जनपद पंचायत सदस्यों और सरपंचों के लिए आरक्षण प्रक्रिया संपन्न

बिलासपुर। जिला पंचायत के अंतर्गत जनपद पंचायत निर्वाचन क्षेत्रों में सदस्यों, सरपंचों, और पंचायत पदों के लिए आरक्षण की प्रक्रिया 8 जनवरी 2025 को सुबह 10 बजे संपन्न हुई। यह प्रक्रिया जनपद पंचायत कार्यालय में अधिकारियों और अनुभागीय अधिकारियों की उपस्थिति में हुई।

प्रक्रिया के तहत, 100 जनपद पंचायत सदस्यों, 486 सरपंचों, और 7233 ग्राम पंचायत पदों का आरक्षण निर्धारित किया गया।

अनुसूचित जाति: 1701 पद (महिला – 955, पुरुष – 746)

अनुसूचित जनजाति: 1610 पद (महिला – 906, पुरुष – 704)

अन्य पिछड़ा वर्ग: 799 पद (महिला – 463, पुरुष – 336)

सामान्य वर्ग: 3123 पद (महिला – 1676, पुरुष – 1447)

इस प्रक्रिया में महिला आरक्षण का भी विशेष ध्यान रखा गया।

अनुकंपा नियुक्ति के लिए दावा-आपत्ति मंगाने का निर्देश

बिलासपुर। जिला शिक्षा अधिकारी ने अनुकंपा नियुक्ति के लिए प्राप्त आवेदनों के छानबीन के क्रम में सात दिवस के भीतर आमजनता से दावा आपत्ति मंगाई है। फिलहाल 2 आवेदकों ने अनुकंपा नियुक्ति के लिए कार्यालय में आवेदन प्रस्तुत किये हैं।

डीईओ ने बताया कि मस्तूरी विकासखंड के शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला परसाही में प्रधान पाठक के पद पर कार्यरत स्व. श्री भानु प्रताप सिंह राजपूत के परिवार से उनके पुत्र श्री आदित्य सिंह राजपूत एवं बिल्हा विकासखंड के उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बहतराई में सहायक ग्रेड 02 के पद पर कार्यरत स्व. श्री विनय कुमार सोनी के परिवार से उनकी पुत्री कुमारी सिवानी सोनी ने अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन दिया है।

आमजनों की जानकारी में यदि दिवंगत शासकीय सेवकों के आश्रित परिवारों में यदि कोई सदस्य राज्य अथवा केन्द्र की शासकीय सेवा में कार्यरत होने की सूचना है, तो वे सात दिवस के भीतर पुरानी कम्पोजिट बिल्डिंग स्थित कक्ष क्रमांक 25, जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में स्वयं उपस्थित होकर अथवा डाक के जरिए जानकारी दे सकते हैं ताकि नियमानुसार पात्र व्यक्ति को ही अनुकंपा नियुक्ति का लाभ दिया जा सके।

संभागायुक्त ने सुपर स्पेश्यालिटी अस्पताल की धीमी प्रगति पर जताई नाराजगी

बिलासपुर। संभागायुक्त महादेव कावरे ने कोनी स्थित सिम्स मल्टी सुपर स्पेश्यालिटी अस्पताल प्रबंधन की बैठक ली। उन्होंने अस्पताल में मरीजों की भर्ती कर इलाज करने की सुविधा (आईपीडी) विकसित करने में हो रहे विलंब पर गहरी नाराजगी जाहिर की। जल्द से जल्द वार्डों में जरूरी आंतरिक सुधार सहित उपकरणों की खरीदी का कार्य शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। कावरे ने स्वास्थ्य विभाग की उपकरण खरीदी करने वाली एजेन्सी (हाईट्स) के दिल्ली स्थित बड़े अधिकारियों को भी चेताया। कलेक्टर अवनीश शरण एवं चिकित्सा अधीक्षक सह संचालक श्री भानुप्रताप सिंह सहित कार्य एजेन्सियों के जिम्मेदार अधिकारी बैठक में शामिल हुए।

