बिलासपुर । poshan kit : टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत जनभागीदारी की सराहनीय पहल करते हुए जैन समाज के प्रमुख समाजसेवी सुभाष जैन, श्रीजी भक्त मंडल अध्यक्ष द्वारा जिला अस्पताल में उपचाररत 24 टीबी मरीजों को पोषण आहार किट वितरित किया गया। स्वास्थ्य विभाग की जनभागीदारी पहल के तहत यह आयोजन किया गया।
कार्यक्रम के दौरान समाजसेवी सुभाष जैन ने स्वयं अस्पताल पहुंचकर मरीजों से मुलाकात की और उन्हें पोषण किट भेंट किया। इस दौरान उनके परिवार के सदस्य भी मौजूद रहे। पोषण किट में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाले आहार सामग्री जैसे फल, सूखे मेवे, पौष्टिक बिस्किट, दलिया, एवं अन्य सुपाच्य वस्तुएं शामिल थीं। जैन ने कहा कि यह सेवा कार्य उनके धार्मिक दायित्व और सामाजिक कर्तव्यों का हिस्सा है।
जिला क्षय नियंत्रण अधिकारी डॉ. गायत्री बांधी ने जैन के इस योगदान की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे सामाजिक सहयोग से ही टीबी मुक्त भारत का सपना साकार हो सकता है। डॉ. बांधी ने इस अवसर पर कहा कि यह सेवा कार्य न केवल मरीजों के पोषण स्तर में सुधार लाने में सहायक होगा,बल्कि समाज को भी इस अभियान से जुडऩे के लिए प्रेरित करेगा। इस अवसर पर जिला कार्यक्रम समन्वयक (टीबी) आशीष सिंह, सुपरवाइजर मानमलाल मारमती, जय सिंह सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे। उल्लेखनीय है कि भारत सरकार द्वारा देश को टीबी मुक्त बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस दिशा में जिले में स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगातार जनभागीदारी को प्रोत्साहित करते हुए विभिन्न जागरूकता और पोषण सहयोग कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
Month: July 2025
OTT बैन: सरकार ने Ullu, ALTT समेत 25 ऐप्स पर लगाई रोक
नई दिल्ली। भारत सरकार ने हाल ही में 25 OTT प्लेटफॉर्म्स और वेबसाइट्स पर बैन लगा दिया है। इनमें Ullu, ALTT, HotX VIP, Desiflix जैसे पॉपुलर प्लेटफॉर्म शामिल हैं। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने इन्हें भारतीय कानूनों का उल्लंघन करते हुए अश्लील और आपत्तिजनक कंटेंट प्रसारित करने के लिए प्रतिबंधित किया है।
सरकार को शिकायत मिली थी कि ये प्लेटफॉर्म्स अश्लील विज्ञापन और अनैतिक सामग्री फैला रहे थे, जिससे समाज में अनैतिकता बढ़ रही थी। इसके बाद मंत्रालय ने इंटरनेट सेवा प्रदाताओं (ISPs) को इन्हें ब्लॉक करने का आदेश दिया।
प्रतिबंधित OTT प्लेटफॉर्म्स की लिस्ट
ULLU, ALTT, Big Shots App, Jalva App, Wow Entertainment, Look Entertainment, Hitprime, Feneo, ShowX, Sol Talkies, Kangan App,Bull App ,Adda TV ,HotX VIP, Desiflix, Boomex, Navarasa Lite, Gulab App, Fugi, Mojflix, Hulchul App, MoodX, NeonX VIP, Triflicks
no ekyc no ration card : सरकारी राशन योजना में फर्जीवाड़ा खत्म करने की तैयारी, घर-घर होगी जांच
नईदिल्ली। no ekyc no ration card : सरकारी राशन और उससे जुड़ी सुविधाओं का लाभ उठाने वाले करोड़ों लोगों के लिए केंद्र सरकार ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। अब ऐसे लोगों की पहचान की जा रही है, जो महीनों से राशन नहीं ले रहे हैं लेकिन योजनाओं में नाम दर्ज है। सरकार का कहना है कि अगर किसी लाभार्थी ने लगातार 6 महीने तक राशन नहीं उठाया, तो उसका राशन कार्ड सीधा रद्द किया जा सकता है।
