बिलासपुर । बिल्हा विकासखंड के ग्राम खैरखुण्डी के पंचायत सचिव मनहरण लाल सांडे द्वारा त्रिस्तरीय पंचायत निर्वाचन 2025 के महत्वपूर्ण कार्यों के निर्वहन में घोर लापरवाही बरतने एवं उच्चाधिकरियों के आदेशो का पालन नहीं करने पर सीईओ जिला पंचायत द्वारा पंचायत सचिव श्री मनहरण लाल सांडे को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।
जिला पंचायत से मिली जानकारी के अनुसार 30 जनवरी को मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत बिल्हा के द्वारा त्रिस्तरीय पंचायत निर्वाचन के नाम निर्देशन केन्द्र पंचायत भवन लखराम का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान ड्युटी में कार्यरत पंचायत सचिव मनहरण लाल सांडे नशे की हालत में पाया गया। उक्त कृत्य के लिये श्री मनहरण लाल साडे, पंचायत सचिव को छ.ग. पंचायत आचरण नियम 1998 एवं छ.ग. पंचायत सेवा (अनुशासन तथा अपील) नियम 1999 के नियम 4 (1) के तहत तत्काल प्रभाव से सीईओ जिला पंचायत द्वारा निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि में ग्राम पंचायत खैरखुण्डी का अतिरिक्त प्रभार अशोक कुमार दुबे, पंचायत सचिव ग्राम पंचायत परसाही जनपद पंचायत बिल्हा को सौंपा गया है। मनहरण लाल सांडे, पंचायत सचिव का मुख्यालय निलंबन अवधि में जनपद पंचायत बिल्हा निर्धारित रहेगा तथा उक्त अवधि में इन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी।
Month: February 2025
चुनावी ड्यूटी पर तैनात कर्मियों के लिए निर्वाचन कर्तव्य मतपत्र से मतदान की सुविधा
बिलासपुर । निर्वाचन कार्यो में संलग्न अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्वाचन कर्तव्य मतपत्र से मतदान की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। निर्वाचन कर्तव्य मतपत्र शाखा के सहायक नोडल अधिकारी ने बताया कि नगर पालिका आम निर्वाचन 2025 के अंतर्गत निर्वाचन कार्य में नियुक्त अधिकारी-कर्मचारियों एवं मतदान दल में नियुक्त ऐसे अधिकारी-कर्मचारी, सेक्टर ऑफिसर, खलासी, ड्रायवर आदि जिन्होंने प्रथम प्रशिक्षण सत्र के दौरान जिले के विभिन्न नगरीय निकायों प्रशिक्षण केन्द्र में प्रारूप 19 में निर्वाचन कर्तव्य मतपत्र के लिये आवेदन किया था। उनमें से ऐसे आवेदक जिनके सभी दस्तावेज पूर्ण थे, उन्हें निर्वाचन कर्तव्य मतपत्र उनके संबंधित नगरीय निकाय के रिटर्निंग अधिकारी के द्वारा जारी किया जा रहा है एवं ऐसे अधिकारी-कर्मचारी जो प्रथम प्रशिक्षण सत्र के दौरान प्रारूप 19 में निर्वाचन कर्तव्य मतपत्र हेतु आवेदन नहीं कर पाये थे, वे 4 फरवरी 2025 तक अपने संबंधित नगरीय निकाय में इस निमित्त बने सुविधा केन्द्र में निर्वाचन ड्यूटी आदेश व अपने मतदाता परिचय पत्र की छायाप्रति लेकर उपस्थित होकर निर्वाचन कर्तव्य मतपत्र हेतु आवेदन कर सकते हैं।
