतंत्रता संग्राम में हिस्सा लेने वाले हमारे जनजातीय सेनानियों और शहीदों की प्रतिमाएं, उनके गांवों में लगाने का निर्णय लिया है। राजिम कुंभ का सुंदर आयोजन हमने पुनः आरंभ कराया है। देश भर से साधु संतों का समागम राजिम के त्रिवेणी संगम पर हो रहा है। प्रयागराज में 144 वर्षों बाद महाकुंभ का सुखद संयोग बना है। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के श्रद्धालुओं को सुविधा देने हमने साढ़े 4 एकड़ में छत्तीसगढ़ पैवेलियन तैयार किया है। यहां प्रदेश के श्रद्धालुओं के ठहरने और खान-पान की सुविधा हमने उपलब्ध कराई है।

विकसित छत्तीसगढ़ के लिए रोडमैप तैयार

गांधी जी कहते थे कि भविष्य इस बात पर निर्भर करता है, कि हम वर्तमान में क्या करते हैं। मुझे इस बात की खुशी है, कि इस वर्ष जब हम छत्तीसगढ़ के स्थापना का रजत जयंती वर्ष मना रहे हैं तब हमने विकसित छत्तीसगढ़ की यात्रा का रोडमैप तैयार कर लिया है। वर्ष 2047 में जब आजादी के सौ वर्ष पूरे हो जाएंगे तब विकसित भारत के साथ ही विकसित छत्तीसगढ़ का भव्य स्वरूप हम सभी के सामने होगा। इस उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए हमने विजन डाक्यूमेंट तैयार किया है।

हमारी सरकार ऐसी सरकार है, जिसने एक साल पूरे होने पर प्रदेश की जनता के समक्ष अपने एक साल का रिपोर्ट कार्ड प्रस्तुत किया है। हमारे पास शुभ संकल्प है। सच्चाई है। ईमानदारी है और पुरखों की परंपरा से आई शक्ति है। हम आप सभी के सहयोग से आगे बढ़ेंगे और हर बाधा को पार कर एक उज्ज्वल सशक्त विकसित छत्तीसगढ़ के अपने सपने को मूर्त रूप देंगे। अथर्ववेद का मंत्र है कृतं मे दक्षिणे हस्ते जयो मे सव्य आहितः। कार्य का शुभ संकल्प मन में हो तो सफलता जरूर मिलती है।

प्यारे प्रदेशवासियों,आप सभी को 76 वें गणतंत्र दिवस की बहुत-बहुत शुभकामनाएं : राज्यपाल डेका

रायपुर। गणतंत्र दिवस के अवसर पर राज्यपाल रमेन डेका द्वारा आज यहां राजधानी रायपुर में पुलिस परेड ग्राउंड में ध्वजारोहण किया गया और परेड की सलामी ली गई राज्यपाल डेका द्वारा इस अवसर पर जनता के नाम दिए गए संदेश का मूल पाठ इस प्रकार है।

प्यारे प्रदेशवासियों,आप सभी को 76 वें गणतंत्र दिवस की बहुत-बहुत शुभकामनाएं

हमारी परंपरा में जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी की बात कही गई है। जननी और जन्मभूमि स्वर्ग से बढ़कर हैं। हमारी इस सुंदर धरती भारत माता के 76 वें गणतंत्र दिवस का उत्सव मनाने, हम सब आज एकत्र हुए हैं। हम सौभाग्यशाली हैं कि हमें इस धरती में जन्म लेने का पुण्य मिला। हमारा सौभाग्य इस बात को लेकर भी है कि हम एक स्वतंत्र धरती में एक सबसे अच्छे संविधान की छांव में सुकून का जीवन बिता रहे हैं। यह सब संभव हो पाया हमारे स्वातंत्र्य वीरों और शहीदों के साहस के बूते। उन्होंने अपना पूरा जीवन देश की आजादी के लिए न्यौछावर कर दिया। हम आभारी हैं, उन संविधान निर्माताओं के प्रति, जिन्होंने एक गणतांत्रिक राज्य में नागरिक के रूप में हम सबकी गरिमा को सुरक्षित करने वाला संविधान बनाया। हम आभारी हैं, उन लोकतंत्र सेनानियों के प्रति, जिन्होंने संविधान के स्तंभ को कठिन परिस्थितियों में भी थामे रखा।
इस वर्ष छत्तीसगढ़ राज्य अपनी स्थापना की रजत जयंती वर्ष मना रहा है। यह संयोग है कि यह वर्ष छत्तीसगढ़ राज्य निर्माता भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी का जन्म शताब्दी वर्ष भी है। मेरी सरकार इस अवसर को अटल निर्माण वर्ष के रूप में मना रही है। हम सभी प्रदेशवासी अटल जी के प्रति कृतज्ञ हैं। आज हमारा प्रदेश जिस तेजी से विकास की राह पर बढ़ रहा है और विकसित छत्तीसगढ़ की परिकल्पना पर काम कर रहा है, इसके पीछे अटल जी का सुशासन का मंत्र और समावेशी विकास की सोच है।

बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर ने संविधान के माध्यम से एक ऐसे गणतंत्र का निर्माण किया, जिसमें हर नागरिक अपनी पूरी गरिमा से स्वतंत्रता का सुख लेते हुए राष्ट्र निर्माण में अपनी भागीदारी कर सके। मेरी सरकार प्रदेश के हर वर्ग के विकास के लिए संकल्पित है और इसके अनुरूप कार्य कर रही है। अमर शहीद वीरनारायण सिंह जी ने 1857 में भारत के प्रथम स्वातंत्र्य संग्राम में अंग्रेजों के विरुद्ध बिगुल बजाई थी। उन्होंने पराधीनता से मुक्ति के लिए संघर्ष किया, लोगों को भूख से मुक्ति दिलाने के लिए संघर्ष किया। उनके आदर्श हमारे पथप्रदर्शक बने हैं। मेरी सरकार ने प्रदेश के 68 लाख परिवारों को पांच सालों तक मुफ्त राशन देने का निर्णय लिया है।

किसी सरकार की संवेदनशीलता उसके सरोकारों से पता चलती है। मेरी सरकार का पहला ही निर्णय प्रदेश के 18 लाख परिवारों के लिए छत की व्यवस्था करना था। आगामी वित्तीय वर्ष के लिए 3 लाख अतिरिक्त आवास निर्माण की स्वीकृति भी दी गई है। हमारा प्रदेश धान का कटोरा है। हम देश के दूसरे ऐसे राज्य हैं जो सेंट्रल पूल में चावल का सबसे ज्यादा योगदान करते हैं। मेरी सरकार ने अन्नदाताओं के चेहरे पर खुशियां बिखेरने का काम किया है। छत्तीसगढ़ के किसानों को 3100 रुपए प्रति क्विंटल धान का मूल्य मिलता है और 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान खरीदा जाता है, जो सर्वाधिक है। इसके साथ ही प्रदेश में भूमिहीन कृषि मजदूरों के लिए मेरी सरकार ने दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना का शुभारंभ भी किया है। इसके अंतर्गत 5 लाख 62 हजार भूमिहीन कृषकों को 10 हजार रुपए सालाना प्रदान किया जा रहा है। मेरी सरकार के इस निर्णय से हर गाँव में खुशहाली आई है। लोग खेती-किसानी की ओर लौट आये हैं। गाँव-गाँव में ट्रैक्टर नजर आते हैं। किसान अपनी खेती में निवेश कर रहे हैं। कृषि अर्थव्यवस्था सुदृढ़ होने से शहरी अर्थव्यवस्था भी गुलजार हो रही है।

डॉ. अंबेडकर यह कहते थे कि मैं एक समुदाय की प्रगति उस डिग्री से मापता हूँ, जो महिलाओं ने हासिल की है। मुझे इस बात की खुशी है कि मेरी सरकार ने महिलाओं को आगे बढ़ाने बहुत से जतन किये हैं। महतारी वंदन योजना के माध्यम से 70 लाख महिलाओं को हर महीने एक हजार रुपए दिये जा रहे हैं। इस राशि से हमारी माताओं-बहनों को अपना बजट व्यवस्थित करने में मदद मिलती है। बहुत सी माताएं-बहनें अपने सपने इस राशि से पूरा कर रही हैं।

मेरी सरकार का फोकस तीव्र आर्थिक प्रगति पर है। छत्तीसगढ़ एक ऐसा आदर्श राज्य है, जहां निवेश के लिए बेहद अनुकूल माहौल है। खनिज संसाधनों की पर्याप्त उपलब्धता, दक्ष मानव संसाधन, बेहतरीन अधोसंरचना यहां उद्यमियों के लिए आकर्षक निवेश वातावरण तैयार करती है। नई उद्योग नीति लाकर मेरी सरकार ने उद्यमियों के लिए छत्तीसगढ़ में रेड कारपेट खोल दिया है। सिंगल विंडो सिस्टम 2.0, इज आफ डूइंग बिजनेस और विभिन्न उद्यमों के लिए आकर्षक अनुदान से छत्तीसगढ़ में निवेश का सुनहरा अवसर उद्योगजगत के लिए खुल गया है। अगले पांच सालों में इसके माध्यम से ढाई लाख करोड़ रुपए के निवेश की संभावना है, जिससे पांच लाख लोगों के लिए रोजगार के अवसर खुलेंगे।

हमारे गणतंत्र को सबसे बड़ा खतरा हिंसक विचारधाराओं से है। विगत कई वर्षों से प्रदेश माओवाद के संकट में उलझा हुआ है। मेरी सरकार ने एक वर्ष के भीतर सघन अभियान चलाकर माओवादियों को कमजोर करने का कठिन परिश्रम किया है। उत्साह और उमंग से भरे हमारे जवानों ने माओवादियों की रीढ़ तोड़ दी है। उन्होंने माओवादियों को उनके सबसे सुरक्षित पनाहगाहों में मार गिराया है।