देश में फिलहाल करीब 23 करोड़ राशन कार्ड हैं, लेकिन इनमें से लाखों कार्ड धारक ऐसे हैं जो वर्षों से न तो राशन ले रहे हैं और न ही पात्रता की जांच में खरे उतरते हैं। सरकार को आशंका है कि बड़ी संख्या में फर्जी राशन कार्ड केवल सरकारी लाभ के लिए बनाए गए हैं। अनुमान है कि 25 लाख से ज्यादा कार्ड पूरी तरह फर्जी हो सकते हैं।
नई गाइडलाइन के अनुसार, 18% तक राशन कार्ड रद्द किए जा सकते हैं। जिन लाभार्थियों ने छह महीने या उससे अधिक समय से राशन नहीं लिया है, उनका नाम प्राथमिकता से हटाया जाएगा। यह नियम न केवल सामान्य कार्ड धारकों पर लागू होगा बल्कि गरीब कल्याण अन्न योजना के लाभार्थियों पर भी प्रभावी होगा।
सरकार ने निर्देश दिया है कि राज्य प्रशासन घर-घर जाकर सत्यापन करेगा। जिन परिवारों ने ई-केवाईसी कराई है, उनकी भी पात्रता दोबारा जांची जाएगी। यह प्रक्रिया इस बात को सुनिश्चित करेगी कि सरकारी योजनाओं का लाभ केवल वास्तविक जरूरतमंदों को ही मिले।
जिन लोगों ने अभी तक अपने राशन कार्ड का ई-केवाईसी नहीं कराया, उनके कार्ड सबसे पहले जांच के घेरे में आएंगे। सरकार का मानना है कि ई-केवाईसी नहीं कराने वालों में फर्जी कार्डधारकों की संख्या ज्यादा हो सकती है। इसलिए अगर आप लाभार्थी हैं, तो तुरंत ई-केवाईसी करवाना जरूरी है।
ऐसे बहुत से लोग हैं जो राशन नहीं लेते लेकिन सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए राशन कार्ड का इस्तेमाल करते हैं। जैसे
-आयुष्मान भारत योजना के तहत इलाज के लिए
-ईडब्ल्यूएस कोटे से एडमिशन के लिए
-या फिर अन्य सरकारी सब्सिडी योजनाओं के लिए
-इन लोगों ने पात्रता न होते हुए भी कार्ड बनवा रखा है, जिससे असली ज़रूरतमंद वंचित रह जाते हैं।
hareli tihar : मुख्यमंत्री निवास में हरेली पर्व की पारंपरिक छटा
रायपुर । hareli tihar : छत्तीसगढ़ी लोकजीवन की खुशबू लिए हरेली तिहार का पारंपरिक उत्सव आज मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निवास में विधिवत रूप से आरंभ हुआ। छत्तीसगढ़ एक ऐसा प्रदेश है, जहाँ प्रत्येक अवसर और कार्य के लिए विशेष प्रकार के पारंपरिक उपकरणों एवं वस्तुओं का उपयोग होता आया है। हरेली पर्व के अवसर पर मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में ऐसे ही पारंपरिक कृषि यंत्रों एवं परिधानों की झलक देखने को मिली, जो छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की अमूल्य धरोहर हैं।
काठा
सबसे बाईं ओर दो गोलनुमा लकड़ी की संरचनाएँ रखी गई थीं, जिन्हें ‘काठा’ कहा जाता है। पुराने समय में जब गाँवों में धान तौलने के लिए काँटा-बाँट प्रचलन में नहीं था, तब काठा से ही धान मापा जाता था। सामान्यत: एक काठा में लगभग चार किलो धान आता है। काठा से ही धान नाप कर मजदूरी के रूप में भुगतान किया जाता था।
खुमरी
सिर को धूप और वर्षा से बचाने हेतु बांस की पतली खपच्चियों से बनी, गुलाबी रंग में रंगी और कौडिय़ों से सजी एक घेरेदार संरचना ‘खुमरी’ कहलाती है। यह प्राय: गाय चराने वाले चरवाहों द्वारा सिर पर धारण की जाती है। पूर्वकाल में चरवाहे अपने साथ ‘कमरा’ (रेनकोट) और खुमरी लेकर पशु चराने निकलते थे। ‘कमरा’ जूट के रेशे से बना एक मोटा ब्लैंकेट जैसा वस्त्र होता था, जो वर्षा से बचाव के लिए प्रयुक्त होता था।
कांसी की डोरी
यह डोरी ‘कांसी’ नामक पौधे के तने से बनाई जाती है। पहले इसे चारपाई या खटिया बुनने के लिए ‘निवार’ के रूप में प्रयोग किया जाता था। डोरी बनाने की प्रक्रिया को ‘डोरी आंटना’ कहा जाता है। वर्षा ऋतु के प्रारंभ में खेतों की मेड़ों पर कांसी पौधे उग आते हैं, जिनके तनों को काटकर डोरी बनाई जाती है। यह डोरी वर्षों तक चलने वाली मजबूत बुनाई के लिए उपयोगी होती है।
