गौरेला पेंड्रा मरवाही । जल जीवन मिशन के अंतर्गत जनपद कार्यालय मरवाही के सभागार में सोमवार को नल-जल योजना के संचालन हेतु 9 ग्राम पंचायतों के सरपंचों, पंचों, सचिवों, पंप ऑपरेटरों एवं ग्राम जल स्वच्छता समिति के सदस्यों के लिए कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में जिला समन्वयक साहिल जायसवाल ने पाइप जलापूर्ति की आवश्यकता, सामाजिक एवं आर्थिक विकास, एफएचटीसी के लाभ, हर घर जल प्रमाणीकरण प्रक्रिया, ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति की भूमिका, ग्राम पंचायत की भूमिका, ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति का गठन एवं संचालन के बारे में विस्तार से बताया। इसी तरह जिला समन्वयक टेकेश्वर कन्नौजे ने जल जीवन मिशन के तहत योजना के प्रकार, जल स्रोतों के प्रकार, जल गुणवत्ता निगरानी में सामुदायिक भूमिका, जल सखियों की भूमिका एवं जल गुणवत्ता परीक्षण कर विभिन्न पैरामीटर पर परीक्षण करना सिखाया। कार्यशाला में प्रतिभागियों को अशुद्ध जल से होने वाले हानिकारक प्रभाव एवं बीमारियों तथा उसकी रोकथाम के बारे में समझाया गया। उन्हें जल शुद्धिकरण के लिए क्लोरीनेटर का महत्व, दैनिक, साप्ताहिक एवं मासिक रख रखाव, स्रोत स्थिरता में ग्राम पंचायत एवं ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति की भूमिका, सहयोगी कर्मचारियो के कर्तव्य एवं जिम्मेदारियों के बारे में विस्तारपूर्वक बताया गया।




