कोंडागाँव में आयोजित 2025 द्वितीय छत्तीसगढ़ स्टेट रैंकिंग टेबल टेनिस प्रतियोगिता के अंडर-11 वर्ग में बिलासपुर के मास्टर शिवाय मेघानी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए उपविजेता का खिताब अपने नाम किया। कोच के. वेंकट प्रसाद और के. साई प्रशांत के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे शिवाय ने फाइनल तक पहुँचकर दमदार खेल का प्रदर्शन किया। माता-पिता डॉ. राकेश मेघानी और डॉ. प्रियांका मेघानी के सहयोग से मिली इस उपलब्धि ने परिवार सहित खेल जगत को गौरवान्वित किया है।
बस्तर
SEBI : जेन स्ट्रीट पर सेबी ने लगाया प्रतिबंध 4,844 करोड़ लौटाने का आदेश
नईदिल्ली। भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) ने अमेरिकी ट्रेडिंग फर्म जेन स्ट्रीट पर भारतीय शेयर बाजार में हेराफेरी का आरोप लगाते हुए प्रतिबंध लगा दिया। सेबी ने फर्म को 4,844 करोड़ की अवैध कमाई लौटाने का आदेश दिया है और जब तक पूरी राशि जमा नहीं हो जाती, तब तक कारोबार पर रोक रहेगी। सेबी के सदस्य अनंत नारायण के 105 पेज के आदेश में कहा गया कि जेन स्ट्रीट ने साप्ताहिक एक्सपायरी वाले दिनों में इंडेक्स ऑप्शंस में अनुचित तरीके अपनाए।
SEBI : जेन स्ट्रीट पर सेबी ने लगाया प्रतिबंध 4,844 करोड़ लौटाने का आदेश
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फर्म ने पहले ऑप्शंस में बड़ी पोजिशन ली, फिर क्चड्डठ्ठद्म हृद्बद्घह्ल4 के 12 प्रमुख शेयरों और उनके फ्यूचर्स में भारी खरीदारी कर कीमतों को ऊपर धकेला, जिससे ऑप्शंस में मोटा मुनाफा हुआ। जांच में पता चला कि जनवरी 2023 से मार्च 2025 तक जेन स्ट्रीट ने ऑप्शंस ट्रेडिंग से ?44,358 करोड़ कमाए, लेकिन अन्य सेगमेंट में 7,687 करोड़ का नुकसान हुआ। फिर भी, उसका शुद्ध लाभ 36,671 करोड़ रहा। सेबी ने इसे अनुचित ट्रेडिंग प्रथाओं का उल्लंघन माना। निवेशकों के हित में सेबी ने सभी एक्सचेंजों को जेन स्ट्रीट की गतिविधियों पर नजर रखने को कहा। यह कदम भारत के डेरिवेटिव बाजार में निष्पक्षता बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण है।
Microsoft ने 25 साल बाद पाकिस्तान से समेटा बोरिया-बिस्तर
नईदिल्ली। माइक्रोसॉफ्ट ने 25 साल बाद पाकिस्तान में अपने ऑपरेशन बंद कर दिए। कंपनी ने साल 2000 में वहां काम शुरू किया था और 3 जुलाई 2025 को इसे बंद कर दिया। पूर्व कंट्री मैनेजर जवाद रहमान ने इसे एक युग का अंत बताया। पाकिस्तान की अस्थिर अर्थव्यवस्था, उच्च कर, जटिल व्यापारिक प्रक्रियाएं और राजनीतिक अशांति ने वैश्विक कंपनियों के लिए काम करना मुश्किल बना दिया।
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माइक्रोसॉफ्ट की वैश्विक छंटनी और सॉफ्टवेयर-एज-ए-सर्विस मॉडल की ओर रणनीतिक बदलाव भी कारण रहा। कंपनी की स्थानीय उपस्थिति सीमित थी, केवल पांच कर्मचारियों के साथ। माइक्रोसॉफ्ट ने शिक्षा, सरकारी और कॉर्पोरेट सेक्टर में डिजिटल स्किल्स, रिमोट लर्निंग और तकनीकी सेवाएं प्रदान कीं। कंपनी ने सुदूर क्षेत्रों में कंप्यूटर लैब बनाकर डिजिटल डिवाइड कम किया। अब वह क्षेत्रीय कार्यालयों और स्थानीय पार्टनर्स के जरिए सेवाएं जारी रखेगी। यह कदम पाकिस्तान के टेक उद्योग और विदेशी निवेश के लिए चिंताजनक है। विशेषज्ञों का मानना है कि आर्थिक और नियामक स्थिरता न होने पर अन्य कंपनियां भी बाहर निकल सकती हैं।
