महा कुंभ 2025 के लिए रेलवे की विशेष तैयारियों की शुरुआत: सुरक्षा और सुविधाओं में होगी अभूतपूर्व वृद्धि

महाकुंभ । केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने महा कुंभ 2025 के लिए प्रयागराज क्षेत्र में रेलवे की तैयारियों को एक नया आयाम देते हुए कई प्रमुख परियोजनाओं और सुविधाओं का शुभारंभ किया।

मुख्य घोषणाएँ और उद्घाटन:

 कुंभ वार रूम का उद्घाटन:

  • • रेलवे बोर्ड में कुंभ वार रूम का शुभारंभ।
    • यह वार रूम 24×7 कार्य करेगा, जिसमें ऑपरेटिंग, कमर्शियल, आरपीएफ, मैकेनिकल, इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल जैसे विभिन्न विभागों के अधिकारी तैनात रहेंगे।
    • 1,176 सीसीटीवी कैमरों से प्राप्त लाइव फीड की मॉनिटरिंग प्लेटफॉर्म स्तर से लेकर रेलवे बोर्ड स्तर तक की जाएगी।
    • मॉनिटरिंग संरचना:
    • प्लेटफॉर्म → स्टेशन → मंडल → जिला → जोनल → रेलवे बोर्ड।
    • इस वार रूम के माध्यम से जिला प्रशासन और रेलवे के बीच समन्वय को मजबूत किया जाएगा, जिससे यात्रियों को तत्काल सहायता और सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा सकें।
    2. घोषणा प्रणाली और यात्री पुस्तिका का विमोचन:
    • 12 भाषाओं में उद्घोषणा प्रणाली की शुरुआत प्रयागराज, नैनी, छिवकी और सुबेदारगंज स्टेशनों पर।
    • यात्रियों को उपयोगी जानकारी उपलब्ध कराने के लिए 22 भाषाओं में तैयार की गई विशेष पुस्तिका का विमोचन।

प्रयागराज क्षेत्र में यात्री सुविधाएँ

 रेलवे नेटवर्क में विस्तार और सुधार:

  • कुल 13,000 ट्रेनों का संचालन:
  •  10,000 नियमित ट्रेनें।
  •  3,134 विशेष ट्रेनें (पिछले कुंभ से 4.5 गुना अधिक):
  •  1,869 शॉर्ट डिस्टेंस ट्रेनें।
  • 706 लॉन्ग डिस्टेंस ट्रेनें।
  • 559 रिंग ट्रेनें।
  •  मालगाड़ियों को डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (DFC) पर डायवर्ट किया गया।
  • महा कुंभ के लिए बीते 3 वर्षों में ₹5,000 करोड़ का निवेश।

2. यात्री सुविधाओं का विस्तार

  • • 48 प्लेटफॉर्म, 21 फुट ओवर ब्रिज (FoBs)।
    • 23 स्थायी होल्डिंग एरिया, जिनकी क्षमता 1 लाख से अधिक।
    • 554 टिकटिंग काउंटर, जिनमें 151 मोबाइल UTS काउंटर शामिल।
    • सड़कों और रेलवे की सुगम आवाजाही के लिए 21 ROBs/RUBs का निर्माण।
    • सभी 9 स्टेशनों पर 12 भाषाओं में उद्घोषणा प्रणाली।

3. प्रमुख आधारभूत परियोजनाएँ:

  • • ₹3,700 करोड़ की लागत से परियोजनाएँ:
    • बनारस-प्रयागराज डबलिंग (गंगा ब्रिज सहित)।
    • फाफामऊ-जंघई डबलिंग।

कुंभ में श्रद्धालुओं की संख्या और तैयारियाँ

  •  40 करोड़ श्रद्धालु महा कुंभ में भाग लेंगे।
  •  मौनी अमावस्या के दिन 5 करोड़ श्रद्धालुओं की उपस्थिति।
  •  कुंभ के दौरान भीड़ प्रबंधन के लिए:
  • 1,176 सीसीटीवी कैमरों से लाइव मॉनिटरिंग।
  • 23 होल्डिंग एरिया, जिनकी क्षमता 1 लाख से अधिक।
  • यात्रियों की सुविधाओं के लिए विशेष रंग-कोडेड टिकट और बारकोडेड UTS प्रणाली का संचालन।