निर्वाचन कर्तव्य मतपत्र हेतु सभी पात्र मतदाताओं के लिये द्वितीय प्रशिक्षण सत्र के दौरान उनके संबंधित नगरीय निकायों के प्रशिक्षण केन्द्र में, द्वितीय प्रशिक्षण सत्र के उपरांत उनके नगरीय निकाय के मुख्यालयों में एवं निर्वाचन सामग्री वितरण दिवस के दिन निर्वाचन कर्तव्य मतपत्र हेतु बनाये गये सुविधा केन्द्रों में मतदान की व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि जिले के सभी 7 नगरीय निकायों के ऐसे सभी मतदाता अधिकारी-कर्मचारी जो निर्वाचन कर्तव्य मतपत्र हेतु आवेदन किया हो और जिनका नाम संबंधित रिटर्निंग अधिकारी के पात्र निर्वाचन कर्तव्य मतपत्र सूची में है, वे केवल निर्वाचन कर्तव्य मतपत्र के माध्यम से ही सुविधा केन्द्रों में मतदान कर सकेंगे।
ईवीएम से मतदान की प्रक्रिया समझने जुटे राजनैतिक दल और मीडिया प्रतिनिधि
बिलासपुर । नगरीय निकाय चुनाव के लिए ईवीएम से मतदान प्रक्रिया के विषय में जिला निर्वाचन अधिकारी श्री अवनीश शरण के निर्देश पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में राजनैतिक दल के प्रतिनिधियों और मीडिया प्रतिनिधियों को ईवीएम से मतदान के विषय में विस्तृत जानकारी दी गई व शंकाओं का भी उप जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा समाधान किया गया।
11 फरवरी को होने वाले नगरीय निकाय चुनाव के लिए मतदान की तैयारियां जिला प्रशासन द्वारा जोर-शोर से की जा रही है। ईवीएम से मतदान के विषय में उचित जानकारी देने के लिए जिला निर्वाचन कार्यालय द्वारा व्यापक प्रचार किया जा रहा है। इस संबंध में जानकारी देने के उद्देश्य से राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों और मीडिया प्रतिनिधियों के लिए कार्यशाला का आयोजन मंथन सभाकक्ष में किया गया। उप जिला निर्वाचन अधिकारी श्री शिवकुमार बनर्जी की उपस्थित में मास्टर ट्रेनर श्री मनोज सनाढ्य के द्वारा सघन रूप से ईवीएम से मतदान का प्रशिक्षण दिया गया व डेमो के जरिए प्रशिक्षण मतदान प्रक्रिया की जानकारी दी गई।
मास्टर ट्रेनर श्री मनोज सनाढ्य द्वारा जानकारी दी गई कि इस बार ईवीएम में दो मतदान किया जाएगा एक महापौर/ अध्यक्ष के लिए होगा वहीं दूसरा मतदान पार्षद के लिए होगा। महापौर प्रत्याशी का नाम सफेद रंग के बैलेट पेपर पर छपेगा और पार्षद प्रत्याशी का नाम व चिन्ह गुलाबी रंग के पेपर पर छपेगा। मतदाता पार्षद या महापौर किसी को भी पहले वोट दे सकते हैं। महापौर और पार्षद दोनों के लिए नोटा बटन रहेगा। लाल रंग का इंड बटन भी रहेगा जिसका उपयोग करने पर किसी को भी वोट नहीं जाएगा, लेकिन मतदान भी पूरा हो जाएगा। यदि किसी मतदाता ने किसी एक कैंडिडेट को वोट दिया तो लंबी बीप नहीं बजेगी, इस तरह के मतदान को अंडर वोट कहा जाएगा। मास्टर ट्रेनर ने बताया कि ईवीएम में दोनों मतदान एक सेकंड से भी कम समय के अंतराल में पूरा हो जाएगा और दोनों मतदान करने पर लाल लाइट जलेगी और लंबी बीप बजेगी जिसका आशय है मतदान पूरा हो गया।
उप जिला निर्वाचन अधिकारी शिवकुमार बनर्जी द्वारा राजनैतिक दलों व मीडिया प्रतिनिधियों की ईवीएम के विषय में प्रश्नों का जवाब दिया गया और उनकी शंकाओं का भी निराकरण किया गया। उन्होंने बताया कि ईवीएम से मतदान करने का प्रशिक्षण सभी वार्डों में देने का कार्य शीघ्र पूरा किया जाएगा। उपजिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा मतदाताओं से दोनों मतदान सतर्कता से करने की अपील की गई है।