उल्लेखनीय है कि अस्पताल के भवन निर्माण का कार्य केन्द्रीय लोक निर्माण विभाग एवं मेडिकल उपकरण की खरीदी का जिम्मा हाईट्स नामक एजेन्सी को है। श्री कावरे ने बैठक में उनके काम-काज की समीक्षा की। उन्होंने अस्पताल में लैब का काम 15 फरवरी तक और ब्लड बैंक का काम 15 मार्च तक हर हाल में पूर्ण करने को कहा है। केन्द्रीय पीडब्ल्यूडी के इंजीनियर ने लाण्ड्री, मार्चुरी भवन और बायोमेडिकल वेस्ट भवन निर्माण के लिए अलग से बजट की जरूरत बताई। संभागायुक्त ने कहा कि प्रस्ताव बनाकर जल्द स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग भिजवाएं ताकि बजट स्वीकृत कराया जा सके। मेडिकल उपकरण की आपूर्ति में हो रहे विलंब पर भी स्थानीय अधिकारियों को फटकार लगायी गई। अस्पताल में डायलिसीस, कैथलैब एवं हार्टलंग मशीनें अभी तक उपलब्ध नहीं कराई गयी हैं। कुछ उपकरणों की अधूरी आपूर्ति की जानकारी भी सामने आई। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. भानुप्रताप सिंह ने बताया कि सुपर स्पेश्यालिटी अस्पताल में हृदयरोग विशेषज्ञ डॉ अभिषेक कुमार ने ज्याइनिंग दी है। उन्होंने बताया कि फिलहाल यूरोलाजी, न्यूरोसर्जरी, पल्मोनरी एवं जनरल मेडिसिन में ओपीडी सेवाएं चालू हैं। अब हृदय रोग संबंधी ओपीडी भी जल्द शुरू हो जायेगी। प्रतिदिन लगभग 50 मरीजों का ओपीडी उपचार किया जा रहा है।

GPM में 11.86 लाख क्विंटल धान खरीदी

गौरेला पेंड्रा मरवाही। समर्थन मूल्य पर जिले के किसानों से अब तक 11 लाख 86 हजार 264 क्विंटल धान की खरीदी हो चुकी है।

धान उपार्जन केंद्रों पर खरीदी का प्रमुख ब्योरा इस प्रकार है:

लरकेनी: 1,02,884 क्विंटल

लालपुर: 93,230 क्विंटल

धनौली: 88,402 क्विंटल

मेढ़ुका: 85,796 क्विंटल

सिवनी: 84,933 क्विंटल

धान खरीदी की इस प्रक्रिया से किसानों को उनकी मेहनत का उचित मूल्य मिल रहा है, जिससे वे उत्साहित हैं।

सेमरा पालना केन्द्र में भर्ती के लिए आवेदन आमंत्रित

गौरेला पेंड्रा मरवाही। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा एकीकृत बाल विकास परियोजना गौरेला के अंतर्गत ग्राम सेमरा में पालना केन्द्र का संचालन किया जाना है। पालना केन्द्र संचालन के लिए कार्यकर्ता-सहायिका की भर्ती हेतु 25 जनवरी तक आवेदन पत्र आमंत्रित किया गया है। आवेदन पत्र कार्यालय परियोजना अधिकारी एकीकृत बाल विकास परियोजना गौरेला में सीधे अथवा पंजीकृत डाक से स्वीकार किए जाएंगे। अधिक जानकारी के लिए कार्यालयीन दिवस में संबंधित कार्यालय में संपर्क किया जा सकता है।

प्लेसमेंट कैम्प में 34 आवेदकों का चयन, 16 को मिली अंतिम नौकरी

गौरेला पेंड्रा मरवाही। जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केंद्र के सहयोग से आयोजित प्लेसमेंट कैम्प में 34 आवेदकों का प्रारंभिक रूप से चयन किया गया तथा कैम्प स्थल पर ही 16 आवेदकों का अंतिम रूप से चयन किया गया। जिला रोजगार कार्यालय परिसर गौरेला टीकरकला में 15 जनवरी बुधवार को आयोजित प्लेसमेंट कैम्प में 5 निजी कंपनियों द्वारा सेल्स ऑफिसर, एग्रीकल्चर ऑफिसर, सेल्स एक्जीक्यूटीव, सेल्स मार्केटिंग, सेल्स सर्वेयर, कम्प्यूटर ऑपरेटर, होम ट्यूशन, हिन्दी-अंग्रजी टायपिंग, सिक्योरिटी गार्ड, सिक्योरिटी सुपरवाइजर, लेडिस गार्ड, गार्ड, रिसेप्सनिस्ट, ड्रायवर, प्यून के कुल 229 पदों के विरूद्ध 134 आवेदन प्राप्त हुए तथा सभी आवेदकों ने साक्षात्कार में भाग लिया। कैम्प स्थल पर जिन 16 आवेदकों का अंतिम रूप से चयन किया गया उनमें सेल्स ऑफिसर के 6, सेल्स एक्जीक्यूटीव के 2, कम्प्यूटर ऑपरेटर के 2, गार्ड एवं सिक्योरिटी गार्ड के 6 आवेदक शामिल हैं। शेष पदों पर द्वितीय साक्षात्कार के बाद चयन की प्रक्रिया निजी कंपनियों द्वारा 15 दिवस के भीतर की जाएगी।