इन प्रयासों से महा कुंभ 2025 के दौरान श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुविधाजनक और तकनीकी रूप से उन्नत यात्रा अनुभव प्राप्त होगा।

प्रवासी भारतीय एक्सप्रेस: भारत की विरासत से जुड़ने का एक अद्वितीय अवसर

बिलासपुर। भारत, एक ऐसा देश जिसकी धडक़नें उसके गौरवशाली इतिहास में बसती हैं और जहां आध्यात्मिकता हर गली और चौराहे पर जीवंत है, हमेशा से अपने लोगों के लिए प्रेरणास्त्रोत रहा है। भारतीय सदियों से प्रवासी रहे हैं और अपनी समृद्ध संस्कृति, विरासत और अदम्य आत्मा को हर जगह साथ लेकर गए हैं। आज ये वैश्विक भारतीय अपनी जड़ों से जुड़े रहने की भावना और अपने मूल से गहराई से जुडऩे की लालसा रखते हैं। इसी सोच को अपनाते हुए, विदेश मंत्रालय (रूश्व्र) ने प्रवासी भारतीय एक्सप्रेस नामक एक क्रांतिकारी सेवा शुरू की है।
यह केवल एक ट्रेन नहीं है, बल्कि भारतीय प्रवासी और उनके मूल भारत के बीच के रिश्ते का प्रतीक है। यह 15 दिनों का असाधारण यात्रा कार्यक्रम है जिसे भारत गौरव टूरिस्ट ट्रेन पर आयोजित किया गया है। यह भारत की आध्यात्मिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत का एक अनूठा प्रदर्शन है। प्रवासी भारतीय एक्सप्रेस की अवधारणा इस परियोजना की आत्मा, विदेश मंत्रालय द्वारा तैयार किए गए स्पेशल नो इंडिया प्रोग्राम (स््यढ्ढक्क) और प्रवासी तीर्थ दर्शन योजना (क्कञ्जष्ठङ्घ) के पीछे के उद्देश्य की एक सटीक अभिव्यक्ति है। इसका लक्ष्य यह है कि विदेशी भारतीयों को अपने देश की सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और ऐतिहासिक पहचान को फिर से महसूस करने का एक अनूठा अवसर प्रदान किया जाए। यह एक साधारण यात्रा नहीं है, बल्कि एक भावनात्मक पहल है जो वैश्विक भारतीयों को उनके पूर्वजों के पदचिह्नों पर चलने, भारत की प्राचीन धडक़नों को महसूस करने और समय के साथ आए परिवर्तनों को अपनी आंखों से देखने का मौका देती है।
इस परियोजना के तहत, विदेश मंत्रालय द्वारा दिए गए मानदंडों के आधार पर विभिन्न देशों से प्रतिभागियों का चयन किया जाता है। प्रत्येक समूह में 40 प्रतिभागी शामिल होते हैं और उन्हें यह अद्भुत यात्रा कराई जाती है। इस पहल को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए, एक डीलक्स एसी पर्यटक ट्रेन भारत गौरव टूरिस्ट ट्रेन तैयार की गई है, जो इस अनूठी यात्रा के लिए समर्पित है।
चलती हुई महलनुमा ट्रेन
भारत गौरव डीलक्स एसी टूरिस्ट ट्रेन भारतीय रेलवे द्वारा प्रदान की जाने वाली सर्वश्रेष्ठ ट्रेन है। इसमें 14 शानदार डिब्बे हैं, जो आधुनिक आराम और पारंपरिक भारतीय यात्रा के अनुभव का मेल प्रस्तुत करते हैं। पहले एसी के चार डिब्बे विशेष और आरामदायक सुविधाएं प्रदान करते हैं। दूसरे एसी के दो डिब्बे शांत और सुसज्जित आवास प्रदान करते हैं। तीसरे एसी के तीन डिब्बे किफायती और आरामदायक यात्रा का अनुभव देते हैं। इस ट्रेन में दो भव्य भोजनालय भी हैं, जहां प्रतिभागी विभिन्न प्रकार के व्यंजन का आनंद ले सकते हैं। इसके अलावा, ट्रेन में उच्च गुणवत्ता वाले भोजन तैयार करने के लिए एक अद्वितीय रसोईघर और यात्रा के दौरान बिजली आपूर्ति के लिए जनरेटर कारें भी हैं। प्रारंभिक यात्रा प्रवासी भारतीय एक्सप्रेस की पहली यात्रा 9 जनवरी 2025 को हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन, दिल्ली से शुरू होगी। इस विशेष यात्रा में 27 देशों से आए 150 प्रतिभागी शामिल होंगे। दिल्ली में आने वाले दिन प्रतिभागी दिल्ली के ऐतिहासिक स्थलों जैसे लाल किला, कुतुब मीनार, और अन्य सांस्कृतिक और वाणिज्यिक स्थलों का दौरा करेंगे।

