उप मुख्यमंत्री साव ने रायपुर प्रेस क्लब में पत्रकारों से की मुलाकात

बिलासपुर । उप मुख्यमंत्री  अरुण साव आज रायपुर प्रेस क्लब के ‘प्रेस से मिलिए’ कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने रायपुर के मोतीबाग स्थित प्रेस क्लब में सवालों के बेबाकी से जवाब देने के साथ ही पत्रकारों के साथ कैरम में भी हाथ आजमाया।  साव ने कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री और राज्य शासन में चार विभागों के मंत्री के रूप में अपने कार्यों के साथ ही विद्यार्थी जीवन से लेकर उप मुख्यमंत्री तक के अपने सफर के बारे में भी खुलकर बात की। उन्होंने राज्य में नगरीय निकायों और पंचायतों के आम निर्वाचन की तैयारियों की भी जानकारी दी।

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने प्रेस क्लब के पदाधिकारियों के साथ प्रेस क्लब का पूरा परिसर देखा। रायपुर प्रेस क्लब के अध्यक्ष श्री प्रफुल्ल ठाकुर, उपाध्यक्ष  संदीप शुक्ला, महासचिव  वैभव शिव पाण्डेय, कोषाध्यक्ष  रमन हलवाई और सचिव  तृप्ति सोनी सहित विभिन्न मीडिया संस्थानों के अनेक पत्रकार भी बड़ी संख्या में इस दौरान मौजूद थे

उप मुख्यमंत्री  साव ने ‘प्रेस से मिलिए’ कार्यक्रम में कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार का एक वर्ष कई उपलब्धियों से भरा रहा है। सरकार ने इस एक वर्ष में मोदी की गांरटी के कई प्रमुख वादों को पूरा किया है। सरकार ने 3100 रुपए में किसानों से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान खरीदी के साथ ही दो वर्षों के बकाया बोनस के भुगतान का वादा निभाया है। महतारी वंदन योजना के जरिए 70 लाख महिलाओं को हर माह एक हजार रुपए दिए जा रहे हैं। अब तक इसकी 11 किस्तें दी जा चुकी हैं। उन्होंने कहा कि सरकार अपने वादे के मुताबिक 5500 रुपए प्रति मानक बोरा की दर से तेंदूपत्ता की खरीदी कर रही है। पीएससी भर्ती घोटाला की सीबीआई जांच भी करा रही है।

साव ने कार्यक्रम में कहा कि सरकार ने राज्य में निवेश बढ़ाने के लिए नई औद्योगिक नीति लागू की है। पर्यटन को उद्योग का दर्जा दिया है जिससे अधोसंरचना विकास और रोजगार को गति मिलेगी।  साव ने कहा कि राज्य सरकार को नक्सल मोर्चे पर भी लगातार सफलता मिल रही है। बीते एक साल में 200 से अधिक नक्सली मारे गए हैं, कई गिरफ्तारियां और आत्म-समर्पण हुए हैं। नियद नेल्ला नार योजना के माध्यम से विकास की रोशनी बस्तर के अंदरूनी गांवों तक पहुंचाई जा रही है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के साथ विकसित छत्तीसगढ़ भी बनेगा।

उप मुख्यमंत्री ने मिशन अमृत के तहत जल प्रदाय योजना का किया औचक निरीक्षण

बिलासपुर।  उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री  अरुण साव ने आज गरियाबंद जिले के फिंगेश्वर नगर पंचायत पहुंचकर मिशन अमृत 2.0 के तहत निर्माणाधीन जल प्रदाय योजना के कार्यों का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने सरगी नाला एनीकट पर प्रगतिरत इंटेकवेल और वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के कार्यों का जायजा लेकर अधिकारियों और निर्माण एजेंसी को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने दर्रीपार रोड किनारे निर्माणाधीन वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट का निरीक्षण कर निर्माणाधीन पंप हाउस, फिल्टर टैंक, रिजर्वायर टैंक इत्यादि का बारिकी से निरीक्षण किया। राजिम के विधायक  रोहित साहू, नगरीय प्रशासन विभाग के सचिव डॉ. बसवराजु एस. और गरियाबंद के कलेक्टर  दीपक अग्रवाल भी निरीक्षण के दौरान मौजूद थे।

