नशा मुक्त भारत का संकल्प लेकर निकले पल्लव देव 

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गौरेला पेंड्रा मरवाही। लवकेश सिंह दिक्षित। असम का एक ऐसा जांबाज नौजवान, जिसका सपना तो था भारतीय सेना की वर्दी पहनना, लेकिन जब किस्मत ने साथ नहीं दिया, तो उसने हार मानने के बजाय एक नया रास्ता चुना। हाथों में तिरंगा लिए नशा मुक्त भारत का संकल्प लेकर निकले पल्लव देव आज छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही पहुँचे हैं।

असम के श्रीभूमि जिले के रानीबारी गांव के रहने वाले पल्लव देव। पल्लव अब तक असम, मेघालय, पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड, ओडिशा और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों की धूल फांकते हुए 6 हजार किलोमीटर से ज्यादा का सफर तय कर चुके हैं।294 वें दिन वे पहुंचे है गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जहां कोटमी कला और रूमगा में स्थानीय लोगों ने उनका भव्य स्वागत किया। पल्लव का शुरुआती सपना भारतीय सेना में शामिल होकर देश की रक्षा करना था। उन्होंने जी-तोड़ मेहनत की, लेकिन ‘कलर ब्लाइंडनेस’ की वजह से मेडिकल में उनका चयन नहीं हो सका। पल्लव ने तय किया कि वे देश के युवाओं को नशे के जाल से बचाकर देश की सेवा करेंगे। इसी संकल्प के साथ वे पैदल भारत यात्रा पर निकल पड़े ।

Lovekesh Singh Dixit
Author: Lovekesh Singh Dixit

Bureau Chief Gaurela Pendra Marwahi Mo. No. +918085565657

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