जिन इलाकों में माओवादी आतंक की वजह से विकास का उजाला नहीं पहुंच सका था, वहां नियद नेल्ला नार योजना के माध्यम से मेरी सरकार 17 विभागों की 53 कल्याणकारी योजनाओं और 28 सामुदायिक सुविधाओं का लाभ ग्रामीणों तक पहुंचा रही है। पहली बार इन गांवों में स्वास्थ्य शिविर लगे हैं। आधार कार्ड बने हैं। आयुष्मान कार्ड बन रहे हैं। स्कूलों में बच्चों की मुस्कुराहट लौट आई है। गांधी जी के सुराजी गांवों का सपना यहां फिर से आकार लेने लगा है। मेरी सरकार ने बस्तर में बस्तर ओलंपिक का भी आयोजन किया। इनमें 1 लाख 65 हजार लोगों ने हिस्सा लिया। यह संकेत है कि बस्तर में शांति का दौर लौट आया है। हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने भी मन की बात में इस पहल का जिक्र करते हुए प्रशंसा की, जो पूरे प्रदेश के लिए गौरव की बात है।

सुशासन मेरी सरकार का मूलमंत्र है। सुशासन के लिए सबसे जरूरी शर्त है पारदर्शिता। मेरी सरकार हर स्तर पर डिजिटल गवर्नेंस को अपना रही है। विभिन्न विभागों में 266 करोड़ रुपए की लागत से आईटी टूल्स इंस्टाल किये जा रहे हैं। इनसे विभागीय गड़बड़ियों की आशंका थम जाएगी। मेरी सरकार ई-आफिस प्रणाली को भी अपना रही है। नोटशीट अब ई-फाइल के रूप में बढ़ेगी। अधिकारी जो टिप्पणी करेंगे, वो सुरक्षित हो जाएगी, इसमें किसी तरह का फेरबदल संभव नहीं होगा। तय समय-सीमा में फाइल मूव होगी। इससे नीतिगत निर्णयों की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होगी। यह अनुभव में आता है कि फाइलों के निराकरण में काफी समय लगने की वजह से कार्य की लागत काफी बढ़ जाती है। जनता से जुड़े हुए काम अब तय समय सीमा में पूरी पारदर्शिता के साथ संपन्न होंगे।

हमारे प्रधानमंत्री जी ने डिजिटल गवर्नेंस को हर स्तर पर बढ़ावा दिया है। पीएम गतिशक्ति के माध्यम से वे देश की बड़ी अधोसंरचना परियोजनाओं की मानिटरिंग करते हैं, जिससे तय समय-सीमा में इन्हें आगे बढ़ाने में सफलता मिलती है। मेरी सरकार ने प्रदेश में अटल मानिटरिंग पोर्टल तैयार किया है। इसके माध्यम से फ्लैगशिप योजनाओं के क्रियान्वयन पर नजर रखी जाती है। मेरी सरकार नागरिक सेवाओं को डिजिटल प्लेटफार्म पर लाने नवाचार कर रही है। सुगम एप से रजिस्ट्री की प्रक्रिया आसान और पारदर्शी हो गई है। मंत्रालय में प्रवेश के लिए स्वागतम एप तैयार किया गया है। बसों का लोकेशन बस संगवारी एप के माध्यम से जाना जा सकता है। मेरी सरकार ने खनिजों के मैनुअल ट्रांजिट पास को समाप्त कर आनलाइन ट्रांजिट पास की व्यवस्था की है। जेम पोर्टल से शासकीय खरीदी सुनिश्चित की गई है।

मेरी सरकार साफ-स्वच्छ प्रशासन देने प्रतिबद्ध है। इसके लिए बहुत जरूरी है कि सिविल सेवा के ढांचे और शासकीय सेवाओं में भर्ती प्रक्रिया की शुचिता बनी रहे। मेरी सरकार ने पीएससी 2021 परीक्षा की जांच का काम सीबीआई को सौंपा है। पीएससी परीक्षा की पारदर्शिता बढ़ाने को लेकर तथा प्रदेश के युवाओं को यूपीएससी में प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करने के लिए, पीएससी परीक्षाओं को यूपीएससी की तर्ज पर कराने का निर्णय लिया गया है। यूपीएससी की तैयारी कर रहे छात्र-छात्राओं के लिए नई दिल्ली के ट्राइबल यूथ हास्टल में सीटों की संख्या 50 से बढ़ाकर 185 कर दी गई है। रायपुर की नालंदा लाइब्रेरी की तर्ज पर 13 नगरीय निकायों में सर्वसुविधायुक्त हाईटेक लाइब्रेरी स्थापित की जा रही है।
मेरी सरकार नवा रायपुर अटल नगर को आईटी हब के रूप में स्थापित कर रही है। इसके लिए अनेक कंपनियों से एमओयू किये गये हैं। बिजनेस कॉन्फ्रेन्स तथा मैरिज डेस्टिनेशन के रूप में भी इसे विकसित किया जा रहा है। मेडिसिटी प्रोजेक्ट के अंतर्गत यहां 5000 बिस्तरों का अस्पताल बनाने के लिए मेरी सरकार ने 200 एकड़ भूमि चिन्हांकित की है। नवा रायपुर अटल नगर को फार्मास्युटिकल हब के रूप में स्थापित किये जाने के लिए 141 एकड़ भूमि चिन्हांकित की गई है। स्टेट कैपिटल रीजन के रूप में इस क्षेत्र का तेजी से विकास होगा।

