महिला के साथ छेड़छाड़ करने वाले आरोपी को किया गिरफ्तार

बिलासपुर। महिला के साथ छेड़छाड़ करने वाले आरोपी के खिलाफ बिलासपुर पुलिस ने सख्त कार्रवाई की। थाना सिविल लाइन में दर्ज रिपोर्ट के आधार पर आरोपी विकास रोहरा को गिरफ्तार किया गया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़िता ने 04 जनवरी 2025 को थाना सिविल लाइन में लिखित आवेदन दिया था, जिसमें उसने आरोप लगाया था कि आरोपी ने 03 जनवरी 2025 को उसे छेड़ा। महिला ने बताया कि वह आरोपी के घर के पास खड़ी थी, तभी आरोपी काले रंग की कार से आया और उसे देखकर बुरी नियत से उसका हाथ पकड़ लिया, साथ ही चरित्र पर अपमानजनक टिप्पणी की।

इसके बाद पुलिस ने तत्परता से कार्रवाई करते हुए आरोपी विकास रोहरा (उम्र 37, निवासी रॉयल आर्चिड, 27 खोली, सिविल लाइन) को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।

इस मामले में पुलिस ने त्वरित जांच और कार्रवाई की, जिससे महिला को न्याय मिल सके

एटीएम में शटर बॉक्स में पट्टी लगाकर चोरी करने वाले आरोपियों को पकड़ा

बिलासपुर । पुलिस ने एटीएम में शटर बॉक्स में पट्टी लगाकर रकम चोरी करने वाले आरोपियों को पकड़ा है। आरोपी शहर के विभिन्न स्थानों पर एसबीआई एटीएम मशीनों के शटर बॉक्स में पट्टी लगाकर चोरी करते थे। 11 जनवरी 2025 को बापजी पार्क स्थित एसबीआई एटीएम मशीन से पैसे निकालने का प्रयास करने पर ग्राहक ने शटर बॉक्स पर नीली और सफेद पट्टी देखी और इसकी सूचना पुलिस को दी। मामले की जांच के दौरान एसीसीयू और सिविल लाइन पुलिस की संयुक्त टीम ने एटीएम के फुटेज का विश्लेषण किया और आरोपियों की पहचान की।

पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे महाराणा प्रताप चौक, बापजी पार्क और राजकिशोर नगर के एसबीआई एटीएम मशीनों में इस प्रकार की चोरी करते थे। पुलिस ने आरोपी से 30,000 रुपये नकद, घटना में प्रयुक्त कार (स्वीट डीजायर सीजी 06 जीजेड 5129) और तीन पट्टियां बरामद की। आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।

जप्ती सामाग्री में 30,000 रुपये नकद, स्वीट डीजायर कार और तीन पट्टियां शामिल हैं। आरोपियों में निलेश चंद्रवंशी, विरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी, महेन्द्र कुमार पटेल और योगेश पटेल शामिल हैं। पुलिस टीम की इस सफलता में सिविल लाइन पुलिस और एसीसीयू टीम का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

 

हत्या के मुख्य आरोपी को बिलासपुर पुलिस ने किया गिरफ्तार

विनोबा नगर में हुई हत्या के मुख्य आरोपी इंद्रजीत यादव को बिलासपुर पुलिस ने उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में पहले ही 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। फरार आरोपी को पकड़ने के लिए पुलिस ने सायबर सेल की मदद से प्रभावी कार्रवाई करते हुए उसे धर दबोचा।

24 अक्टूबर 2024 को मृतक हरिओम की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद तारबाहर थाने में मर्ग दर्ज किया गया था। पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देश पर मामले की जांच शुरू की गई। जांच के दौरान लेन-देन को लेकर विवाद की बात सामने आई। मृतक के परिजनों और गवाहों के बयान के आधार पर आरोपियों की पहचान की गई। इससे पहले पुलिस ने सुयश सिंह, सक्षम पांडेय, संतोष सोनी, तुषार मजूमदार, दामन सिंह और हर्षित गौरहा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।

मुख्य आरोपी इंद्रजीत यादव घटना के बाद फरार हो गया था। सायबर सेल की मदद से आरोपी के कॉल डिटेल और टावर लोकेशन का विश्लेषण किया गया। लोकेशन मिलने पर एक टीम को बलिया, उत्तर प्रदेश भेजा गया। आरोपी बार-बार ठिकाना बदल रहा था, लेकिन पुलिस ने घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से घटना में इस्तेमाल किया गया डंडा भी बरामद किया गया। आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर बिलासपुर लाकर न्यायालय में पेश किया गया और जेल भेज दिया गया।

