परासी उपार्जन केंद्र में डी.ओ. जारी न होने से हजारों क्विंटल धान खुले में सड़ने को मजबूर

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 उठाव ठप होने से सुरक्षा और गुणवत्ता पर संकट, मण्डी प्रबंधन ने जताई ‘शॉर्टेज’ और चोरी की आशंका

 गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। लवकेश सिंह दीक्षित। जिले के उप केंद्र परासी (मरवाही) में खाद्य विभाग की लापरवाही के कारण धान उपार्जन व्यवस्था चरमरा गई है। मण्डी में हजारों क्विंटल धान का उठाव लंबे समय से रुका हुआ है। विभाग ने महज 5,500 क्विंटल का डी.ओ. (डिलीवरी ऑर्डर) जारी किया है, जो कि मौजूदा आवक के मुकाबले बेहद कम है। नतीजा यह है कि भारी मात्रा में धान खुले आसमान के नीचे पड़ा है।
सुरक्षा और गुणवत्ता पर संकट
मण्डी प्रबंधन ने स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि समय पर उठाव न होने से धान सूखने लगा है। इससे न सिर्फ उपज की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है, बल्कि वजन कम होने से शासन को ‘सूखत’ (Shortage/Dryage) के रूप में भारी आर्थिक नुकसान हो सकता है। जगह की कमी के चलते धान को बाउंड्री वॉल के पास डंप किया गया है, जिससे चोरी और असामाजिक तत्वों द्वारा नुकसान पहुँचाने का खतरा बढ़ गया है।

मण्डी प्रबंधक के अनुसार, वरिष्ठ अधिकारियों को कई बार अवगत कराने के बावजूद न तो अतिरिक्त डी.ओ. जारी किया गया और न ही परिवहन की व्यवस्था सुधारी गई। इस प्रशासनिक उदासीनता से किसानों और प्रबंधन में रोष है।

हमारे प्रतिनिधि द्वारा अधिकारियों से बात करने पर एक-दो दिन में उठाव होने का आश्वासन दिया गया परंतु अब तक उठाव नहीं हुआ है

ग्रामीणों और किसानों का कहना है कि यदि जल्द उठाव शुरू नहीं हुआ, तो धान के सड़ने और चोरी होने की जिम्मेदारी सीधे तौर पर प्रशासन की होगी। उन्होंने मांग की है कि खाद्य विभाग तत्काल डी.ओ. जारी कर सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता करे।

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