उप मुख्यमंत्री  अरुण साव ने निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को निर्माण कार्यो तथा निर्माण सामग्री की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं करने के निर्देश दिए। उन्होंने लोगों की सुविधा और मजबूती को ध्यान में रखते हुए अच्छी सामग्रियों का उपयोग करने को कहा। उन्होंने वरिष्ठ मैदानी अधिकारियों को कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग के भी निर्देश दिए।  साव ने सभी कार्यों में तेजी लाते हुए निर्माण एजेंसी, मुख्य नगर पालिका अधिकारी और उप अभियंता को समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने को कहा। उन्होंने आगामी ग्रीष्म ऋतु के पहले योजना का काम खत्म कर जल प्रदाय शुरू करने के निर्देश दिए।

उप मुख्यमंत्री  साव के निरीक्षण के दौरान राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) के सीईओ  शशांक पाण्डेय, नगरीय प्रशासन विभाग के संयुक्त संचालक  लोकेश्वर साहू, अधीक्षण अभियंता  रमेश सिंह और फिंगेश्वर के मुख्य नगर पालिका अधिकारी  चंदन मानकर सहित नगरीय प्रशासन विभाग और निर्माण एजेंसी के अधिकारी भी मौजूद थे।

मिशन अमृत से हर घर पहुंचेगा नल से जल, फिंगेश्वर की 13 हजार आबादी होगी लाभान्वित

भारत सरकार की महत्वाकांक्षी मिशन अमृत 2.0 के अंतर्गत निर्माणाधीन इस जल प्रदाय योजना से फिंगेश्वर शहर के तीन हजार परिवारों तक नल से स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल की आपूर्ति की जाएगी। सरगी नाला एनीकट पर इंटेकवेल बनाकर पाइपलाइन से पानी तीन किमी दूर फिंगेश्वर शहर लाया जाएगा। फिंगेश्वर के दर्रीपार में बन रहे वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में उच्च तकनीक एवं निर्धारित मापदण्डों के अनुसार जल का शुद्धिकरण कर घरों में आपूर्ति की जाएगी। शहर की करीब 13 हजार आबादी को इसका लाभ मिलेगा। अब तक योजना का 60 प्रतिशत काम पूर्ण कर लिया गया है। विभाग द्वारा इस साल जून तक काम पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

फिंगेश्वर नगर पंचायत में 37 करोड़ आठ लाख रुपए की लागत से यह जल प्रदाय योजना विकसित की जा रही है। योजना का काम पूर्ण होने के बाद पांच वर्ष तक संचालन एवं मरम्मत का कार्य भी संबंधित फर्म द्वारा किया जाएगा। योजना के अंतर्गत निर्माणाधीन 4.69 एमएलडी क्षमता के इंटेकवेल का 86 प्रतिशत और तीन एमएलडी क्षमता के वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट का 57 प्रतिशत काम पूर्ण कर लिया गया है। इन दोनों कार्यों के साथ ही पाइपलाइन बिछाने और नल कनेक्शन प्रदान करने का काम भी जारी है। योजना के तहत 3.8 किमी रॉ-वॉटर पाइपलाइन, 3.7 किमी क्लीयर-वॉटर पाइपलाइन, 48 किलोमीटर डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क और दो ओवरहेड पानी टंकिया भी निर्मित की जा रही हैं। स्कॉडा सिस्टम के माध्यम से संपूर्ण जल प्रदाय योजना की तकनीकी मॉनिटरिंग की जाएगी।

उपराष्ट्रपति का केंद्रीय विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में आगमन कल