अनूठा यात्रा कार्यक्रम

यह यात्रा छह राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश को कवर करते हुए भारत के सांस्कृतिक, धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों का अनुभव प्रदान करेगी। प्रमुख गंतव्यों में शामिल हैं:

1. दिल्ली – राष्ट्रपति भवन, इंडिया गेट और लोटस टेम्पल का दौरा।

2. अयोध्या – श्रीराम जन्मभूमि मंदिर, हनुमान गढ़ी और सरयू आरती।

3. वाराणसी – काशी विश्वनाथ मंदिर, गंगा आरती और सारनाथ।

4. पटना – बुद्ध स्मृति पार्क और पटनासाहिब गुरुद्वारा।

5. बोधगया – महाबोधि मंदिर और विष्णुपद मंदिर।

6. चेन्नई और महाबलीपुरम – प्राचीन द्रविड़ वास्तुकला के अद्भुत उदाहरण।

7. रामेश्वरम – रामनाथस्वामी मंदिर।

8. मदुरै – मीनाक्षी अम्मन मंदिर।

9. कोच्चि – फोर्ट कोच्चि और चीनी मछली जाल।

10. गोवा – विश्व धरोहर स्थल, बासिलिका ऑफ बॉम जीसस।

11. केवडिय़ा – “स्टैच्यू ऑफ यूनिटी”।

12. अजमेर और पुष्कर – दरगाह शरीफ और पुष्कर झील।

13. आगरा – विश्व प्रसिद्ध ताजमहल।

प्रमुख पहल

“प्रवासी भारतीय एक्सप्रेस” एक यात्रा मात्र नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, विरासत और आत्मा का उत्सव है। यह परियोजना विदेश मंत्रालय और आईआरसीटीसी के सहयोग से भारत के प्रवासी समुदाय को उनके मूल से फिर से जोडऩे के लिए शुरू की गई है ।

 

सड़क हादसों में जान बचाने वालों को मिलेगा 25 हजार का इनाम

नई दिल्ली। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने शनिवार को नागपुर में आयोजित एक कार्यक्रम में सड़क हादसों में घायल होने वालों को समय पर अस्पताल पहुंचाने वालों के लिए एक अहम घोषणा की। उन्होंने बताया कि वर्तमान में सरकार द्वारा पांच हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाती है, लेकिन अब इस राशि को बढ़ाकर 25 हजार रुपये किया जाएगा। यह फैसला सड़क सुरक्षा को लेकर सरकार की लगातार बढ़ती चिंता और हादसों में जान गंवाने वाले लोगों की संख्या में वृद्धि के मद्देनज़र लिया गया है।

इस कार्यक्रम में गडकरी ने यह भी बताया कि सड़क पर गलत तरीके से खड़े वाहनों की जानकारी देने वालों के लिए एक नई योजना की शुरुआत की जा रही है। इस योजना के तहत यदि कोई व्यक्ति सड़क पर खड़े वाहन का फोटो नंबर सहित भेजता है और उसका चालान होता है, तो उस व्यक्ति को चालान की राशि का 10 प्रतिशत कमीशन के रूप में मिलेगा। इससे नागरिकों में सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता और सक्रियता बढ़ेगी।