पुलिस की इस कार्रवाई में निरीक्षक कृष्ण चंद सिदार, सहायक उपनिरीक्षक उमेश उपाध्याय, संजय शर्मा और आरक्षक राहुल राजपूत व ख्वाजा असलम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनकी तत्परता और तकनीकी विशेषज्ञता से यह मामला सुलझाया जा सका।

 

महाकुंभ 2025: रेलवे की विशेष तैयारियां शुरू

  • महाकुंभ के दौरान यात्रियों की सुविधाओं पर पूरा फोकस: अश्विनी वैष्णव

  • 5 लेवल पर सीसीटीवी कैमरा के माध्यम से मॉनिटरिंग, रेलवे बोर्ड में वार रूम : अश्विनी वैष्णव

  • 12 भारतीय भाषाओं में भी होगा अनाउंसमेंट

नईदिल्ली। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने महाकुंभ 2025 के परिप्रेक्ष्य में प्रयागराज क्षेत्र के 9 रेलवे स्टेशनों पर सीसीटीवी कैमरा के माध्यम से रेलवे बोर्ड द्वारा की जाने वाली मॉनिटरिंग व्यवस्था की शुरुआत की। उन्होंने 22 भारतीय भाषाओं और अंग्रेजी में यात्रियों को सूचना देने के लिए तैयार की गई बुकलेट को भी जारी किया। साथ ही प्रयागराज स्टेशन पर 12 भारतीय भाषाओं में होने वाली उद्घोषणा के शुरू होने की घोषणा की । इस मौके पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए अश्विनी वैष्णव ने कहा कि महाकुंभ भारतीय संस्कृति का महा आयोजन है। संगम में स्नान के लिए प्रयागराज जाने वाले यात्रियों के लिए प्रयागराज क्षेत्र के सभी 9 स्टेशनों पर व्यापक व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि पूरे महाकुंभ अवधि में भारतीय रेल द्वारा 10000 नियमित गाड़ियों के अलावा 3100 से अधिक विशेष गाड़ियों का परिचालन किया जाएगा। स्पेशल गाड़ियों की संख्या पिछले कुंभ की तुलना में साढ़े चार गुना होगी। उन्होंने कहा कि 1186 सीसीटीवी कैमरा के माध्यम से सभी स्टेशनों पर नजर रखी जाएगी। सभी स्टेशनों पर विशेष नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है और इसकी निगरानी रेलवे बोर्ड स्तर पर वार रूप से की जाएगी जहां राउंड द क्लॉक सीनियर अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है। उन्होंने कहा कि महाकुंभ के लिए आने वाले यात्रियों की सुविधा के लिए भारतीय रेल द्वारा गंगा पुल के निर्माण के साथ-साथ बनारस -माधोसिंह- प्रयागराज लाइन की डबलिंग और फाफामऊ- जंघई लाइन की डबलिंग की गई है। यात्रियों के लिए डायरेक्शन वाइस कलर कोडेड होल्डिंग एरिया बनाया गया है और अलग-अलग दिशा के लिए अलग-अलग रंग के टिकट जारी करने की भी व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि डिजिटल महाकुंभ के लिए बार कोडेड यूटीएस प्रणाली भी लॉन्च की गई है।

रेलवे बोर्ड वार रूम

प्रयागराज मेला क्षेत्र के सभी 9 स्टेशनों पर भारतीय रेल द्वारा लगभग 1200 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं जिसे प्राप्त फीड की मॉनिटरिंग और विश्लेषण की पांच स्तरीय व्यवस्था भारतीय रेल द्वारा की गई है। हर प्लेटफार्म की गतिविधि की मॉनिटरिंग मेला परिसर में स्थापित कंट्रोल रूम से किया जाएगा। स्टेशन पर स्थापित कंट्रोल रूम से स्टेशन के सभी प्लेटफार्म और सर्कुलेटिंग एरिया की मॉनिटरिंग की जाएगी। मंडल स्तर पर भी राउंड द क्लॉक मॉनिटरिंग हेतु अधिकारियों की टीम रहेगी ऐसे ही व्यवस्था जोनल स्तर पर भी की गई है। रेलवे बोर्ड में स्थापित वार रूम में ऑपरेटिंग, कमर्शियल, सिग्नल एवं टेलीकम्युनिकेशन, मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल और रेल सुरक्षा बल के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के तैनाती रहेगी जो महाकुंभ के लिए संचालित सभी गाड़ियों और प्रयागराज क्षेत्र के स्टेशनों की मॉनिटरिंग करेगी। स्टेशनों से प्राप्त सूचनाओं के आधार पर यात्री सुविधाओं के सुचारू संचालन और आवश्यकतानुसार विस्तार के संबंध में निर्णय लिया जा सकेगा।
विदित हो कि प्रयागराज में गंगा, यमुना एवं सरस्वती नदी के संगम पर 13 जनवरी से 26 फरवरी तक आयोजित हो रहा महाकुम्भ-2025 अपनी दिव्यता एवं भव्यता से सबको आकर्षित कर रहा है। 12 वर्ष के समय-अंतराल पर आयोजित होने वाले प्रयाग महाकुम्भ में इस वर्ष 40 करोड़ से अधिक लोगों के संगम में स्नान करने की उम्मीद है जिसमें भारतीय उपमहाद्वीप के देशों के लोग तो शामिल होंगे ही, संयुक्त राज्य अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, जापान, मलेशिया, इंडोनेशिया, कनाडा, मेक्सिको सहित 100 से अधिक देशों के श्रद्धालुओं की भी भागीदारी रहेगी।
महाकुम्भ 2025 को सफल तरीके से आयोजित करने में भारतीय रेल की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।
यात्रियों की सेवा एवं सुविधा के लिए प्रयाग क्षेत्र के 9 रेलवे स्टेशनों को विशेष तौर पर तैयार किया गया है। इन स्टेशनों में प्रयागराज जंक्शन, नैनी जंक्शन, प्रयागराज छिवकी, सूबेदारगंज, प्रयागराज संगम, प्रयाग जंक्शन, फाफामऊ जंक्शन, प्रयागराज रामबाग स्टेशन और झूंसी स्टेशन शामिल हैं।