गुप्त नवरात्रि महोत्सव : कलयुग में तप और साधना का अद्भुत प्रभाव
बिलासपुर। श्री पीताम्बरा पीठ सुभाष चौक सरकण्डा बिलासपुर छत्तीसगढ़ स्थित त्रिदेव मंदिर में माघ गुप्त नवरात्र उत्सव का आयोजन किया जा रहा है, जो 30 जनवरी 2025 से 6 फरवरी 2025 तक चलेगा। इस अवसर पर पीताम्बरा पीठाधीश्वर आचार्य दिनेश जी महाराज ने बताया कि श्री पीताम्बरा पीठ त्रिदेव मंदिर में स्थित श्री ब्रह्मशक्ति बगलामुखी देवी का विशेष पूजन, श्रृंगार षोडशी देवी के रूप में किया गया है।
इसके अलावा, प्रातःकालीन श्री शारदेश्वर पारदेश्वर महादेव का रुद्राभिषेक, पूजन एवं परमब्रह्म मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम जी का पूजन, श्रृंगार, श्री सिद्धिविनायक जी का पूजन श्रृंगार, एवं श्री महाकाली, महालक्ष्मी, महासरस्वती राजराजेश्वरी, त्रिपुरसुंदरी देवी का श्रीसूक्त षोडश मंत्र द्वारा दूधधारियाँ पूर्वक अभिषेक किया जा रहा है। रात्रि कालीन पीताम्बरा हवनात्मक यज्ञ ब्राह्मणों द्वारा संपन्न हो रहा है।
पीतांबरा पीठाधीश्वर आचार्य डॉ. दिनेश जी महाराज ने कहा कि हिंदू धर्म में चार युगों की मान्यता है – सतयुग, त्रेता युग, द्वापर युग और कलयुग। इन सभी युगों में से कलयुग को सबसे श्रेष्ठ युग माना गया है, जो श्री वेदव्यास जी द्वारा विष्णु पुराण में वर्णित है।कलयुग की श्रेष्ठता के पीछे का कारण यह है कि इस युग में व्रत और तप के फल की प्राप्ति सबसे आसान और शीघ्र होती है। श्री वेदव्यास जी ने कहा है कि सतयुग में दस वर्षों के व्रत और तप से जितना पुण्य प्राप्त होता है, उतना ही पुण्य त्रेता युग में एक साल के तप से, द्वापर युग में एक महीने के तप से और कलयुग में मात्र एक दिन के तप से प्राप्त किया जा सकता है।
इस प्रकार, कलयुग में व्रत और तप के फल की प्राप्ति सबसे आसान और शीघ्र होती है, जो इसे सबसे श्रेष्ठ युग बनाता है। यह बात विष्णु पुराण में वर्णित है, जो हिंदू धर्म के एक महत्वपूर्ण ग्रंथ हैं।विष्णु पुराण में कलयुग के बारे में वर्णित अन्य बातें भी हैं, जैसे कि कलयुग में पाप और अत्याचार की वृद्धि होगी, लेकिन इसके बावजूद यह युग सबसे श्रेष्ठ होगा। यह बात श्री वेदव्यास जी द्वारा कही गई है, जो हिंदू धर्म के एक महत्वपूर्ण व्यक्ति हैं।इस प्रकार, कलयुग की श्रेष्ठता के पीछे का कारण यह है कि इस युग में व्रत और तप के फल की प्राप्ति सबसे आसान और शीघ्र होती है, जो इसे सबसे श्रेष्ठ युग बनाता है।
गुप्त नवरात्रि महोत्सव : नारी सम्मान और आध्यात्मिक अनुष्ठानों का दिव्य संगम
बिलासपुर । श्री पीताम्बरा पीठ सुभाष चौक सरकण्डा बिलासपुर छत्तीसगढ़ स्थित त्रिदेव मंदिर में माघ गुप्त नवरात्र उत्सव का आयोजन किया जा रहा है, जो 30 जनवरी 2025 से 6 फरवरी 2025 तक चलेगा। इस अवसर पर पीताम्बरा पीठाधीश्वर आचार्य दिनेश जी महाराज ने बताया कि श्री पीताम्बरा पीठ त्रिदेव मंदिर में स्थित श्री ब्रह्मशक्ति बगलामुखी देवी का विशेष पूजन, श्रृंगार तारा देवी के रूप में किया गया है।