झांपी
ढक्कन युक्त, लकड़ी की गोलनुमा बड़ी संरचना ‘झांपी’ कहलाती है। यह प्राचीन समय में छत्तीसगढ़ में बैग या पेटी के विकल्प के रूप में प्रयुक्त होती थी। विशेष रूप से विवाह समारोहों में बारात के दौरान दूल्हे के वस्त्र, श्रृंगार सामग्री, पकवान आदि रखने के लिए इसका उपयोग किया जाता था। यह बांस की लकड़ी से निर्मित एक मजबूत संरचना होती है, जो कई वर्षों तक सुरक्षित बनी रहती है।
कलारी
बांस के डंडे के छोर पर लोहे का नुकीला हुक लगाकर ‘कलारी’ तैयार की जाती है। इसका उपयोग धान मिंजाई के समय धान को उलटने-पलटने के लिए किया जाता है।
no meeting room : नेता प्रतिपक्ष भारत ने कांग्रेस पार्षदों के साथ धरना दिया
no meeting room : नगर निगम को जो स्वच्छता अभियान में देश में दूसरे नंबर का पुरस्कार मिला है वह कांग्रेस की देन है । सभी कांग्रेस पार्षदों के सहयोग से बिलासपुर नगर निगम कोल्हापुर पुरस्कार मिला : भारत
बिलासपुर । नगर निगम में आज उस समय हड़कंप किया जब नेता प्रतिपक्ष भारत कश्यप अपने कांग्रेस पार्षदों के साथ विकास भवन के मुख्य द्वार में कार्यालय बनाकर जमीन में धरने पर बैठ गए। फरवरी में नगर निगम के चुनाव के बाद नेता प्रतिपक्ष तथा कांग्रेस पार्षदों को आज तक विकास भवन में बैठक कक्ष की व्यवस्था नहीं की गई जिसके विरोध में आज कांग्रेस पार्षदों ने विकास भवन के सामने सामने धरना प्रदर्शन किया और हितग्राहियों के कामकाज यहीं पर जमीन पर बैठकर निपटाए। नगर निगम के द्वारा कांग्रेस पार्षदों को आवंटन कक्ष को कक्ष का आवंटन नहीं करने के मामले में विरोध प्रदर्शन किया।
नगरीय का चुनाव के 5 महीने बाद भी कांग्रेस पार्षद दल तथा नेता प्रतिपक्ष को विकास भवन में चेंबर नहीं मिला आज नाराज नेता प्रतिपक्ष भरत कश्यप के नेतृत्व में कांग्रेस पार्षद विकास भवन के सामने धरना दिया और कहा कि यदि उन्हें नेता यदि उन्हें विकास भवन में जब तक बैठने की व्यवस्था नहीं की जाती तब तक विकास भवन के सामने जमीन पर बैठकर कामकाज करेंगे। भरत कश्यप ने कहा है कि बिलासपुर नगर निगम को जो स्वच्छता अभियान में देश में दूसरे नंबर का पुरस्कार मिला है वह कांग्रेस की देन है । सभी कांग्रेस पार्षदों के सहयोग से बिलासपुर नगर निगम कोल्हापुर पुरस्कार मिला है और शहर में विकास कार्य तथा स्वच्छता के लिए भाजपा कांग्रेस नहीं होना चाहिए । नेता प्रतिपक्ष भरत कश्यप ने कहा है कि 4 महीना पहले नगर निगम आयुक्त को कांग्रेस पार्षद दल ने एक पत्र दिया था जिसमें कांग्रेस पार्षदों के बैठने तथा नेता प्रतिपक्ष के लिए कमरा आबंटन की व्यवस्था की मांग की गई थी लेकिन आज तक कांग्रेस पार्षद दल के लिए बैठक व्यवस्था नहीं किया गया इसलिए मजबूरी में होकर आज विकास भवन के सामने धरना प्रदर्शन करना पड़ा। हितग्राहियों के कामकाज निपटना पड़ा। भरत कश्यप, संतोषी रामा बघेल, पुष्पेंद्र साहू ,ने कहा है कि महापौर ने जो दिल्ली में स्वच्छता में देश में दूसरे नंबर का पुरस्कार ग्रहण किया है वह कांग्रेस कार्यकाल का काम था। शहर विकास में भाजपा कांग्रेस नहीं होना चाहिए जनता ने भाजपा का महापौर बनाया लेकिन कांग्रेस पार्षद दलों को भी वार्ड की जिम्मेदारी दी है अब विकास भवन में बैठक व्यवस्था नहीं होने के कारण नगर निगम के कामकाज करने में कठिन हो रही है और इसलिए बैठक