बिलासपुर। महामहिम उपराष्ट्रपति  जगदीप धनखड़ 15 जनवरी को गुरू घासीदास केन्द्रीय विश्वविद्यालय के 11 वें दीक्षांत समारोह में शामिल होंगे। महामहिम उपराष्ट्रपति का मिनट टू मिनट दौरा कार्यक्रम जारी किया गया है। समारोह में उनकी धर्मपत्नी डॉ.  सुदेश धनखड़ भी शामिल होंगी। जारी कार्यक्रम के अनुसार वे दोपहर 12.10 बजे दिल्ली एयरपोर्ट से रवाना होंगे। दोपहर 2.00 बजे रायपुर एयरपोर्ट आएंगे। उपराष्ट्रपति  धनखड़ दोपहर 2.10 बजे रायपुर एयरपोर्ट से रवाना होकर 2.50 बजे गुरू घासीदास विश्वविद्यालय के समीप हेलीपेड पर पहुचेंगे । वे दोपहर 3.00 बजे से 4.00 बजे तक गुरू घासीदास विश्वविद्यालय के सभागार में आयोजित दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। उपराष्ट्रपति  धनखड़ 4.00 बजे गुरू घासीदास विश्वविद्यालय से हेलीपेड के लिए रवाना होंगे। वे 4.10 बजे हेलीकॉप्टर द्वारा रायपुर एयरपोर्ट के लिए रवाना होंगे। दीक्षांत समारोह में अतिविशिष्ट अतिथि के रूप में माननीय राज्यपाल  रमेन डेका एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय शामिल होंगे।

कलेक्टर ने किया 2025 के वार्षिक कैलेंडर का विमोचन

बिलासपुर। कलेक्टर अवनीश शरण ने छग प्रदेश राजपत्रित अधिकारी संघ बिलासपुर एवं छग कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन बिलासपुर के वार्षिक कैलेण्डर 2025 का विमोचन किया।उन्होंने नए साल के कैलेंडर प्रकाशन के लिए पदाधिकारियों को बधाई दी। अपर कलेक्टर आर. ए. कुरूवंशी तथा डिप्टी कलेक्टर  एसएस दुबे भी इस अवसर पर उपस्थित थे। इस अवसर पर डाॅ. बी पी सोनी, किशोर शर्मा, राजेन्द्र दवे, रमेश द्विवेदी, आलोक परांजपे, अशोक गुप्ता, नागेन्द्र शर्मा, कैलाश गजभिये, नीतिन पटेल, उमेश कश्यप, जगदीश चंदेल, सुनील पाण्डेय, सुनील कौशिक, अजय कौशिक, हलधर साहू, हिंसाराम निर्मलकर, अशोक ब्रम्हभट्ट, वीरेन्द्र साहू आदि विमोचन समारोह में शामिल हुए।

श्रीवास प्रीमियर लीग का आगाज़: खेल से स्वस्थ तन-मन की प्रेरणा : त्रिलोक

खेल से तन और मन दोनों होता है, स्वस्थ- त्रिलोक चंद्र श्रीवास

बिलासपुर । खेल चाहे क्रिकेट हो, खो -खो, कबड्डी हो, चाहे कोई भी खेल हो, यदि आप खेल खेलते हैं, तो आपका तन भी स्वस्थ होता है ,और मन भी स्वस्थ होता है, खेल खेलने वाला व्यक्ति के जीवन में हमेशा खिलाड़ी भावना बने रहती है, बिलासपुर संभागीय श्रीवास समाज विगत वर्षों से लगातार रचनात्मक कार्य करते आ रहा है प्रदेश में पहली बार सामाजिक स्तर पर श्रीवास प्रीमियर लीग क्रिकेट टूर्नामेंट का आयोजन के लिए बिलासपुर के संभागीय श्रीवास समाज बधाई के पात्र हैं यह बातें, कांग्रेस नेता जिले के लोकप्रिय कांग्रेस नेता,  त्रिलोक चंद्र श्रीवास- राष्ट्रीय समन्वयक- अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी एवं प्रांतीय अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ प्रांत सर्वसेन समाज ने बिलासपुर संभागीय श्रीवास समाज द्वारा सामाजिक स्तर पर आयोजित श्रीवास प्रीमियर लीग के उद्घाटन के अवसर पर व्यक्त किया, इस अवसर पर संभागीय अध्यक्ष सुरेंद्र श्रीवास एवं सचिव चंद्रमणि श्रीवास ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया ,कार्यक्रम का संचालन पत्रकार एवं संभागीय कोषाध्यक्ष संतोष श्रीवास के द्वारा एवं आभार प्रदर्शन उपाध्यक्ष लक्ष्मी श्रीवास के द्वारा किया गया कार्यक्रम में कमेंट्री विकास श्रीवास सुमित श्रीवास द्वारा किया गया, इस अवसर पर नरेंद्र श्रीवास लक्ष्मी श्रीवास दीपक श्रीवास विकास श्रीवास नवीन श्रीवास आभास श्रीवास मनोहर श्रीवास आनंद श्रीवास राजेश श्रीवास सोनू श्रीवास प्रदीप श्रीवास ओमप्रकाश श्रीवास निखिल श्रीवास संजय श्रीवास हरि श्रीवास ईश्वर श्रीवास रघु श्रीवास बसंत श्रीवास घनश्याम श्रीवास प्रकाश श्रीवास सहित श्रीवास समाज के सैकड़ो लोग एवं दर्जनों खिलाड़ी बंधु उपस्थित थे ।