छत्तीसगढ़ की धरती अपने भीतर अपार सुंदरता को समेटे हुए है। कांगेर घाटी से लेकर सेमरसोत तक जंगलों की अद्भुत श्रृंखला पर्यटकों को विस्मय से भर देती है। यहां आदिवासी संस्कृति का जादू है और पंडवानी का चमत्कार भी। एशिया का नियाग्रा यहां है और मैनपाट में मैक्लोडगंज का आभास भी। संयुक्त राष्ट्र पर्यटन संगठन द्वारा चुने गये विश्व के 20 सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गांवों में से एक कांगेर घाटी का गाँव धुड़मारास है। शांत सुरम्य परिवेश में रचे-बसे हमारे इस अद्भुत प्रदेश में पर्यटकों को खींचने की अपार संभावना है। मेरी सरकार इस सुंदर परिवेश में कुछ नया और बेहतर जोड़ने का लगातार काम कर रही है। अभी गुरु घासीदास तमोर पिंगला टाइगर रिजर्व की स्थापना मेरी सरकार ने की है। यह देश का तीसरा सबसे बड़ा टाइगर रिजर्व है। अंबिकापुर के दरिमा में माँ महामाया एयरपोर्ट आरंभ किया गया है। अंबिकापुर- बिलासपुर-रायपुर फ्लाइट आरंभ होने से पर्यटकों को काफी सुविधा मिल रही है। जगदलपुर से नियमित विमानों की वजह से बस्तर का सुंदर लैडस्केप देखना पर्यटकों के लिए बेहद सहज हो गया है। होम स्टे की सुविधा देने वाले उद्यमियों को अनुदान देने का प्रावधान नई औद्योगिक नीति में किया गया है। यहां पर्यटन कॉरीडोर का निर्माण किया जा रहा है। इन सबकी वजह से बड़ी संख्या में पर्यटकों के यहां पहुंचने की संभावना है। इसमें बस्तर और सरगुजा के विकास को नई गति मिलेगी।

मेरी सरकार ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को प्रदेश में लागू किया है। 18 स्थानीय भाषाओं में छात्र-छात्राओं को पढ़ाई कराई जा रही है। जिस तेजी से आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस हमारे जीवन में जगह बना रहा है, उसके चलते बहुत जरूरी हो गया है कि हम पूरे समाज को इसके अनुरूप तैयार करें। इसकी शुरूआत स्कूली सिलेबस में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस और रोबोटिक्स के पाठ्यक्रम को शामिल कर की गई है। हमारी नई शिक्षा नीति रोजगार परक है। हमारे आईटीआई भी नये दौर की जरूरतों के मुताबिक अपने को बदल रहे हैं। 484 करोड़ रुपए की लागत से प्रदेश के 160 आईटीआई का माडल आईटीआई के रूप में उन्नयन किये जाने का निर्णय लिया गया है। प्रदेश में 341 पीएमश्री स्कूल आरंभ किये गये हैं। पांचवी और आठवीं की बोर्ड परीक्षाएं भी पुनः आयोजित करने का निर्णय लिया गया है।

मेरी सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता लोगों के लिए कारगर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है। इसके लिए प्रदेश के सभी अस्पतालों में लगातार अत्याधुनिक सुविधाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। बिलासपुर में 200 करोड़ रुपए की लागत से सिम्स के विस्तार का कार्य शुरू कर दिया गया है। अंबेडकर हास्पिटल में भी 700 बिस्तर अस्पताल के विस्तार के लिए 231 करोड़ रुपए स्वीकृत कर दिए गए हैं। इसके पूरे होने से आंबेडकर हास्पिटल में 2 हजार बेड की सुविधा हो जाएगी। प्रदेश में मेडिकल शिक्षा को विकसित करने के लिए चार नये मेडिकल कालेज जांजगीर-चांपा, कबीरधाम, मनेंद्रगढ़ और गीदम में भवनों के लिए 1020 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।

हमारा प्रदेश भगवान श्रीराम का ननिहाल है। साथ ही यह भूमि भगवान श्रीराम के वनवास के दिनों की साक्षी भी रही है। यह वो पवित्र भूमि है, जहां माता शबरी ने भगवान श्रीराम को जूठे बेर खिलाये। अयोध्या धाम में जब श्रीरामलला की प्राणप्रतिष्ठा हुई तो करोड़ों भारतीयों की आँखों में खुशी के आँसू बह निकले, एक आध्यात्मिक आनंद सबके जीवन में आया। एक लोककल्याणकारी सरकार का दायित्व न केवल लोगों का आर्थिक विकास करना होता है अपितु उनके आध्यात्मिक सुखों को भी ध्यान रखना सरकार का दायित्व होता है।

