Gpm धान खरीदी केंद्र में मजदूरों की मेहनत की कमाई अटकी, भूखे सोने को मजबूर

समिति प्रबंधन की लापरवाही से मजदूरों को नहीं मिला मेहनताना

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। लवकेश सिंह दीक्षित। परासी धान खरीदी केंद्र में मजदूरी करने वाले श्रमिकों को अब तक 5.27 लाख रुपये का भुगतान नहीं मिला है, जिससे वे गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। मजदूरों का कहना है कि उन्होंने 10 रुपये प्रति क्विंटल के अनुबंध पर काम किया था, लेकिन मेहनताने की पूरी राशि उनके खाते में नहीं आई है। इस समस्या को लेकर उन्होंने जिला कलेक्टर और अनुविभागीय अधिकारी को शिकायत पत्र सौंपा है, लेकिन प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।धान खरीदी केंद्र में भुगतान नहीं होने के कारण शिकायत

धान खरीदी के बाद भी मजदूरी अटकी

मजदूरों के अनुसार, वर्ष 2024-25 में परासी धान खरीदी केंद्र में 64079 क्विंटल 60 किलोग्राम धान की खरीदी हुई। इसके बावजूद, उन्हें मात्र 1,84,050 रुपये का ही भुगतान किया गया, जबकि उनका कुल मेहनताना 5.27 लाख रुपये के करीब बनता है। मजदूरों का दावा है कि उन्होंने हर सप्ताह खरीदी प्रभारी को तैयार मजदूरी विवरण पर छह बार हस्ताक्षर करके सौंपा, लेकिन फिर भी भुगतान नहीं हुआ।

धान खरीदी प्रभारी ने मजदूरों को बताया कि भुगतान समिति मुख्यालय सिवनी से होगा। इसके बाद मजदूरों ने समिति प्रबंधक अजीर्जु रहमान से मुलाकात की, लेकिन उन्होंने भी आश्वासन देकर भुगतान को टाल दिया। अब खरीदी खत्म हुए 15 दिन से अधिक हो गए हैं, फिर भी मजदूरी की रकम नहीं मिली है।

समिति प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप

मजदूरों का आरोप है कि धान खरीदी केंद्र के मनोनीत अध्यक्ष और समिति प्रबंधक मजदूरी भुगतान को लेकर लगातार टालमटोल कर रहे हैं। कई बार यह कहकर लौटा दिया गया कि भुगतान प्रक्रिया में देरी हो रही है। अब हालात यह हैं कि मजदूरों को अपने घर चलाने में दिक्कत आ रही है और वे भूखे सोने को मजबूर हैं।

प्रशासन से जल्द भुगतान की मांग

मजदूरों ने प्रशासन से शीघ्र हस्तक्षेप की मांग की है। उनका कहना है कि बिना भुगतान के उनके घरों में खाद्य सामग्री की समस्या खड़ी हो गई है। उन्होंने आग्रह किया है कि उनकी मेहनत की कमाई जल्द से जल्द उनके खातों में जमा कराई जाए, ताकि वे अपने परिवार का भरण-पोषण कर सकें।

अब देखना यह होगा कि प्रशासन मजदूरों की इस गंभीर समस्या पर कब तक संज्ञान लेता है और उनका बकाया भुगतान कब तक होता है।

कोटा पुलिस का बड़ा दबिश: अवैध महुआ शराब की बिक्री करने वाला आरोपी गिरफ्तार

बिलासपुर। पुलिस ने अवैध महुआ शराब बिक्री के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने कुल 55 लीटर कच्ची महुआ शराब, जिसकी अनुमानित कीमत 11,000 रुपये है, जप्त की है। प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, यह कार्रवाई छत्तीसगढ़ पुलिस के ‘चेतना विरुद्ध नशा और प्रहार अभियान’ के तहत की गई। पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के दिशा-निर्देशों पर कोटा थाना पुलिस ने मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर ग्राम शिवतराई में रेड डाली। पुलिस ने बताया कि मुखबिर से प्राप्त सूचना के बाद, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण श्रीमती अर्चना झा और अनुविभागीय अधिकारी पुलिस कोटा नुपूर उपाध्याय के मार्गदर्शन में एक टीम गठित की गई। इस टीम ने शिवतराई बाजार के पास अवैध शराब की बिक्री कर रहे आरोपी कुंज राम नेटी (50 वर्ष) को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के खिलाफ धारा 34(2) आबकारी एक्ट के तहत कार्यवाही की गई। कोटा पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड के लिए भेज दिया है। इस कार्यवाही में पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी  सुमित कुमार, उप निरीक्षक राज सिंह, सहायक उप निरीक्षक मोहन लाल सोनी, प्रधान आरक्षक प्रेम प्रकाश कुर्रे और आरक्षक धर्मेन्द्र साहू की विशेष भूमिका रही।
इस अभियान के जरिए कोटा पुलिस ने नशे के खिलाफ अपनी कड़ी प्रतिबद्धता का पुन: प्रदर्शन किया और इलाके में अवैध शराब के कारोबार पर शिकंजा कसा।