PM मोदी ने IMD के 150वें स्थापना दिवस पर ‘मिशन मौसम’ की शुरुआत की

नईदिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को भारतीय मौसम विभाग के 150वें स्थापना दिवस पर भारतीय मंडपम में आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने भारतीय मौसम विभाग की यात्रा को केवल मौसम विज्ञान तक सीमित न रखते हुए, इसे आधुनिक विज्ञान और प्रौद्योगिकी की यात्रा भी बताया। पीएम मोदी ने बताया कि ढ्ढरूष्ठ ने न सिर्फ भारत में मौसम से जुड़ी जानकारी को आम नागरिकों तक पहुंचाया है, बल्कि यह भारत की वैज्ञानिक यात्रा का प्रतीक भी बन चुका है। पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि आज हम जिस दौर में हैं, वहां मौसम से जुड़ी सारी अपडेट वॉट्सएप पर मिल जाती हैं। उन्होंने भारतीय मौसम विभाग के विकास और उसकी चुनौतियों के बारे में विस्तार से चर्चा की और बताया कि पिछले दस वर्षों में भारत में कई साइक्लोन आए हैं, लेकिन ढ्ढरूष्ठ की मदद से इन आपदाओं से होने वाली जनहानि को कम किया जा सका है। प्रधानमंत्री मोदी ने आरोप लगाया कि पहले जब प्राकृतिक आपदाओं में हजारों जानें जाती थीं, तो उन्हें नियति मान लिया जाता था, लेकिन अब ढ्ढरूष्ठ की उन्नति और उसका विकास इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने ‘मिशन मौसम’ का उद्घाटन किया, जो भारत को जलवायु स्मार्ट राष्ट्र बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस मिशन के तहत भारत की आपदा प्रबंधन क्षमता को और भी बेहतर किया जाएगा। पीएम मोदी ने कहा कि ढ्ढरूष्ठ की वैज्ञानिक उन्नति ने न केवल भारत की बल्कि अन्य देशों की भी मदद की है, उदाहरण के तौर पर नेपाल, भूटान, बांग्लादेश और श्रीलंका को आईएमडी से सूचनाएं प्राप्त हो रही हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने आईएमडी की 4 खासियतें भी बताईं आईएमडी के जरिए अर्ली वॉर्निंग सिस्टम के माध्यम से देश की 90त्न आबादी तक मौसम से संबंधित जानकारी पहुंचाई जाती है। मौसम से जुड़ी भविष्यवाणियां सीधे व्हॉट्सएप पर मिलती हैं।
पिछले 10 वर्षों में किसानों और मछुआरों को मौसम से जुड़ी जानकारी देने वाली संख्या में भारी वृद्धि हुई है। अब 50त्न से अधिक किसानों और पशुपालकों को मौसम की जानकारी मिल रही है। मछुआरों को समुद्र में जाते समय रियल टाइम मौसम अपडेट मिल रहे हैं, जिससे उनके परिवारों को चिंता नहीं होती। प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में भारत को एक मौसम के प्रति तैयार और जलवायु के प्रति स्मार्ट राष्ट्र बनाने के लक्ष्य के साथ ‘मिशन मौसम’ का शुभारंभ किया। साथ ही, ढ्ढरूष्ठ द्वारा जारी किए गए ‘विजन-2047’ दस्तावेज को प्रस्तुत किया, जिसमें मौसम पूर्वानुमान, जलवायु परिवर्तन शमन और आपदा प्रबंधन योजनाओं का खाका तैयार किया गया है। इस समारोह को यादगार बनाने के लिए प्रधानमंत्री ने 150 रुपये का विशेष स्मारक सिक्का और डाक टिकट भी जारी किया।