कक्ष की मांग कर रहे हैं और आज विकास भवन के सामने धरना प्रदर्शन कर अस्थाई कार्यालय बनाकर विरोध प्रदर्शन किया गया। भरत कश्यप का कहना है कि कांग्रेस शासन काल में भी नेता प्रतिपक्ष को विकास भवन में बैठक के लिए कक्ष का आवंटन किया गया था । भाजपा पार्षदों को बैठने की व्यवस्था भी विकास भवन में की गई थी। लेकिन भाजपा की शहर सरकार में महापौर यहां राजनीतिक भेदभाव कर रही हैं और शहर विकास के लिए राजनीति नहीं होना चाहिए। आज धरना प्रदर्शन में प्रमुख रूप से संतोषी रामा बघेल, रीता शंकर कश्यप पुष्पेंद्र साहू, दिलीप पाटिल,अनीता कश्यप, मनहरण कौशिक, सुनीता गोयल, मोहन श्रीवास, ओम कश्यप, अमित भारते, सुनील सोनकर, अब्दुल इब्राहिम, गायत्री साहू, रामा बघेल, शंकर कश्यप, हिमांशु कश्यप, के अलावा काफी संख्या में कांग्रेस जन मौजूद है।
no meeting room : नेता प्रतिपक्ष भारत ने कांग्रेस पार्षदों के साथ धरना दिया
allegations on bhupesh : भूपेश ने पूरी कांग्रेस को पुत्र मुंह में झोंक दिया : अमर
कांग्रेस चोरी और सीनाजोरी का उदाहरण बार-बार प्रस्तुत कर रही
बिलासपुर। allegations on bhupesh : आज जिला भाजपा कार्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए नगर के विधायक पूर्व मंत्री अमर अग्रवाल ने कहा कि कांग्रेस बताएं कि भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल कांग्रेस के किस पद पर है जिस व्यक्ति का कांग्रेस में कोई पद नहीं उसे व्यक्ति के लिए पूरी कांग्रेस प्रदेश में प्रदर्शन कर रही है इसका साफ मतलब है भूपेश बघेल ने पूरी कांग्रेस को पुत्र मुंह में झोंक दिया है।
अमर अग्रवाल ने कहा हमने पहले भी बड़े-बड़े ऐसे उदाहरण देखें हैं जिसमें लोगों ने पुत्र मोह में खुद को भी बर्बाद किया और अपने पूरे साम्राज्य को भी बर्बाद किया भूपेश बघेल इस दिशा में काम करते हुए दिखाई दे रहे हैं। भूपेश बघेल और कांग्रेस भ्रष्टाचारियों को बचाने पूरे प्रदेश की जनता को परेशान कर रही है और साथ ही उनका आर्थिक रूप से नुकसान भी करने जा रही है जो की प्रदेश की जनता स्वीकार नहीं करेगी।
कोल ब्लॉक आवंटन को लेकर कांग्रेस पार्टी और भूपेश बघेल के झूठ का पर्दापाश हो गया है। भाजपा ने पत्रकार वार्ता के माध्यम से तथ्यों एवं दस्तावेज प्रेजेंटेशन के कांग्रेस के झूठ को एक बार फिर बेनकाब किया है। अग्रवाल ने कहा कि कांग्रेस चोरी और सीनाजोरी का उदाहरण बार-बार प्रस्तुत कर रही है। आप सबको पता होगा कि अपने शासनकाल के पाँच वर्ष में भूपेश बघेल जी ने छत्तीसगढ़ को दस जनपथ का चारागाह बना दिया था।
उन्होंने ने कहा कि शराब घोटाले, कोयला घोटाले, चावल घोटाले, गोठान घोटाले से लेकर पीएससी घोटाले तक में इसने प्रदेश के संसाधनों को जम कर लूटा था, आज इन घोटालों के आरोपी एक एक कर नप रहे हैं। सभी जेल जा रहे हैं। श्री अग्रवाल ने कहा कि बेवजह जिस तरह अपराधियों के विरुद्ध हो रही कानून सम्मत कार्रवाई को कहीं और मोड़ा जा रहा है, वह दुर्भाग्यजनक और कांग्रेस में हिप्पोक्रेसी का सबसे बड़ा नमूना है।
श्री अमर अग्रवाल ने कहा कि जब भी आप सभी कॉल ब्लॉक आवंटन और पेड़ कटाई आदि पर सवाल उठाते थे, तो दस जनपथ के दबाव में सीधे तौर पर भूपेश बघेलजी बचाव में आ जाते थे। कहते थे कि कोल ब्लॉक आवंटन का विरोध करने वाले अपने-अपने घरों की बिजली बंद कर दें। सवाल यह है कि अब जब झूठे और बेबुनियाद आरोप लगा कर भूपेशजी अपनी कालिख धोने की कोशिश कर रहे हैं, तो क्या वह अपने घर और राजीव भवन की बिजली बंद करेंगे?
