Kotmikala Massacre : पुलिस ने किया खौफनाक साजिश का पर्दाफाश, 3 आरोपी गिरफ्तार

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गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। कोटमीकला साप्ताहिक बाजार में सर्राफा कारोबारी प्रदीप सोनी की हत्या और लाखों रुपये के सोना-चांदी की लूट के बहुचर्चित मामले की गुत्थी पुलिस ने आखिरकार सुलझा ली है। दिनदहाड़े और भीड़भाड़ वाले बाजार में हुई इस सनसनीखेज वारदात ने पूरे क्षेत्र को दहला दिया था। बिलासपुर रेंज के आईजी रामगोपाल गर्ग ने खुलासा किया है कि यह वारदात कोई आकस्मिक घटना नहीं थी, बल्कि कई दिनों की रेकी और एक सोची-समझी खूनी साजिश का नतीजा थी। तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर तंत्र की मदद से पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

कई दिनों तक की गई रेकी, ऐसे बनी योजना

पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपियों ने वारदात को अंजाम देने से पहले पूरी प्लानिंग की थी। उन्होंने बाकायदा यह जानकारी जुटाई थी कि साप्ताहिक बाजार में कौन-कौन से ज्वेलरी कारोबारी आते हैं, उनके पास कितने आभूषण होते हैं और वे वापसी के लिए किस रास्ते का इस्तेमाल करते हैं। मुख्य आरोपी खुशीराम साहू ने अपने रिश्तेदारों और बाहरी राज्यों के साथियों के साथ मिलकर यह पूरी खौफनाक योजना बनाई थी। 23 मई को आरोपियों ने एक गुप्त बैठक कर लूट की रणनीति तय की और फिर 26 मई को कोटमीकला बाजार पहुंचकर प्रदीप सोनी को अपना शिकार बनाया।

विरोध करने पर मारी गोली, देवरीखुर्द में बांटे गए जेवर

26 मई की शाम करीब 7 बजे जब प्रदीप सोनी बाजार से अपना काम खत्म कर लौट रहे थे, तभी आरोपियों ने उन्हें घेर लिया और सोना-चांदी से भरा बैग लूटने की कोशिश की। जब कारोबारी ने इसका कड़ा विरोध किया, तो लुटेरों ने देशी कट्टे से उन पर फायर कर दिया। गंभीर रूप से घायल प्रदीप सोनी को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। पुलिस के मुताबिक, वारदात के बाद आरोपी सीधे भागने के बजाय देवरीखुर्द पहुंचे। वहां उन्होंने लूटे गए जेवरों का बंटवारा किया और सबूत मिटाने के लिए आभूषणों की पैकिंग सामग्री को टेकरी में ले जाकर जला दिया।

देशी कट्टा, कारतूस और लूटे गए आभूषण बरामद

इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए खुशीराम साहू, राजाराम साहू और गया प्रसाद रजक को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल किया गया देशी कट्टा, दो जिंदा कारतूस, लूटे गए आभूषणों का एक हिस्सा और तीन मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं। वहीं, इस गिरोह में शामिल राहुल, संजय और राजू सहित अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की विशेष टीमें छत्तीसगढ़ के बाहर अन्य राज्यों में भेजी गई हैं।

परिजनों ने की थी सीबीआई जांच की मांग

इस वारदात के बाद से ही स्थानीय व्यापारियों में भारी आक्रोश था और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे थे। मृतक का परिवार भी लगातार मामले की सीबीआई जांच की मांग कर रहा था। मृतक प्रदीप सोनी की बेटी ने हत्यारों के लिए सख्त से सख्त सजा की गुहार लगाई थी। फिलहाल पुलिस की जांच जारी है और अधिकारियों को उम्मीद है कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद इस अंतरराज्यीय गिरोह और लूट की साजिश से जुड़े कई और अहम तथ्य सामने आएंगे।

Lovekesh Singh Dixit
Author: Lovekesh Singh Dixit

Bureau Chief Gaurela Pendra Marwahi Mo. No. +918085565657

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