मरवाही वनमंडल बना भ्रष्टाचार का गढ़! फर्जी रोपण, गायब पौधे और करोड़ों की योजनाओं में बंदरबांट

SHARE:

गौरेला पेंड्रा मरवाही । मरवाही  वनमंडल बना भ्रष्टाचार का गढ फर्जी रोपण, गायब पौधे और करोड़ों की योजनाओं में बंदरबांट का आरोप, आखिर जिम्मेदार अधिकारियों-कर्मचारियों पर कार्रवाई क्यों नहीं?छत्तीसगढ़ का मरवाही वनमंडल आये दिनों भ्रष्टाचार, अनियमितताओं और कथित घोटालों को लेकर चर्चा में बना रहता हैं । विभागीय सूत्रों द्वारा लगाए गए आरोपों के अनुसार मरवाही वनमंडल में वर्षों से योजनाओं की राशि का बड़े पैमाने पर बंदरबांट किया गया। आरोप है कि कुछ चुनिंदा वन अधिकारी और कर्मचारियों ने सिंडिकेट बनाकर कैम्पा मद, लेंटाना उन्मूलन परियोजना, नरवा विकास योजना और ग्रीन क्रेडिट योजना जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं को भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा दिया।

स्थानीय लोगों का कहना है कि मरवाही वनमंडल पूरे प्रदेश में घोटालों और अनियमितताओं के लिए चर्चित बन चुका है। आरोप है कि यहां योजनाएं जमीन पर कम और कागजों में ज्यादा चलती हैं। शिकायतों और जांचों के बावजूद कार्रवाई नहीं होने से विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।विभागीय सूत्रों के मुताबिक सबसे ज्यादा भ्रष्टाचार कैम्पा मद से स्वीकृत लेंटाना उन्मूलन परियोजना, नरवा विकास योजना और ग्रीन क्रेडिट योजना में हुआ। आरोप है कि वर्ष 2018 से 2025 तक कई कार्य सिर्फ कागजों में दिखाए गए और राशि आहरित कर ली गई, जबकि जमीनी स्तर पर कार्य नहीं हुआ।

आरोप है कि ग्रीन क्रेडिट योजना के तहत पौधा तैयारी के नाम पर बड़ा फर्जीवाड़ा किया गया। चिचगोहना, सदवानी और इंद्रा उद्यान की केंद्रीय नर्सरियों में मनरेगा योजना से तैयार पौधों को ही ग्रीन क्रेडिट योजना में उपयोग दिखा दिया गया, जबकि योजना में विशेष “टाल प्लांट” पौधों का रोपण प्रस्तावित था।वर्तमान में ग्रीन क्रेडिट योजना के तहत लगाए गए लगभग 70 प्रतिशत पौधे जमीन से गायब हैं। कई जगहों पर न तो पौधों की सुरक्षा व्यवस्था दिखाई दे रही है और न ही सिंचाई के कोई इंतजाम मिले हैं।

शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि पौधा तैयारी, खाद, मिट्टी, सिंचाई, RCC पोल, वायर फेंसिंग और अन्य सामग्रियों के नाम पर फर्जी बिल लगाकर राशि निकाली गई। वहीं कई स्थानों पर उबड़-खाबड़ और अनुपयुक्त जमीन को प्लांटेशन एरिया घोषित कर दिया गया।शिकायत में कई अधिकारियों और कर्मचारियों के नाम शामिल किए गए हैं, जिनमें रौनक गोयल  तत्कालीन वनमंडलाधिकारी (DFO), मरवाही गृष्मी चांद  वर्तमान वनमंडलाधिकारी (DFO), मरवाही आर.के. सिदार,मोहर सिंह मरकाम,खैरवार,मुकेश साहू,मनीष श्रीवास्तव,ईश्वरी खूंटे,प्रबल दुबे,बलराम मरावी,शैल गुप्ता,भूपेंद्र साहू,शिव शंकर तिवारी,राकेश पंकज,उदय तिवारी,राकेश राठौर संबंधित डिप्टी रेंजर, वनरक्षक एवं ग्रीन क्रेडिट योजना से जुड़े फील्ड कर्मचारी आरोप है कि विभागीय जांचों पर भरोसा खत्म हो चुका है और “कमीशन सिस्टम” के कारण जिम्मेदार अधिकारियों-कर्मचारियों पर कार्रवाई नहीं हो रही।

Lovekesh Singh Dixit
Author: Lovekesh Singh Dixit

Bureau Chief Gaurela Pendra Marwahi Mo. No. +918085565657

[the_ad id='179']

Leave a Comment

और पढ़ें
[the_ad id='15212']