अपने भांजे श्रीराम के प्रति लोगों की अगाध आस्था को ध्यान में रखते हुए मेरी सरकार ने अयोध्याधाम श्रीरामलला दर्शन योजना आरंभ की। अब तक इस योजना के माध्यम से 20 हजार से अधिक लोग अयोध्या धाम के दर्शन कर चुके हैं। मेरी सरकार ने प्रयागराज महाकुंभ में छत्तीसगढ़ के श्रद्धालुओं के ठहरने और खान-पान की सुविधा के लिए मेला स्थल में छत्तीसगढ़ पेवेलियन तैयार किया है।

हमारा देश विश्व की पांच सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हो गया है। यह संभव हो सका है हमारे गणतंत्र की वजह से जो हम सबके लिए सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक न्याय सुनिश्चित करता है। हमारे प्रधानमंत्री जी ने आजादी के 100 वर्ष पूरे होने पर विकसित भारत की परिकल्पना की है और इसके लिए पूरी लगन से काम कर रहे हैं। मेरी सरकार भी छत्तीसगढ़ को वर्ष 2047 तक विकसित राज्य बनाने दृढ़ संकल्पित है। इसके लिए मेरी सरकार ने विजन डाक्यूमेंट तैयार किया है।

गणतंत्र दिवस के इस पावन अवसर पर मैं प्रदेश के सभी नागरिकों से अनुरोध करता हूँ कि संकल्पित भाव से मिल-जुलकर काम करते रहें, हम सबका विकसित छत्तीसगढ़ का सपना अवश्य मूर्त रूप लेगा।

आप सभी को गणतंत्र दिवस की पुनः बहुत-बहुत शुभकामनाएं

जय भारत,
जय छत्तीसगढ़

76वें गणतंत्र दिवस पर बिलासपुर मंडल में भव्य आयोजन की तैयारी

बिलासपुर । 26 जनवरी 2025 को 76वें गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे बिलासपुर मंडल के मंडल रेल प्रबंधक परिसर में प्रातः 07.30 बजे से गणतंत्र दिवस-समारोह का आयोजन किया गया है। जिसमें मंडल रेल प्रबंधक  राजमल खोईवाल मुख्य अतिथि होंगे।

इस अवसर पर प्रातः 08.00 बजे मंडल रेल प्रबंधक राजमल खोईवाल राष्ट्रीय ध्वज फहरा कर उपस्थित जनसमूह को संबोधित करेंगे।

इसके उपरांत आरपीएफ, सिविल डिफेंस, स्काउट एवं गाईड, एनसीसी की टीम द्वारा आकर्षक मार्चपास्ट किया जायेगा।

इस अवसर पर मंडल सेक्रो अध्यक्षा भगवती खोईवाल, सदस्याएं, अधिकारीगण, मजदूर कांग्रेस एवं विभिन्न एसोशिएशनों के पदाधिकारी एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहेंगे ।

त्रिलोक ने महापौर चुनाव के लिए खरीदा फॉर्म, सैकड़ों समर्थकों का दिखा जोश

बिलासपुर। महापौर चुनाव में अपनी दावेदारी पेश करने के लिए कांग्रेस नेता त्रिलोक चंद्र श्रीवास ने आज कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचकर नामांकन पत्र खरीदा। उनके साथ सैकड़ों समर्थकों का जनसैलाब भी मौजूद था, जिससे मौके पर उत्साहपूर्ण माहौल बन गया। श्री श्रीवास वर्तमान में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय समन्वयक और उत्तर प्रदेश एवं गुजरात प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रभारी हैं।

नामांकन पत्र खरीदने के बाद मीडिया से बातचीत में त्रिलोक श्रीवास ने कहा, “मेरी उम्मीदवारी को लेकर बिलासपुर नगर निगम क्षेत्र के सभी वर्गों में उत्साह है। कांग्रेस पार्टी और आम जनता का समर्थन मुझे मिल रहा है। मेरा 30 वर्षों का राजनीतिक अनुभव, पार्टी के प्रति निष्ठा और जनाधार ही मेरी ताकत है। मुझे पूरा विश्वास है कि पार्टी मेरी मेहनत को देखते हुए मुझे टिकट देगी।”

बिलासपुर को स्मार्ट सिटी बनाने का वादा

त्रिलोक श्रीवास ने जनता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताते हुए कहा, “यदि जनता ने मुझे आशीर्वाद दिया, तो मैं बिलासपुर को स्वच्छ, सुंदर और खुशहाल स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित करूंगा। हमारा शहर भारत के टॉप 10 और टॉप 5 शहरों में शामिल होगा। यह मेरा सपना है और इसे पूरा करने के लिए मैं हरसंभव प्रयास करूंगा।”