Tata power ltd : रिन्यूएबल्स ने जून तिमाही में 752 मेगावाट सौर परियोजनाओं के साथ बनाया रिकॉर्ड
नई दिल्ली । टाटा पावर रिन्यूएबल्स के अनुसारउसने वित्त वर्ष 2025-26 की अप्रैल-जून तिमाही में रिकॉर्ड 752 मेगावाट की सौर परियोजनाएं शुरू की हैं। इसके साथ, कंपनी की कुल उपयोगिता-पैमाने की परिचालन क्षमता बढक़र 5.6 गीगावाट हो गई है,
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जिसमें 4.6 गीगावाट सौर और 1 गीगावाट पवन ऊर्जा शामिल है। कंपनी ने पिछले वित्त वर्ष (2024-25) की इसी अवधि में 354 मेगावाट सौर क्षमता शुरू की थी। टाटा पावर रिन्यूएबल्स ने इस उपलब्धि का श्रेय उन्नत इंजीनियरिंग, मजबूत आपूर्ति शृंखला, प्रभावी निष्पादन मॉडल और ठोस विक्रेता साझेदारी को दिया है। कंपनी ने चालू वित्त वर्ष में 1.7 गीगावाट की अपनी उपयोगिता स्वामित्व वाली क्षमता के साथ-साथ 1 गीगावाट की तृतीय-पक्ष परियोजनाओं को पूरा करने की योजना बनाई है।
अंजनी कुमार तिवारी’सुधाकर, उत्कल बिलास साहित्य सेवा रत्न’ से सम्मानित
बिलासपुर । रथयात्रा के पावन पावस काल में गुंडचा जगन्नाथ मंदिर, रेलवे कालोनी बिलासपुर में विगत वर्षों की भांति दिनांक ०१-०७-२०२५ को आयोजित उत्कल बिलास साहित्य सेवा का डा वामन चंद्र दीक्षित द्वारा संपादित बहुभाषी साहित्यिक पत्रिका उत्कल बिलास का विमोचन डा विनय कुमार पाठक-कुलपति थावे विद्या पीठ के मुख्य आतिथ्य, करुणाकर बेहरा की अध्यक्षता, न्यायमूर्ति चंद्र भूषण वाजपेई, पूर्व कुलपति हिदायतुल्लाह विधि विश्वविद्यालय, रायपुर के आसंदी प्रमुख के रुप में,डा राघवेन्द्र दुबे,डा बृजेश सिंह,डा एके यदू के विशिष्ट आतिथ्य में संपन्न हुआ।
विशिष्ट वक्ता के रुप में साकेत रंजन-वरिष्ठ रेल संरक्षा अधिकारी की उपस्थिति रही।
इस अवसर पर राष्ट्रीय साहित्य सेवा सम्मान के अंतर्गत छत्तीसगढ़ी,वंगीय तथा उत्कल साहित्यकारों के साथ ही अंजनी कुमार तिवारी’सुधाकर’, अध्यक्ष-राष्ट्रीय कवि संगम इकाई बिलासपुर को उनके छत्तीसगढ़ी,हिंदी व भोजपुरी भाषा के विकास व साहित्य सेवा के लिए उत्कल बिलास साहित्य सेवा सम्मान से सम्मानित किया गया।
काव्य,नृत्य व भजन संध्या के मनोहारी आयोजन ने कार्यक्रम को अद्वितीय बना दिया। सृष्टि गर्ग व सुश्री शौर्या भारत की गणेश व कृष्ण अनुनय नृत्य दर्शक दीर्घा का मन मोह लिया।
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इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ साहित्यकार यथा सनत कुमार तिवारी,अमृत लाल पाठक,राजेश सोनार,एम डी मानिकपुरी, बालमुकुंद श्रीवास,शीतल पाटनवार, शत्रुघ्न जशवानी’शाद’, आशीष श्रीवास,डा शुभेंदु मेहेर,डा निरंजन पण्डा,धनुर्जय हंतल,डा सुनीता मिश्रा,डा संगीता बनाफर,डा यादव, श्रीमती शोभा त्रिपाठी, रेणु वाजपेई, सीमा भट्टाचार्य, डा तन्मयी अगस्ती, यशोमति बारीक की उपस्थिति उल्लेखनीय रही।कार्यक्रम में स्वागत संबोधन निर्मल राउत,संचालन डा बामन चंद्र दीक्षित तथा आभार प्रदर्शन डा विवेक तिवारी ने किया।