श्री अग्रवाल ने कहा कि यह तथ्य है कि न केवल भूपेश बघेल ने कोल ब्लॉक अशोक गहलोत को आवंटित किया था, बल्कि उससे पहले भी मनमोहन सिंह जी की सरकार में तमाम नियमों को धत्ता बताते हुए छत्तीसगढ़ के कोल ब्लॉक आवंटन की राह आसान की थी। उन्होंने कहा कि साल 2010 में केन्द्र में काँग्रेस की सरकार थी, तब कोयला मंत्रालय और पर्यावरण एवं वन मंत्रालय द्वारा हसदेव अरण्य को पूरी तरह से नो-गो जोन घोषित किया गया था।
उसे कांग्रेस नीत सरकार के पर्यावरण मंत्री जयराम रमेश ने ही सबसे पहले गो एरिया घोषित किया था।
श्री अमर अग्रवाल ने बताया कि 23 जून 2011 को केन्द्र में कांग्रेस की सरकार रहते ही तारा परसा ईस्ट और कांटे बेसन कोल ब्लॉक को खोलने का प्रस्ताव दिया गया। जब छत्तीसगढ़ और राजस्थान में कांग्रेस की सरकार थी, उस वक्त अडानी को दो बड़ी खदानों गारे पेलमा सेक्टर-2 और राजस्थान में केते एक्सटेंशन ब्लॉक का ऑपरेटर बनाया गया। इसी तरह भूपेश बघेलजी के मुख्यमंत्री कार्यकाल में ही 16 अक्टूबर 2019 को राज्य सरकार ने पर्यावरण स्वीकृति के लिए सिफारिश भेजी।
31 मार्च 2021 को ओपन कास्ट गारे पेलमा सेक्टर-2, मांड-रायगढ़ कोलफील्ड के लिए हुआ समझौता भी सबके सामने है। इसी क्रम में 19 अप्रैल 2022 को भूपेश बघेल जी के मुख्यमंत्री रहते ही कांग्रेस सरकार द्वारा वन स्वीकृति स्टेज-1 और 23 जनवरी 2023 को वन स्वीकृति स्टेज-2 के लिए सिफारिश भेजी गई।
उन्होंने यह भी कहा कि महाजेंको कोल फील्ड की स्वीकृति में तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की संलिप्तता को लेकर तब अनेक अखबारों ने समाचार भी प्रकाशित किए थे। 25 मार्च 2022 को भूपेश सरकार ने राजस्थान में अशोक गहलोत की सरकार के रहते राजस्थान को कोल माइंस का आबंटन किया था।
प्रेस वार्ता में विधायक अमर अग्रवाल ने कांग्रेस से सवाल किया कि:-
– क्या वह मनमोहन सिंह सरकार के समय हुए निर्णयों के लिए आज माफ़ी मांगेंगे?
– क्या भूपेश बघेल यह घोषणा करेंगे कि अब कांग्रेस कभी बिजली का उपयोग नहीं करेगी, क्योंकि स्वयं यह कह चुके हैं कि विरोध करने वाले अपने घर की बिजली बंद कर दें।
– क्या कांग्रेस हर अपराधी के पक्ष में ऐसे ही खड़ी होगी, जैसे आज पूर्व मुख्यमंत्री के बेटे के लिए हुई है?
श्री अमर अग्रवाल ने कहा कि जब छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार रही तब राजस्थान के तत्कालीन मंत्री बी डी कल्ला ने भूपेश बघेल को पत्र लिखा और राजस्थान के तत्कालिक मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने एक सप्ताह के भीतर कई पत्र लिखे कोल ब्लॉक आंबटन के लिए। जिसे छत्तीसगढ़ और देश की जनता ने देखा है।
पत्रकार वार्ता में बिलासपुर शहर जिलाध्यक्ष दीपक सिंह जिला कोषाध्यक्ष गुलशन ऋषि जिला मीडिया प्रभारी प्रणव शर्मा समदरिया किशोर राय दुर्गेश पाण्डे मौजूद रहे।
allegations on bhupesh : भूपेश ने पूरी कांग्रेस को पुत्र मुंह में झोंक दिया : अमर
memorandum to the collector : शराब दुकान बंद, नदी तट कटाव और अवैध उत्खनन खनन रोक नहीं लगने पर आंदोलन करेंगे : त्रिलोक
बिलासपुर । memorandum to the collector : कांग्रेस नेता त्रिलोक श्रीवास ने कोनी में शराब दुकान बंद करने, नदीतट कटाव, अवैध उतखनन रोकने संबंधी मांगों पर जिलाधीश को सौपा ज्ञापन, मांगे पूरी नहीं होने पर होगा आंदोलन,, बिलासपुर जिले के लोकप्रिय कांग्रेस नेता , त्रिलोक चंद्र श्रीवास, राष्ट्रीय समन्वयक, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी, प्रभारी – उत्तर प्रदेश तथा गुजरात, मार्गदर्शक- जिला पंचायत सदस्य क्षेत्र क्रमांक- 3 ने आज अपने दर्जनों सहयोगियों जनप्रतिनिधियों के साथ बिलासपुर जिलाधीश संजय अग्रवाल से भेंट किया एवं उन्हें एजुकेशन