यह कार्यक्रम न केवल भारतीय मौसम विभाग के 150 सालों की सफलता का जश्न था, बल्कि भारत की मौसम पूर्वानुमान प्रणाली के भविष्य को लेकर एक नई दिशा भी प्रदान करता है।

 

 

चाकू के साथ फोटो वायरल करने वाले आरोपी की गिरफ्तारी

बिलासपुर। सोशल मीडिया पर चाकू के साथ फोटो वायरल करना एक युवक को महंगा पड़ गया। सिटी कोतवाली पुलिस ने करबला चौक निवासी 18 वर्षीय शेख अकरम खान को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देशन में क्षेत्र में अवैध गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। इसी क्रम में सूचना मिली थी कि शेख अकरम खान ने व्हाट्सएप पर चाकू के साथ अपनी फोटो स्टेटस पर लगाई और करबला चौक के पास लोगों को धमका रहा है।

मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने मौके पर दबिश दी और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से स्टील का धारदार चाकू बरामद किया गया। आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट की धारा 25 और 27 के तहत मामला दर्ज कर उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

इस कार्रवाई में थाना प्रभारी विवेक कुमार पांडेय के नेतृत्व में प्रधान आरक्षक राकेश तिवारी, आरक्षक नुरुल कादिर और गोकुल जांगड़े ने अहम भूमिका निभाई। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इस तरह की अवैध गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

पत्रकार मुकेश के परिवार को 10 लाख की सहायता, उनके नाम पर बनेगा प्रेस भवन

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने दिवंगत पत्रकार मुकेश चंद्राकर के परिवार को 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने और उनके नाम पर एक प्रेस भवन बनाने की घोषणा की है। यह ऐलान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बलरामपुर जिले के दौरे से पहले किया।

1 जनवरी 2025 की शाम पत्रकार मुकेश चंद्राकर अपने घर से अचानक लापता हो गए। अगले दिन, उनके भाई युकेश ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई। फोन बंद होने के बावजूद पुलिस ने उनकी लोकेशन ट्रेस करने की कोशिश की, और सीसीटीवी फुटेज में उन्हें आखिरी बार टी-शर्ट और शॉर्ट्स पहने देखा गया।

जांच के दौरान, जीमेल लोकेशन डेटा से पता चला कि मुकेश की अंतिम स्थिति छतरपुर, बीजापुर में थी। इस जानकारी के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी। शुक्रवार को रितेश चंद्राकर के फार्महाउस पर एक तलाशी के दौरान पुराने सेप्टिक टैंक को हाल ही में नए कंक्रीट से ढके होने का पता चला। संदेह के आधार पर टैंक को खोला गया, जिसमें मुकेश का शव मिला।

इस घटना के सिलसिले में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। मामले की जांच जारी है।

मुख्यमंत्री ने मकर संक्रांति पर छत्तीसगढ़ शासकीय कैलेंडर 2025 का विमोचन किया

  • मुख्यमंत्री ने मकर संक्रांति के पावन अवसर पर वर्ष 2025 के शासकीय कैलेंडर का किया विमोचन

  • ‘सुशासन से समृद्धि की ओर’ थीम पर आधारित है छत्तीसगढ़ के रजत जयंती वर्ष का कैलेंडर