ओडिशा से दो तस्कर गिरफ्तार, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही पुलिस की बड़ी कार्रवाई

मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ सख्त कदम

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही । पुलिस ने NDPS अधिनियम के तहत की गई एंड-टू-एंड जांच में एक महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त की है। स्थानीय पुलिस के सहयोग से *ओडिशा के नक्सल प्रभावित जिलों, कालाहांडी और बौध से दो सप्लायरों को गिरफ्तार किया गया* है, जो अंतर्राज्यीय स्तर पर मादक पदार्थों की तस्करी में संलिप्त थे। इनकी गिरफ्तारी से एक संगठित तस्करी नेटवर्क का खुलासा हुआ है, जो अवैध रूप से गांजा की आपूर्ति करता था।

गिरफ्तार आरोपियों में पीबाना सिंह (35 वर्ष) निवासी जिला कालाहांडी, ओडिशा और सिधेश्वर राणा उर्फ सुमंतु (28 वर्ष) निवासी जिला बौध, ओडिशा शामिल हैं।

इन दोनों की संलिप्तता गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में दर्ज दो अलग-अलग NDPS मामलों में पाई गई थी। थाना पेंड्रा में दर्ज अपराध क्रमांक 362/24 में आरोपी पीबाना सिंह की भूमिका सामने आई, जिसमें 73 किलोग्राम गांजा जब्त किया गया था। इस मामले में 16 जनवरी 2025 को खोडरी जोबाटोला के जंगल में कार्रवाई करते हुए गांजा तस्करों को पकड़ा गया था, जिसमें मध्यप्रदेश के अनूपपुर जिले के तस्करों की संलिप्तता भी पाई गई थी। वहीं, थाना गौरेला में दर्ज अपराध क्रमांक 304/2024 में आरोपी सिधेश्वर राणा उर्फ सुमंतु की संलिप्तता उजागर हुई, जिसमें 1.05 क्विंटल गांजा जब्त किया गया था। यह गांजा खोंगसरा-पीपरखुंटी मार्ग से दो अलग-अलग वाहनों में ले जाया जा रहा था, जहां से पुलिस ने घेराबंदी कर कार्रवाई की थी। इस मामले में अन्य तस्करों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका था, और पूछताछ में सामने आए बैकवर्ड लिंक के आधार पर ओडिशा में दबिश देकर सिधेश्वर राणा को गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तारी के लिए गौरेला-पेंड्रा-मरवाही पुलिस अधीक्षक आईपीएस भावना गुप्ता की मुख्य भूमिका रही, जिन्होंने ओडिशा राज्य के अधिकारियों से समन्वय स्थापित कर आरोपियों की पतासाजी करवाई। उनकी अगुवाई में साइबर सेल प्रभारी उप निरीक्षक सुरेश ध्रुव, सहायक उप निरीक्षक गोपाल खांडेकर, आरक्षक राजेश शर्मा, सुरेंद्र विश्वकर्मा और हर्ष गहरवार की टीम ने ओडिशा में दबिश देकर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार करने में अहम भूमिका निभाई।
प्रारंभिक पूछताछ में यह सामने आया है कि दोनों आरोपी नक्सल प्रभावित इलाकों में अवैध गांजा खेती करने वाले गिरोहों से मादक पदार्थ खरीदकर विभिन्न राज्यों में तस्करी करते थे। इनकी गिरफ्तारी से इस तस्करी नेटवर्क को एक बड़ा झटका लगा है। पुलिस अब फाइनेंशियल इन्वेस्टिगेशन और अन्य लिंक की जांच कर रही है ताकि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान कर उन्हें भी गिरफ्तार किया जा सके।
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही पुलिस अधीक्षक भावना गुप्ता ने कहा कि यह गिरफ्तारी मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाती है। पुलिस टीम ने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में कार्रवाई कर इन आरोपियों को पकड़ा है। इस नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने के लिए आगे भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।