श्री पीताम्बरा पीठ त्रिदेव मंदिर में आषाढ़ गुप्त नवरात्र उत्सव पर विभिन्न धार्मिक आयोजन
बिलासपुर। सरकण्डा स्थित श्री पीताम्बरा पीठ त्रिदेव मंदिर में आषाढ़ गुप्त नवरात्र उत्सव हर्षोल्लास के साथ धूमधाम से मनाया जा रहा है। पीठाधीश्वर आचार्य डॉ. दिनेश जी महाराज ने बताया कि त्रिदेव मंदिर में नवरात्र के छठवे दिन प्रातःकालीन श्री ब्रह्मशक्ति बगलामुखी देवी का विशेष पूजन श्रृंगार छिन्नमस्ता देवी के रूप में किया जाएगा।
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श्री शारदेश्वर पारदेश्वर महादेव का महारुद्राभिषेक, महाकाली महालक्ष्मी महासरस्वती देवी का षोडश मंत्र द्वारा दूधधारिया पूर्वक अभिषेक किया गया।परमब्रह्म मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम जी का पूजन एवं श्रृंगार किया गया।प्रतिदिन मध्यान्ह कालीन पीताम्बरा हवनात्मक महायज्ञ मे श्री ब्रह्मशक्ति बगलामुखी मंत्र के द्वारा आहुतियाँ दी जा रही है।
पीठाधीश्वर आचार्य डॉ. दिनेश जी महाराज ने बताया कि छिन्नमस्ता दस महाविद्या देवियों में से छठी देवी हैं। इनके एक हाथ में स्वयं का ही कटा हुआ सिर रखा होता है।माता छिन्नमस्ता काली का एक बहुत ही विकराल स्वरूप हैं। हालांकि, इन्हें जीवनदायिनी माना जाता है।छिन्नमस्ता देवी अपने मस्तक को अपने ही हाथों से काट कर, अपने हाथों में धारण करती हैं। मार्कण्डेय पुराण और शिव पुराण के अनुसार, जब देवी ने चण्डी का रूप धरकर राक्षसों का संहार किया था, तो चारों ओर उनका जय घोष होने लगा। परन्तु देवी की सहायक योगिनियाँ जया और विजया की खून की प्यास शान्त नहीं हो पाई थी। इस पर उनकी रक्त पिपासा को शान्त करने के लिए माँ ने अपना मस्तक काटकर अपने रक्त से उनकी रक्त प्यास बुझाई। इस कारण माता को छिन्नमस्तिका नाम से पुकारा जाने लगा। छिन्नमस्तिका देवी को तन्त्र शास्त्र में प्रचण्ड चण्डिका और चिन्तापूर्णी माता जी भी कहा जाता है।एक बार मां पार्वती अपनी दो सहचरियों के साथ भ्रमण पर निकलीं,इस दौरान माता पार्वती की रास्ते में मंदाकिनी नदी में स्नान करने की इच्छा हुई, मां पार्वती ने अपनी सहचारियों से भी स्नान करने को कहा, परंतु दोनों ने स्नान करने से इनकार कर दिया और कहा कि उनको भूख लग रही है,इस पर माता पार्वती ने उनको कुछ देर आराम करने को कहा और स्नान करने चली गईं।मां काफी देर तक स्नान करती रहीं, इसी बीच दोनों सहचरी कहती रही कि उनको भूख लग रही है. लेकिन माता ने दोनों की बात को अनसुना कर दिया,इस पर दोनों सहचरियों ने माता से कहा कि मां तो अपने शिशु का पेट भरने के लिए अपना रक्त तक पिला देती है,परंतु आप हमारी भूख के लिए कुछ भी नहीं कर रही हैं. यह बात सुनकर मां पार्वती को क्रोध आ जाता है और नदी से बाहर आकर खड्ग का आह्वान करके अपने सिर को काट देती हैं, जिससे उनके धड़ से रक्त की तीन धाराएं निकलती हैं दो धाराएं दोनों सहचरियों के मुंह में गिरती हैं,तीसरी धारा मां के स्वयं के मुख में गिरती है, इससे सभी देवताओं के बीच कोहराम मच जाता है।जिसके बाद भगवान शिव कबंध का रूप धारण कर देवी के प्रचंड रूप को शांत करते हैं। तब से मां पार्वती के इस रूप को छिन्नमस्ता माता कहा जाने लगा।
