Durga Saptashati Ritual : नवरात्री में अभिषेक और 5 आरती, सम्पूर्ण दुर्गा सप्तशती अनुष्ठान

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Durga Saptashati Ritual

Durga Saptashati Ritual । श्री दुर्गा सप्तशती नवरात्री अनुष्ठान 19 मार्च से 27 मार्च श्री साईं कृपा हॉस्पिटल, सरजू बगीचा रोड, तेलीपारा में शाम 4.30 बजे होती है जो की पूर्णता निशुल्क है । साधना माता के आवाहन शाख नाद व भजन से शुरू होती है फिर माँ के चरणों का अभिषेक किया जाता है, फिर माँ दुर्गा की आरती होती है और क्रमशः गणेश जी माँ काली, माँ लक्ष्मी, माँ सरस्वती की आरती के साथ माँ के पुरे 13 अध्याय की बीज मन्त्रों से माँ की स्तुति की जाती है जिसमे माँ की गाथाओं का वर्णन रहता है । अंत में सम्पूर्ण आरती के साथ प्रसाद वितरण किया जाता है । 23 मार्च के घाट की हीलिंग साधना की गयी जिसमे घर की नकारात्मक उर्जा को सकारात्मक उर्जा में परिवर्तित किया गया । घर के वास्तु दोष, पित्र दोष, रहने वाली लोगों के दोषों को दूर किया गया जिसस्से घर में एक आनंद पूर्ण वातावरण बना और माँ का आशीर्वाद भक्तों के घर पर हुआ । 24 मार्च से हीलिंग साधना होगी जिसमे शारीरिक कष्ट में तुरंत आराम हो जायेगा, जटिल समस्याओं के लिए निरंतर साधना करने से लाभ होगा । श्री दुर्गा सप्तशती के बीज मंत्र संधना के 1000 पाठ पूर्ण हुए, यह साधना बिलासपुर मं 2011 में राममंदिर तिलक नगर से शुरू हुई थी तब से यह साधना लगातार बिलासपुर में हो रही है । बिलासपुर के साधक रतनपुर, मल्हार, चतुर्गढ़, अमरकंटक जा कर भी साधना कर रहे हैं । हर शुक्रवार दुर्गा सप्तशती के बीज मन्त्रों की और श्री लक्ष्मी जप श्री साईं कृपा हॉस्पिटल, सरजू बगीचा रोड, तेलीपारा में शाम 4.30 बजे होती है जो की पूर्णता निशुल्क है ।
मारकंडे ऋषि दुर्गा सप्तशती के रचयिता है और श्री ब्रम्ह वशिष्ट विश्वामित्र जी ने दुर्गा सप्तशती को सिद्ध किया था । माता की पुरे मन से भक्ति से श्रद्धा से आहुति देने से माता प्रसन्न होती है सभी प्रकार के दुःख दर्द कष्ट रोग दरिद्रता को को हर लेती है । लेकिन यह तभी होता है जब हम पूरी मन लगा कर माता की साधना में लगे रहते है और माता की शक्ति हमारी दुखों की शक्ति से बलवती हो जाती है । और अक्सर हम ऐसा नहीं करते हैं और भगवन को दोषी बनाते हैं । माता की कृपा तब होती है जब हम अपने सुख नींद आलस्य मोह आराम मन इच्छा का त्याग करके एक मन से माता की साधना करते हैं ।

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