गडकरी ने दुख जताया कि सड़क हादसों में हर दिन औसतन 474 लोग अपनी जान गंवा रहे हैं। 2024 में कुल 1,80,000 लोगों की सड़क हादसों में मौत हुई, जिनमें से 66 प्रतिशत लोग 18 से 34 वर्ष आयु वर्ग के थे। इसके अलावा, उन्होंने यह भी बताया कि 50,000 लोग ऐसे थे जिन्हें यदि समय पर अस्पताल पहुंचाया जाता तो उनकी जान बचाई जा सकती थी।

मंत्री ने यह भी बताया कि सड़क सुरक्षा से संबंधित एक चिंताजनक आंकड़ा यह है कि इस वर्ष दस हजार बच्चों की मौत स्कूलों के गलत एंट्री-एग्जिट के कारण हुई है। गडकरी ने राज्य सरकारों से आग्रह किया कि वे अपने बजट में 1000 से 2000 करोड़ रुपये की व्यवस्था करें ताकि स्कूलों के सामने रोड डिजाइन को बेहतर किया जा सके और फुटओवर ब्रिज बनाए जा सकें।

गडकरी ने सड़क सुरक्षा और दुर्घटनाओं को कम करने के लिए सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदमों की जानकारी दी और नागरिकों से अपील की कि वे सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करें और एक जागरूक नागरिक के रूप में सरकार की योजनाओं में सहयोग करें।

गणतंत्र दिवस पर 500 प्रधानों को मिलेगा सम्मान

नई दिल्ली। गणतंत्र दिवस के मौके पर 500 ग्राम प्रधानों को विशेष रूप से सम्मानित किया जाएगा, जिन्होंने केंद्र सरकार की योजनाओं को अपने गांवों में प्रभावी रूप से लागू किया है। यह सम्मान उन प्रधानों को मिलेगा जिन्होंने अपनी पंचायतों में केंद्र की दस प्रमुख योजनाओं में से कम से कम छह योजनाओं को 90 प्रतिशत या उससे अधिक लाभार्थियों तक पहुंचाया है। इस समारोह में भाग लेने वाले प्रधानों को विशिष्ट अतिथि के रूप में आमंत्रित किया जाएगा।

केंद्र और राज्य सरकारों की सहयोगी भूमिका

पंचायतीराज मंत्रालय के इस प्रयास से यह साफ होता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कल्याणकारी योजनाएं राज्यों और केंद्र के बीच सहयोग बढ़ाने में सफल हो रही हैं। यह कदम प्रधानों की मेहनत और योजनाओं के प्रभावी कार्यान्वयन को मान्यता देने के लिए उठाया गया है।

500 प्रधानों को मिलेगा अवसर

सरकार ने राज्यों से उन ग्राम प्रधानों के नाम मांगे हैं जिन्होंने केंद्रीय योजनाओं को संतुष्टि के स्तर पर लागू किया है। इस प्रक्रिया के तहत डाटा संकलन जारी है और कुल 500 प्रधानों को इस सम्मान समारोह में स्थान मिलेगा।

महत्वपूर्ण योजनाओं के तहत कार्यान्वयन

इन प्रमुख योजनाओं में हर घर जल योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, और प्रधानमंत्री मातृ वंदन योजना जैसी योजनाएं शामिल हैं। इन योजनाओं के माध्यम से ग्राम प्रधानों ने अपने गांवों में सामाजिक और आर्थिक बदलाव लाने में अहम भूमिका निभाई है।

अधिकारियों द्वारा किया जाएगा सत्यापन

सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि इन योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का सत्यापन विभिन्न तरीकों से किया जाएगा और राज्य सरकारों द्वारा भेजे गए आंकड़ों के आधार पर ग्राम प्रधानों का चयन किया जाएगा।