पेंड्रा में 7.20 लिटर विदेशी मदिरा की जप्ती, आरोपी को आबकारी अधिनियम के तहत किया गिरफ्तार

गौरेला पेंड्रा मरवाही। आबकारी वृत्त पेंड्रा की टीम द्वारा रात्रि गस्त के द्वारा मुखबिर से प्राप्त सूचना के आधार पर मरवाही जनपद के ग्राम मेढ़ुका के बुधराम सिंह गोंड़ के आधिपत्य में केवल मध्य प्रदेश राज्य में विक्रय हेतु वैध विदेशी मदिरा कुल 40 नग मात्रा 7.20 बल्क लिटर मदिरा बरामद किया गया। जप्त मदिरा में ब्लूचिप व्हिस्की, ओल्ड मॉन्क रम, मैकडॉवेल दव 01 रम एवं गोवा व्हिस्की शामिल है, जो केवल मध्यप्रदेश में विक्रय हेतु वैध है। आरोपी के विरुद्ध छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम के तहत अपराध पंजीबद्ध कर 15 जनवरी बुधवार को न्यायिक रिमांड लेकर जेल दाखिल किया गया है। जप्ती की कार्रवाई आबकारी उप निरीक्षक तुलेश कुमार देशलहरे, मुख्य आरक्षक प्रकाश सिंह, सुधीर मिश्रा एवम् आबकारी आरक्षक इंद्रभान राठौर, शुभम रजक द्वारा की गई।

अनिता विश्वकर्मा: वार्ड 34 से पार्षद पद की प्रबल उम्मीदवार दावेदार

संत रविदास नगर करबला में जनता का मिला व्यापक समर्थन

बिलासपुर। अनिता विश्वकर्मा: वार्ड 34 से प्रबल दावेदारी, मोहल्ले का व्यापक समर्थन

संत रविदास नगर करबला के वार्ड नं 34 से पार्षद पद के लिए अनिता विश्वकर्मा ने अपनी मजबूत दावेदारी पेश की है। उन्हें मोहल्ले वासियों का भरपूर समर्थन प्राप्त हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अनिता उनकी समस्याओं को भलीभांति समझती हैं और उनके समाधान के लिए हमेशा तत्पर रहती हैं। उनके कार्यों और सक्रियता के चलते जनता उन्हें इस बार का प्रबल प्रत्याशी मान रही है।

ऋषभ विश्वकर्मा: युवा नेतृत्व में सक्रिय भूमिका

अनिता विश्वकर्मा के पुत्र ऋषभ विश्वकर्मा (गोल्डी), जो मात्र 26 वर्ष के हैं, भारतीय जनता युवा मोर्चा में 2016 से सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। स्कूल के समय से ही राजनीति में रुचि रखने वाले ऋषभ अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के सदस्य रह चुके हैं।

2016 में भाजपा युवा मोर्चा मध्यमंडल की टीम में सोशल मीडिया प्रभारी के रूप में कार्य करने के बाद, 2021 में जिला कार्यसमिति सदस्य का पद संभाला। अपने वार्ड में उनकी सक्रियता और कार्यशैली ने उन्हें एक प्रेरणादायक युवा नेता के रूप में स्थापित किया है।

मां-बेटे की इस जोड़ी को वार्ड में जनता का समर्थन मिल रहा है, और वे क्षेत्र के विकास और जनकल्याण के लिए प्रतिबद्ध नजर आते हैं।

 