बिलासपुर रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास कार्य तेज़ी से जारी, यात्रियों की सुविधा का रखा जा रहा विशेष ध्यान

स्टेशन भवन निर्माण के कारण कुछ सेवाओं को अस्थायी रूप से स्थानांतरित किया गया

बिलासपुर । अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत बिलासपुर रेलवे स्टेशन का 392 करोड़ रुपये की लागत से पुनर्विकास किया जा रहा है। रेलवे प्रशासन इस कार्य को तेज़ी से आगे बढ़ाते हुए यात्रियों की सुविधा को प्राथमिकता दे रहा है, ताकि उन्हें किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।

यात्रियों की सुविधा के लिए किए गए विशेष प्रबंध

गेट नंबर 03 अस्थायी रूप से बंद – नए स्टेशन भवन के निर्माण कार्य के चलते गेट संख्या 03 को फिलहाल बंद किया गया है।
आरक्षण केंद्र (पीआरएस) स्थानांतरित – 31 जनवरी 2025 से पीआरएस को अस्थायी रूप से स्काउट गाइड विंग (टीटीई विश्राम गृह के पीछे) में शिफ्ट किया गया है।
टिकट बुकिंग व्यवस्था में बदलाव – गेट संख्या 03 पर स्थित अनारक्षित टिकट काउंटर को गेट संख्या 01 में आरक्षण केंद्र में समायोजित किया गया है।
एटीवीएम मशीनें लगाई गईं – गेट नंबर 04 के पास दो ऑटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीन (एटीवीएम) लगाई गई हैं, जिससे यात्री अनारक्षित टिकट व प्लेटफॉर्म टिकट आसानी से ले सकें।
यातायात व्यवस्था सुचारु – गेट नंबर 01 और 02 पूरी तरह खुले हैं और यहाँ “ड्रॉप एंड गो” सुविधा भी दी गई है। गेट नंबर 04 तक यात्रियों की सुविधा के लिए आसान यू-टर्न मार्ग बनाया गया है।
ऑटो-टैक्सी सुविधा – गेट नंबर 04 के पास यात्रियों के लिए ऑटो और टैक्सी स्टैंड की व्यवस्था की गई है।
सूचना व्यवस्था मजबूत – विभिन्न स्थानों पर साइनेज बोर्ड, बैनर और पोस्टर लगाए गए हैं, ताकि यात्रियों को सही जानकारी मिले।

अधिकारियों ने किया निरीक्षण

रेलवे प्रशासन द्वारा यात्रियों की सुविधा के लिए नियमित निरीक्षण किया जा रहा है। आज एडीआरएम योगेश कुमार देवांगन, वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक  अनुराग कुमार सिंह, वरिष्ठ मंडल अभियंताराजीव कुमार सहित अन्य अधिकारियों ने स्टेशन का दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

यात्रियों से रेलवे प्रशासन की अपील

रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से आग्रह किया है कि वे भ्रमित न हों और दी गई जानकारी का पालन करें। सभी आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध हैं, केवल कुछ को अस्थायी रूप से स्थानांतरित किया गया है। टिकटिंग के लिए यात्री IRCTC वेबसाइट और UTS ऑन मोबाइल ऐप का अधिकाधिक उपयोग करें।

मरवाही में भाजपा की करारी हार: नेतृत्व पर उठे सवाल, गुटबाजी और विवाद बनी वजह!

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही । नगरीय निकाय चुनाव 2025 में भाजपा को तगड़ा झटका लगा है। मरवाही नगर पंचायत में कांग्रेस ने बड़ी जीत दर्ज कर भाजपा को बैकफुट पर धकेल दिया। पार्टी के अंदर हार को लेकर मंथन तेज हो गया है, और पूरा ठीकरा स्थानीय नेतृत्व पर फोड़ा जा रहा है। गुटबाजी, कमजोर संगठन और चुनावी रणनीति की विफलता भाजपा के लिए हार की बड़ी वजह बनी।

निर्दलीय प्रत्याशी को धमकी का मामला बना चुनावी मुद्दा!