प्रयागराज जंक्शन पर अनरिजर्व्ड क्लास के यात्रियों के प्रवेश हेतु भी अलग-अलग द्वार निर्धारित किए गए हैं, जबकि रिजर्व क्लास के यात्रियों को गेट संख्या 5 से स्टेशन में प्रवेश दिया जाएगा। होल्डिंग एरिया की कलर कोडिंग और अलग-अलग दिशा में जाने वाले यात्रियों के लिए अलग-अलग प्रवेश द्वार की व्यवस्था दूसरे स्टेशनों पर भी की गई है। अनरिजर्व्ड टिकट प्रणाली में भी दिशा वार अलग-अलग रंग के टिकटों की व्यवस्था की गई है।

इस वर्ष मुख्य स्नान पर्व के लिए छः तिथियां निर्धारित हैं।
– पौष पूर्णिमा: 13 जनवरी, 2025
– मकर संक्रांति: 14 जनवरी, 2025
– मौनी अमावस्याः 29 जनवरी, 2025
– बसंत पंचमी: 3 फरवरी, 2025
– माघ पूर्णिमा: 12 फरवरी, 2025
– महाशिवरात्रि: 26 फरवरी, 2025

सात नए प्लेटफॉर्मों के निर्माण के साथ प्रयागराज एरिया के सभी नौ स्टेशनों पर प्लेटफॉर्म की कुल संख्या बढ़कर 48 हो गई है। प्रयागराज एरिया के सात नए स्टेशनों पर सेकेंड एंट्री का डेवलपमेंट किया गया है।
प्रयागराज स्टेशन के सैटेलाइट स्टेशन के रूप में सूबेदारगंज स्टेशन का विकास किया गया है।

महाकुम्भ 2019 के दौरान कुल यात्रियों के 45 प्रतिशत का आगमन प्रयागराज जंक्शन पर हुआ था। अधिक स्टेशनों को चलाने के उद्देश्य से प्रयागराज, फाफामऊ, रामबाग और झूसी यार्ड की री-मॉडलिंग की गई है। प्रयागराज के सभी स्टेशनों को जोड़ने वाली सड़कों को अधिक चौड़ा किया गया है।वर्ष 2025 के महाकुम्भ को लक्ष्य में रखते हुए 17 नए अस्थाई यात्री आश्रय का निर्माण किया गया है जिसके साथ ही प्रयाग क्षेत्र में रेलवे आश्रय स्थलों की संख्या बढ़कर 28 हो गई है। आश्रय स्थलों की होल्डिंग कैपेसिटी 21,000 से बढ़कर 1,10,000 हो गई है।
प्रयाग क्षेत्र के सभी लेवल क्रॉसिंग गेट को बंद करते हुए 21 नए ROBs और RUBs का निर्माण किया गया है। जिससे रेल परिचालन अधिक सुगम हो गया है।
भारतीय रेल द्वारा प्रतिदिन 10 लाख से अधिक टिकट जारी करने की व्यवस्था की गई है, ताकि यात्रियों को टिकट लेने में किसी प्रकार की परेशानी न हो। डिजिटल महाकुम्भ को लक्षित करते हुए बारकोड आधारित UTS सिस्टम पर टिकट लेने की व्यवस्था की गई है।सभी प्लेटफॉर्म पर फर्स्ट एड बूथ की स्थापना की गई है और सभी स्टेशन पर मेडिकल ऑब्जरवेशन रूम बनाया गया है जहां राउंड द क्लॉक डॉक्टर और मेडिकल स्टाफ की तैनाती रहेगी। सभी प्लेटफॉर्म और स्टेशन परिसर में 1186 सीसीटीवी कैमरा के माध्यम से निगरानी की व्यवस्था की गई है। इसमें 764 नए कैमरे शामिल हैं। इनमें 116 कैमरा ऐसे हैं, जो फेस रिकॉग्नाइज करने में सक्षम हैं।