इस दौरान उनके समर्थकों ने उनका जोरदार समर्थन किया और कांग्रेस पार्टी के प्रति अपनी निष्ठा जाहिर की। समर्थकों का कहना था कि त्रिलोक श्रीवास का नेतृत्व न केवल कांग्रेस पार्टी के लिए बल्कि पूरे बिलासपुर के लिए एक नई दिशा तय करेगा।

जनता में बढ़ा उत्साह

शहर के विभिन्न इलाकों से आए समर्थकों ने इस मौके पर अपनी एकजुटता दिखाई और महापौर पद के लिए त्रिलोक श्रीवास को मजबूत दावेदार बताया। इस अवसर पर नगर निगम क्षेत्र के कई कांग्रेस नेता भी उपस्थित रहे।

त्रिलोक श्रीवास का कहना है कि वह जनता की सेवा और शहर के विकास को प्राथमिकता देंगे। उनके इस बयान और कार्यशैली से स्थानीय जनता में आशा की लहर दौड़ गई है।

बडगैया को मिली जीपीएम की जिम्मेदारी 

गौरेला पेंड्रा मरवाही। प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की घोषणा के साथ ही सभी ने कमर कस ली है। इसके लिए भाजपा ने सबसे पहले प्रदेश स्तरीय नेताओं को जिलों की जिम्मेदारी दी है। भाजपा प्रदेश कार्य समिति के सदस्यों को भी मैदान में उतार दिया है। इस कड़ी में भाजपा कार्य समिति के सदस्य और पूर्व आईएफएस आफिसर एस एस डी बडगैया को गौरेला, पेंड्रा और मरवाही की जिम्मेदारी दी गई है। इससे वहां के कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह है। जिम्मेदारी मिलने के बाद एस एस डी बडगैया ने कहा है कि भाजपा हमेशा से आदिवासियो किसानों और गरीबों के उत्थान के लिए कार्य करते आ रही है। मुझे जो जिम्मेदारी दी गई है। उसके अनुरूप कार्य किया जा रहा है। पंचायत चुनाव में भगवा लहराएगा।

रवींद्रनाथ टैगोर नगर वार्ड से कांग्रेस के पार्षद पद के लिए धर्मेंद्र वैष्णव की मजबूत दावेदारी

बिलासपुर। नगर निगम चुनाव में वार्ड क्रमांक 52 रवींद्रनाथ टैगोर नगर, लिंगियाडीह से कांग्रेस के पार्षद प्रत्याशी के रूप में भारतीय मजदूर संघ इंटक के युवा जिला महामंत्री धर्मेंद्र वैष्णव ने अपनी मजबूत दावेदारी पेश की है।

धर्मेंद्र वैष्णव को पार्टी का टिकट मिलने की संभावनाएँ प्रबल मानी जा रही हैं। उनके नाम की चर्चा क्षेत्र में जोरों पर है और स्थानीय स्तर पर उन्हें योग्य और सशक्त उम्मीदवार माना जा रहा है। क्षेत्र की जनता में उनकी लोकप्रियता और उनके द्वारा किए गए सामाजिक कार्यों को देखते हुए माना जा रहा है कि यदि पार्टी उन्हें टिकट देती है, तो उनकी जीत लगभग तय है।

धर्मेंद्र वैष्णव ने अपने समर्थकों के साथ क्षेत्र में जनसंपर्क अभियान तेज कर दिया है और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से भी लगातार संपर्क बनाए हुए हैं। उन्होंने कहा कि वे वार्ड के विकास को प्राथमिकता देंगे और क्षेत्र की जनता की समस्याओं का समाधान करने के लिए हमेशा तत्पर रहेंगे।

अब यह देखना दिलचस्प होगा कि कांग्रेस इस वार्ड से किसे अपना प्रत्याशी घोषित करती है। क्षेत्र के लोग धर्मेंद्र वैष्णव की उम्मीदवारी को लेकर उत्साहित हैं और पार्टी से उनकी दावेदारी को समर्थन देने की अपील कर रहे हैं।

राष्ट्रीय कराटे प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों ने जीते 25 पदक

रायपुर। रितेश शर्मा। छत्तीसगढ़ कराते फेडरेशन एवं भारत कराटे अकादमी के महासचिव खेत्रो महानंद ने बताया कि प्रतियोगिता 18 जनवरी से 19 जनवरी तक महाराष्ट्र के मुंबई शाहजी राजे भोसले स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, अंधेरी-पश्चिम में आयोजित की गई। इसमें छत्तीसगढ़ के 55 खिलाड़ियों सहित देशभर के करीब 2000 खिलाड़ियों ने काता और कुमिते के विभिन्न आयु व भार वर्गों में हिस्सा लिया।

छत्तीसगढ़ कराते फेडरेशन एवं भारत कराटे अकादमी के खिलाड़ियों ने कोच खेत्रो महानंद के मार्गदर्शन में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए (*09स्वर्ण पदक 06रजत और 10कांस्य पदक के साथ 25 पदक जीते।)

पदक विजेता खिलाड़ी

 स्वर्ण पदक

गुंजन महानंद , आराधना यादव ,वीर महंत ,सुरभि रत्नाकर , अविनाश जैन , दीक्षा सिन्हा ,जैस्मिन कुर्रे , युवराज गोगोई , अर्नव यादव ,