  • क्यू आर कोड के नए फीचर्स ने कैलेंडर को बनाया खास

  • मुख्यमंत्री के वीडियो संदेश के साथ ही शासन की उपलब्धियों की भी मिलेगी जानकारी

रायपुर । मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में मकर संक्रांति के शुभ अवसर पर छत्तीसगढ़ के रजत जयंती वर्ष 2025 के शासकीय कैलेंडर का विमोचन किया। कैलेंडर के कवर पेज में प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की फोटो के साथ ‘सुशासन से समृद्धि की ओर’ के मूलमंत्र को दर्शाया गया है। छत्तीसगढ़ शासन के वार्षिक कैलेंडर में राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं के माध्यम से छत्तीसगढ़ वासियों के जीवन में आए सकारात्मक बदलाव को दिखाया गया है। विमोचन के अवसर पर कृषि मंत्री  राम विचार नेताम और लुण्ड्रा विधायक  प्रबोध मिंज, मुख्यमंत्री के सचिव  पी. दयानंद, मुख्यमंत्री के सचिव  राहुल भगत उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री  साय ने इस अवसर पर कहा कि ‘सुशासन से समृद्धि’ के मूलमंत्र पर आधारित यह कैलेंडर हमारे शासन की प्राथमिकताओं और उपलब्धियों का प्रतीक है। इसमें हमने राज्य की जनकल्याणकारी योजनाओं को समाहित किया है, जो छत्तीसगढ़ को समृद्धि और विकास के नए आयामों तक ले जाएंगी। उन्होंने मकर संक्रांति के पर्व की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह साल हमारे प्रदेश की समृद्धि और खुशहाली का स्वर्णिम वर्ष होगा।

क्यूआर कोड के नए फीचर्स ने कैलेंडर को बनाया खास

रजत जयंती वर्ष 2025 के कैलेंडर में कुछ नए फीचर्स को समाहित किया गया है जिसने इसे और आकर्षक बना दिया है। कैलेंडर के प्रत्येक माह में एक क्यूआर कोड दिया गया है, जिसमें उस माह के विशेष अवसरों पर आधारित मुख्यमंत्री के वीडियो संदेश को सुना जा सकता है। इसी के साथ ही नए संदेश और शासन की उपलब्धियों की जानकारी निरंतर मिलती रहेगी। कैलेंडर के प्रत्येक माह के लिए उस महीने का क्यू आर कोड ही एक्टिव रहेगा। इसके साथ ही कैलेंडर के प्रत्येक पेज में छत्तीसगढ़ से जुड़े प्रमुख तथ्य के बारे में भी बताया गया है।

कैलेंडर के प्रत्येक माह में दिखेगी शासन की महत्वाकांक्षी योजनाओं की झलक

शासकीय कैलेंडर के जनवरी माह में छत्तीसगढ़ सरकार की श्री रामलला दर्शन योजना के माध्यम से अयोध्या और काशी की निःशुल्क यात्रा कर लौटे श्रद्धालुओं की तस्वीर दिखाई गई है। इस योजना से बड़ी संख्या में प्रदेश के लोगों को प्रभु श्री राम के दर्शन का लाभ मिल रहा है।
इसी तरह फरवरी माह में राजिम कुंभ कल्प के वैभव की तस्वीर को साझा किया गया है। वहीं मार्च माह में 70 लाख माताओं-बहनों की खुशियों को
दर्शाती तस्वीर है, जिनके जीवन में महतारी वंदन योजना से बड़ा बदलाव आया है। कैलेण्डर के अप्रैल माह में वनांचल में रहने वाले लोगों के जीवन में तेंदूपत्ता संग्रहण से आए बदलाव की तस्वीर है। शासन ने तेंदूपत्ता संग्राहकों के लिए पारिश्रमिक दर को 4 हजार रुपए से बढ़ाकर 5 हजार 500 रुपए कर दिया है।
मई माह में श्रमिकों के सम्मान में चलाई जा रही वीर नारायण सिंह श्रम अन्न योजना की तस्वीर है। इस योजना के माध्यम से श्रमिकों के लिए 5 रुपए में भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। जून के महीने में स्कूली बच्चों की तस्वीर साझा की गई है। साथ ही छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 लागू किए जाने और 18 स्थानीय भाषाओं में पढ़ाई कराए जाने का भी उल्लेख किया गया है।
इसी तरह जुलाई के महीने में किसानों की समृद्धि के लिए संचालित कृषक उन्नति योजना के बारे में जानकारी देते हुए छत्तीसगढ़ के किसान की खुशहाली की तस्वीर को प्रदर्शित किया गया है। अगस्त माह में देश की सुरक्षा में तैनात महिला सुरक्षाकर्मियों के साथ मुख्यमंत्री की तस्वीर दिखाई गई है। सितंबर माह में प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना और प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से पक्के घर का सपना पूरा हो रहे खुशहाल हितग्राहियों की तस्वीर है। इन दोनों ही योजनाओं से विशेष पिछड़ी जनजातियों और गरीब परिवारों को आवास मुहैया हो रहा है। अक्टूबर माह में बस्तर संभाग की खुशहाली और बदलती हुई तस्वीर को साझा किया गया है। बस्तर ओलंपिक की इस तस्वीर में तीरंदाजी में हाथ आजमाते युवा अपने सुरक्षित भविष्य का सपना गढ़ रहे हैं। इसी तरह नवंबर माह में धान खरीदी महापर्व के गौरव को दिखाया गया है। वही दिसंबर माह में शासन की नियद नेल्ला नार योजना के माध्यम से दूरस्थ आदिवासी बहुल ग्रामीण क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं के विकास और क्षेत्र में शांति स्थापना के संकल्प को प्रदर्शित किया गया है।