पूरी व्यवस्था को सुव्यवस्थित तरीके से संपादित करने हेतु रेलवे द्वारा 13,000 से अधिक कर्मचारियों की तैनाती की गई है। इसके अलावा राजकीय रेल पुलिस के लगभग 10,000 जवान भी रेलवे स्टेशन और रेलवे परिसर में यात्रियों की सेवा के लिए उपलब्ध रहेंगे। यात्रियों की सहायता के लिए 1000 से अधिक स्वयंसेवकों की सेवाएं भी रेलवे स्टेशनों पर उपलब्ध रहेगी। 1000 से अधिक स्वच्छता प्रहरी स्टेशन और स्टेशनों की सफाई को सुनिश्चित करने के लिए दिन-रात लगे रहेंगे।
स्टेशन नंबर आने वाले यात्रियों को कुंभ की भव्यता के आलोक में स्टेशनों की दीवारों पर 20000 स्क्वायर मीटर से अधिक एरिया में कुम्भ आधारित पेंटिंग कराई गई है।यात्रियों को सुविधा के लिए सभी स्टेशनों पर नए फुट ओवर ब्रिज शौचालय रैंप इत्यादि का निर्माण कराया गया है। प्लेटफॉर्म पर यात्रियों को निकास द्वारा की ओर ले जाने हेतु कलर्ड फुट मार्कर की व्यवस्था की गई है।

जनसेवा और विकास को सरकार का मुख्य उद्देश्य : त्रिलोक

 बेलतरा क्षेत्र में विद्युत विभाग के सब स्टेशन उद्घाटन समारोह में कांग्रेस नेता त्रिलोक श्रीवास सहयोगी सहित हुए सम्मिलित

बिलासपुर। सरकार चाहे कोई भी हो चाहे केंद्र की सरकार हो चाहे राज्य की सरकार हो, चाहे किसी भी राजनीतिक दल की सरकार हो उन सरकारों का और उनके नुमाइंदों का मुख्य उद्देश्य जन सेवा जनकल्याण के साथ समाज सेवा और राष्ट्र सेवा होता है ,बेलतरा क्षेत्र में दलगत भावना नहीं दिल से विकास कार्य किया जा रहा है, यह बातें जिले के लोकप्रिय कांग्रेस नेता त्रिलोक चंद्र श्रीवास, राष्ट्रीय समन्वयक- अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी ,प्रभारी प्रदेश कांग्रेस कमेटी उत्तर प्रदेश तथा गुजरात, मार्गदर्शक -जिला पंचायत सदस्य क्षेत्र क्रमांक-1, ने आज बेलतरा विधानसभा क्षेत्र के ग्राम बनियाडिह एवं सेलर में 33 / 11 केवी सब स्टेशन के उद्घाटन समारोह में कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए उपस्थित जनों को संबोधित किया, कार्यक्रम के मुख्य अतिथि क्षेत्रीय विधायक श्री सुशांत शुक्ला थे, इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में पंडित नवल किशोर शर्मा मोहन जायसवाल पवन सिंह ठाकुर रवि बघेल हृदय कश्यप लक्ष्मी नारायण साहू छत्रपाल सिंह दिनेश सिंह ठाकुर आनंद सिंह पवन सिंह मनीष साहू सुनील श्रीवास धनंजय कश्यप आनंद कश्यप राजेंद्र साहू सुरेंद्र साहू हरीश वर्मा अभिषेक कुमार धीवर मनोज पटेल छत्रपाल सिंह माधव शर्मा सहित विद्युत विभाग के अधीक्षक यंत्री सुरेश जांगड़े, कार्यपालन यंत्री मिलिंद पांडे, थाना प्रभारी सीपत गोपाल सतपति सहित एवं प्रशासन के अधिकारी कर्मचारी सहित सैकड़ो क्षेत्रवासी उपस्थित थे।

महा कुंभ 2025 के लिए रेलवे की विशेष तैयारियों की शुरुआत: सुरक्षा और सुविधाओं में होगी अभूतपूर्व वृद्धि

महाकुंभ । केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने महा कुंभ 2025 के लिए प्रयागराज क्षेत्र में रेलवे की तैयारियों को एक नया आयाम देते हुए कई प्रमुख परियोजनाओं और सुविधाओं का शुभारंभ किया।