चुनाव प्रचार के दौरान मरवाही नगर पंचायत के वार्ड क्रमांक 02 से निर्दलीय प्रत्याशी संतोष कुमार केवट ने आरोप लगाया कि प्रचार के दौरान भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने उन्हें गाली-गलौज की और गोली मारने की धमकी दी। इस विवाद ने भाजपा की छवि को भारी नुकसान पहुंचाया और मतदाताओं में नकारात्मक संदेश गया। हालांकि, संबंधित नेता ने इन आरोपों को बेबुनियाद करार दिया, लेकिन इस घटना का असर चुनावी नतीजों पर साफ दिखा।

भाजपा की हार के मुख्य कारण

✅ गुटबाजी और कमजोर संगठन – पार्टी के अंदर तालमेल की कमी और आपसी गुटबाजी भाजपा के लिए सबसे बड़ा सिरदर्द बनी।

✅ जनता से दूरी – कांग्रेस ने स्थानीय मुद्दों को मजबूती से उठाया, जबकि भाजपा जनता से जुड़ने में नाकाम रही।

✅ विकास कार्यों की धीमी रफ्तार – जनता को सरकार की योजनाओं और वादों पर भरोसा नहीं रहा, जिससे कांग्रेस को फायदा मिला।

✅ प्रचार अभियान की विफलता – भाजपा का चुनाव प्रचार कमजोर रहा, जिससे मतदाता पार्टी से और दूर होते चले गए।

भाजपा के लिए खतरे की घंटी!

इस हार के बाद भाजपा के भीतर असंतोष उभरकर सामने आ रहा है। स्थानीय नेतृत्व की भूमिका को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं, और पार्टी के अंदर मंथन शुरू हो गया है। अगर भाजपा को भविष्य में अपनी स्थिति मजबूत करनी है, तो उसे संगठन को मजबूत करना होगा और जनता के बीच पैठ बनानी होगी। वरना, कांग्रेस की यह जीत आने वाले चुनावों में भाजपा के लिए और भी मुश्किलें खड़ी कर सकती है!

 

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही निकाय चुनाव परिणाम: भाजपा, कांग्रेस और निर्दलीय प्रत्याशियों ने दर्ज की जीत

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। जिला निर्वाचन कार्यालय से प्राप्त मतगणना परिणाम के अनुसार, नगरपालिका परिषद गौरेला से भाजपा प्रत्याशी मुकेश दुबे, नगरपालिका परिषद पेंड्रा से निर्दलीय प्रत्याशी राकेश जालान (कालू) और नगर पंचायत मरवाही से कांग्रेस प्रत्याशी मधु बाबा गुप्ता अध्यक्ष पद पर विजयी हुए हैं।

गौरेला नगरपालिका परिषद में अध्यक्ष पद के लिए 5 प्रत्याशी चुनाव मैदान में थे। मुकेश दुबे को 6740 वोट मिले, जबकि शकीला बेगम जुलाहा को 2149, अशोक शर्मा को 1050, अमोस आनंद को 212, और टेकराम यादव को 128 वोट प्राप्त हुए।

पेंड्रा नगरपालिका परिषद में अध्यक्ष पद के लिए 4 प्रत्याशी थे। यहां राकेश जालान ने 3159 वोट प्राप्त कर जीत दर्ज की। उनके प्रतिद्वंदी पंकज तिवारी को 2960, रितेश फरमानिया को 2855, और डीवन लाल राठौर को 99 वोट मिले।

मरवाही नगर पंचायत में अध्यक्ष पद के लिए 11 प्रत्याशी चुनाव में उतरे थे। मधु बाबा गुप्ता ने 2718 वोट प्राप्त कर जीत दर्ज की। उनके प्रतिद्वंदी अनिता गुप्ता को 1622, प्रियदर्शिनी सिंह नहरेल को 735, उषा राय गोलू को 522, डाली चन्द्रा को 408, रंजना राय को 315, अंकिता अमित तिवारी को 216, मधु उपाध्याय को 169, मंजूलता राहित परस्ते को 119, बसंती देवी बघेल को 80 और पूजा सोधिया को 56 वोट प्राप् हुए।

त्रिलोक श्रीवास ने बनाया सुनीता हृदय कश्यप के पक्ष में जबरदस्त माहौल, चुनावी समर्थन हुआ मजबूत!