 रजत पदक

उमंग सिंह , शशि प्रभा ,अद्वित्य तिवारी , अक्षत पांडेय , जॉनशन एक्का , एक्ता पटेल ,

 कांस्य पदक

अभिनीत मशीह , अस्वीता पांडेय , अंकुश नारंग ,रौशनी कश्यप ,ऋषभ बन्दे ,ईशान ,मयंक ,स्वेता दास ,शिवा निर्मलकर ,प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन के बाद खिलाड़ियों की बिलासपुर वापसी पर स्टेशन पर ढोल-नगाड़ों और फूलमालाओं के साथ भव्य स्वागत किया गया।

इस दौरान एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. गिरी राज , संरक्षक पलक जायसवाल ,उपाध्यक्ष- जितेंद्र सिंह ,गणेश निर्मलकर ,अविनाश बंजारे , विशाल पाटले , अमित मंडल , प्रेम बंजारे , और सुगम निषाद ,आकांक्षा ,उत्तम निर्मलकर एवं अभिभावकगण और परिजनो ने खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाया।

ज़िला ओलंपिक संघ के अध्यक्ष पंकज तिवारी सचिव रामपुरी गोस्वामी ,नवीन सिंह सी.एम.एम.दक्षिण पूर्व मध्य रेल्वे ,ज़िला खेल अधिकारी ए. एक्का , जिला स्कूल क्रीड़ाधिकारी अवधराम चंद्राकर ,हॉकी संघ सचिव रवि पारीक , मनीष सक्सेना , पूर्व सरपंच मनिहार निषाद ,पूर्व उपसरपंच संतोष प्रसाद ने विजेताओं को बधाई दी और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की।

इस उपलब्धि से बिलासपुर जिले के खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर पूरे राज्य को गौरवान्वित किया है।

श्री श्री रविशंकर की संस्था कर रही कुम्भ सफाई कर्मियों के लिए निःशुल्क नवचेतना शिविर

प्रयागराज  ।  महाकुम्भ में गुरुदेव श्री श्री रवि शंकर जी के मार्गदर्शन में उनकी संस्था आर्ट ऑफ लिविंग, कुम्भ क्षेत्र के सफाई कर्मचारियों के लिए निःशुल्क नवचेतना शिविर का आयोजन कर रही है । यह शिविर 21 जनवरी से 26 फरवरी तक की अवधि में कुम्भ नगर क्षेत्र के सभी 25 सेक्टरों के सफाई कर्मियों के लिए निःशुल्क आयोजित  किया जाएगा।

आर्ट ऑफ लिविंग के प्रदेश स्तर के निदेशक एवं वरिष्ठ प्रशिक्षक प्रदीप पाठक ने जानकारी देते हुए बताया, “नवचेतना शिविर कार्यक्रम, सफाई कर्मियों के मानसिक और शारीरिक सशक्तिकरण के माध्यम से आंतरिक परिवर्तन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।” इस शिविर में आर्ट ऑफ लिविंग के 60 से 70 अनुभवी प्रशिक्षक प्राणायाम, ध्यान, नशामुक्ति और स्वच्छता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर सफाई कर्मचारियों का मार्गदर्शन करेंगे। प्रत्येक शिविर तीन दिनों तक, प्रतिदिन लगभग 2 से 2.30 घंटे तक चलेगा।

बतौर प्रदीप पाठक “आर्ट ऑफ लिविंग के नवचेतना शिविर में आर्थिक रूप से कमज़ोर समुदायों को निःशुल्क ध्यान, प्राणायाम के साथ-साथ भीतरी और बाहरी स्वच्छता और नशामुक्ति के प्रति जागरूकता  शामिल है। इसके साथ ही उन्हें समुदाय के साथ मिलकर समाज में कुछ बड़ा और सकारात्मक करने के लिए आवश्यक ज्ञान और तकनीकें सिखाई जाती हैं जिससे उनके भीतर आत्मविश्वास, मानसिक स्पष्टता और जिम्मेदारी लेने की भावना का संचार होता है। इस शिविर के माध्यम से सफाईकर्मियों को नकारात्मक भावनाओं को नियंत्रित करने और मानसिक तनाव से निपटने में बहुत मदद मिलती है ।”

नवचेतना शिविर के प्रशिक्षक बाल कृष्ण यादव ने शिविर के उद्घाटन की जानकारी देते हुए बताया कि “शिविर का पहला बैच 21 जनवरी से कुंभ मेला क्षेत्र के सेक्टर-3 में शुरू हो गया है जहां के सफाई कर्मचारियों ने इसमें बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया । यह शिविर महाकुम्भ क्षेत्र के सेक्टर 3 के सभी सफाई कर्मियों के लिए तीन बैच में संपन्न कराया जा रहा है ताकि कर्मचारी अपनी सेवा करने के बाद इस शिविर में शारीरिक और मानसिक थकान से मुक्ति पा सकें।