परासी धान मंडी में बाउंड्री वॉल निर्माण में घोटाला: अधिकारी बने मूकदर्शक
गौरेला पेंड्रा मरवाही । लवकेश सिंह दीक्षित। ग्राम पंचायत परासी की धान मंडी में 20 लाख रुपये की लागत से बन रही बाउंड्री वॉल का निर्माण कार्य अनियमितताओं और गुणवत्ताहीनता की भेंट चढ़ गया है। इस वॉल का उद्देश्य धान को चोरी और मवेशियों से होने वाले नुकसान से बचाना था, लेकिन निर्माण में हो रही मनमानी और घटिया गुणवत्ता यह साफ है बाउंड्री वॉल ज्यादा दिन नहीं रहेगी और सरकार और किसान को नुकसान होगा परंतु विभाग को इससे कोई मतलब ही नहीं है ग्राम पंचायत निवासी एवं सरपंच ने कहा है कि ठेकेदार कार्य में पारदर्शिता नहीं बरत रहा। जब उनसे शेड्यूल या एस्टीमेट मांगा जाता है, तो वे कहते हैं, “अधिकारी देंगे एस्टीमेट,” और जवाब देने से कतराते हैं। विभागीय अधिकारी भी इस मामले में चुप्पी साधे हुए हैं और फोन उठाने से बच रहे हैं।
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यहाँ तक कि उच्च अधिकारी भी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहे हैं। ठेकेदार का तर्क है, एस्टीमेट जानकर क्या करोगे? ठेकेदार यह बोलकर सूचना के अधिकार का भी उल्लंघन कर रहे हैं ऐसी स्थिति को देखते हुए साफ दिख रहा है ठेकेदार और अधिकारियों की मिली भगत है। नहीं तो इतनी शिकायतों के बाद भी उन पर कार्यवाही क्यों नहीं हो रही है किसानो का कहना है कि शासन की योजनाएं उनकी मेहनत को संरक्षित करने और आर्थिक उन्नति के लिए बनाई जाती हैं, लेकिन गुणवत्ताहीन निर्माण और लापरवाही के कारण वे लाभ से वंचित रह जाते हैं। परासी धान मंडी में बन रही यह बाउंड्री वॉल, जो धान को चोरी और मवेशियों से बचाने के लिए थी, अब घटिया सामग्री और मनमाने ढंग से हो रहे काम की वजह से बेकार साबित हो रही है। ग्रामीण स्तर में है इसलिए पता नहीं चल पाता है परंतु शासन-प्रशासन की नाक के नीचे चल रहा लाखों का खेल है।
राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन तहत मेंढुका, दर्री और सपनी के किसानों ने शुरू की मुंगफली की खेती
गौरेला पेंड्रा मरवाही। राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन (एनएमईओ) के तहत ग्राम मेंढुका, दर्री और सपनी के किसानों ने मौसम खुलते ही मुंगफली की बोनी शुरू कर दी है। देश में तिलहन फसलों का रकबा दिनों दिन कम होने के कारण भारत सरकार ने नेशनल मिशन ऑन एडिबल ऑयल योजना प्रारंभ किया है। इस योजना के तहत जिले में लगभग 200 हैक्टेयर में मुंगफली की खेती किया जाना है।
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इसके लिए कृषि विभाग के अधिकारियों द्वारा किसानों के साथ बैठक कर ग्राम एवं कलस्टर का चयन तथा उन्हें प्रशिक्षण देकर मुंगफली बीज का वितरण किया जा चुका है। उप संचालक कृषि सत्यजीत कंवर और ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी राकेश राठौर एवं रामायण सिंह मरपच्ची ने किसानों के खेत पहुंचकर उनके द्वारा किए जा रहे मुंगफली की बोनी का अवलोकन किया तथा आवश्यक मार्गदर्शन दिया।
लेमन ग्रास की खेती से महिलाएं लखपति दीदी बनने की ओर अग्रसर