बिलासपुर। जिला पंचायत चुनाव में सुनीता हृदय कश्यप के समर्थन में कांग्रेस नेता त्रिलोक श्रीवास ने प्रचार अभियान को नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया है। जिला पंचायत क्षेत्र क्रमांक 1 से जिला सदस्य पद की उम्मीदवार सुनीता हृदय कश्यप, जिनका चुनाव चिन्ह पतंग छाप है, को जनता का जबरदस्त समर्थन मिल रहा है।

त्रिलोक श्रीवास, जो अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय समन्वयक और उत्तर प्रदेश-गुजरात कांग्रेस प्रभारी हैं, ने अपने प्रभावशाली प्रचार अभियान के माध्यम से क्षेत्र में एकतरफा माहौल तैयार कर दिया है। उल्लेखनीय है कि इस क्षेत्र से वर्तमान जिला पंचायत सदस्य उनकी धर्मपत्नी रही हैं, जिससे जनता के बीच त्रिलोक श्रीवास की लोकप्रियता पहले से ही मजबूत है।

बेलतरा क्षेत्र में त्रिलोक श्रीवास की मजबूत पकड़!

त्रिलोक श्रीवास की पहचान कांग्रेस के अलावा अन्य क्षेत्रों और सभी समाज वर्गों में भी गहरी पैठ रखने वाले नेता के रूप में है। उन्होंने समय-समय पर अपने मजबूत जनाधार का एहसास कराया है, जो इस चुनाव में भी साफ नजर आ रहा है।

जनता का मन बन चुका है!

त्रिलोक श्रीवास ने दर्जनों सभाएं कर सुनीता हृदय कश्यप के पक्ष में माहौल पूरी तरह से बदल दिया है। क्षेत्र की जनता अब उन्हें ही विजयी बनाने का मन बना चुकी है।

जिला पंचायत क्षेत्र में त्रिलोक-स्मृति का धुआंधार प्रचार, एकतरफा माहौल!

बिलासपुर। जिले के लोकप्रिय कांग्रेस नेता जनसेवक त्रिलोक चंद्र श्रीवास (राष्ट्रीय समन्वयक, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी एवं प्रभारी उत्तर प्रदेश-गुजरात) ने जिला पंचायत क्षेत्र क्रमांक 1 से सुनीता हृदय कश्यप और क्रमांक 3 से अपनी धर्मपत्नी स्मृति त्रिलोक श्रीवास के समर्थन में दर्जनों सभाएं और बैठकें कर जनता का जबरदस्त समर्थन हासिल किया।

इसी क्रम में वर्तमान जिला पंचायत सदस्य श्रीमती स्मृति त्रिलोक श्रीवास भी लगातार क्षेत्र के विभिन्न गांवों में पहुंचकर जनसंपर्क कर रही हैं। जहां भी त्रिलोक श्रीवास दंपति प्रचार में जा रहे हैं, वहां सैकड़ों की भीड़ उनके स्वागत में उमड़ रही है। विभिन्न जाति और वर्गों के लोग उन्हें जिताने का संकल्प ले रहे हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में एकतरफा माहौल बन गया है।

चुनावी मैदान में बढ़त!

त्रिलोक श्रीवास के समर्थन में सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ता और सामाजिक जन जुटे हुए हैं। प्रचार के दौरान जनता का जोश और समर्थन इस ओर इशारा कर रहा है कि यह लहर उन्हें जीत की ओर तेजी से ले जा रही है।

संस्कारों की मिसाल! सरस्वती शिशु मंदिर में बच्चों ने माता-पिता का किया पूजन

बिलासपुर। सरस्वती शिशु मंदिर, तिलक नगर में मातृ-पितृ पूजन दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर बच्चों ने अपने माता-पिता के चरण स्पर्श कर आरती उतारी और भावनात्मक रूप से उन्हें सम्मानित किया। इस आयोजन ने अभिभावकों को गहराई से प्रभावित किया और संस्कारों की महत्ता को उजागर किया।