पंचायतीराज मंत्रालय द्वारा सम्मान

इस समारोह के अंतर्गत ग्राम प्रधानों को न केवल सम्मानित किया जाएगा, बल्कि उन्हें पंचायतीराज मंत्रालय द्वारा उनके योगदान के लिए विशेष रूप से सराहा जाएगा।

प्रधानमंत्री मोदी ‘विकसित भारत युवा नेता संवाद’ में भाग लेंगे, 3 हजार युवाओं से करेंगे संवाद

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को ‘विकसित भारत युवा नेता संवाद’ में भाग लेंगे, जिसमें देशभर के 3,000 युवा नेताओं से बातचीत करेंगे। यह संवाद 12 जनवरी, राष्ट्रीय युवा दिवस के मौके पर आयोजित किया जा रहा है, जो स्वामी विवेकानंद की जयंती के रूप में मनाया जाता है। यह कार्यक्रम बिना किसी राजनीतिक पृष्ठभूमि के एक लाख युवाओं को राजनीति में लाने के प्रधानमंत्री के प्रयास का हिस्सा है।

राष्ट्रीय युवा महोत्सव का नया रूप

प्रधानमंत्री मोदी का यह संवाद ‘राष्ट्रीय युवा महोत्सव’ का एक नया रूप है। प्रधानमंत्री, युवा नेताओं के साथ पूरे दिन विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करेंगे, जिसमें ‘विकसित भारत’ की दिशा में उनके विचारों पर जोर दिया जाएगा। मोदी ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि वह इन युवाओं से विज्ञान, प्रौद्योगिकी, नवाचार और संस्कृति जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा करेंगे।

युवाओं की नई पहल और विचार

इस संवाद में युवा नेता भारत की प्रमुख चुनौतियों पर पावरपॉइंट प्रस्तुतियां देंगे, जिसमें प्रौद्योगिकी, महिला सशक्तिकरण, स्थिरता, विनिर्माण, कृषि जैसे क्षेत्रों में नयी सोच और समाधानों की पेशकश की जाएगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस संवाद का उद्देश्य भारतीय युवाओं की ऊर्जा और रचनात्मकता को दिशा देना है, ताकि वे ‘विकसित भारत’ के सपने को साकार कर सकें।

रात्रिभोज में नीति निर्माताओं से मिलेंगे युवा

कार्यक्रम का समापन केंद्रीय मंत्रियों और सांसदों द्वारा आयोजित रात्रिभोज से होगा। यह युवाओं को एक अनौपचारिक वातावरण में नीति निर्माताओं के साथ संवाद करने का अवसर प्रदान करेगा, जिससे भारत के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले विचारों का आदान-प्रदान होगा।

युवाओं को मिलेगा मंच

केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल और श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया के नेतृत्व में यह आयोजन भारत मंडपम, नई दिल्ली में किया जा रहा है। यह राष्ट्रीय युवा महोत्सव का नया रूप है, जिसका उद्देश्य युवाओं को ‘विकसित भारत’ के लिए नवाचारी समाधान प्रस्तुत करने का एक अद्वितीय मंच प्रदान करना है।

भारत को ट्रंप के शपथ ग्रहण समारोह का न्योता, जयशंकर होंगे अमेरिका में शामिल

 नई दिल्ली। अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के शपथ ग्रहण समारोह में भारत को भी न्योता मिला है। विदेश मंत्री एस जयशंकर 20 जनवरी को शपथ ग्रहण समारोह में भारत सरकार का प्रतिनिधित्व करने के लिए अमेरिका जाएंगे। इस दौरान जयशंकर ट्रंप प्रशासन के अधिकारियों और अन्य गणमान्य व्यक्तियों से मुलाकात करेंगे।

भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे जयशंकर

विदेश मंत्रालय ने रविवार को पुष्टि की कि एस जयशंकर इस महत्वपूर्ण यात्रा के दौरान ट्रंप प्रशासन के प्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे। इस यात्रा का उद्देश्य भारत-अमेरिका संबंधों को और प्रगाढ़ बनाना है।