गौरेला पेण्ड्रा मरवाही । प्राकृतिक सौंदर्य के साथ साथ अपने औषधियों गुणों के लिए विख्यात जीपीएम जिला एक नई खुशबू फैल रही है यह खुशबू है आत्मनिर्भरता की, समृद्धि की, और महिला सशक्तिकरण की। बिहान योजना के तहत जीपीएम जिले के ग्राम अमारू में महिला स्वसहायता समूहों द्वारा शुरू की गई लेमन ग्रास की खेती अब लखपति दीदी बनने की राह को प्रशस्त कर रही है। जनपद पंचायत पेण्ड्रा अंतर्गत गठित 10 महिला स्वसहायता समूहों ने लगभग 20 एकड़ भूमि पर लेमन ग्रास की खेती शुरू की है। इन समूहों में ज्योति महिला समूह, महामाया समूह, जय संतोषी माता समूह, हनी समूह प्रमुख हैं। यह सामूहिक प्रयास न केवल आर्थिक स्वतंत्रता की ओर एक बड़ा कदम है, बल्कि औषधीय पौधों के क्षेत्र में एक स्थायी ग्रामीण मॉडल भी बनता जा रहा है। ज्योति समूह की सदस्य गायत्री काशीपुरी ने बताया कि उनके समूह के 11 सदस्यों द्वारा पादप औषधि बोर्ड के सहयोग से यह खेती की जा रही है।
लेमन ग्रास की खेती से लखपति दीदी बनने की ओर अग्रसर जीपीएम की महिलाएं https://targetofchhattisgarh.com/lakhpati-didi/
लेमन ग्रास से तेल निकालकर इसे खुले बाजार और औषधीय संस्थानों में बेचा जाएगा, जो चाय, इत्र एवं औषधीय बनाने में उपयोग होता है। “हमने इस खेती को और विस्तार देने का संकल्प लिया है,” गायत्री ने कहा। महामाया समूह की सुशीला भानू, जय संतोषी माता समूह की पाबरिया भानू, और हनी समूह की श्रीमती पूजा ध्रुव ने सीईओ जिला पंचायत को बताया कि बिहान योजना के तहत उनके समूहों को 15 हजार रूपये की चक्रीय राशि, 60 हजार रूपये की सामुदायिक निवेश निधि (सीईएफ) और बैंक लिंकेज प्राप्त हुआ है। इससे महिलाएं सेंटरिंग प्लेट व्यवसाय, टेंट हाउस, सब्जी बाड़ी, किराना, बकरी व मुर्गी पालन जैसी अनेक आजीविकाएं चला रही हैं। सीईओ जिला पंचायत सुरेन्द्र प्रसाद बैद्य ने निरीक्षण के दौरान एनआरएलएम के जिला मिशन प्रबंधक दुर्गाशंकर सोनी को निर्देशित किया कि उद्यानिकी विभाग और मनरेगा के सहयोग से गांव की खाली पड़ी जमीनों को चिन्हित कर लेमन ग्रास खेती को और अधिक बढ़ावा दिया जाए। साथ ही उद्यानिकी अधिकारी मदन झां, सरपंच कमलीबाई, और सचिव को भी आवश्यक समन्वय हेतु निर्देशित किया गया। यह पहल से महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बना रही है, इस मॉडल को अन्य ग्राम पंचायतों में भी लागू करने के लिए निर्देशित किए इस दौरान एनआरएलएम समूह पीआरपी और ग्रामीण जन उपस्थित थे।
92 नग अवैध गोवा व्हिस्की जप्त, आरोपी जेल भेजा गया
गौरेला पेंड्रा मरवाही । आबकारी वृत्त मरवाही की टीम द्वारा रविवार को गस्त के दौरान मुखबिर से प्राप्त सूचना के आधार पर ग्राम धोबहर में प्रेमा सोनी के आधिपत्य से मध्य प्रदेश राज्य की अवैध शराब 92 नग पाव कुल मात्रा 16.560 बल्क लीटर गोवा व्हिस्की विदेशी मदिरा बरामद किया गया। आरोपी के विरुद्ध छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम के तहत अपराध पंजीबद्ध कर न्यायिक रिमांड लेकर जेल दाखिल किया गया है। जप्ती की कार्रवाई आबकारी उप निरीक्षक तुलेश कुमार देशलहरे, मुख्य आरक्षक सुधीर मिश्रा, आबकारी आरक्षक प्रकाश सिंह ठाकुर द्वारा की गई।