10 साल बाद भी नहीं हुई पुताई; मेंटेनेंस फंड नहीं मिलने का दावा
मरवाही। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के मरवाही विकासखंड स्थित शासकीय हाई स्कूल करहनी के भवन के रखरखाव का मामला सामने आया है। वर्ष 2016 में भवन हैंडओवर होने के बावजूद विद्यालय में वर्षों से पुताई नहीं होने की बात सामने आई है। भवन की दीवारों पर कालापन और पुराने रंग-रोगन के निशान दिखाई दे रहे हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि करीब एक दशक बीत जाने के बाद भी भवन के रखरखाव और रंग-रोगन की समुचित व्यवस्था क्यों नहीं हो पाई।
हैंडओवर के बाद से मेंटेनेंस फंड नहीं मिलने की जानकारी
संबंधित अधिकारी से चर्चा के दौरान बताया गया कि वर्ष 2016 में भवन हैंडओवर होने के बाद से अब तक स्कूल को मेंटेनेंस (रखरखाव) के लिए कोई फंड नहीं मिला है। यदि यह जानकारी विभागीय अभिलेखों से पुष्ट होती है, तो यह गंभीरता से जांच का विषय है कि भवन के रखरखाव के लिए बजट की व्यवस्था क्यों नहीं हो पाई।
आखिर 10 साल तक क्यों नहीं हुआ रखरखाव?
स्कूल भवन का निर्माण और हैंडओवर होने के बाद उसकी नियमित देखरेख, आवश्यक मरम्मत और समय-समय पर पुताई की व्यवस्था भी जरूरी है। ऐसे में सवाल है कि वर्ष 2016 से अब तक मेंटेनेंस के लिए बजट की मांग की गई थी या नहीं। यदि मांग भेजी गई थी, तो राशि क्यों नहीं मिली? वहीं, यदि बजट की मांग ही नहीं की गई, तो इसके लिए जिम्मेदार कौन है?
शिक्षा विभाग से जवाब की दरकार
इस मामले में शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन को स्पष्ट करना चाहिए कि:
– वर्ष 2016 में भवन हैंडओवर होने के बाद से अब तक मेंटेनेंस के लिए कितनी राशि स्वीकृत और जारी की गई?
– यदि कोई राशि जारी नहीं हुई, तो इसके पीछे क्या कारण रहे?
– भवन के रखरखाव की जिम्मेदारी किस विभाग या अधिकारी की है?
– क्या स्कूल प्रबंधन ने पुताई और मरम्मत के लिए लिखित मांग की थी?
– भवन की पुताई और आवश्यक मरम्मत के लिए बजट कब उपलब्ध कराया जाएगा?
जांच के साथ रखरखाव की व्यवस्था जरूरी
शासकीय हाई स्कूल करहनी के भवन के रखरखाव को लेकर संबंधित विभाग को हैंडओवर दस्तावेजों, बजट आवंटन और व्यय संबंधी अभिलेखों की जांच करनी चाहिए। साथ ही, मेंटेनेंस फंड नहीं मिलने के कारणों को स्पष्ट करते हुए आवश्यक पुताई और मरम्मत की व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए।
वर्ष 2016 में हैंडओवर हुए भवन के रखरखाव की स्थिति पर अब शिक्षा विभाग का जवाब महत्वपूर्ण है। यह स्पष्ट होना चाहिए कि करीब 10 वर्षों के दौरान मेंटेनेंस की व्यवस्था क्यों नहीं हो पाई और आगे इसके लिए क्या कदम उठाए जाएंगे।