जयशंकर का बयान

एस जयशंकर ने पहले ट्रंप के राष्ट्रपति चुनाव में जीत के बाद कहा था कि जबकि कई देश अमेरिका की नीतियों को लेकर चिंतित हैं, भारत को इससे कोई घबराहट नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि ट्रंप को प्रधानमंत्री मोदी से पहली तीन फोन कॉल्स में से एक भारत से की गई थी।

शपथ ग्रहण 20 जनवरी को

शपथ ग्रहण समारोह 20 जनवरी को होगा, जो ट्रंप की चुनावी जीत के दो हफ्ते बाद आयोजित किया जाएगा। 6 जनवरी को ट्रंप की जीत को प्रमाणित किया गया था, जिसमें किसी सांसद ने कोई आपत्ति नहीं जताई। ट्रंप को 312 इलेक्टोरल वोट मिले, जबकि कमला हैरिस को 226 वोट मिले।

कमला हैरिस द्वारा जीत की घोषणा

कमला हैरिस ने ट्रंप की जीत की घोषणा की, और कांग्रेस के संयुक्त सत्र में रिपब्लिकन सांसदों ने तालियां बजाकर इसका स्वागत किया। इस दौरान दोनों दलों के सांसदों ने एकजुट होकर सत्र को समाप्त किया।

मणिपुर में सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता

 इंफाल। मणिपुर के चुराचांदपुर और तेंगनौपाल जिलों में सुरक्षा बलों ने तलाशी अभियान के दौरान भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक सामग्री बरामद की। चुराचांदपुर पुलिस स्टेशन के तहत ओल्ड गेलमोल गांव में एक एके-56 राइफल और चीनी मूल का एक हैंड ग्रेनेड सहित सात फायर आर्म्स बरामद किए गए। इसके अलावा, तेंगनौपाल जिले के गोवाजंग क्षेत्र में भी सुरक्षा बलों ने लगभग 1 किलोग्राम वज़न के दो आईईडी और 5 किलोग्राम वज़न का एक आईईडी बरामद किया।

इस दौरान, इंफाल पूर्वी जिले में भी सुरक्षा बलों ने नुंगब्रम और लैरोक वैफेई क्षेत्रों से 7.62 एमएम रूसी आरपीडी मशीन गन और 5.56 एमएम आइएनएसएएस राइफल समेत दो और हथियार, चार हैंड ग्रेनेड, दो वायरलेस रेडियो सेट और गोलियां बरामद कीं। कंगपोकपी जिले में लैमाटोन थांगबुह के पास नेपाली खुट्टी क्षेत्र से तीन हथियार, एक डेटोनेटर और गोलियां भी जब्त की गईं।

मणिपुर में मई महीने से जातीय हिंसा जारी है, जिसमें 250 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है और हजारों लोग अपने घरों से बेघर हो गए हैं। सुरक्षा बलों द्वारा यह कार्रवाई मणिपुर में शांति बहाल करने और हिंसा पर काबू पाने के प्रयासों का हिस्सा है।

मुख्यमंत्री साय से अडानी समूह के चेयरमैन ने की मुलाकात

रायपुर । मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय से आज यहां उनके निवास में अडानी समूह के चेयरमैन  गौतम अडानी ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री से चर्चा के दौरान  अडानी ने बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार की दूरदर्शी व पारदर्शी नीतियों ने उद्योगपतियों का भरोसा जीता है, जिसके फलस्वरूप रायपुर, कोरबा और रायगढ़ में पावर प्लांट्स के विस्तार के लिए अडानी समूह की 60 हजार करोड़ रुपए के निवेश की योजना है। इस परियोजना से छत्तीसगढ़ की विद्युत उत्पादन क्षमता में अतिरिक्त 6,120 मेगावाट की वृद्धि होगी। ऊर्जा के क्षेत्र में इस बड़े विस्तार से राज्य न केवल आत्मनिर्भर बनेगा, बल्कि अन्य राज्यों को ऊर्जा आपूर्ति में भी मदद करेगा।

चर्चा के दौरान सीमेंट उद्योग में भी निवेश को बढ़ावा देने को लेकर बात हुई। अडानी समूह ने राज्य में सीमेंट प्लांट्स के विस्तार के लिए 5 हजार करोड़ रुपए के निवेश पर सहमति व्यक्त की। इससे छत्तीसगढ़ में सीमेंट उद्योग को मजबूती मिलेगी और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