मुख्य घोषणाएँ और उद्घाटन:

 कुंभ वार रूम का उद्घाटन:

  • • रेलवे बोर्ड में कुंभ वार रूम का शुभारंभ।
    • यह वार रूम 24×7 कार्य करेगा, जिसमें ऑपरेटिंग, कमर्शियल, आरपीएफ, मैकेनिकल, इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल जैसे विभिन्न विभागों के अधिकारी तैनात रहेंगे।
    • 1,176 सीसीटीवी कैमरों से प्राप्त लाइव फीड की मॉनिटरिंग प्लेटफॉर्म स्तर से लेकर रेलवे बोर्ड स्तर तक की जाएगी।
    • मॉनिटरिंग संरचना:
    • प्लेटफॉर्म → स्टेशन → मंडल → जिला → जोनल → रेलवे बोर्ड।
    • इस वार रूम के माध्यम से जिला प्रशासन और रेलवे के बीच समन्वय को मजबूत किया जाएगा, जिससे यात्रियों को तत्काल सहायता और सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा सकें।
    2. घोषणा प्रणाली और यात्री पुस्तिका का विमोचन:
    • 12 भाषाओं में उद्घोषणा प्रणाली की शुरुआत प्रयागराज, नैनी, छिवकी और सुबेदारगंज स्टेशनों पर।
    • यात्रियों को उपयोगी जानकारी उपलब्ध कराने के लिए 22 भाषाओं में तैयार की गई विशेष पुस्तिका का विमोचन।

प्रयागराज क्षेत्र में यात्री सुविधाएँ

 रेलवे नेटवर्क में विस्तार और सुधार:

  • कुल 13,000 ट्रेनों का संचालन:
  •  10,000 नियमित ट्रेनें।
  •  3,134 विशेष ट्रेनें (पिछले कुंभ से 4.5 गुना अधिक):
  •  1,869 शॉर्ट डिस्टेंस ट्रेनें।
  • 706 लॉन्ग डिस्टेंस ट्रेनें।
  • 559 रिंग ट्रेनें।
  •  मालगाड़ियों को डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (DFC) पर डायवर्ट किया गया।
  • महा कुंभ के लिए बीते 3 वर्षों में ₹5,000 करोड़ का निवेश।

2. यात्री सुविधाओं का विस्तार

  • • 48 प्लेटफॉर्म, 21 फुट ओवर ब्रिज (FoBs)।
    • 23 स्थायी होल्डिंग एरिया, जिनकी क्षमता 1 लाख से अधिक।
    • 554 टिकटिंग काउंटर, जिनमें 151 मोबाइल UTS काउंटर शामिल।
    • सड़कों और रेलवे की सुगम आवाजाही के लिए 21 ROBs/RUBs का निर्माण।
    • सभी 9 स्टेशनों पर 12 भाषाओं में उद्घोषणा प्रणाली।

3. प्रमुख आधारभूत परियोजनाएँ:

  • • ₹3,700 करोड़ की लागत से परियोजनाएँ:
    • बनारस-प्रयागराज डबलिंग (गंगा ब्रिज सहित)।
    • फाफामऊ-जंघई डबलिंग।

कुंभ में श्रद्धालुओं की संख्या और तैयारियाँ

  •  40 करोड़ श्रद्धालु महा कुंभ में भाग लेंगे।
  •  मौनी अमावस्या के दिन 5 करोड़ श्रद्धालुओं की उपस्थिति।
  •  कुंभ के दौरान भीड़ प्रबंधन के लिए:
  • 1,176 सीसीटीवी कैमरों से लाइव मॉनिटरिंग।
  • 23 होल्डिंग एरिया, जिनकी क्षमता 1 लाख से अधिक।
  • यात्रियों की सुविधाओं के लिए विशेष रंग-कोडेड टिकट और बारकोडेड UTS प्रणाली का संचालन।

इन प्रयासों से महा कुंभ 2025 के दौरान श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुविधाजनक और तकनीकी रूप से उन्नत यात्रा अनुभव प्राप्त होगा।

