मरवाही। ग्राम पंचायत परासी की वर्तमान स्थिति को लेकर गांव में लगातार चर्चाओं और तनाव का माहौल बना हुआ है। पंचायत में जहां एक ओर आपसी मनमानी और विवाद हावी हैं, वहीं दूसरी ओर बुनियादी राशन व्यवस्था चरमराने से आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने पंचायत के इन दोनों प्रमुख मामलों को लेकर अपनी गहरी नाराजगी जाहिर की है।
उपसरपंच के आरोपों और आपसी विवाद से बिगड़ रहा गांव का माहौल
ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत में उपसरपंच द्वारा लगातार विभिन्न प्रकार के आरोप-प्रत्यारोप लगाए जा रहे हैं, लेकिन अब तक किसी भी आरोप को स्पष्ट रूप से सिद्ध नहीं किया जा सका है। इस राजनीतिक खींचतान के कारण पंचायत क्षेत्र में जगह-जगह विवाद की स्थिति निर्मित हो रही है, जिससे गांव का शांतिपूर्ण माहौल पूरी तरह प्रभावित हो रहा है। आम जनता का मानना है कि पंचायत प्रतिनिधियों को आपसी विवाद और मनमानी छोड़कर गांव के विकास, शांति और सौहार्द बनाए रखने की दिशा में कार्य करना चाहिए, जो फिलहाल पंचायत में नदारद है।
राशन दुकान में घंटों इंतजार, बुजुर्ग और मजदूर हो रहे परेशान
विकास कार्यों की अनदेखी के साथ-साथ पंचायत में संचालित राशन दुकान की लचर व्यवस्था ने भी ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ा दिया है। ग्रामीणों का आरोप है कि उपसरपंच द्वारा राशन दुकान का संचालन किया जा रहा है, जहां हितग्राहियों को राशन के लिए घंटों लाइन में खड़ा रहना पड़ता है। कई बार लंबे इंतजार के बाद भी उन्हें खाली हाथ लौटा दिया जाता है और दूसरे या तीसरे दिन आने को कहा जाता है। इस अव्यवस्था से बुजुर्गों, महिलाओं एवं अपनी रोजी-रोटी छोड़कर आने वाले मजदूर वर्ग को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि शासन की योजनाओं का लाभ समय पर और पारदर्शी तरीके से मिलना चाहिए। गांव में बढ़ती इस मनमानी को देखते हुए अब ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित खाद्य विभाग से पंचायत की स्थिति और राशन वितरण व्यवस्था की तत्काल जांच कर उचित कार्रवाई करने की मांग की है, जिससे गांव में शांति व्यवस्था बनी रहे और आम जनता को राहत मिल सके।