नई योजनाओं पर हुई चर्चा

मुख्यमंत्री और  अडानी की मुलाकात के दौरान छत्तीसगढ़ में रक्षा उपकरण निर्माण, डेटा सेंटर और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर स्थापित करने की संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श हुआ। सरकार की पहल राज्य को उभरते उद्योगों का प्रमुख केंद्र बनाना है। वर्तमान समय की जरूरतों को देखते हुए नवाचारी गतिविधियों को बढ़ावा देने के संबंध में भी विचार साझा किए गए।

छत्तीसगढ़ के विकास के लिए अडानी समूह 10 हजार करोड़ रुपए का व्यय करेगा

अडानी ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री साय के सुझाव पर अडानी समूह द्वारा शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए राज्य में अगले चार वर्षों में लगभग 10 हजार करोड़ का व्यय सीएसआर एवं अन्य स्त्रोतों से किया जाएगा। यह पहल राज्य के सामाजिक और आर्थिक विकास को नई ऊंचाई पर ले जाएगी।

तकनीकी शिक्षा पर विशेष जोर

अडानी समूह युवाओं में रोजगार आधारित कौशल विकास के लिए काम करेगा। इससे तकनीकी कौशल आधारित मानव संसाधन की पर्याप्त उपलब्धता होगी। औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) में भविष्य की जरूरतों के अनुसार पाठ्यक्रम को डिजाइन किया जाएगा ताकि स्थानीय युवाओं को पर्याप्त अवसर मिले। साथ ही अडानी समूह छत्तीसगढ़ में शिक्षा और कौशल विकास को नई दिशा देने के लिए स्किलिंग एक्सीलेंस स्कूल और नवा रायपुर में प्रीमियम स्कूल की स्थापना करेगी। यह पहल राज्य में युवाओं और बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और अत्याधुनिक कौशल प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का एक महत्वपूर्ण प्रयास सिद्ध होगा।

स्वास्थ्य सुविधाओं को बढ़ावा देने पर होगा काम

इसके साथ अडानी समूह स्वास्थ्य सुविधाओं को विस्तार देने पर भी काम करेगा जिससे छत्तीसगढ़ के नागरिकों को उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सके । एम्स रायपुर और मेकाहारा अस्पताल के पास मरीजों के परिजनों के लिए 1000 बेड डॉर्मिटरी की सुविधा भी शुरू की जाएगी।

पर्यटन और ग्रामीण विकास परियोजनाओं को मिलेगी गति

अडानी समूह छत्तीसगढ़ में ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्थलों को पर्यटकों के लिए आकर्षक बनाने नई परियोजनाओं पर काम करेगा। इससे प्राकृतिक सौंदर्य और छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक धरोहर को विश्व स्तर पर पहचान मिल सकेगी। इसी तरह ग्रामीण विकास के अंतर्गत सुविधाओं को विस्तार देने पर भी काम किया जाएगा।

सड़क सुरक्षा रैली में जागरूकता का संदेश

बिलासपुर । जिलामें सड़क सुरक्षा माह 2025 के तहत 12 जनवरी को मोटरसाइकिल हेलमेट जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। इस रैली में पचपेड़ी के व्यापारी संघ, जनप्रतिनिधि और स्थानीय नागरिकों ने सक्रिय भागीदारी की।

बिलासपुर के पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह (भापुसे) के निर्देश पर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) उदयन बेहार और सीएसपी (सरकंडा) सिद्धार्थ बघेल के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी पचपेड़ी श्रवण कुमार टंडन ने इस आयोजन का नेतृत्व किया।

रैली ग्राम पचपेड़ी, धूर्वाकारी, लोढाबोर और चिल्हाटी से होकर निकली। इसमें तहसीलदार प्रकाश चंद साहू, व्यापारी संघ अध्यक्ष सुरेश खटकर, सरपंच धनराज नायक (पचपेड़ी), मंगल चंद पाटले (केवतरा), देवी लाल ध्रुव (मचहा), थाना स्टाफ और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।

