बोर्ड परीक्षा में बेहतर परिणाम के लिए विशेष कार्ययोजना बनाएं प्राचार्य : कलेक्टर विजय दयाराम के.
तिमाही परीक्षा में 50 प्रतिशत से कम परिणाम वाले विद्यालयों पर जताई नाराजगी, कमजोर विद्यार्थियों के लिए अतिरिक्त कक्षाएं लगाने के निर्देश
हर माह दो बार होगी पालक-शिक्षक बैठक, 15 दिनों के भीतर कमजोर विद्यार्थियों के अभिभावकों की विशेष बैठक आयोजित करने के निर्देश
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, 14 अक्टूबर 2026। जिले में हाई स्कूल एवं हायर सेकेंडरी बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम बेहतर बनाने के उद्देश्य से कलेक्टर विजय दयाराम के. ने विद्यालयों के प्राचार्यों को विशेष कार्ययोजना तैयार कर प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए हैं। बुधवार को जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) पेंड्रा में आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने तिमाही परीक्षा परिणामों की विद्यालयवार समीक्षा की। इस दौरान 50 प्रतिशत से कम परीक्षा परिणाम वाले विद्यालयों के प्रदर्शन पर नाराजगी जताते हुए प्राचार्यों को शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार लाने और शत-प्रतिशत विद्यार्थियों को उत्तीर्ण कराने का लक्ष्य लेकर कार्य करने को कहा।
कमजोर परीक्षा परिणाम वाले विद्यालयों को सुधारने की सख्त हिदायत
कलेक्टर ने गुरुकुल पेंड्रारोड में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों के अनुत्तीर्ण होने पर संबंधित प्राचार्य के प्रति नाराजगी व्यक्त की। इसके अलावा टीकरकला, जोगीसार, मिश्रीदेवी, पीएम श्री पेंड्रा, भर्रीडांड़, सेजेस सेमरा, पकरिया, साधवानी एवं कन्या मरवाही सहित कमजोर परीक्षा परिणाम वाले अन्य विद्यालयों के प्राचार्यों को अगली समीक्षा बैठक में बेहतर परिणाम प्रस्तुत करने की सख्त हिदायत दी।
उन्होंने कहा कि विद्यालयों में विद्यार्थियों की पढ़ाई और सीखने के स्तर में सुधार लाना शिक्षकों की नैतिक जिम्मेदारी है। केवल औपचारिक गतिविधियों तक सीमित रहने के बजाय विद्यार्थियों को वास्तविक शैक्षणिक सहयोग प्रदान किया जाना चाहिए, ताकि वे परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन कर सकें।
कमजोर विद्यार्थियों के लिए लगेंगी अतिरिक्त कक्षाएं
कलेक्टर ने कमजोर विद्यार्थियों की पहचान कर उनके लिए अतिरिक्त कक्षाएं संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी की शैक्षणिक प्रगति पर विशेष ध्यान दिया जाए और जिन विषयों में विद्यार्थी कमजोर हैं, उनमें अतिरिक्त अभ्यास एवं मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाए।
उन्होंने प्रत्येक माह दो बार पालक-शिक्षक बैठक आयोजित करने तथा आगामी 15 दिनों के भीतर कमजोर विद्यार्थियों के अभिभावकों की विशेष बैठक अथवा एसएमडीसी चौपाल आयोजित करने के निर्देश भी दिए। इसका उद्देश्य अभिभावकों को बच्चों की पढ़ाई एवं परीक्षा परिणामों की वास्तविक स्थिति से अवगत कराकर उनके शैक्षणिक सुधार में सहभागी बनाना है।
कलेक्टर ने कहा कि दृढ़ इच्छाशक्ति और निरंतर प्रयासों से निर्धारित लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं। उन्होंने सभी प्राचार्यों को पूरी गंभीरता के साथ परीक्षा परिणाम सुधारने के लिए कार्य करने को कहा। साथ ही, जिले के सभी विद्यालयों की सतत मॉनिटरिंग ईडीयू द्वारा किए जाने की जानकारी दी।
विद्यार्थियों की ग्रेडिंग प्रणाली की दी जानकारी
बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी रजनीश तिवारी ने विद्यार्थियों की ग्रेडिंग प्रणाली के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 80 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को ए ग्रेड, 61 से 80 प्रतिशत तक अंक प्राप्त करने वालों को बी ग्रेड, 41 से 60 प्रतिशत तक अंक प्राप्त करने वालों को सी ग्रेड तथा 40 प्रतिशत से कम अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को डी ग्रेड दिया जाएगा।
बैठक में ये अधिकारी रहे उपस्थित
समीक्षा बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मुकेश रावटे, डाइट के प्रभारी प्राचार्य एन.के. तिवारी, विकासखंड शिक्षा अधिकारी पेंड्रा आर.एन. चंद्रा, मरवाही के संजय वर्मा, आलोक शुक्ला सहित जिले के सभी हाई स्कूल एवं हायर सेकेंडरी विद्यालयों के प्राचार्य उपस्थित रहे।
जिले में बोर्ड परीक्षा परिणामों को बेहतर बनाने के लिए अब कमजोर विद्यार्थियों पर विशेष ध्यान, अतिरिक्त कक्षाओं और नियमित पालक-शिक्षक बैठकों के माध्यम से शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार लाने पर जोर दिया जा रहा है।