प्रवासी भारतीय एक्सप्रेस: भारत की विरासत से जुड़ने का एक अद्वितीय अवसर

बिलासपुर। भारत, एक ऐसा देश जिसकी धडक़नें उसके गौरवशाली इतिहास में बसती हैं और जहां आध्यात्मिकता हर गली और चौराहे पर जीवंत है, हमेशा से अपने लोगों के लिए प्रेरणास्त्रोत रहा है। भारतीय सदियों से प्रवासी रहे हैं और अपनी समृद्ध संस्कृति, विरासत और अदम्य आत्मा को हर जगह साथ लेकर गए हैं। आज ये वैश्विक भारतीय अपनी जड़ों से जुड़े रहने की भावना और अपने मूल से गहराई से जुडऩे की लालसा रखते हैं। इसी सोच को अपनाते हुए, विदेश मंत्रालय (रूश्व्र) ने प्रवासी भारतीय एक्सप्रेस नामक एक क्रांतिकारी सेवा शुरू की है।
यह केवल एक ट्रेन नहीं है, बल्कि भारतीय प्रवासी और उनके मूल भारत के बीच के रिश्ते का प्रतीक है। यह 15 दिनों का असाधारण यात्रा कार्यक्रम है जिसे भारत गौरव टूरिस्ट ट्रेन पर आयोजित किया गया है। यह भारत की आध्यात्मिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत का एक अनूठा प्रदर्शन है। प्रवासी भारतीय एक्सप्रेस की अवधारणा इस परियोजना की आत्मा, विदेश मंत्रालय द्वारा तैयार किए गए स्पेशल नो इंडिया प्रोग्राम (स््यढ्ढक्क) और प्रवासी तीर्थ दर्शन योजना (क्कञ्जष्ठङ्घ) के पीछे के उद्देश्य की एक सटीक अभिव्यक्ति है। इसका लक्ष्य यह है कि विदेशी भारतीयों को अपने देश की सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और ऐतिहासिक पहचान को फिर से महसूस करने का एक अनूठा अवसर प्रदान किया जाए। यह एक साधारण यात्रा नहीं है, बल्कि एक भावनात्मक पहल है जो वैश्विक भारतीयों को उनके पूर्वजों के पदचिह्नों पर चलने, भारत की प्राचीन धडक़नों को महसूस करने और समय के साथ आए परिवर्तनों को अपनी आंखों से देखने का मौका देती है।
इस परियोजना के तहत, विदेश मंत्रालय द्वारा दिए गए मानदंडों के आधार पर विभिन्न देशों से प्रतिभागियों का चयन किया जाता है। प्रत्येक समूह में 40 प्रतिभागी शामिल होते हैं और उन्हें यह अद्भुत यात्रा कराई जाती है। इस पहल को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए, एक डीलक्स एसी पर्यटक ट्रेन भारत गौरव टूरिस्ट ट्रेन तैयार की गई है, जो इस अनूठी यात्रा के लिए समर्पित है।
चलती हुई महलनुमा ट्रेन
भारत गौरव डीलक्स एसी टूरिस्ट ट्रेन भारतीय रेलवे द्वारा प्रदान की जाने वाली सर्वश्रेष्ठ ट्रेन है। इसमें 14 शानदार डिब्बे हैं, जो आधुनिक आराम और पारंपरिक भारतीय यात्रा के अनुभव का मेल प्रस्तुत करते हैं। पहले एसी के चार डिब्बे विशेष और आरामदायक सुविधाएं प्रदान करते हैं। दूसरे एसी के दो डिब्बे शांत और सुसज्जित आवास प्रदान करते हैं। तीसरे एसी के तीन डिब्बे किफायती और आरामदायक यात्रा का अनुभव देते हैं। इस ट्रेन में दो भव्य भोजनालय भी हैं, जहां प्रतिभागी विभिन्न प्रकार के व्यंजन का आनंद ले सकते हैं। इसके अलावा, ट्रेन में उच्च गुणवत्ता वाले भोजन तैयार करने के लिए एक अद्वितीय रसोईघर और यात्रा के दौरान बिजली आपूर्ति के लिए जनरेटर कारें भी हैं। प्रारंभिक यात्रा प्रवासी भारतीय एक्सप्रेस की पहली यात्रा 9 जनवरी 2025 को हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन, दिल्ली से शुरू होगी। इस विशेष यात्रा में 27 देशों से आए 150 प्रतिभागी शामिल होंगे। दिल्ली में आने वाले दिन प्रतिभागी दिल्ली के ऐतिहासिक स्थलों जैसे लाल किला, कुतुब मीनार, और अन्य सांस्कृतिक और वाणिज्यिक स्थलों का दौरा करेंगे।

अनूठा यात्रा कार्यक्रम

यह यात्रा छह राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश को कवर करते हुए भारत के सांस्कृतिक, धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों का अनुभव प्रदान करेगी। प्रमुख गंतव्यों में शामिल हैं:

