बेलतरा विधानसभा क्षेत्र में ध्वजा यात्रा 11 अक्टूबर से 17 अक्टूबर 2026 तक सात दिनों तक निकाली जाएगी। यात्रा की शुरुआत गिरजाबंद हनुमान मंदिर में ध्वज पूजन के साथ होगी। विभिन्न गांवों, चौक-चौराहों और प्रमुख धार्मिक स्थलों से गुजरते हुए यात्रा का समापन 17 अक्टूबर को रतनपुर स्थित मां महामाया मंदिर परिसर में ध्वज प्रतिष्ठा, पूजा-अर्चना और दर्शन के साथ होगा।
बिलासपुर। बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला ने अपने कार्यालय ‘सेवा सदन’ में आयोजित पत्रकार वार्ता में आगामी ध्वजा यात्रा के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि ध्वजा यात्रा पूरी तरह धार्मिक आयोजन है। कुछ लोगों द्वारा इसे राजनीतिक स्वरूप देने का प्रयास किया जा रहा है, जो उचित नहीं है। यात्रा का उद्देश्य धार्मिक आस्था, परंपरा और संस्कृति को बढ़ावा देना है।
विधायक सुशांत शुक्ला ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में अनेक देव स्थल खुले में स्थित हैं और उनकी देखरेख एवं विकास पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है। ध्वजा यात्रा का मुख्य उद्देश्य ऐसे उपेक्षित देव स्थलों का निर्माण, विकास और उन्नयन करना है। इसके साथ ही आम लोगों को इन धार्मिक स्थलों के महत्व तथा क्षेत्र की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं के प्रति जागरूक करना भी यात्रा का उद्देश्य है।
विधायक ने स्पष्ट किया कि ध्वजा यात्रा किसी राजनीतिक पार्टी विशेष का आयोजन नहीं है। यह धार्मिक आस्था से जुड़ी यात्रा है, जिसमें हिंदू धर्म के प्रति आस्था रखने वाला कोई भी व्यक्ति शामिल हो सकता है। उन्होंने कहा कि व्यक्ति किसी भी राजनीतिक दल से जुड़ा हो, उसके लिए यात्रा में शामिल होने के द्वार खुले हैं। धार्मिक आयोजन को राजनीति से जोड़ने के बजाय इसके मूल उद्देश्य और आस्था का सम्मान किया जाना चाहिए।
11 से 17 अक्टूबर तक निकलेगी सात दिवसीय ध्वजा यात्रा

बेलतरा विधानसभा क्षेत्र में ध्वजा यात्रा 11 अक्टूबर से 17 अक्टूबर 2026 तक सात दिनों तक निकाली जाएगी। यात्रा की शुरुआत गिरजाबंद हनुमान मंदिर में ध्वज पूजन के साथ होगी। विभिन्न गांवों, चौक-चौराहों और प्रमुख धार्मिक स्थलों से गुजरते हुए यात्रा का समापन 17 अक्टूबर को रतनपुर स्थित मां महामाया मंदिर परिसर में ध्वज प्रतिष्ठा, पूजा-अर्चना और दर्शन के साथ होगा। यात्रा के प्रत्येक दिन का निर्धारित मार्ग और कार्यक्रम इस प्रकार है।
पहले दिन गिरजाबंद हनुमान मंदिर में ध्वज पूजन के साथ ध्वजा यात्रा प्रारंभ होगी। यहां से यात्रा नवागांव, रतनपुर रेस्ट हाउस, ओछीनापारा चौक, खैरखुण्डी, सरवनदेवरी, लखराम, अकलतरी, गढवट और बाम्बू (नहर रोड) होते हुए टेकर पहुंचेगी। लखराम में दोपहर के भोजन की व्यवस्था रहेगी। टेकर में रात्रि विश्राम होगा तथा सचिन तिवारी द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया जाएगा।
दूसरे दिन यात्रा टेकर से प्रारंभ होकर गिधौरी, नेवसा उसराभांठा, जाली, बेलतरा, बेलपारा और सलखा होते हुए आगे बढ़ेगी। सलखा में दोपहर का भोजन होगा। इसके बाद यात्रा बरपाली, धौरामुड़ा, कर्मा, बसहा और टेकर चौक होते हुए भाड़ी पहुंचेगी। यहां रात्रि विश्राम के साथ हिलेन्द्र ठाकुर का सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होगा।
तीसरे दिन ध्वजा यात्रा भाड़ी से प्रारंभ होकर खैरा (ड), डगनिया, सेलर (गुड़ी चौक), मोहरा, उरतुम, परसाही, डबहीपारा और उरैहापारा होते हुए मां वैष्णो देवी मंदिर, नगोई पहुंचेगी। सेलर/मोहरा में दोपहर के भोजन की व्यवस्था रहेगी। नगोई स्थित मां वैष्णो देवी मंदिर में रात्रि विश्राम होगा और हिलेन्द्र ठाकुर द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया जाएगा।
चौथे दिन यात्रा मां वैष्णो देवी मंदिर, नगोई से प्रारंभ होगी। इसके बाद यात्रा मां महामाया मंदिर, बैमा, नगोई, धुरीपारा पौंसरा, पौंसरा और मां कोसगाई दाई मंदिर होते हुए आगे बढ़ेगी। परसदा में दोपहर का भोजन होगा। इसके बाद यात्रा परसौड़ी, सेमरा, सेमरी, भरारी, नहरीभांठा जलसो चौक और जलसो होते हुए सेमरताल पहुंचेगी। सेमरताल में रात्रि विश्राम होगा तथा चंदन यादव का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
पांचवें दिन यात्रा सेमरताल से प्रारंभ होकर गतौरी और भदौरियाखार होते हुए रमतला पहुंचेगी। रमतला में दोपहर के भोजन की व्यवस्था रहेगी। इसके बाद यात्रा सेंदरी और कछार होते हुए लोफंदी पहुंचेगी। यहां रात्रि विश्राम के साथ श्री चंदन यादव का कार्यक्रम आयोजित होगा।
छठवें दिन ध्वजा यात्रा लोफंदी से प्रारंभ होगी। यात्रा लछनपुर, गोंदईया, ओकलाहीपारा, पेण्डरवा उ और झंझराडीह होते हुए रानीगांव पहुंचेगी। गोंदईया में दोपहर का भोजन होगा। रानीगांव में रात्रि विश्राम के साथ श्री सचिन तिवारी द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया जाएगा।
यात्रा के अंतिम दिन रानीगांव से ध्वजा यात्रा प्रारंभ होकर मदनपुर, सिंघरी चौक, भरवीडीह, भैरवबाबा मंदिर और सिद्धि विनायक मंदिर होते हुए आगे बढ़ेगी। सिद्धि विनायक मंदिर में दोपहर के भोजन की व्यवस्था रहेगी। इसके बाद यात्रा रतनपुर स्थित महामाया मंदिर परिसर पहुंचेगी। यहां मां महामाया मंदिर में ध्वज प्रतिष्ठा, पूजा-अर्चना और दर्शन के साथ सात दिवसीय ध्वजा यात्रा का समापन होगा।