भव्य आयोजन में अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति

इस विशेष आयोजन में मुख्य अतिथि डॉ. नील माधव गभेल एवं मुख्य वक्ता सौ. विद्या गोवर्धन उपस्थित रहीं। कार्यक्रम में वरिष्ठ नागरिक मंच के संयोजक श्री शैलेश गोवर्धन, व्यवस्थापक डॉ. भुवन सिंह राज, सह व्यवस्थापक बैजनाथ राय, प्राचार्य श्री राकेश पांडेय, पूर्व प्राचार्य श्री लक्ष्मीकांत मजूमदार, शिक्षकों, अभिभावकों एवं छात्रों की उपस्थिति रही।

संस्कार और अनुशासन पर जोर

मुख्य वक्ता सौ. विद्या गोवर्धन ने अपने उद्बोधन में माता-पिता की आज्ञा पालन करने और यातायात नियमों के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि माता-पिता बच्चों के पहले गुरु होते हैं और उनका सम्मान करना हमारी संस्कृति का अभिन्न हिस्सा है।

अभिभावकों की सकारात्मक प्रतिक्रिया

कार्यक्रम में भाग लेने वाले अभिभावकों ने इसे एक अनूठी पहल बताते हुए कहा कि ऐसे आयोजन हर स्कूल में होने चाहिए ताकि बच्चों में नैतिक और पारिवारिक मूल्यों का विकास हो। उन्होंने विद्यालय प्रशासन की सराहना करते हुए कहा कि इस आयोजन से बच्चों को माता-पिता की भूमिका को समझने का अवसर मिला।

विद्यालय प्रशासन की पहल

कार्यक्रम का संचालन अनुपमा दुबे एवं वृंदा चिंचालकर ने किया, जबकि प्रधानाचार्य शिवराम चौधरी ने अतिथियों का स्वागत किया। राकेश साहू ने धन्यवाद ज्ञापित किया। विद्यालय प्रशासन ने इस तरह के आयोजनों को आगे भी जारी रखने का संकल्प लिया ताकि विद्यार्थियों में भारतीय संस्कृति और पारिवारिक मूल्यों की भावना और प्रबल हो सके।

➡️ क्या आपके स्कूल में भी होता है ऐसा आयोजन? हमें कमेंट में बताएं!

आरपीएफ की सतर्कता से ट्रेन में मोबाइल चोरी करने वाला गिरफ्तार

बिलासपुर। दिनांक 05.02.25 को गाड़ी संख्या 15160 दुर्ग-छपरा सारनाथ एक्सप्रेस में अनूपपुर से कटनी तक स्कार्टिंग ड्यूटी में तैनात आरपीएफ अनुपपुर के प्रधान आरक्षक मनोज कुमार एवं ए.पी शुक्ला द्वारा ट्रेन में गश्त के दौरान एक संदिग्ध मनीष साहू पिता पुनीत राम साहू उम्र 22 वर्ष निवासी गणेश नगर कचना फाटक थाना ख़म्हरडीह जिला रायपुर (छ.ग़) को 02 नग मोबाईल के साथ पकडकर जीआरपी चौकी अनूपपुर को सुपुर्द किया गया। जिस पर जीआरपी अनुपपुर द्वारा आरोपी के विरुद्ध अपराध क्रमांक 01/25 दिनांक 06.02.25 धारा 170, 126, 135(3) बीएनएसएस के तहत मामला दर्ज कर जॉंच में लिया गया।

वर्तमान में कुंभ मेला के मद्देनजर बिलासपुर मंडल द्वारा कुंभ स्पेशल ट्रेनों के साथ साथ बिहार एवं उत्तरप्रदेश की ओर जाने वाली सभी गाडियों (सारनाथ, नवतनवा, बेतवा एक्सप्रेस आदि) को अनुरक्षण कराया जा रहा है, तथा यात्री सामानों की चोरी एवं अन्य यात्री संबंधी अपराधों की रोकथाम हेतु मुख्य रेलवे स्टेशनों, प्लेटफार्मो में नियमित निगरानी हेतु अधिक से अधिक बल की तैनाती करते हुये सभी एहितियाती उपाय अपनाए जा रहे हैं ।