1. दिल्ली – राष्ट्रपति भवन, इंडिया गेट और लोटस टेम्पल का दौरा।

2. अयोध्या – श्रीराम जन्मभूमि मंदिर, हनुमान गढ़ी और सरयू आरती।

3. वाराणसी – काशी विश्वनाथ मंदिर, गंगा आरती और सारनाथ।

4. पटना – बुद्ध स्मृति पार्क और पटनासाहिब गुरुद्वारा।

5. बोधगया – महाबोधि मंदिर और विष्णुपद मंदिर।

6. चेन्नई और महाबलीपुरम – प्राचीन द्रविड़ वास्तुकला के अद्भुत उदाहरण।

7. रामेश्वरम – रामनाथस्वामी मंदिर।

8. मदुरै – मीनाक्षी अम्मन मंदिर।

9. कोच्चि – फोर्ट कोच्चि और चीनी मछली जाल।

10. गोवा – विश्व धरोहर स्थल, बासिलिका ऑफ बॉम जीसस।

11. केवडिय़ा – “स्टैच्यू ऑफ यूनिटी”।

12. अजमेर और पुष्कर – दरगाह शरीफ और पुष्कर झील।

13. आगरा – विश्व प्रसिद्ध ताजमहल।

प्रमुख पहल

“प्रवासी भारतीय एक्सप्रेस” एक यात्रा मात्र नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, विरासत और आत्मा का उत्सव है। यह परियोजना विदेश मंत्रालय और आईआरसीटीसी के सहयोग से भारत के प्रवासी समुदाय को उनके मूल से फिर से जोडऩे के लिए शुरू की गई है ।

 

सड़क हादसों में जान बचाने वालों को मिलेगा 25 हजार का इनाम

नई दिल्ली। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने शनिवार को नागपुर में आयोजित एक कार्यक्रम में सड़क हादसों में घायल होने वालों को समय पर अस्पताल पहुंचाने वालों के लिए एक अहम घोषणा की। उन्होंने बताया कि वर्तमान में सरकार द्वारा पांच हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाती है, लेकिन अब इस राशि को बढ़ाकर 25 हजार रुपये किया जाएगा। यह फैसला सड़क सुरक्षा को लेकर सरकार की लगातार बढ़ती चिंता और हादसों में जान गंवाने वाले लोगों की संख्या में वृद्धि के मद्देनज़र लिया गया है।

इस कार्यक्रम में गडकरी ने यह भी बताया कि सड़क पर गलत तरीके से खड़े वाहनों की जानकारी देने वालों के लिए एक नई योजना की शुरुआत की जा रही है। इस योजना के तहत यदि कोई व्यक्ति सड़क पर खड़े वाहन का फोटो नंबर सहित भेजता है और उसका चालान होता है, तो उस व्यक्ति को चालान की राशि का 10 प्रतिशत कमीशन के रूप में मिलेगा। इससे नागरिकों में सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता और सक्रियता बढ़ेगी।

गडकरी ने दुख जताया कि सड़क हादसों में हर दिन औसतन 474 लोग अपनी जान गंवा रहे हैं। 2024 में कुल 1,80,000 लोगों की सड़क हादसों में मौत हुई, जिनमें से 66 प्रतिशत लोग 18 से 34 वर्ष आयु वर्ग के थे। इसके अलावा, उन्होंने यह भी बताया कि 50,000 लोग ऐसे थे जिन्हें यदि समय पर अस्पताल पहुंचाया जाता तो उनकी जान बचाई जा सकती थी।

मंत्री ने यह भी बताया कि सड़क सुरक्षा से संबंधित एक चिंताजनक आंकड़ा यह है कि इस वर्ष दस हजार बच्चों की मौत स्कूलों के गलत एंट्री-एग्जिट के कारण हुई है। गडकरी ने राज्य सरकारों से आग्रह किया कि वे अपने बजट में 1000 से 2000 करोड़ रुपये की व्यवस्था करें ताकि स्कूलों के सामने रोड डिजाइन को बेहतर किया जा सके और फुटओवर ब्रिज बनाए जा सकें।

गडकरी ने सड़क सुरक्षा और दुर्घटनाओं को कम करने के लिए सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदमों की जानकारी दी और नागरिकों से अपील की कि वे सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करें और एक जागरूक नागरिक के रूप में सरकार की योजनाओं में सहयोग करें।

गणतंत्र दिवस पर 500 प्रधानों को मिलेगा सम्मान

नई दिल्ली। गणतंत्र दिवस के मौके पर 500 ग्राम प्रधानों को विशेष रूप से सम्मानित किया जाएगा, जिन्होंने केंद्र सरकार की योजनाओं को अपने गांवों में प्रभावी रूप से लागू किया है। यह सम्मान उन प्रधानों को मिलेगा जिन्होंने अपनी पंचायतों में केंद्र की दस प्रमुख योजनाओं में से कम से कम छह योजनाओं को 90 प्रतिशत या उससे अधिक लाभार्थियों तक पहुंचाया है। इस समारोह में भाग लेने वाले प्रधानों को विशिष्ट अतिथि के रूप में आमंत्रित किया जाएगा।