उसलापुर रेलवे स्टेशन: आधुनिकता की ओर बड़ा कदम, 90% कार्य संपन्न

  • अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत उसलापुर रेलवे स्टेशन का उन्नयन एवं आधुनिकीकरण कार्य प्रगति पर |

  • कार्य पूरा होते ही शहर के यात्रियों को मिलेगी एक और उन्नत और आधुनिक रेलवे स्टेशन की सौगात |

बिलासपुर । भारतीय रेलवे की महत्त्वाकांक्षी योजना, अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत, उसलापुर रेलवे स्टेशन पर यात्री सुविधाओं को उन्नत और आधुनिक बनाने के लिए ₹8.66 करोड़ रुपये की लागत से कार्य किया जा रहा है। इस योजना का उद्देश्य यात्रियों को बेहतर, सुविधाजनक और आधुनिक यात्रा अनुभव प्रदान करना है।
उसलापुर स्टेशन पर यात्री-केंद्रित अनेक सुविधाओं का निर्माण एवं आधुनिकीकरण किया जा रहा है। इनमें भव्य स्टेशन भवन, प्रवेश पोर्च एवं फसाड, सुंदरीकरण, प्रतीक्षालय का नवीनीकरण, उन्नत शौचालय सुविधाएं, डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड, बैठने की बेहतर व्यवस्था, सुव्यवस्थित पार्किंग एरिया, गार्डन विकसित कर सौंदर्यीकरण एवं डिजाइनर साइनेजेस तथा स्थानीय कला-संस्कृति की चित्रकारी से स्टेशन को आकर्षक बनाया जाना शामिल है । यात्रियों की सुविधा हेतु टिकट बुकिंग काउंटरों को भी अपग्रेड किया जा रहा है । स्टेशन के दूसरे छोर में अप्रोच रोड का निर्माण, स्टेशन परिसर में बेहतर प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए नये हाइमास्ट लाइट, प्लेटफार्म का नवीनीकरण, स्टेशन पर मौजूदा प्लेटफार्म शेल्टर के अतिरिक्त 06 नये प्लेटफार्म शेल्टर भी लगाये गये हैं । प्लेटफार्म में अतिरिक्त बीबीसी मॉडल के शौचालय का निर्माण, महिलाओं, वरिष्ठजनों व दिव्यांगजनों के अनुकूल दीर्घकालिक सुविधाओं के साथ-साथ सुरक्षा के मद्देनजर सीसीटीवी लगाए जा रहे हैं । यात्रियों और जनता की लजीज खानपान जरूरतों को पूरा करने हेतु रेल कोच रेस्टोरेन्ट का निर्माण कार्य के साथ ही हरित पर्यावरण को बढ़ावा देने के लिए हरियाली का विकास भी शामिल है। अब तक 90 प्रतिशत कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण किया जा चुका है। शेष कार्यों को तीव्र गति से पूरा करने के लिए संबंधित विभाग सक्रियता से कार्यरत है।
इस परियोजना के पूर्ण होने के बाद यात्रियों को आधुनिक सुविधाओं का लाभ मिलेगा। स्टेशन परिसर के स्वच्छता, सुंदरता और तकनीकी रूप से सुसज्जित होने से यात्रियों को विश्वस्तरीय अनुभव प्राप्त होगा साथ ही संस्कृति, पर्यटन और व्यापार में भी व्यापक विस्तार होगा ।