शहडोल का सिंहपुर: इतिहास की अनमोल धरोहर और आस्था के प्राचीन केंद्रों का संगम

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शहडोल । शहडोल जिला मुख्यालय से 14 कि.मी. की दूरी और गौरेला पेंड्रा मरवाही जिला मुख्यालय से 45 कि.मी. पर स्थित सिंहपुर क्षेत्र अपनी गौरवशाली विरासत के लिए विख्यात है। यहाँ का ‘पंचमठा मंदिर’ जहाँ अपनी स्थापत्य कला के लिए राज्य संरक्षित स्मारक के रूप में पहचाना जाता है, वहीं इस क्षेत्र में पुराने समय से स्थापित काली माता मंदिर और राम-जानकी मंदिर भी स्थानीय लोगों की गहरी आस्था का केंद्र बने हुए हैं।

ऐतिहासिक पंचमठा मंदिर

11वीं-12वीं शताब्दी में कल्चुरी राजाओं के शासनकाल में निर्मित यह शिव मंदिर अपनी वास्तुकला की भव्यता के लिए जाना जाता है। मंदिर के मुख्य द्वार और दीवारों पर भगवान विष्णु व अन्य देवी-देवताओं की प्रतिमाएं उस काल की अद्भुत शिल्पकला को दर्शाती हैं। राज्य संरक्षित स्मारक होने के कारण यह आज भी अपनी पुरानी भव्यता को सहेजे हुए है।

आस्था के प्राचीन केंद्र: काली और राम-जानकी मंदिर

पंचमठा मंदिर के साथ-साथ सिंहपुर क्षेत्र में स्थित प्राचीन काली माता मंदिर जो दीक्षित परिवार की कुल देवी भी है और राम-जानकी मंदिर भी ऐतिहासिक महत्व रखते हैं। स्थानीय लोगों का मानना है कि ये मंदिर काफी पुराने समय से यहाँ स्थापित हैं और पीढ़ी-दर-पीढ़ी इन मंदिरों के प्रति भक्तों की अटूट आस्था रही है। राम-जानकी मंदिर का शांत परिवेश और काली माता मंदिर की दिव्यता यहाँ आने वाले श्रद्धालुओं को मानसिक शांति प्रदान करती है।

प्राचीन काली मंदिर

लोकमान्यताओं के अनुसार, दीक्षित परिवार के पूर्वज जब अपना निवास स्थान छोड़कर दूसरे राज्य जा रहे थे, तब वे थक गए और सिंहपुर में रुक गए। वहाँ उन्होंने एक लकड़ी रखी थी, जिसे वे भगवान मानकर पूजा कर रहे थे। एक चरवाहे ने उनसे पूछा कि यह तो साधारण लकड़ी है, यह भगवान कैसे हो सकते हैं? उस चरवाहे के पूछते ही वह लकड़ी हरी हो गई और वहीं महाकाली माता प्रकट होकर विराजमान हो गईं। दीक्षित परिवार ने माता को वहाँ से ले जाने का बहुत प्रयास किया, लेकिन वे कहीं नहीं गईं और वहीं स्थिर हो गईं।

सांस्कृतिक पहचान

ये सभी मंदिर मिलकर सिंहपुर को एक प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्र बनाते हैं। साल भर यहाँ भक्तों का तांता लगा रहता है, जो इस बात का प्रमाण है कि ये स्थल केवल ईंट-पत्थर के ढांचे नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति की जीवंत पहचान हैं।

Lovekesh Singh Dixit
Author: Lovekesh Singh Dixit

Bureau Chief Gaurela Pendra Marwahi Mo. No. +918085565657

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