आर्ट ऑफ लिविंग द्वारा महाकुंभ नगर में बजरंगदास मार्ग, सेक्टर 8 में अपना कैंप लगाया गया है जहाँ श्रद्धालुओं के लिए आवास और निःशुल्क भोजन की व्यवस्था भी की गई है। कैंप में प्रतिदिन सत्संग, भागवतम महाकथा तथा रूद्र पूजा का भी आयोजन किया जा रहा है ।
कैंप में श्री श्री तत्त्व की ओर से श्रद्धालुओं के लिए 13 जनवरी से 26 फ़रवरी तक निःशुल्क नाड़ी परीक्षा का भी आयोजन किया गया है जिसमें लोग आयुर्वेदिक विशेषज्ञों से निःशुल्क परामर्श प्राप्त कर सकते हैं । कैंप में श्रद्धालु आर्ट ऑफ लिविंग द्वारा प्रस्तुत ‘आदि शंकराचार्य सीरीज’ के माध्यम से सनातन धर्म को पुनःस्थापित करने वाले जगतगुरू आदि शंकराचार्य की फिल्म भी देख सकेंगे।

26 जनवरी को सिन्धी युवक समिति द्वारा ध्वजारोहण कार्यक्रम

बिलासपुर।  सिन्धी समाज की लगभग 51 वर्षों से पुरानी सामाजिक संस्था द्वारा प्रतिवर्ष की तरह इस वर्ष भी सिंधु विद्या मंदिर सिन्धी कॉलोनी में 26 जनवरी गणतंत्र दिवस पर प्रातः 08:30 बजे सिन्धी युवक समिति एवं समिति के द्वारा संचालित सिन्धु विद्या मंदिर तथा पूज्य सिन्धी सेंट्रल महापंचायत द्वारा संयुक्त रूप से गणतंत्र दिवस मनाया जाएगा जिसमें सिन्धी युवक समिति के संरक्षक कल्याणदास लालवानी, किशोर कृपलानी अध्यक्ष अजीत थावरानी एवं सिन्धु विद्या मंदिर के कार्यकारी अध्यक्ष विक्की आहूजा तथा पूज्य सिन्धी सेंट्रल महा पंचायत के अध्यक्ष शिव धामेजा द्वारा संयुक्त रूप से ध्वजारोहण किया जाएगा

संयुक्त सत्यापन टीम की सख्त कार्रवाई, 70 लाख रुपए का धान जब्त

बिलासपुर। धान खरीदी के सत्यापन के लिए बनी संयुक्त टीम ने आज फिर बड़ी कार्रवाई की। टीम ने लगभग 70 लाख रुपए के 2238 क्विंटल धान के रकबे का समर्पण किया। कलेक्टर अवनीश शरण के निर्देश पर संयुक्त टीम की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। राज्य सरकार ने 31 जनवरी तक धान खरीदी की अंतिम समय सीमा निर्धारित की है।
खाद्य नियंत्रक अनुराग भदौरिया ने बताया कि तहसील कोटा स्थित धान उपार्जन केन्द्र चपोरा का निरीक्षण नायब तहसीलदार द्वारा किया गया । मौके पर उपस्थित कृषकों के पास उपलब्ध धान के भौतिक सत्यापन उपरांत 610 क्विंटल धान रकबा समर्पण कराया गया। उपार्जन केन्द्र रतनपुर में आज 23 किसानों से कुल 610 क्विंटल धान का रकबा समर्पण कराया गया। तहसील कोटा स्थित धान उपार्जन केन्द्र रानीगांव का निरीक्षण नायब तहसीलदार द्वारा किया गया एवं धान उपार्जन केन्द्र रानीगांव में आज जारी 08 टोकन में से 03 किसान अनुपस्थित थे। जिनसे कुल 190 क्विंटल धान का रकबा समर्पण कराया गया।
तहसील पचपेड़ी स्थित धान उपार्जन केन्द्र जोधरा का निरीक्षण नायब तहसीलदार द्वारा किया गया एवं मौके पर उपस्थित कृषकों के पास उपलब्ध धान के भौतिक सत्यापन उपरांत 07 कृषकों से 350 क्विंटल धान रकबा 6.2 एकड़ का रकबा समर्पण कराया गया। धान उपार्जन केन्द्र सोन के निरीक्षण के दौरान 3.11 हेक्टेयर (162 क्विंटल धान) का रकबा समर्पण कराया गया एवं धान उपार्जन केन्द्र चिल्हाटी के निरीक्षण के दौरान 1.056 हेक्टेयर (54 क्विंटल धान) का रकबा समर्पण कराया गया। तहसील तखतपुर स्थित धान उपार्जन केन्द्र जुनापारा में तहसीलदार द्वारा निरीक्षण के दौरान 108 क्विंटल धान का रकबा समर्पण कराया गया। धान उपार्जन केन्द्र टिकारी में नायब तहसीलदार द्वारा निरीक्षण के दौरान कुल 03 कृषकों से 154.40 क्विंटल धान का रकबा समर्पण कराया गया।