गौरेला पेंड्रा मरवाही । तहसीलदार मरवाही ने 29 अप्रैल 2026 को मीडिया में प्रसारित खबर जिसका विषय “मृत आदिवासी महिला जिंदा बनकर बेच गई जमीन, भटकती आत्मा ने की रजिस्ट्री या सिस्टम की मिलिभगत से रचा गया बड़ा फर्जीवाड़ा” के संबंध में अवगत कराया है कि- मृत आदिवासी महिला को कागजों में जिन्दा कर उसकी जमीन का सौदा कर दिया गया है। खबर में लेख किया गया है कि मृत महिला के स्थान पर अन्य महिला के द्वारा मृत महिला के नाम के आगे शपथपत्र के आधार उर्फ में अपना नाम जोड़वाया एवं जमीन की बिक्री गयी आदि। खबर प्रकाशित होने पर गंभीरता से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच पड़ताल किया गया। आवेदिका सोमवति पति लवन सिंह जाति गोंड निवासी ग्राम पोड़ी थाना व तहसील मरवाही के द्वारा “जाति बदलकर व नाम बदलकर एवं मृत व्यक्त्ति को जीवित दर्शित कर व दिखाकर फर्जी रजिस्ट्री के संबंध में” कलेक्टर जनदर्शन में शिकायत आवेदन पेश किया गया है, जिसमें ग्राम करहनी स्थित भूमि कुल खसरा योग 04 कुल रकबा योग 1.8010 हेक्टेयर को आवेदिका के नानी जोहनी बाई पिता शिवरतन की पैतृक भूमि होना बताया गया है।
आवेदिका द्वारा बताया गया है कि जोहरी बाई गोंड की मृत्यु 16 जून 2010 को हो चुकी है। उक्त भूमियों को इरादन फर्जी तरीके से किसी अन्य महिला को जोहरी बाई बनाकर आदिवासी के जमीन को गैर आदिवासी के नाम पर बिक्री रजिस्ट्री कराया गया है। उक्त आवेदिका, जोहरी बाई उर्फ बेलपतिया पति तिलकधारी, शिवचरण को न्यायालय तहसीलदार मरवाही में आहुत किया गया।
आवेदिका के कथनानुसार उसके द्वारा जिस महिला को जनदर्शन में मृत बताया गया है वह महिला जोहरी बाई पति श्यामलाल उर्फ बेलपतिया पति तिलकधारी है और न्यायालय में पीठासीन अधिकारी, आवेदिका एवं अन्य के समक्ष उपस्थित है इसलिए आवेदिका द्वारा कलेक्टर जनदर्शन में किये गये शिकायत को निराधार एवं असत्य होना स्वीकार किया गया है एवं वाद भूमि पर उसका कोई अधिकार व दावा नहीं होना बताया गया है। जोहरी बाई उर्फ बेलपतिया पति तिलकधारी, जाति-केवट, निवासी ग्राम सिवनी के कथनानुसार पूर्व में उसका नाम जोहरी बाई पति श्यामलाल था। वर्तमान में उसका नाम बेलपतिया पति तिलकधारी है। जोहरी बाई के जीवनकाल में 02 शादियां हुई हैं। जोहरी बाई को वाद भूमि अपने पहले पति श्यामलाल के मृत्यु उपरांत विधिक रूप से प्राप्त हुआ है। जोहरी बाई के दूसरी विवाह होने पर आधार कार्ड, परिचय पत्र, राशन कार्ड व अन्य दस्तावेजों में बेलपितिया बाई दर्ज हुआ उसके पश्चात जोहरी बाई के द्वारा हल्का पटवारी के माध्यम से त्रुटि सुधार व नाम सुधार हेतु शपथ पत्र व आधार के आधार अपना नाम उक्त वाद भूमियों में जोहरी बाई उर्फ बेलपतिया पति तिलकधारी दर्ज कराया गया।
वाद भूमि के सहखातेदार शिवचरण पिता श्यामलाल के कथनानुसार उक्त वाद भूमि में इसका नाम शिवचरण पिता राम विशाल दर्ज था। रामविशाल व श्यामलाल दोनों ही नाम शिवचरण के पिता का नाम होना बताया गया। हल्का पटवारी के माध्यम से उक्त वाद भूमियों में भी मेरा नाम ‘शिवचरण पिता रामविशाल’ में राम विशाल के स्थान पर ‘रामविशाल उर्फ श्यामलाल’ दर्ज कराया गया। तत्पश्चात वाद भूमियों की बिक्री रजिस्ट्री करायी गयी। इस प्रकार सोमवती, जोहरी बाई, शिवचरण व लवन सिंह (साक्षी) सभी के द्वारा आवेदिका सोमवती के कलेक्टर जनदर्शन में किये गये शिकायत को पूर्णतः गलत एवं झूठा बताया गया, जिस महिला को आवेदिका के द्वारा मृत बताया गया है उसके जीवित होने की पुष्टि उक्त उपस्थित व्यक्तियों के समक्ष न्यायालय में की गयी।
इस प्रकार प्रसारित खबर अनुसार जिस महिला को मृत बताया गया है वह जीवित पाये जाने से उक्त प्रसारित खबर का तहसीलदार मरवाही द्वारा खण्डन किया गया है। आवेदिका द्वारा प्रशासन को भ्रामक एवं गलत जानकारी देकर शिकायत किये जाने के कारण थाना प्रभारी मरवाही को पृथक से दण्डात्मक कार्यवाही किये जाने हेतु पत्र जारी कर दिया गया है।
Author: Lovekesh Singh Dixit
Bureau Chief Gaurela Pendra Marwahi Mo. No. +918085565657



