0- हेपेटाइटिस की रोकथाम, जांच, टीकाकरण एवं सुरक्षित जीवनशैली अपनाने का दिया गया संदेश
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही । स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा विश्व हेपेटाइटिस दिवस के अवसर पर जिले में हेपेटाइटिस के प्रति जन-जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस दौरान आमजन को हेपेटाइटिस बी एवं सी संक्रमण से बचाव, समय पर जांच, टीकाकरण तथा सुरक्षित स्वास्थ्य व्यवहार अपनाने के लिए जागरूक किया गया। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रामेश्वर शर्मा ने हेपेटाइटिस बी एवं सी के संक्रमण, बचाव एवं उपचार के संबंध में जानकारी देते हुए सुरक्षित इंजेक्शन के उपयोग, सुरक्षित रक्ताधान तथा हेपेटाइटिस ए एवं ई से बचाव के लिए स्वच्छ पेयजल एवं स्वच्छ भोजन के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि समय पर जांच एवं उपचार से इस बीमारी पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।
विश्व हेपेटाइटिस दिवस के अवसर पर जिले के सभी शासकीय स्वास्थ्य केंद्रों में हेपेटाइटिस बी एवं सी की स्क्रीनिंग की गई। साथ ही स्वास्थ्य कर्मियों एवं उच्च जोखिम समूह के हितग्राहियों का हेपेटाइटिस-बी टीकाकरण भी किया गया। जिले में संचालित आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के माध्यम से जागरूकता कार्यक्रम, प्रचार-प्रसार एवं परामर्श सत्र आयोजित कर लोगों को संक्रमण से बचाव के उपायों की जानकारी दी गई।
हेपेटाइटिस के प्रमुख लक्षणों में बुखार, भूख कम लगना, अत्यधिक थकान, जोड़ों में दर्द, अनिद्रा, पैरों में सूजन, त्वचा में खुजली तथा गहरे रंग का मूत्र शामिल हैं। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तत्काल निकटतम स्वास्थ्य केंद्र में जांच करानी चाहिए। नवजात शिशुओं को हेपेटाइटिस संक्रमण से सुरक्षित रखने के उद्देश्य से जिले की सभी गर्भवती महिलाओं की नियमित रूप से हेपेटाइटिस-बी जांच कराई जा रही है। विभाग ने आमजन से अपील की है कि वे हेपेटाइटिस से संबंधित किसी भी प्रकार के लक्षण दिखाई देने पर नजदीकी शासकीय स्वास्थ्य केंद्र में निःशुल्क जांच कराएं। हेपेटाइटिस की निःशुल्क जांच जिले के सभी शासकीय स्वास्थ्य केंद्रों में उपलब्ध है, जबकि उपचार की सुविधा जिला चिकित्सालय में प्रदान की जा रही है।