केंद्र और राज्य सरकारों की सहयोगी भूमिका

पंचायतीराज मंत्रालय के इस प्रयास से यह साफ होता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कल्याणकारी योजनाएं राज्यों और केंद्र के बीच सहयोग बढ़ाने में सफल हो रही हैं। यह कदम प्रधानों की मेहनत और योजनाओं के प्रभावी कार्यान्वयन को मान्यता देने के लिए उठाया गया है।

500 प्रधानों को मिलेगा अवसर

सरकार ने राज्यों से उन ग्राम प्रधानों के नाम मांगे हैं जिन्होंने केंद्रीय योजनाओं को संतुष्टि के स्तर पर लागू किया है। इस प्रक्रिया के तहत डाटा संकलन जारी है और कुल 500 प्रधानों को इस सम्मान समारोह में स्थान मिलेगा।

महत्वपूर्ण योजनाओं के तहत कार्यान्वयन

इन प्रमुख योजनाओं में हर घर जल योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, और प्रधानमंत्री मातृ वंदन योजना जैसी योजनाएं शामिल हैं। इन योजनाओं के माध्यम से ग्राम प्रधानों ने अपने गांवों में सामाजिक और आर्थिक बदलाव लाने में अहम भूमिका निभाई है।

अधिकारियों द्वारा किया जाएगा सत्यापन

सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि इन योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का सत्यापन विभिन्न तरीकों से किया जाएगा और राज्य सरकारों द्वारा भेजे गए आंकड़ों के आधार पर ग्राम प्रधानों का चयन किया जाएगा।

पंचायतीराज मंत्रालय द्वारा सम्मान

इस समारोह के अंतर्गत ग्राम प्रधानों को न केवल सम्मानित किया जाएगा, बल्कि उन्हें पंचायतीराज मंत्रालय द्वारा उनके योगदान के लिए विशेष रूप से सराहा जाएगा।

प्रधानमंत्री मोदी ‘विकसित भारत युवा नेता संवाद’ में भाग लेंगे, 3 हजार युवाओं से करेंगे संवाद

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को ‘विकसित भारत युवा नेता संवाद’ में भाग लेंगे, जिसमें देशभर के 3,000 युवा नेताओं से बातचीत करेंगे। यह संवाद 12 जनवरी, राष्ट्रीय युवा दिवस के मौके पर आयोजित किया जा रहा है, जो स्वामी विवेकानंद की जयंती के रूप में मनाया जाता है। यह कार्यक्रम बिना किसी राजनीतिक पृष्ठभूमि के एक लाख युवाओं को राजनीति में लाने के प्रधानमंत्री के प्रयास का हिस्सा है।

राष्ट्रीय युवा महोत्सव का नया रूप

प्रधानमंत्री मोदी का यह संवाद ‘राष्ट्रीय युवा महोत्सव’ का एक नया रूप है। प्रधानमंत्री, युवा नेताओं के साथ पूरे दिन विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करेंगे, जिसमें ‘विकसित भारत’ की दिशा में उनके विचारों पर जोर दिया जाएगा। मोदी ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि वह इन युवाओं से विज्ञान, प्रौद्योगिकी, नवाचार और संस्कृति जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा करेंगे।

युवाओं की नई पहल और विचार

इस संवाद में युवा नेता भारत की प्रमुख चुनौतियों पर पावरपॉइंट प्रस्तुतियां देंगे, जिसमें प्रौद्योगिकी, महिला सशक्तिकरण, स्थिरता, विनिर्माण, कृषि जैसे क्षेत्रों में नयी सोच और समाधानों की पेशकश की जाएगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस संवाद का उद्देश्य भारतीय युवाओं की ऊर्जा और रचनात्मकता को दिशा देना है, ताकि वे ‘विकसित भारत’ के सपने को साकार कर सकें।

रात्रिभोज में नीति निर्माताओं से मिलेंगे युवा

कार्यक्रम का समापन केंद्रीय मंत्रियों और सांसदों द्वारा आयोजित रात्रिभोज से होगा। यह युवाओं को एक अनौपचारिक वातावरण में नीति निर्माताओं के साथ संवाद करने का अवसर प्रदान करेगा, जिससे भारत के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले विचारों का आदान-प्रदान होगा।

युवाओं को मिलेगा मंच

केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल और श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया के नेतृत्व में यह आयोजन भारत मंडपम, नई दिल्ली में किया जा रहा है। यह राष्ट्रीय युवा महोत्सव का नया रूप है, जिसका उद्देश्य युवाओं को ‘विकसित भारत’ के लिए नवाचारी समाधान प्रस्तुत करने का एक अद्वितीय मंच प्रदान करना है।