राष्ट्र धर्म प्रवर्तन” काव्य कृति संत चिन्मयानंद बापू द्वारा विमोचित

SHARE:

बिलासपुर। परशू सेना एवं सर्व ब्राह्मण समाज बिलासपुर द्वारा देवकीनन्दन दीक्षित विद्यालय प्रांगण में आयोजित भगवान परशुराम जन्मोत्सव के पावन अवसर पर समग्र विप्र मंडल द्वारा शीतला मंदिर से गोलबाजार होते हुए देवकीनन्दन दीक्षित विद्यालय प्रांगण तक विशाल शोभायात्रा निकाली गई तथा सनातन धर्म के अनुयायियों द्वारा भगवान परशुराम जी का व भारत माता की जयकारा लगाया गया व शंखनाद किया गया।
सभा प्रांगण में भगवान परशुराम जी की आरती वंदन उपरांत विख्यात सनातन धर्म प्रवचनकर्ता संत चिन्मयानंद बापू द्वारा समाज में विप्र की मर्यादा, सनातन में वर्ण व्यवस्था एवं हिंदुत्व की वैश्विक महत्व को भगवान परशुराम के अवतार से संदर्भित करते हुए बताया कि ब्राम्हण में शास्त्र के साथ शस्त्र की योग्यता होती है, जिन्हें जागृत रखना भारतीय समाज व विश्व कुटुंबकम् के लिए आवश्यक है।उनके द्वारा हिंदुओं में एकता पर बल देते हुए सभ्य सुसंस्कृत व निर्भय समाज के लिए हिंदुओं को संगठित हो कर आगे आने का आह्वान किया गया व आशीर्वाद दिया गया।
इस अवसर पर धर्म बहुल देश में राष्ट्र धर्म की भावना को विकसित करने के लिए छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ साहित्यकार अंजनी कुमार तिवारी’सुधाकर’ की १४ वीं काव्य कृति *राष्ट्र धर्म प्रवर्तन* का विमोचन करते हुए संत चिन्मयानंद बापू जी राष्ट्र धर्म भावना को बलवती करने वाले साहित्य की आवश्यकता बताया तथा इस दिशा में साहित्यकार एवं राष्ट्र विचारक अंजनी कुमार तिवारी’सुधाकर’ के साहित्य सेवा प्रयास की प्रशंसा करते हुए आशीर्वाद दिया।
इस अवसर पर बिलासपुर धर्म स्थली में विशाल विप्र समूह के साथ प्रमुख रूप से विधायक सुशांत शुक्ला, डा प्रदीप शुक्ला, चंद्र प्रकाश वाजपेई, अरविंद दीक्षित,विनय कुमार शर्मा,चुट्टु अवस्थी, जितेंद्र चौबे, अपूर्व तिवारी, गौरव तिवारी, संगीता तिवारी ,आरती दुबे ,हर्षिता पाण्डेय, राजेश त्रिवेदी,अनीश तिवारी, चारू शर्मा, सुधा शर्मा, आरती दुबे,अनिल शुक्ला, प्रतिमा शर्मा, अरुणा दीक्षित, तृप्ति बाजपेई ,शिल्पी तिवारी, उषा किरण बाजपेई ,पूनम शुक्ला ,सीमा पाण्डेय , बजरंगबली शर्मा,व्ही के तिवारी,मीना दुबे, महेन्द्र दुबे, सनत तिवारी,डा विवेक तिवारी, डाॅ राघवेन्द्र कुमार दुबे, सहित हजारों विप्र जन उपस्थित रहे।

[the_ad id='179']

Leave a Comment

और पढ़ें
[the_ad id='15212']