नवा रायपुर में आयोजित क्षेत्रीय कार्यशाला में शहरी विकास के लिए वित्तीय आत्मनिर्भरता, नवाचार और वैकल्पिक वित्तपोषण पर दिया जोर
नवा रायपुर । आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय, भारत सरकार तथा HUDCO के सहयोग से छत्तीसगढ़ शासन के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा नवा रायपुर में ‘अर्बन चैलेंज फंड (UCF) एवं अर्बन इन्वेस्टमेंट विंडो (UiWIN)’ विषय पर आयोजित क्षेत्रीय कार्यशाला में केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू ने शहरी विकास को गति देने के लिए वित्तीय आत्मनिर्भरता, नवाचार और वैकल्पिक वित्तपोषण की आवश्यकता पर जोर दिया।
श्री साहू ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के यशस्वी नेतृत्व में देश के शहर आर्थिक प्रगति के ग्रोथ इंजन बन रहे हैं। देश की समृद्धि के लिए शहरों का वित्तीय रूप से आत्मनिर्भर होना आवश्यक है। पेयजल, सीवरेज, कचरा प्रबंधन और सुगम परिवहन जैसी शहरी चुनौतियों के समाधान के लिए केवल सरकारी बजट पर निर्भर रहने के बजाय आय के नए स्रोत विकसित करने और पारदर्शी वित्तीय प्रबंधन अपनाने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की ₹1 लाख करोड़ के अर्बन चैलेंज फंड की पहल शहरों को आधुनिक, टिकाऊ और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इसके माध्यम से नगरीय निकायों को गुणवत्तापूर्ण परियोजनाएं तैयार करने तथा बैंक ऋण, बॉन्ड और सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) जैसे विकल्पों से संसाधन जुटाने के अवसर मिलेंगे। HUDCO की अर्बन इन्वेस्टमेंट विंडो (UiWIN) परियोजनाओं की तैयारी और वित्तीय संसाधन जुटाने में नगरीय निकायों के लिए महत्वपूर्ण सहयोगी साबित हो सकती है।
केंद्रीय राज्यमंत्री ने कहा कि बिलासपुर, दुर्ग, जगदलपुर और कोरबा सहित छत्तीसगढ़ के शहरों के लिए यह अपनी विकास आवश्यकताओं के अनुरूप परियोजनाएं तैयार करने और शहरी अधोसंरचना को मजबूत बनाने का महत्वपूर्ण अवसर है। छोटे शहरों को भी वित्तीय संस्थानों से जोड़कर विकास की मुख्यधारा में लाना आवश्यक है। इसके साथ ही स्वच्छ भारत मिशन और स्मार्ट सिटी मिशन के अनुभवों का लाभ लेकर ऐसी परियोजनाओं को प्राथमिकता दी जानी चाहिए, जिनसे आम नागरिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आए।
श्री साहू ने छत्तीसगढ़ सरकार और HUDCO को इस दूरदर्शी आयोजन के लिए हार्दिक बधाई देते हुए सभी नगरीय निकायों से अपनी प्राथमिकताएं निर्धारित करने, व्यवहार्य परियोजनाएं तैयार करने और वित्तीय अनुशासन के साथ शहरी विकास को आगे बढ़ाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयासों से प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार करते हुए शहरों को विकास, निवेश और रोजगार के प्रमुख केंद्र बनाया जा सकता है।
कार्यशाला में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उपमुख्यमंत्री अरुण साव, प्रमुख सचिव शरी सोनमणि बोरा, तेलंगाना शासन की नगरीय प्रशासन एवं विकास सचिव डॉ. टी. के. श्रीदेवी, छत्तीसगढ़ के नगरीय प्रशासन एवं विकास संचालक नीलेश कुमार क्षीरसागर, सूडा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुमीत अग्रवाल, HUDCO के सीएमडी श्री संजय कुलश्रेष्ठ, निदेशक (वित्त) दलजीत सिंह खत्री तथा CEPT यूनिवर्सिटी के प्रेसिडेंट बिरजोर मेहता सहित वरिष्ठ अधिकारी एवं विशेषज्ञ उपस्थित रहे।