इसके अलावा, प्रातःकालीन श्री शारदेश्वर पारदेश्वर महादेव का रुद्राभिषेक, पूजन एवं परमब्रह्म मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम जी का पूजन, श्रृंगार, श्री सिद्धिविनायक जी का पूजन श्रृंगार, एवं श्री महाकाली, महालक्ष्मी, महासरस्वती राजराजेश्वरी, त्रिपुरसुंदरी देवी का श्रीसूक्त षोडश मंत्र द्वारा दूधधारियाँ पूर्वक अभिषेक किया जा रहा है। रात्रि कालीन पीताम्बरा हवनात्मक यज्ञ ब्राह्मणों द्वारा संपन्न हो रहा है।
पीतांबरा पीठाधीश्वर आचार्य डॉ. दिनेश जी महाराज ने कहा कि सनातन भारतीय संस्कृति में नारी के सम्मान को बहुत महत्व दिया गया है। संस्कृत में एक श्लोक है- ‘यस्य पूज्यंते नार्यस्तु तत्र रमन्ते देवता:। अर्थात्, जहां नारी की पूजा होती है, वहां देवता निवास करते हैं। महाभारत में कहा गया है कि जिस कुल में नारियों की उपेक्षा भाव से देखा जाता है उस कुल का सर्वनाश हो जाता है। शतपथ ब्राह्मण में कहा गया है कि नारी नर की आत्मा का आधा भाग है। नारी के बिना नर का जीवन अधूरा है इस अधूरेपन को दूर करने और संसार को आगे चलाने के लिए नारी का होना जरूरी है।नारी को वैदिक युग में देवी का दर्जा प्राप्त था। अथर्ववेद का एक श्लोक है- यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवता:,यत्रैतास्तु न पूज्यन्ते सर्वास्तत्राफला: क्रिया:
जिस कुल में नारियों कि पूजा, अर्थात सत्कार होता हैं, उस कुल में दिव्यगुण,और उत्तम संतान होते हैं एवं वहां साक्षात देवता निवास करते हैं, और जिस कुल में स्त्रियों कि पूजा नहीं होती, वहां उनकी सब क्रिया निष्फल हैं। यहां पूजा से तात्पर्य स्त्रियों के मान-सम्मान से है। नारी ही मां है और नारी ही सृष्टि। एक सृष्टि की कल्पना बगैर मां के नहीं की जा सकती है। मां अर्थात माता के रूप में नारी, धरती पर अपने सबसे पवित्रतम रूप में है। माता यानी जननी। मां को ईश्वर से भी बढ़कर माना गया है, क्योंकि ईश्वर की जन्मदात्री भी नारी ही रही है।
वेदों में ‘मां’ को ‘अंबा’, ‘अम्बिका’, ‘दुर्गा’, ‘देवी’, ‘सरस्वती’, ‘शक्ति’, ‘ज्योति’, ‘पृथ्वी’ आदि नामों से संबोधित किया गया है। स्त्री ना होती जग म्हं, सृष्टि को रचावै कौण।ब्रह्मा विष्णु शिवजी तीनों, मन म्हं धारें बैठे मौन। एक ब्रह्मा नैं शतरूपा रच दी, जबसे लागी सृष्टि हौण।’
अर्थात, यदि नारी नहीं होती तो सृष्टि की रचना नहीं हो सकती थी। स्वयं ब्रह्मा, विष्णु और महेश तक सृष्टि की रचना करने में असमर्थ बैठे थे। प्रकृति से ही समस्त संसार का प्रारंभ हुआ।
सनातन वैदिक हिन्दू धर्म में जहां पुरुष के रूप में देवता और भगवानों की पूजा-प्रार्थना होती हैं,वहीं देवी के रूप में मां सरस्वती, लक्ष्मी और दुर्गा का वर्णन मिलता है। वैदिक काल में नारियां मां, देवी, साध्वी, गृहिणी, पत्नी और बेटी के रूप में ससम्मान पूजनीय मानी जाती थीं। हिंदू धर्म में परम्परा के अनुसार धन की देवी ‘लक्ष्मी’, ज्ञान की देवी ‘सरस्वती’ और शक्ति की देवी ‘दुर्गा’ मानीं गई हैं।