हब कोनी में तत्काल रूप से शराब दुकान को बंद करने अरपा नदी में अवैध उत्खनन रोकने एवं अवैध उत्खनन से कोनी में हो रहे नदी तट कटाव पर तट बंधन रिटर्निंग बाल निर्माण करने संबंधी मांगों का ज्ञापन सोपा, इस अवसर पर त्रिलोक श्रीवास ने कहा कि कोनी वार्ड क्रमांक 68 स्वामी रामकृष्ण परमहंस नगर में तीन विश्वविद्यालय स्थित है, एशिया महाद्वीप में ऐसा कोई स्थल नहीं है जहां एक वार्ड में तीन विश्वविद्यालय हो, यहां एशिया का सबसे बड़ा और सर्वप्रथम M. I. T. I. महिला आईटीआई तीन पॉलिटेक्निक कॉलेज डीपी कॉलेज का क्च.श्वस्र कॉलेज प्रदेश का दूसरा सबसे बड़ा इंजीनियरिंग मेडिकल विभाग कॉलेज आधारशिला सैनिक स्कूल केपीएस स्कूल सहित मध्य भारत प्रांत का सरस्वती शिशु मंदिर का सबसे वृहद और बड़ा आवासीय विद्यालय एवं सरस्वती महाविद्यालय जैसे दर्जनों शैक्षणिक संस्थान एवं दो दर्जन से ज्यादा अन्य शासकीय संस्थान स्थित है, पूरे देश से एवं प्रवासी भारतीय भी छात्र-छात्राएं वहां हजारों की तादाद में रहते हैं, शिक्षा के मंदिर के तले शराब दुकान होना विडंबना की बात है, विगत कई वर्षों से लगातार कोनी क्षेत्र में शराब दुकान बंद करने की मांग कर रहे हैं
दर्जनों सहयोगियों एवं जनप्रतिनिधियों के साथ कलेक्टर को ज्ञापन सौपा
उन्होंने जिलाधीश से अविलंब शराब दुकान को बंद करने की मांग किया है, साथ ही साथ उन्होंने अरपा नदी में हो रहे अवैध उत्खनन के कारण कोनी क्षेत्र में लगातार नदी तट कटाव हो रहे हैं, जिससे भयावह समस्या उत्पन्न हो गई है, नदी तट कटाव रोकने के लिए रिटेनिंग वॉल, पचरी निर्माण करने का मांग किया गया है
इस अवसर पर कांग्रेस नेता त्रिलोक चंद्र श्रीवास एवं उनके सहयोगियों ने कहा कि यदि प्रशासन त्वरित रूप से इन मांगों पर कार्रवाई नहीं करता तो वह वृहद रूप से जन आंदोलन करने हेतु बाध्य रहेंगे, इस अवसर पर त्रिलोक श्रीवास के साथ कांग्रेस नेता नंदकिशोर वर्मा मनोज श्रीवास मंगल बाजपेई पंडित जितेंद्र शर्मा जीतू चंद्र प्रकाश केसरवानी कौशल श्रीवास्तव चरण सिंह राज शुभम श्रीवास पप्पू मानिक पुरी , मनीष भट्ट दौलत सोनी मोहसिन खान राहुल गोरख आयुष सिंह राज कृष्ण श्रीवास मोहन जायसवाल मुकेश अग्रवाल नवीन चंद्र दुबे रामेश्वर केसरी दीपक कश्यप ओमप्रकाश शर्मा विजय तिवारी दिनेश कश्यप सहित दर्जनों लोग उपस्थित थे ।
memorandum to the collector : शराब दुकान बंद, नदी तट कटाव और अवैध उत्खनन खनन रोक नहीं लगने पर आंदोलन करेंगे : त्रिलोक
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two day monsoon tracking : देश के विभिन्न राज्यों से आए प्रकृति प्रेमियो ने उत्साहपूर्वक भाग लिया
गौरेला पेंड्रा मरवाही। two day monsoon tracking : जिला प्रशासन द्वारा आयोजित दो दिवसीय मानसून ट्रैकिंग एवं प्रकृति भ्रमण कार्यक्रम देश के विभिन्न राज्यों के से आए प्रकृति प्रेमियों, विद्यार्थियों, पर्यावरणविदों और फोटोग्राफरों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। यह कार्यक्रम 19 एवं 20 जुलाई को आयोजित किया गया। यह प्रकृति यात्रा जिले के ग्राम ठाड़पथरा स्थित मड हाउस से प्रारंभ हुई। 19 जुलाई की शाम को प्रतिभागियों ने पहली ट्रैकिंग की, जिसमें उन्हें 100 वर्ष से अधिक पुराने सेमल के मदर ट्री का दर्शन कराया गया।
ट्रैकिंग मार्ग में प्रतिभागियों को सैकड़ों जुगनू, उल्लू, बिच्छू और कॉमन करैत सांप जैसे जीवों के दर्शन हुए। विशेषज्ञों द्वारा इन जीवों के साथ प्रकृति में सह-अस्तित्व और सुरक्षित दूरी बनाए रखने के महत्व पर विशेष जानकारी दी गई। 20 जुलाई की सुबह प्रतिभागियों ने ठाड़पथरा से कमर-पत्थरा होते हुए अमरावती गंगा नदी के किनारे माई के मंडप तक ट्रैकिंग की। यह यात्रा जंगल वॉक, रिवर वॉक और जैव विविधता अवलोकन जैसी गतिविधियों से भरपूर रही। प्रतिभागियों ने वर्षा ऋतु की हरियाली, बारिश की बूंदों और पक्षियों की चहचहाहट के साथ प्राकृतिक परिवेश का आनंद लिया।