इस जागरूकता रैली के माध्यम से लोगों को हेलमेट पहनने, नशे की स्थिति में वाहन न चलाने, तेज गति से बचने और यातायात नियमों का पालन करने के प्रति जागरूक किया गया। इस आयोजन ने सड़क सुरक्षा के महत्व को रेखांकित करते हुए लोगों को जिम्मेदार यातायात व्यवहार अपनाने के लिए प्रेरित किया।

युवाओं को प्रेरित करने वाला राष्ट्रीय युवा दिवस कार्यक्रम, अरुण ने किया संबोधित

  • युवा अपनी ऊर्जा, साहस और आत्मविश्वास से समाज के विकास में दें योगदान : अरुण साव

  • राष्ट्रीय युवा दिवस कार्यक्रम में शामिल हुए उप मुख्यमंत्री

बिलासपुर। उप मुख्यमंत्री  अरुण साव आज नारायणपुर में रामकृष्ण मिशन आश्रम में आयोजित राष्ट्रीय युवा दिवस कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए राज्य सरकार हरसंभव सहयोग कर रही है। युवाओं की अच्छी शिक्षा के लिए नारायणपुर जिले के अंदरूनी क्षेत्रों में स्वामी विवेकानंद रामकृष्ण मिशन आश्रम संचालित किए जा रहे हैं, जहां शिक्षा के साथ-साथ भारतीय संस्कृति और समाज के उत्थान के कार्य हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने अपनी कुशाग्र बुद्धि से भारतीय दर्शन और संस्कृति को देश-विदेश में प्रतिष्ठित किया। उन्होंने भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए 11 सितम्बर 1893 में शिकागो की धर्मसभा में जो संबोधन दिया, वह अविस्मरणीय है। वन मंत्री श्री केदार कश्यप और रामकृष्ण मिशन आश्रम के सचिव स्वामी व्याप्तानंद जी महाराज भी कार्यक्रम में शामिल हुए।

उप मुख्यमंत्री  अरुण साव ने कार्यक्रम में कहा कि रामकृष्ण मिशन आश्रम द्वारा क्षेत्र में संचालित की जा रहीं विभिन्न गतिविधियां और सामाजिक उत्थान के कार्य अनुकरणीय है। बच्चों को शिक्षा के साथ आत्मनिर्भर बनाने कलात्मक दृष्टि से प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने बच्चों और युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि असफलता से कभी निराश होने की जरूरत नहीं है। युवाओं को सकारात्मक ऊर्जा, साहस और आत्मविश्वास के साथ भयमुक्त होकर आगे बढ़ना चाहिए।

वन मंत्री  केदार कश्यप ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि युवा स्वामी विवेकानंद जी के जीवन का अनुसरण कर अपने जीवन को सफल बनाएं। मनुष्य के दिल में देश और मातृभूमि के प्रति हमेशा सम्मान की भावना होनी चाहिए। परिश्रम ही अच्छा जीवन प्राप्त करने का साधन है। उन्होंने भगवान बिरसा मुण्डा और स्वतंत्रता सेनानियों का जिक्र करते हुए उनके बताए मार्गों पर चलकर समाज को आगे बढ़ाने का आग्रह किया।

रामकृष्ण मिशन आश्रम के सचिव स्वामी व्याप्तानंद जी महाराज ने कार्यक्रम में कहा कि आज पूरा देश युवाओं के साथ खड़ा है। नारायणपुर में रामकृष्ण मिशन 1984 से काम कर रहा है। अबूझमाड़ के लोगों के बेहतर स्वास्थ्य और शिक्षा के लिए इस आश्रम की स्थापना हुई है। यहां के बच्चे आश्रम में पढ़ाई कर सफल होकर समाज में अमूल्य योगदान दे रहे हैं। कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाई, पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार, जिला पंचायत के सीईओ  वासु जैन और स्वामी अनुभवानंद सहित जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक और छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में कार्यक्रम में मौजूद थे।