मरवाही/परासी। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के परासी और उसके आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली विभाग की मनमानी के कारण स्थानीय निवासियों का जीना दूभर हो गया है। आए दिन होने वाली अघोषित बिजली कटौती और मेंटेनेंस के नाम पर बरती जा रही लापरवाही से क्षेत्र की जनता आक्रोशित है।
समय पर मेंटेनेंस का अभाव, अधिकारी केवल देते हैं आश्वासन
स्थानीय लोगों का आरोप है कि परासी क्षेत्र में बिजली विभाग द्वारा समय पर लाइन मेंटेनेंस नहीं किया जा रहा है। ट्रांसफार्मर और बिजली लाइनों की खराब स्थिति के चलते हल्की हवा या सामान्य तकनीकी खराबी आते ही घंटों बिजली गुल हो जाती है। जब इस संबंध में बिजली विभाग के स्थानीय अधिकारियों को फोन किया जाता है, तो उनसे सिर्फ आश्वासन मिलते हैं, लेकिन धरातल पर सुधार की स्थिति शून्य है।
भरी-भरकम बिल, फिर भी अंधेरे में जीने को मजबूर ग्रामीण
एक ओर जहां विभाग उपभोक्ताओं से बिजली का भारी-भरकम बिल वसूल रहा है, वहीं दूसरी ओर बुनियादी सुविधा के नाम पर ग्रामीणों को केवल अंधेरा ही नसीब हो रहा है। भीषण गर्मी और दैनिक कार्यों के बीच बिजली की आंख-मिचौली ने लोगों की कमर तोड़ दी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि क्या बिजली विभाग केवल राजस्व अर्जन का केंद्र बन गया है? क्या विभाग की कोई जवाबदेही नहीं है कि वह उपभोक्ता को निर्बाध बिजली सेवा प्रदान करे?
विभाग की मंशा पर उठ रहे सवाल
क्षेत्रीय ग्रामीणों ने सवाल उठाया है कि आखिर बिजली विभाग की मंशा क्या है? क्या वे सुविधाओं के विस्तार के लिए हैं या सिर्फ बिजली बिल वसूली के लिए?
Author: Lovekesh Singh Dixit
Bureau Chief Gaurela Pendra Marwahi Mo. No. +918085565657