CM साय ने डीपीएस स्कूल के 16वें वार्षिक उत्सव में छात्रों को किया सम्मानित

बिलासपुर । मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय आज डीपीएस स्कूल के 16 वें वार्षिक उत्सव में शामिल हुए। कार्यक्रम में उन्होंने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया। सभी को बधाई और शुभकामनाएं दी। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति, पीएमश्री स्कूलों की स्थापना और शिक्षक पालक बैठक जैसी पहलों को प्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में मील का पत्थर बताया। उन्होंने बच्चों को पढ़ाई के साथ खेलकूद और सहशैक्षणिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी का संदेश देते हुए समग्र विकास के महत्व पर बल दिया। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री  अरूण साव, विधायक सर्वश्री अमर अग्रवाल, धरम लाल कौशिक, सुशांत शुक्ला, संभागायुक्त महादेव कावरे, आईजी संजीव शुक्ला, कलेक्टर  अवनीश शरण, एसपी रजनेश सिंह सहित अन्य लोग मौजूद थे।
मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने कहा कि किसी भी क्षेत्र में सफलता के लिए शिक्षा जरूरी है ।शिक्षा के बिना जीवन अधूरा है । शिक्षा विकास का मूलमंत्र है। हमारी डबल इंजन सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में अभूतपूर्व निर्णय लिए हैं। हमने प्रदेश में राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लागू किया हैं । हमने स्कूलों मे शिक्षक पालक मीटिंग और न्योता भोज जैसे अभिनव पहल की शुरूआत की है, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता और बच्चों के पोषण को बेहतर बनाया जा सके। पीएमश्री स्कूलों में शिक्षा के लिए अच्छी अधोसंरचना और स्मार्ट क्लास की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि डीपीएस स्कूल में बच्चों के सम्पूर्ण विकास के लिए कई गतिविधियां आयोजित की जाती है। यहां बच्चों की पढ़ाई के साथ-साथ खेलकूद को भी अहमियत दी जा रही है। उन्होंने बच्चों को यह भी संदेश दिया कि पढ़ाई के साथ खेलकूद तथा सहशैक्षणिक गतिविधियां इनके समग्र विकास के लिए आवश्यक है। आप सभी बच्चे कच्ची मिट्टी के तरह होते हैं, जिन्हें टीचर्स और पेरेण्ट्स आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। आप लोग अपना बर्थडे अपने साथियों के साथ जरूर मनाते होंगे। यह दिन बहुत खास होता है। हम लोग भी अपना बर्थडे बच्चों के बीच ही मनाते हैं। हम लोगों ने सामाजिक भागीदारी से न्योता भोज आरंभ किया है। इसमें लोग अपना जन्मदिन अब सरकारी स्कूलों में बच्चों के बीच मनाते हैं। यहां बहुत से पेरेण्ट्स हैं। वे पेरेण्ट्स-टीचर मीटिंग में जरूर आते होंगे। प्रदेश के मुखिया होने के नाते मेरी भी जिम्मेदारी है कि सभी बच्चों की पढ़ाई लिखाई का ध्यान रखूँ, इसलिए मैं भी समय-समय पर पेरेण्ट्स-टीचर मीटिंग में जाता हूँ और देखता हूँ कि प्रदेश के बच्चों की पढ़ाई किस तरह हो रही है।
साय ने कहा कि हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वर्ष 2047 में विकसित भारत का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं। हमने भी विकसित छत्तीसगढ़ का विजन तैयार किया है। आप लोग छत्तीसगढ़ का भविष्य हैं। भारत का भविष्य हैं। सभी बच्चे खूब पढ़ें। अपने संस्कार कभी न छोड़ें। सभी बच्चों को मेरा बहुत-बहुत आशीर्वाद। डीपीएस के शिक्षकों को बहुत सी शुभकामनाएं, जो खूब लगन से बच्चों को पढ़ा रहे हैं। बच्चों के परिजनों को भी बहुत शुभकामनाएं जो टीचर्स के साथ बराबरी से मेहनत कर रहे हैं।

असफलता से घबराएं नहीं, जीवन में सीख लेते हुए आगे बढ़ें-उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़

  • गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय बिलासपुर के 11 वें दीक्षांत समारोह में शामिल हुए उपराष्ट्रपति

  • गुरु घासीदास विश्वविद्यालय का देश में विशिष्ट स्थान-राज्यपाल  रमेन डेका

  • छत्तीसगढ़ की बौद्धिक प्रगति में विश्वविद्यालय की महत्वपूर्ण भूमिका-मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय

  • प्रावीण्य सूची के विद्यार्थियों और शोधार्थियों को मिली उपाधि

बिलासपुर । छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में स्थित गुरू घासीदास केन्द्रीय विश्वविद्यालय के 11 वें दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि देश के उपराष्ट्रपति  जगदीप धनखड़ ने समारोह में उपाधि और गोल्ड मेडल प्राप्त विद्यार्थियों को अग्रिम जीवन की बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि बाबा गुरु घासीदास एकता और समानता के प्रतीक थे हमें उनकी शिक्षाओं और संदेशों से प्रेरित होकर आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने युवाओं को बदलती तकनीकी से तालमेल बैठते हुए हुए कौशल एवं नवाचार के साथ आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि जीवन में कभी भी असफलता से घबराएं नहीं बल्कि उससे सीख लेते हुए आगे बढ़ें। उन्होंने विश्वास और साहस के साथ आगे बढ़ते हुए राष्ट्र के विकास में योगदान देने के लिए युवाओं को प्रोत्साहित किया। समारोह में सत्र 2022-23 के 78 एवं 2023-24 की प्रावीण्य सूची में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले 77 विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय स्वर्ण मंडित पदक, 09 दानदाता पदक, 01 गुरू घासीदास पदक तथा 01 कुलाधिपति पदक सहित 85 पदक प्रदान किये गये, इसके साथ ही सत्र 2022-23 एवं सत्र 2023-24 के कुल 122 शोधार्थियों को पीएचडी की उपाधि प्रदान की गई। उपराष्ट्रपति  जगदीप धनखड़ ने गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय परिसर में ‘एक पेड़ मां के नाम’ के तहत रुद्राक्ष का पौधा लगाया और वृक्षारोपण का संदेश दिया।
उपराष्ट्रपति  धनखड़ ने समारोह में आगे कहा कि समावेशी विकास भारत की परंपरा का हिस्सा रहा है। विकास का लाभ समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचे ऐसा हमें प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सुशासन के संकल्प के साथ भारत विकास की दिशा में लगातार आगे बढ़ रहा है, रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं। उन्होंने युवाओं को अवसरों को पहचानने और नवाचारों के साथ निरंतर आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया।  धनखड़ ने कहा कि छत्तीसगढ़ खनिज बाहुल्य राज्य है। यहां समृद्धि की काफी संभावनाएं हैं, इसलिए विकास की ऐसी रणनीति बनाएं जिससे सामूहिक समृद्धि बड़े और जन-जन का विकास संभव हो। उन्होंने कहा कि विगत वर्ष में नक्सली उन्मूलन की दिशा में काफी अच्छे प्रयास हुए हैं और इन क्षेत्रों में विकास की रफ्तार भी बढ़ी है। उन्होंने कहा कि जनजातियां छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा की स्रोत है। उपराष्ट्रपति ने समारोह में सम्मानित होने वाले सभी विद्यार्थियों एवं उनके पालकों तथा विश्वविद्यालय परिवार को बधाई एवं शुभकामनाएं दी।
छत्तीसगढ़ के राज्यपाल  रमेन डेका ने दीक्षांत समारोह के कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय भारत के विशिष्ट शैक्षणिक, श्रेणीबद्ध स्वायत्त संस्थानों में से एक है। गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय अनुसंधान, पेटेंट और प्रतिष्ठित पत्रिकाओं में प्रकाशन में विश्वविद्यालय द्वारा की गई प्रगति विश्व स्तरीय विश्वविद्यालयों के साथ प्रतिस्पर्धा करने की क्षमता को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि गुरु घासीदास विश्वविद्यालय, एक ऐसी संस्था है जिसने लगातार छत्तीसगढ़ में शिक्षा और ज्ञान के मार्ग को रौशन किया है। राज्यपाल ने सम्मानित होने वाले विद्यार्थियों को बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह उपलब्धि उनके वर्षों के समर्पण, दृढ़ता और कड़ी मेहनत की पराकाष्ठा का प्रतिफल है। उन्होंने कहा कि गुरु घासीदास जी महान संत थें, जिनके नाम पर इस विश्वविद्यालय का नामकरण किया गया है। सत्य, अहिंसा, करुणा और सद्भाव की उनकी शिक्षाएं हम सभी के लिए मार्गदर्शक के रूप में काम करती हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि विविधता का सम्मान करें और देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संजोए रखें।
दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने कहा कि दीक्षांत समारोह छात्र-छात्राओं के लिए केवल एक औपचारिकता नहीं है। यह एक अच्छा अवसर है जो बदलाव, आत्मंथन और प्रेरणा का प्रतीक है। हमारे लिए गर्व का अवसर और बढ़ जाता है कि छत्तीसगढ़ का इकलौता केन्द्रीय विश्वविद्यालय महान संत बाबा गुरू घासीदास जी के नाम पर स्थापित है। जो ज्ञान, समावेशिता और सांस्कृतिक गर्व का प्रतीक है और अपनी स्थापना के समय से ही केन्द्रीय विश्वविद्यालय ने छत्तीसगढ़ की बौद्धिक प्रगति को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसकी प्रतिष्ठा केवल हमारे राज्य तक में सीमित नही है बल्कि राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी फैली है। उन्होंने कहा कि हमारा भारत विश्व गुरू के रूप में विख्यात रहा है। इसके पीछे नालंदा और तक्षशिला जैसे ज्ञान विज्ञान से समृद्ध विश्वविद्यालय रहे हैं। इस विश्वविद्यालय ने केवल शैक्षणिक उपलब्धियां हासिल नहीं की है बल्कि एक ऐसा उदाहरण प्रस्तुत किया है कि किस तरह से एक शिक्षण संस्थान समाज की जरूरतों को पूरा कर सकता है।
श्री साय ने कहा कि विश्वविद्यालय में स्वाभिमान थाली योजना, सारथी योजना, सुदामा योजना, श्रवण हेल्पलाइन और हेल्दी यूनिवर्सिटी मूवमेंट जैसे अभिनव प्रयास यहां हुए हैं। विश्वविद्यालय ने नवाचारों के जरिए यह सुनिश्चित किया है कि हर छात्र को न केवल शिक्षा मिले बल्कि एक बेहतर जीवन जीने का मौका भी मिले। समानता, सशक्तिकरण और स्थिरता पर आधारित ये सभी प्रयास छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा के साथ गहराई से जुड़े हैं। गुरू घासीदास केन्द्रीय विश्वविद्यालय ने शिक्षा को आधुनिक युग की चुनौतियों और अवसरों के साथ जोड़ते हुए एक नयी पहचान बनाई है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि आपकी उपलब्धियां यहां दिखाती हैं कि छत्तीसगढ़ के हृदय में स्थित एक विश्वविद्यालय कैसे ज्ञान और नवाचार का वैश्विक केंद्र बन सकता है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रतिस्पर्धा के इस दौर में दुनिया आपको चाहे कितनी भी दूर ले जाए, आप विनम्रता, सहानुभूति और दृढ़ता के मूल्यों को हमेशा याद रखें। आप केवल छत्तीसगढ़ का ही नहीं बल्कि भारत जैसे महान राष्ट्र का भविष्य हैं। आपकी क्षमताएं रचनात्मकता और प्रतिबद्धता भारत की प्रगति को आकार देगी। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री के रूप में मैं यह आश्वासन देता हूं कि हमारी सरकार ऐसी संस्थाओं का समर्थन और सहयोग करती रहेगी, जो सकारात्मक बदलाव ला रही हैं। उन्होंने उपाधि प्राप्त करने वाले सभी छात्र-छात्राओं को बधाई एवं शुभकामनाएं दी।
उप मुख्यमंत्री  अरूण साव ने गोल्ड मेडल एवं उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर केन्द्रीय आवासन शहरी एवं राज्यमंत्री  तोखन साहू, विधायक  अमर अग्रवाल, विधायक  धरम लाल कौशिक, विधायक  धर्मजीत सिंह,  सुशांत शुक्ला सहित गुरू घासीदास विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर आलोक चक्रवाल, एआईसीटी के प्रोफेसर टी.जी. सीताराम, राष्ट्रीय शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के प्रमुख डॉ. अतुल भाई कोठारी सहित शिक्षाविद, अनुसंधानकर्ता और बड़ी संख्या में विद्यार्थी-अभिभावक, जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।