जानकारी के अनुसार, बेलगहना निवासी श्याम सुंदर तिवारी अपने परिवार के साथ अचानकमार टाइगर रिजर्व की सैर पर पहुंचे थे। सफारी के दौरान अचानक उनकी नजर एक बाघ पर पड़ी, जो कुछ देर तक जंगल के रास्ते के आसपास दिखाई देता रहा। बाघ को इतने करीब से देखकर पर्यटक रोमांचित हो उठे। सफारी के दौरान वाहन चालक शिवशंकर सोनवानी और गाइड निरंजन साकत ने पूरी सतर्कता और सुरक्षा के साथ पर्यटकों को वन्यजीव दर्शन कराया। उनकी सूझबूझ के कारण पूरा सफर सुरक्षित और यादगार बना रहा। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, रिजर्व क्षेत्र में संरक्षण और प्रबंधन के बेहतर प्रयासों का सकारात्मक असर देखने को मिल रहा है। यही वजह है कि बाघ समेत अन्य वन्यजीवों की सक्रियता और उपस्थिति में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है। गौरतलब है कि मानसून सत्र को देखते हुए 15 जून के बाद अचानकमार टाइगर रिजर्व पर्यटकों के लिए अस्थायी रूप से बंद कर दिया जाएगा। ऐसे में वन्यजीव प्रेमियों और प्रकृति प्रेमियों के लिए यह अंतिम अवसर है, जब वे जंगल सफारी का आनंद ले सकते हैं।