पर्यावरणविद संजय पयासी द्वारा पौधों, औषधीय वनस्पतियों, पक्षियों एवं कीट-पतंगों की पहचान कराई गई। इस दौरान प्रतिभागियों ने हॉर्नबिल, ओरियोल, पपीहा, कठफोड़वा, कारण तोतों के झुंड तथा रंग-बिरंगे पेंटेड ग्रासहॉपर को निकट से देखने का दुर्लभ अवसर प्राप्त किया। सावन मास में इन पक्षियों की उपस्थिति ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों ने ठाड़पथरा स्थित मड हाउस में स्थानीय व्यंजनों का स्वाद लिया और ग्रामीन तालाब में बोटिंग का आनंद भी उठाया। जिला प्रशासन द्वारा आयोजित इस शानदार कार्यक्रम के लिए प्रतिभागियों ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजनों के माध्यम से प्रकृति से जुड़ाव और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलता है।
two day monsoon tracking : देश के विभिन्न राज्यों के से आए प्रकृति प्रेमियो ने उत्साहपूर्वक भाग लिया
poetry symposium : कवियों ने काव्य रस से किया सराबोर
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पावस प्रसंग पर क्षेत्रीय काव्य गोष्ठि संपन्न
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पचास से अधिक कवि/कवियित्रियों ने पावस ऋतु पर अपने शृंगार,वियोग व श्रांत रस की काव्य रचनाओं से किया मंत्रमुग्ध
बिलासपुर। poetry symposium : गत दिवस १९-०७-२०२५ को राष्ट्रीय कवि संगम इकाई बिलासपुर द्वारा संस्कार भवन महामाया चौक में पावस प्रसंग पर क्षेत्रीय काव्य गोष्ठि का आयोजन किया गया जिसमें मूंगेले,लोरमी, रतनपुर, जयराम नगर तथा बिलासपुर के पचास से अधिक कवि/कवियित्रियों ने पावस ऋतु पर अपने शृंगार,वियोग व श्रांत रस की काव्य रचनाओं के सुरसाधना से काव्य रसिक श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया तथा पावस रस से सराबोर कर दिया।
कार्यक्रम का प्रारंभ माॅं सरस्वती व भारत माते के समक्ष दीप प्रज्वलन तथा वंदना से हुआ।
इस अवसर पर साहित्य परिवार के दिवंगत पद्म श्री सुरेन्द्र दुबे एवं स्व दामोदर मिश्र को दो मिनट की मौन श्रद्धांजलि दी गई तथा उनके साहित्यिक,सामाजिक अवदानों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति डाॅ चंद्र भूषण वाजपेई ने पावस के पौराणिक महत्व को रेखांकित करते हुए काव्यायोजन में उपस्थित क्षेत्रीय रचनाकारों की काव्यात्मक सहभागिता की भूरि भूरि प्रशंसा करते हुए कविता को साहित्यिक संस्कार का आधार बताया। बताया कि भगवान विष्णु जब देवशयनी एकादशी को शयन के लिए जाते हैं तब पूरे सावन में देवाधिदेव महादेव की विशेष पूजा अर्चना की जाती है । वहीं मानव जीवन को ऊर्जावान करने हेतु त्यौहारों की श्रृंखला शुरू हो जाती है । प्रत्येक त्यौहार जीवन के लिए नव संदेश लेकर आते हैं ।
इस अवसर पर कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे डाॅ विनय कुमार पाठक, कुलपति थावे विद्या पीठ गोपाल गंज बिहार द्वारा पावस ऋतु को नवजीवन का संदेश वाहक बताते हुए इसे छायावाद व रहस्यवाद का सर्जक बताया जिसने महादेवी, जयशंकर प्रसाद जैसे रचनाकारों को रचना सृजन हेतु प्रेरित किया।
इससे सारी सृष्टि को जीवन मिलता है । छत्तीसगढ़ की संस्कृति कृषि संस्कृति है अतः यहाँ इसकी विशेष महत्ता है । यहाँ इसी से सभी त्यौहारों की शुरुआत होती है ।
उन्होंने पावस ऋतु को पर्यावरण से जोड़ते हुए कृति धातु के साथ उपसर्ग प्र,सम्,वि से होने वाले अर्थ व गुण परिवर्तन पर भाषा वैज्ञानिक दृष्टिकोण रखा तथा इस सफल काव्य आयोजन के लिए आयोजक पदाधिकारियों की प्रशंसा की।
इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रुप में डा राघवेन्द्र दुबे एवं डा अरुण कुमार यदु ने कृषि, पर्यावरण,जल संरक्षण पर अपने जन उपयोगी विचार रखे।
इस अवसर पर स्वागत भाषण में राष्ट्रीय कवि संगम के जिला अध्यक्ष अंजनी कुमार तिवारी सुधाकर ने कहा कि पावस का मानव जीवन में अन्य ऋतुओं की तुलना में अत्यधिक महत्व है इसीलिए साहित्य में पावस को विशेष स्थान प्राप्त है ।
poetry symposium : कवियों ने काव्य रस से किया सराबोर
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पूर्णिमा तिवारी, उपाध्यक्ष राष्ट्रीय कवि संगम बिलासपुर के सफल संचालन में आयोजित काव्य गोष्ठी में शहर एवं अंचल से पधारे कवि/ कवयत्रियों ने काव्य पाठ किया । कार्यक्रम के अंत में सभी रचनाकारों को प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर रहस लोक परंपरा के ख्यातनाम लोक कलाकार काशी राम साहू रतनपुरिहा का शाल, श्रीफल व सम्मान पत्र से सम्मानित किया गया। अंत में आभार प्रदर्शन आशीष श्रीवास, सचिव राष्ट्रीय कवि संगम बिलासपुर द्वारा किया गया। इस अवसर पर कविता प्रस्तुत करने वाले रचनाकार थे: डाॅ रामरतन श्रीवास, डाॅ ओम प्रकाश बिरथरे,बसंत पाण्डेय ‘ऋतुराज’,राम निहोरा राजपूत, शतुघ्न जसवानी शाद, रेणु वाजपेई, भूपेन्द्र श्रीवास्तव,राजेश कुमार सोनार,दीपक दुबे,विपुल तिवारी,अशोक कुमार शर्मा, रामेश्वर शाण्डिल्य,दिनेश कुमार पाण्डेय,रश्मि रामेश्वर गुप्ता, आशीष श्रीवास, जलेश्वरी वस्त्रकार, शीतल पाटनवार,बजरंगबली शर्मा, हीरा सिंह चाहिल,अंकुर शुक्ल, रश्मि अग्रवाल,डाॅ संगीता बनाफर,डाॅ शोभा त्रिपाठी, काशी राम साहू,डाॅ किरण राठौर, डाॅ दिलीप सिंह राजपूत,विनस सोनी,रामकुमार पटेल,डाॅ रश्मि लता मिश्रा,विक्रम सिंह राजपूत,आशा चंद्राकर,जान वर्मा,वीणा शुक्ला,संतोष श्रीवास, प्रेमलता यदु,सतीश पाण्डेय उद्यान, ध्रुव देवांगन,महेंद्र कुमार दुबे।
life imprisonment : मोबाईल चोरी के शक में युवक की हत्या आरोपी को आजीवन कारावास
गौरेला पेंड्रा मरवाही। life imprisonment : गौरेला में मोबाईल चोरी के शक में युवक की हत्या करने वाले आरोपी को एडीजे कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनायी है। दरअसल पूरा मामला 21 जनवरी 2023 को गौरेला थाना क्षेत्र के पकरिया गांव का है, जहां रहने वाला संतलाल सिंह सुबह जब मोटरसायकल से जा रहा था और उसके पिता बसंत लाल वहीं बैठे थे तभी आरोपी मिलन सिंह वहां आया और मोबाईल चोरी करने का आरोप लगाते हुये जलाउ लकड़ी से संतलाल के सिर पर वार किया जिससे वो गंभीर रूप से घायल हो गया और बाद में उसे जिला चिकित्सालय भर्ती कराया गया जहां हालत गंभीर होने पर बिलासपुर अस्पताल ले जाते समय उसकी रास्ते में मौत हो गयी। बाद में परिजनों की रिपोर्ट पर पुलिस ने आरोपी मिलन सिंह के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करते हुये आरोपी को गिरफतार कर लिया था। बतलाया जाता है कि आरोपी और मृतक दोनों परिवारों के बीच खेत में पानी आने जाने को लेकर विवाद होते रहता था और पुरानी रंजिश भी थी। इधर आरोपी का मोबाईल चोरी हो जाने पर उसको शक था कि मृतक संतलाल ने ही उसका मोबाईल चोरी किया होगा और इसी के चलते उसने हत्या की थी।
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इस मामले में फैसला सुनाते हुये अपर सत्र न्यायाधीश पेंड्रारोड ज्योति अग्रवाल ने आरोपी मिलन सिंह पिता उदास सिंह गोंड़ को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत आजीवन कारावास और पांच सौ रूपये के अर्थदंड की सजा सुनायी है। वहीं अर्थदंड की अदायगी में चूक होने पर अभियुक्त को दो माह के अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी। इस मामले में शासन की ओर से पैरवी अतिरिक्त लोक अभियोजक कौशल सिंह ने किया।